Baatcheet Ki Kala
Author:
Manavati Arya , Krishna Chandra AryaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789351867524
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Nagaland Ki Lokkathayen "नागालैंड की लोककथाएँ" Book In Hindi
- Author Name:
Shruti Madhavendra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hattrick of Rising Hindutva : Verdict 2024
- Author Name:
Harsh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Safalta Ke 400 Sootra
- Author Name:
Y. Sunder Rajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dastak
- Author Name:
Vinod Bandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Oprah Winfrey: A Complete Biography
- Author Name:
Abhishek Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raja Ravi Varma
- Author Name:
Ranjit Desai
- Book Type:

- Description: यह एक ऐसे बालक की कहानी है, जो लकड़ी के कोयले से ताजा पुताई वाली दीवारों पर चित्र बनाते हुए बड़ा हुआ और जिसने आगे चलकर अपने कलात्मक कौशल के दम पर ‘राजा’ की पदवी प्राप्त की। अपनी पत्नी के घर में काम करनेवाली एक नायर महिला का चित्र बनाने पर उन्हें जितने क्रोध का सामना करना पड़ा, उतना ही सम्मान भी मिला। अनेक आलोचकों और प्रशंसकों का ध्यान महाराष्ट्र की महिला सुगंधा के साथ उनके गहरे संबंध की ओर आकृष्ट हुआ, जो उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध चित्रों की मेनका, दमयंती और उर्वशी बनी। रवि वर्मा भारत के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार थे। वे जितने विवादित थे, उतने ही प्रतिभावान। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को मंदिर से बाहर लाकर सामान्य लोगों के घरों तक पहुँचाया और अपने ब्रश के स्पर्श से इतिहास की अनेक हस्तियों एवं पलों को अमर कर दिया। यूरोपीय कला से पूरी तरह प्रभावित वर्मा को अनेक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में यश मिला और देश की कई रियासतों ने उन्हें सम्मानित किया। ऐसा कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने उनसे अपना छायाचित्र बनवाया था। सांस्कृतिक इतिहास से समृद्ध और ब्रिटिश राज की पृष्ठभूमि में लिखा गया प्रसिद्ध मराठी लेखक राजा रवि वर्मा के जीवन पर केंद्रित रणजीत देसाई का यह उपन्यास हमें भारत के पहले और महान् कलेंडर आर्टिस्ट के जीवन से जुड़ी कई नई बातों को जानने और उनके मन को समझने का अवसर देता है।
Ek Adhoori Kahani Tatha Anya Kahaniyan "एक अधूरी कहानी तथा अन्य कहानियाँ" | Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Bechan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Karmic Threads
- Author Name:
Neelam Saxena Chandra
- Book Type:

- Description: Monika stays in the comfort of her colossal bungalow and her loving parents in Patiala, but destiny strikes and takes away her parents. Quite young to understand the stealth, she completely believes in her kin who come over to take care. She meekly agrees even to their choice of partner in marriage, abandoning her love, Gurpreet. After marriage, she flies away to Paris with dreams in her eyes, where her husband Tanishk stays. However, his eyes are only on the money she’s having. The moment he covertly gets hold of it, he ditches her, leaving her alone, lonely and forsaken in a foreign land. Will the karmic threads help in seeking justice against those who’ve wronged her? Will the karmic threads be able to connect her to her long-lost love, Gurpreet?
REET Level-I Exam for (class: IV) Rajasthan Teacher Eligibility Test 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prakriti Ki God Mein
- Author Name:
Ram Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
PLEDGE FOR AN INTEGRATED INDIA
- Author Name:
Ed. Devesh Khandelwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Is Us Mod Par
- Author Name:
Chandrakala Tripathi
- Book Type:

- Description: Memories, Women
Trilochan Rachanawali Vol. 1-4
- Author Name:
Trilochan
- Book Type:

-
Description:
जनसाधारण की दुख-प्रसूत स्थानिक संवेदना को कविता में ढालकर मनुष्यता की सार्वभौमिक चेतना से जोड़ने वाले, शास्त्र की सटीकता और जनजीवन के नित नवीन अनुभवों को कई-कई छन्दों में अंकित करनेवाले विद्वान कवि त्रिलोचन हिन्दी के विराट कविता-लोक में अपनी तरह के अनूठे हस्ताक्षर हैं।
कई भाषाओं के ज्ञाता, संस्कृत के विद्वान और प्रगतिशील चेतना से सम्पन्न कवि त्रिलोचन ने रोला और बरवै जैसे प्राचीन छन्दों को भी साधा, गीत-ग़ज़ल भी लिखे और 'सॉनेट' जैसे विदेशी छन्द को हिन्दी का अपना बना दिया। मुक्त-छन्द भी लिखा और 'गद्य-वद्य' लिखते हुए आलोचना को भी एक आत्मीय रंग दिया।
यह त्रिलोचन की रचनावली है, जिसकी ज़रूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। त्रिलोचन महज़ एक कवि नहीं, कविता के विद्यालय थे; मौज़ूदा और आनेवाले रचनाकार उनसे हमेशा ही सीख सकते हैं। प्रस्तुत रचनावली में त्रिलोचन का सम्पूर्ण संकलित है।
कविताओं के साथ-साथ त्रिलोचन ने आलोचनात्मक गद्य भी लिखा। इस खंड में उनके द्वारा लिखित आलोचनात्मक लेखों, समीक्षाओं आदि को लिया गया है। कविता हो या गद्य उन्होंने बोलचाल की भाषा को ही प्राथमिकता दी। यह इन आलेखों से भी ज़ाहिर होता है। कुछ अप्रकाशित लेख भी यहाँ प्रस्तुत हैं। साथ में उनकी दैनन्दिनी भी।
Audio-Visual Aids to Educational Technology
- Author Name:
Prof. Harmesh Lal, Dr. Shailendra Bhushan, Dr. Meenu Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mrityunjaya Motivational Story Collection Book
- Author Name:
Puneet Vashistha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
But Marte Nahin
- Author Name:
Brahmaveer Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat-China Rishte : Dragon Ne Hathi Ko Kyon Dasa
- Author Name:
Ranjeet Kumar
- Book Type:

- Description: न केवल भारत, बल्कि संपूर्ण विश्व में चीन रहस्यों के आवरण में ढका एक प्राचीन देश माना जाता रहा है। इसलिए चीन को समझने और चीन के प्रति अपना तटस्थ नजरिया बनाने के लिए जरूरी है कि प्राचीन चीन से लेकर आज के चीन की मानसिकता को हम समझें । जैसे-जैसे चीन की पश्चिमी देशों से होड़ बढ़ रही है और भारत का पश्चिमी झुकाव बढ़ता जा रहा है, उस माहौल में चीन यह देखता है कि भारत चीन के खिलाफ खड़ा हो चुका है। चीन को लेकर भारत और भारतीयों की सोच में एक बहुत बड़ी रिक्तता है। चीन के समक्ष आज भारत खड़ा है, लेकिन चीन की तरह भारत भी एक सभ्यतागत देश रहा है, इसलिए भारत विश्वगुरु बनने की चीनी महत्त्वाकांक्षा में आड़े आ रहा है, लेकिन कोई नहीं कहता कि भारत और चीन के बीच सभ्यताओं का टकराव है। भारत और चीन के बीच टकराव मुख्य तौर पर विश्व पर प्रभुत्व स्थापित करने की चीनी महत्त्वाकांक्षाओं के कारण है, जिसे समझाने का प्रयास आज के दौर के ताजा प्रकरणों के संदर्भ में रंजीत कुमार ने प्रस्तुत पुस्तक में किया है।
Jagdish Chandra Basu
- Author Name:
Dileep Kulkarni
- Book Type:

- Description: "जगदीश चंद्र बसु—दिलीप कुलकर्णी 30 नवंबर, 1858 को बंगाल में जनमे 23 नवंबर, 1937 डॉ. (सर) जगदीश च्रंद बसु भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान तथा पुरातत्त्व का गहरा ज्ञान था। ये पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकशिकी पर कार्य किया। साथ ही ये भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्ता थे। इन्हें रेडियो विज्ञान का पिता माना जाता है। ये विज्ञानकथाएँ भी लिखते थे और इन्हें बंगाली विज्ञानकथा-साहित्य का पिता भी माना जाता है। इन्होंने बेतार के संकेत भेजने में असाधारण प्रगति की और सबसे पहले रेडियो संदेशों को पकड़ने के लिए अर्धचालकों का प्रयोग करना शुरू किया। लेकिन अपनी खोजों से व्यावसायिक लाभ उठाने की जगह इन्होंने इन्हें सार्वजनिक रुप से प्रकाशित कर दिया ताकि अन्य शोधकर्त्ता इनपर आगे काम कर सकें। इसके बाद इन्होंने वनस्पति जीवविद्या में अनेक खोजें की। इन्होंने एक यंत्र क्रेस्कोग्राफ का अविष्कार किया और इससे विभिन्न उत्तेजकों के प्रति पौधों की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया। इस तरह से इन्होंने सिद्ध किया कि वनस्पतियों और पशुओं के ऊतकों में काफी समानता है। ये पेटेंट प्रक्रिया के बहुत विरुद्ध थे और मित्रों के कहने पर इन्होंने एक पेटेंट के लिए आवेदन किया। "
Prof. Bal Apte : Vyaktitva Evam Vichar
- Author Name:
Bal Apte
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Devon ka uday (Hindi Translation of The Rise of the Devas)
- Author Name:
Mayank Agrawal +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book