Bharatvarsh Ki Sarvang Swatantrata
Author:
Narender SehgalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789352667079
Pages: 272
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Amar Krantikari Madan Lal Dhingra
- Author Name:
Vishav Bandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mind Master
- Author Name:
Viswanathan Anand +1
- Book Type:

- Description: छह साल की उम्र में जब विश्वनाथन आनंद ‘विशी’ ने चेसबोर्ड पर मोहरों को चलाना सीखा, तब से लेकर अब तक अनगिनत पुरस्कार जीते हैं। एशिया के पहले वर्ल्ड शतरंज चैंपियन बनने के बाद दुनिया के मंच पर वे उस समय आए, जब शतरंज पर काफी हद तक सोवियतों का एकाधिकार था, वे वर्ल्ड नंबर 1 बने, विश्व चैंपियन के पाँच खिताब अपने नाम किए और इस खेल के सभी प्रारूपों की प्रतियोगिताओं को जीता। ‘माइंड मास्टर’ में विशी अब तक खेले गए मुकाबलों, विरोधियों से निपटने और परिस्थितियों पर काबू पाने के दिनों को याद कर रहे हैं, और ऐसी महत्त्वपूर्ण बातें सामने रखते हैं, जिनसे हर पाठक को जीवन की चुनौतियों को पार करने में मदद मिलेगी— • किसी लक्ष्य को प्राप्त करने में तरकीबों और रणनीतियों की क्या भूमिका होती है? • मुश्किल परिस्थितियों में भावनाओं को आप अपने पक्ष में कैसे कर सकते हैं? • अपनी सुखद स्थिति को छोड़ आप जब जोखिम उठाने निकलते हैं, तब आपको कैसी सावधानियाँ बरतनी चाहिए? • तेजी से बदलती वास्तविकताओं के बीच प्रासंगिक बने रहने के लिए आपको क्या करना चाहिए? • क्या भूलना सच में सीखने का एकमात्र तरीका है? शतरंज के बेताज बादशाह विश्वनाथन आनंद की सूझबूझ, अप्रतिम मेधा और ज्ञान से भरपूर यह पुस्तक पाठकों में रोमांच, प्रेरणा और ललक पैदा करेगी, यह सुनिश्चित है।
Suno Bachcho, Adivasi Sangharsh ke Nayak Shibu Soren (Guruji) ki Gatha
- Author Name:
Anuj Kumar Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamare Ped-Paudhe Aur Jungle
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khel-Khel Mein Shishu Shiksha
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: किसी शिशु के जीवन के प्रारम्भिक छह वर्ष सामान्य मान्यता के अनुसार अत्यधिक नाजुक वर्ष माने गए हैं। क्योंकि इस दौरान उसके विकास की गति बहुत तेज़ होती है। इन वर्षों में उसे गुणात्मक रूप से उत्प्रेरक एवं समृद्ध वातावरण की आवश्यकता होती है, जिससे कि उसके समग्र विकास को उस बिन्दु तक ले जाना सम्भव हो, जहाँ उसकी समस्त आन्तरिक सम्भावनाएँ फलीभूत हो सकें। प्रस्तुत सन्दर्भिका शिशुओं के विकास में विद्यालयों के साथ ही परिवार की भूमिका को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। सन्दर्भिका में दी गई प्रेरक गतिविधियाँ केवल मार्गदर्शन के लिए दी गई हैं। इन गतिविधियों में आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन कर सकते हैं। अन्त में कुछ वैसी ही गतिविधियाँ करने के संकेत लिखे गए हैं। इस सन्दर्भिका का उपयोग करते समय यह ध्यान में रखना चाहिए कि अधिकांश गतिविधियाँ, खेल-खिलौने जो कि छोटी आयु वर्ग के लिए दिए गए हैं, वे बड़ी आयु वर्ग के लिए भी उपयोग में लाए जा सकते हैं। आशा है, यह पुस्तिका विद्यालयों, शिक्षकों, माता-पिताओं सभी के लिए उपयोगी होगी जिससे वे शिशुओं की सहायता करने में अधिक सक्रिय हो सकेंगे।
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Itihas Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher History Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC JTPTCCE Primary Teacher Recruitment Exam- Intermediate Trained Assistant Professor Acharya: Social Science, Science and Maths Paper-III for Class 1 To 5 (2023 Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
APANI KRIYAON KO PAHCHANEN
- Author Name:
PUSHPA TETE
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manav Sharir Aur Rog Pratiraksha Tantra
- Author Name:
Premchandra Swarnkar
- Book Type:

-
Description:
मनुष्य के शरीर में भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं। एक ही प्रकार की बहुत-सी कोशिकाएँ मिलकर जो संरचना बनाती हैं, उसे ऊतक कहते हैं।
एक ही तरह के बहुत से ऊतक मिलकर शरीर के अंग विशेष का निर्माण करते हैं। उदाहरणार्थ—मस्तिष्क के निर्माण में तंत्रिका कोशिकाएँ भाग लेती हैं। ये पहले ऊतक बनाती हैं और ऊतक मिलकर ही मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र का निर्माण करते हैं। इसी तरह पेशीय ऊतक, शरीर की पेशियों का निर्माण करते हैं। सम्बन्धित रचना के अनुसार ऊतकों के भी कई प्रकार होते हैं, जैसे संयोजी ऊतक, जो शरीर के अंगों को परस्पर जोड़े रखता है। अस्थि ऊतक जो अस्थियाँ बनाते हैं। उपकला ऊतक त्वचा या अंगों की ऊपरी पर्त का निर्माण करता है। बहुत से ऊतक मिलकर शरीर के अंग और विभिन्न प्रणालियाँ बनाते हैं और इन अंगों और प्रणालियों से मिलकर पूरा शरीर बनता है।
—इसी पुस्तक से
Mahatma Buddha
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JRD Tata: A Comlete Biography - The Father of Indian Civil Aviation
- Author Name:
Vinod Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Duniya Ke Tanashahon Ki Dastan
- Author Name:
Vasindra Mishra
- Book Type:

- Description: तानाशाही प्रवृत्तियाँ कब और कैसे किसी देश में पैदा हो जाती हैं, इसको जानना और समझना आवश्यक है। किसी भी देश और वहाँ के नागरिकों को बदलती परिस्थितियों पर तीक्ष्ण दृष्टि रखते हुए सदैव सजग रहना चाहिए और साथ ही साथ ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी प्रवृत्तियों को जड़ जमाने का अवसर ना मिले। इस पुस्तक में लेखक ने अपने लम्बे पत्रकारिता-जीवन में संचित अनुभव को शामिल करते हुए विभिन्न देशों में समय-समय पर पैदा हुईं परिस्थितियों का विश्लेषण करते जो तथ्यात्मक विवरण दिया है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। —विजय शंकर पांडे, आईएएस, पूर्व सचिव भारत सरकार तानाशाही केवल राष्ट्रीय नेता नहीं करते हैं, यह ग्राम प्रधान से लेकर के हम सब अपने कार्यस्थल और निवास में भी इसका बीजारोपण करते हैं। येन-केन प्रकारेण हम अपने अधीनस्थ और हम पर निर्भर रहने वाले लोगों का शोषण किस प्रकार कर सकते हैं, इस पुस्तक में यह भली-भाँति इंगित किया गया है। यह पुस्तक ना केवल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य सामान्य जन के लिए उपयोगी होगी, बल्कि इस विषय पर शोध करने वाले छात्रों के लिए भी बहुमूल्य साबित होगी। —डॉ विक्रम सिंह चांसलर, नोएडा इंटरनेशनल युनिवर्सिटी पूर्व डीजीपी, उत्तर प्रदेश जैसे-जैसे तानाशाहों के हाथ में सत्ता का केंद्रीकरण हुआ, उनका पतन शुरू हो गया। फलस्वरूप कुछ ने आत्महत्या किया, कुछ मारे गए और कुछ को देश छोडऩा पड़ा। लेकिन इस दौर में उन्होंने देश को तबाह कर दिया। वासिंद्र मिश्र की इस पुस्तक में भले ही तानाशाहों की कहानी मात्र कही गई है लेकिन पाठकों के लिए तानाशाही प्रवृत्तियों को समझने के लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी है। —चन्द्र भषण पाण्डेय पूर्व न्यायाधीश
Basic English Grammar Learn By Doing
- Author Name:
Dr. Arun Jee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahakati Bagiya
- Author Name:
Smt. Shubhangi Bhadbhade
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azad Hind Fauj Ka Lapata KhaZana Hindi Translation Of The Lost Treasure Of Azad Hind Fauj
- Author Name:
Piyush Rohankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Ramtirth Ke Prerak Vichar
- Author Name:
Anil Kumar
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Karyalaya Karyabodh: Manual on Office Procedure, Business Letters Notes and Instructions)
- Author Name:
Hari Babu Kansal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Lohiya Bol Raha Hoon
- Author Name:
Ed. Rajasvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nagarjun Rachanawali : Vols. 1-7
- Author Name:
Nagarjun
- Book Type:

- Description: उनके जीवन के लगभग अड़सठ वर्ष (1929–1997) रचनाकर्म को समर्पित। कविता, उपन्यास, संस्मरण, यात्रावृत्त, निबन्ध, बाल–साहित्य आदि सभी विधाओं में उन्होंने लिखा। हिन्दी के अलावा मैथिली, बांग्ला और संस्कृत में भी उन्होंने न सिर्फ़ मौलिक रचनाएँ कीं, इन भाषाओं से अनुवाद भी किए। कुछ पत्र–पत्रिकाओं में उन्होंने स्तम्भ-लेखन भी किया। रचनावली के प्रथम खंड में बाबा की उन सभी कविताओं को संकलित किया गया है, जिनका रचनाकाल 1967 ई. तक है। ‘युगधारा’, ‘सतरंगे पंखोंवाली’, ‘प्यासी पथराई आँखें’, ‘तुमने कहा था’, ‘हज़ार–हज़ार बाँहोंवाली’, ‘पुरानी जूतियों का कोरस’, ‘रत्नगर्भ’, ‘इस गुब्बारे की छाया में’ तथा ‘भूल जाओ पुराने सपने’—इन संग्रहों से 1967 तक की सभी कविताओं को कालक्रम से यहाँ ले लिया गया है। इसके अलावा नागार्जुन के सर्वाधिक प्रिय कवि कालिदास की रचना ‘मेघदूत’ का उनके द्वारा मुक्तछन्द में किया गया अनुवाद भी इसमें संकलित है। यह अनुवाद 1953 में ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’ के एक ही अंक में प्रकाशित हुआ। इसके बाद 1955 में पुस्तकाकार प्रकाशन के समय इसमें एक लम्बी भूमिका और कुछ पादटिप्पणियाँ भी जोड़ी गर्इं। रचनावली में वह इसी रूप में उपलब्ध है।
Shiksha : Vikalp evam Aayam
- Author Name:
Atul Kothari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...