JANIYE KIT-PATANGON KO
Author:
RoshniPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 60
₹
75
Available
Awating description for this book
ISBN: 9788184306149
Pages: 24
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Damodar Datta Dikshit ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Damodar Datta Dikshit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Diary of a Young Girl (Deluxe Edition)
- Author Name:
Anne Frank
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Shiksha Ka Swaroop
- Author Name:
Dinanath Batra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shaheed Udham Singh
- Author Name:
Poonam Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Portrait of the IAS as A Young Man: A Collection of Short Essays by Naveen Kumar Chandra IAS
- Author Name:
Naveen Kumar Chandra (IAS)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Netritva
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: "नेतृत्व व्यक्ति का ऐसा गुण है, जो उसे लोगों में लोकप्रिय बनाता है। नेतृत्व वही व्यक्ति कर सकता है, जिसका व्यक्तित्व प्रभावशाली हो, वाणी में आकर्षण हो, जिसकी तर्कशक्ति लोगों को लाजवाब कर दे, जिसके पास सभी प्रश्नों के उत्तर हों। आखिर ऐसी सर्वगुण-संपन्नता कैसे उत्पन्न की जाए? अध्ययन, मनन, चिंतन, सुसंस्कृत भाषा, सादगी, सरलता इत्यादि ऐसे गुण हैं, जो व्यक्ति की नेतृत्व-क्षमता में विकास करते हैं। यह आवश्यक नहीं है कि नेतृत्व वही कर सकता है, जो अच्छा भाषण देना जानता हो, वाक्पटु हो, खूब बोले; बल्कि कभी-कभी चुप रहकर और कम बोलकर भी अच्छा नेतृत्व किया जा सकता है। आप कैसे नेतृत्व करना चाहते हैं? अच्छा नेतृत्व किस प्रकार किया जा सकता है? नेतृत्व करने हेतु तदनुरूप गुण अपने अंदर कैसे पैदा करें? क्या हम नेतृत्व कर सकते हैं? ऐसे अनगिनत प्रश्नों का बहुत व्यावहारिक उत्तर प्रस्तुत कर आपके भीतर छिपे लीडरशिप के गुणों को उभारकर सफल होने के गुर बतानेवाली पुस्तक। "
SHYAM BENEGAL AUR SAMANANTAR CINEMA
- Author Name:
Pramod Kumar Barnwal
- Book Type:

- Description: प्रमोद बर्णवाल सिनेमा के अध्येता और प्रशंसक हैं। वे कला माध्यमों में नवाचार के प्रति विशेष श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने हिन्दी सिनेमा में बीसवीं सदी के सातवें दशक में अभ्युदित समान्तर सिनेमा आन्दोलन को मुहब्बत की नज़र से देखते हुए, इस बदलाव के मसीहा के रूप में उभर कर सामने आए श्याम बेनेगल की कोई पाँच दशक लम्बी रचनायात्रा का गौरवशाली परिदृृश्य, सृृृजन विश्लेषण, आलोचना के तंज़ को गहरी आत्मीयता की चाशनी में घोलकर प्रस्तुत किया है। इस तरह कि बेनेगल के सिनेमा का कोई कोण अनावृत्त होने से रह न जाए। उन्होंने अपने आख्यान को सिनेमा के आशिकों, विद्यार्थियों और अध्येताओं के लिए समवेत उपयोगी बनाया है। सिनेमा को व्यावसायिकता के भँवर से निकाल कर, जीवन की सार्थकता से जुड़ी अनुभूूतियों को आलोकित करनेवाले कलाकारों का बेहद उत्कृष्ट योगदान, दृश्यों की उपयुक्त बानगी प्रस्तुत करते हुए किया गया है। समान्तर सिनेमा से उभरकर विकसित होने वाले कलाकारों की रचनायात्रा के सर्वोत्कृष्ट संधान तक जा पहुँचने का विवरण आश्चर्यचकित करने वाली सहजता से बर्णवाल ने प्रस्तुत किया है। इस आख्यान में श्याम बेनेगल के साथ ही शबाना-स्मिता, ओम-नसीर, गिरीश कारनाड, रजित कपूर, अमरीश पुरी, साधु मेहर, अनंत नाग, पंकज कपूर प्रभृति कलाकारों की विकासयात्रा की मनोहारी झलकियाँ बहुत खूबसूरती से उभर कर आई हैं। कथा से लेकर कला पक्ष तक का हर कोण कोने-कोने से निरख कर परखा गया है। —प्रह्लाद अग्रवाल
Shravan Kumar Ki Prerak Kathayen
- Author Name:
Kumar Praphull
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक माता-पिता के अनन्य भक्त श्रवण कुमार के जीवन पर आधारित है। श्रवण के जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी िशक्षाप्रद कहानियों में एक श्रेष्ठ, होनहार, कर्तव्यनिष्ठ तथा धर्मपालक पुत्र की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। श्रवण कुमार केवल मातृ-पितृभक्त ही नहीं अपितु एक संस्कारी, ज्ञानी, निष्ठावान, साधु, संत एवं गुरुओं का आदर-सत्कार करने में भी आगे रहता था। दयालुता तथा सेवा की भावना उसके मन में कूट-कूटकर भरी थी। अतः पुस्तक में ऐसी अनेक कहानियों को सरल भाषा एवं चित्रों के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जो एक बालक को संस्कारी, निष्ठावान, दयालु, माता-पिता तथा गुरुओं की सेवा के लिए प्रेरक रहेंगी।
Don’t Think & Grow Rich
- Author Name:
Suresh Mansharamani
- Book Type:

- Description: Don’t Think and Grow Rich offers a novel lens to view behaviours and judgments. This book could have had a dramatic effect on your viewpoint. The book is based on scientific research and Studies undertaken throughout the world followed by anecdotes from the life of Mr. Suresh Mansharamani to help make them more relatable. The reader can apply the knowledge to circumstances in which they observe others relying excessively on thought. The critical point is to discern whether we are simply thinking about our decisions or have succumbed to Paralysis of Analysis. Don't Think and Grow Rich focuses on making once-in-a-lifetime choices and contains practical advice on how to increase your capacity to make quick and intuitive judgments. Everyone assumes that we live in an age of short attention Spans, but during the last several decades, we've learned a great deal about forming long-term judgments. Dr. Suresh Mansharamani makes a compelling case for more careful and creative decision-making. Don't Think and Grow Rich, on the other hand, demonstrates how we might approach these decisions more effectively and comprehend the subtle wisdom of the choices that shaped our most significant social history.
Uttari Bharat Ki Sant Parampara
- Author Name:
Parshuram Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
‘उत्तरी भारत की सन्त-परम्परा’ कृति आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की साहित्यिक साधना की वह अनन्यतम प्रस्तुति है, जिसके समानान्तर आज कई दशक बाद भी हिन्दी साहित्य के अन्तर्गत वैसी कोई दूसरी रचना सामने नहीं आ सकी है। सन्त साहित्य के उद्भव से जुड़े अनेक प्रक्षिप्त मतों का खंडन करते हुए उसके मूल प्रामाणिक प्रेरणास्रोतों को प्रकाश में लाकर चतुर्वेदी जी ने उसकी अखंडता का जो अपूर्व परिचय प्रस्तुत किया है, वह हमारी साहित्यिक मान्यताओं से जुड़ी शोध-परम्परा का सर्वमान्य ऐतिहासिक साक्ष्य है।
परवर्ती काल में यह सन्त साहित्य उत्तर भारत के बीच पर्याप्त रूप से समृद्ध हुआ, किन्तु इसके प्रेरणासूत्र समग्र भारतीयता से सम्बद्ध है। महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओड़िसा, बंगाल, आसाम, पंजाब आदि राज्यों में फैले हुए इसके प्रारम्भिक तथा परवर्ती सूत्र इस तथ्य के प्रमाण हैं कि यह जन-आन्दोलन के रूप में समग्र भारतीय लोकजीवन से जुड़ा रहा है। सन्त नामदेव, ज्ञानदेव, नानक, विद्यापति, कबीरदास, दादू आदि सन्तों ने अपनी सन्तवाणी से समग्र भारत की एकता, अखंडता को जोड़ते हुए हमें अन्धविश्वासों एवं रूढ़ मान्यताओं से मुक्त किया है। आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की यह कृति इन तथ्यों की प्रस्तुति का सबसे प्रामाणिक और सबसे सशक्त दस्तावे़ज़ है।
आचार्य चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक धरोहर को पुन: समक्ष रखते हुए हम गर्व का अनुभव करते हैं और आशा करते हैं कि पाठक समाज इसे पूर्ववत् निष्ठा के साथ स्वीकार करेगा।
Kabeer Granthawali
- Author Name:
Shyam Sundar Das
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत संस्करण ‘कबीर ग्रंथावली’ में कबीरदास के जो दोहे और पद सम्मिलित किए गए हैं, उन्हें आजकल की प्रचलित परिपाटी के अनुसार खराद पर चढ़ाकर सुडौल, सुन्दर और पिंगल के नियमों से शुद्ध बनाने का कोई उद्योग नहीं किया गया, वरन् उद्देश्य यही रहा है कि हस्तलिखित प्रतियों या ग्रन्थसाहब में जो पाठ मिलता है, वही ज्यों-का-त्यों प्रकाशित कर दिया जाए। कबीरदास के पूर्व के किसी भक्त की वाणी नहीं मिलती। हिन्दी साहित्य के इतिहास में वीरगाथा काल की समाप्ति पर मध्यकाल का आरम्भ कबीरदास जी से होता है, अतएव इस काल के वे आदिकवि हैं। उस समय भाषा का रूप परिमार्जित और संस्कृत नहीं हुआ था। कबीरदास स्वयं पढ़े-लिखे नहीं थे। उन्होंने जो कुछ कहा है, वह अपनी प्रतिभा तथा भावुकता के वशीभूत होकर कहा है। उनमें कवित्व उतना नहीं था जितनी भक्ति और भावुकता थी। उनकी अटपट वाणी हृदय में चुभनेवाली है। अतएव उसे ज्यों का त्यों प्रकाशित कर देना ही उचित जान पड़ा और यही किया भी गया है। आशा है, पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा पाठकों का मार्गदर्शन करने में सहायक सिद्ध होगी।
Compassion in the 4 Dharmic Traditions
- Author Name:
Ed. Ved P. Nanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jalianwala Kand Ka Sach
- Author Name:
Maj. Gen. Suraj Bhatia
- Book Type:

- Description: "जलियाँवाला बाग में हुआ नर-संहार इतिहास का अटूट अंग है। उस दिन हजारों निःशस्त्र भारतीयों का नृशंस रक्तपात हुआ। उसके बाद मार्शल लॉ आरोपित हुआ। यदि जलियाँवाला बाग कांड फाँसी के सदृश था तो उसके बाद का अध्याय कालापानी से कम नहीं था। वह कुकांड भारत के आधुनिक इतिहास का एक ऐसा प्रकरण है, जिसे सरलता से भुलाया नहीं जा सकता, भूलना भी नहीं चाहिए। कालापानी की तरह इसकी याद भी हमारी एक दुखनेवाली नस को निरंतर दबाती है। जलियाँवाला बाग नर-संहार तो एक विरला ही दुःख है। यद्यपि इस विषय पर अंग्रेजी में थोड़ा-बहुत लिखा गया है; परंतु हिंदी व प्रांतीय भाषाओं के लेखकों का ध्यान इस कांड से संबद्ध प्रकरणों अथवा उनके विवेचन की ओर शायद ही गया हो। किंतु हिंदी में पहली बार यह काम किया गया है। अंग्रेजों ने इस नर-संहार की घटना पर परदा डालने के जी-तोड़ प्रयत्न किए। और इसमें वे पूर्णतया असफल भी नहीं रहे। कालांतर में जो थोड़ा-बहुत लिखा गया, वह अंग्रेजी कलम से था। कई तथ्यों का पता स्वतंत्रता के दशकों पश्चात् लगा। उन्हीं तथ्यों को इस पुस्तक में समग्रता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। पाठकगण इसमें दी गई अनेक उत्पीड़क एवं रोमांचकारी घटनाओं तथा विवरणों को चाव से पढ़कर उनमें निहित मर्म को विचारोत्पादक पाएँगे। "
By The Way
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Social Sciences
- Author Name:
Dr. Anil Kumar Mishra +1
- Book Type:

- Description: Dictionary of Social Sciences is a comprehensive reference work with over 1700 entries ranging from fifty to five hundred words covering topics such as anthropology, sociology, economics, political science, cultural studies, and human and cultural geography. The Dictionary is aimed at students and scholars who need ready access to defined terms in a social science outside their immediate area of expertise; for example, an economist needing information regarding a political science term. A must-have book for readers with a keen interest in social sciences.
Ek Adhoori Kahani Tatha Anya Kahaniyan "एक अधूरी कहानी तथा अन्य कहानियाँ" | Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Bechan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shivna Sahityiki January-March 2023
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Rating:
- Book Type:

- Description: UGC Registered General
Bhartiyam "भारतीयम" | Indian Patriotic Poems Book In Hindi
- Author Name:
Pushpa Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
30 Years UPSC Prelims Civil Services Exam 2025 | IAS Prelims Topic-wise Solved Papers 1 & 2 (1995-2024) | General Studies & Aptitude (CSAT) MCQs | PYQs Previous Year Questions Bank Guide
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sattapur Ke Nakte
- Author Name:
Gopal Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book