Jagdish Chandra Basu
(0)
₹
350
280 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"जगदीश चंद्र बसु—दिलीप कुलकर्णी 30 नवंबर, 1858 को बंगाल में जनमे 23 नवंबर, 1937 डॉ. (सर) जगदीश च्रंद बसु भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान तथा पुरातत्त्व का गहरा ज्ञान था। ये पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकशिकी पर कार्य किया। साथ ही ये भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्ता थे। इन्हें रेडियो विज्ञान का पिता माना जाता है। ये विज्ञानकथाएँ भी लिखते थे और इन्हें बंगाली विज्ञानकथा-साहित्य का पिता भी माना जाता है। इन्होंने बेतार के संकेत भेजने में असाधारण प्रगति की और सबसे पहले रेडियो संदेशों को पकड़ने के लिए अर्धचालकों का प्रयोग करना शुरू किया। लेकिन अपनी खोजों से व्यावसायिक लाभ उठाने की जगह इन्होंने इन्हें सार्वजनिक रुप से प्रकाशित कर दिया ताकि अन्य शोधकर्त्ता इनपर आगे काम कर सकें। इसके बाद इन्होंने वनस्पति जीवविद्या में अनेक खोजें की। इन्होंने एक यंत्र क्रेस्कोग्राफ का अविष्कार किया और इससे विभिन्न उत्तेजकों के प्रति पौधों की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया। इस तरह से इन्होंने सिद्ध किया कि वनस्पतियों और पशुओं के ऊतकों में काफी समानता है। ये पेटेंट प्रक्रिया के बहुत विरुद्ध थे और मित्रों के कहने पर इन्होंने एक पेटेंट के लिए आवेदन किया। "
Read moreAbout the Book
"जगदीश चंद्र बसु—दिलीप कुलकर्णी
30 नवंबर, 1858 को बंगाल में जनमे 23 नवंबर, 1937 डॉ. (सर) जगदीश च्रंद बसु भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान तथा पुरातत्त्व का गहरा ज्ञान था। ये पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकशिकी पर कार्य किया। साथ ही ये भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्ता थे। इन्हें रेडियो विज्ञान का पिता माना जाता है। ये विज्ञानकथाएँ भी लिखते थे और इन्हें बंगाली विज्ञानकथा-साहित्य का पिता भी माना जाता है।
इन्होंने बेतार के संकेत भेजने में असाधारण प्रगति की और सबसे पहले रेडियो संदेशों को पकड़ने के लिए अर्धचालकों का प्रयोग करना शुरू किया। लेकिन अपनी खोजों से व्यावसायिक लाभ उठाने की जगह इन्होंने इन्हें सार्वजनिक रुप से प्रकाशित कर दिया ताकि अन्य शोधकर्त्ता इनपर आगे काम कर सकें। इसके बाद इन्होंने वनस्पति जीवविद्या में अनेक खोजें की। इन्होंने एक यंत्र क्रेस्कोग्राफ का अविष्कार किया और इससे विभिन्न उत्तेजकों के प्रति पौधों की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया। इस तरह से इन्होंने सिद्ध किया कि वनस्पतियों और पशुओं के ऊतकों में काफी समानता है। ये पेटेंट प्रक्रिया के बहुत विरुद्ध थे और मित्रों के कहने पर इन्होंने एक पेटेंट के लिए आवेदन किया।
"
Book Details
-
ISBN9789380823324
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginN/A
Recommended For You
Meera
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
हमारे दौर के असाधारण फ़िल्मकार और शायर गुलज़ार की फ़िल्म ‘मीरा’ की यह स्क्रिप्ट मीरा की जीवन-कथा का बयान-भर नहीं है। यह मीरा को देखने के लिए एक अलग नज़रिए का आविष्कार भी करती है।
जैसा कि स्वाभाविक ही था, माध्यम की ज़रूरतों के चलते, इस पाठ में मीरा हमें कहीं ज़्यादा मानवीय और अपने आसपास की देहधारी इकाई के रूप में दिखाई देती हैं; लगभग दैवी व्यक्तित्व नहीं जैसा कि इतिहास के नायकों के साथ अकसर होता है, और मीरा के साथ भी हुआ।
लेकिन मीरा के मानवीकरण में माध्यम की आवश्यकताओं के अलावा काफ़ी भूमिका ख़ुद गुलज़ार साहब की और एक रचनाकार के रूप में उनके रुझान की भी है। अपने गीतों में वे हवा, धूप और आहटों तक का मानवीकरण करते रहे हैं; फिर मीरा तो जीते-जागते इंसानों से भी कुछ ज़्यादा जीवित मानवी थीं।
मीरा और उनके युग का पुनराविष्कार करनेवाली फ़िल्म की स्क्रिप्ट के अलावा इस पुस्तक में गुलज़ार से उनके रचनाकर्म के बारे में यशवंत व्यास की एक लम्बी बातचीत भी है और साथ है ‘मीरा’ के निर्माण में आनेवाली मुश्किलों के बारे में गुलज़ार का एक संस्मरण, जो इस पुस्तक को और उपयोगी तथा संग्रहणीय बनाता है। सिनेमा के विद्यार्थियों और पटकथा लेखकों को भी यह पुस्तक बहुत कुछ सिखाती है।
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-2 (Class Vi-Viii) Social Studies/Social Science 15 Practice Sets with Latest Solved Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MADHUR BALGEET
- Author Name:
KOYAL
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Grah Vigyan Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Home Science Practice Sets Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Irade Hon To Aise
- Author Name:
N Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meditations By Marcus Aurelius
- Author Name:
Marcus Aurelius
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Supercop Ajit Doval
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: साहस, शौर्य, नेतृत्व, कर्मठता, वीरता, निर्भयता-किसी एक व्यक्ति में इन सबका समुच्चय होना कठिन होता है, लगभग दुर्लभ। परंतु भारत में शौर्य के प्रतीक हैं हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल। वह भारतीय पुलिस सेवा के सबसे सम्मानित अधिकारियों में से एक हैं। 'परम वीर चक्र' के बाद दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ' कीर्ति चक्र' पानेवाले पहले पुलिस अधिकारी हैं। उन्होंने अनेक कठिन और खतरों से भरे हुए ऑपरेशंस का सफल संचालन व नेतृत्व कर भारतवर्ष की अखंडता को अक्षुण्ण रखने में अप्रतिम योगदान दिया है। उन्होंने मिजोरम विद्रोह में एक फील्ड ऑपरेटिव के रूप में नाम कमाया, जहाँ उन्होंने विद्रोही नेता लालडेंगा को काबू किया। सन् 1989 में उन्होंने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को निकालने के लिए ' ऑपरेशन ब्लैक थंडर' में पंजाब पुलिस एवं राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के साथ एक आई.बी. टीम का नेतृत्व किया। भारत में इसलामी आतंकवाद के खिलाफ महत्त्वपूर्ण अभियानों को उन्होंने दिशा दी और सन् 1993 में मुंबई बम धमाकों के बाद अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए बनाई गई टीम का नेतृत्व भी किया। 1999 में एयर इंडिया की फ्लाइट को अपहत करके कंधार लेकर गए आतंकियों से यात्रियों की रिहाई के लिए हुई वार्त्ता के भी वह हिस्सा रहे। सर्जिकल स्ट्राइक, डोकलाम विवाद, अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में हालात पर नियंत्रण, म्याँमार में सैन्य ऑपरेशन इत्यादि जैसे दर्जनों साहसिक अभियान उनके नाम हैं। राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि माननेवाले, दृढ़ एवं कठोर निर्णय लेने में किंचित् न झिझकने वाले, अजीत डोभालजी की यह प्रेरक जीवनी उनके समर्पित राष्ट्र- जीवन की एक झलक मात्र है।
Agyey Kahani Sanchayan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

-
Description:
‘अज्ञेय’ का समय। आज़ादी के पहले और ठीक बाद में बिंधा। ऐसा समय जो क़तई हल्का नहीं बैठता, काँधों पर। चूँकि अतिरिक्त ज़ोर, दबाव और मक़सद की मची है कि हम निर्माण कर रहे हैं एक नए वक़्त का और हम करके रहेंगे।
भूलने, भटकने की कलाकार की प्यास, वक़्त की इन औचित्यपूर्ण, निष्ठा-भरी माँगों के भार में फँसती-सी है। कभी तो यह अहसास, ख़ासे प्रत्यक्ष तरह से, ‘अज्ञेय’ के लेखन में झलकता है। वाक़ई अज्ञेय एक नई भाषा गढ़ रहे हैं, इतनी गम्भीरता से कि बीन-बीन के उठा लाए हैं शब्द जो नए गठबन्धनों में असमंजस से हमें ताक रहे हैं।
‘अज्ञेय’ की कहानियों में विषय की ग़ज़ब की विविधता है, भाषा, शैली की भी। प्रकृति-मानव का रिश्ता है कहीं, रचना-प्रक्रिया पर ख़याल कहीं, प्राचीन मिथक कहीं, और देश-विदेश का इतिहास—रूस, चीन, तुर्की, मुल्क का बँटवारा—आदम हउवा कहाँ-कहाँ ले जाती है जानने, महसूस करने की उनकी ललक।
कहानियाँ ख़ुद कहेंगी। बकौल अज्ञेय : ‘कहानी पर प्रत्यय रखो, लेखक पर नहीं।’
आइए, आप भी इस प्रगाढ़ ‘अज्ञेय’ माहौल में...।
—भूमिका से
Sapanon Bhare Din
- Author Name:
Ramdarash Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cinema Aur Itihas
- Author Name:
Chandrabhushan Gupt Ankur
- Book Type:

- Description: Cinema
Hindu-Drashta Ashok Singhal "हिंदू द्रष्टा अशोक सिंहल" | Former President of The Hindu Organisation Vishva Hindu Parishad | Book in Hindi
- Author Name:
Chandra Prakash Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sukhan Tumhare
- Author Name:
Faiz Ahmed 'Faiz' +1
- Book Type:

- Description: 1951 की एक सुबह उर्दू के मशहूर शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के घर पर छापा पड़ा और उन्हें रावलपिंडी साज़िश केस में उनके घर से गिरफ़्तार किया गया। घर से ले जाते वक़्त उन्हें कपड़े तक बदलने की मोहलत नहीं दी गई। फ़ैज़ के परिवार पर ये एक मुसीबत के दौर का आग़ाज़ था। उनकी पत्नी एलिस के अलावा उनकी दो लड़कियाँ मुनीज़ा और सलीमा भी अब लाहौर में अकेली रह गई थीं। मगर इस मुसीबत का सामना फ़ैज़ और एलिस ने जिस बहादुरी और हिम्मत से किया और अपने आपसी प्रेम को इस हिज्र और फ़ासले में और गहरा करते हुए, अपनी मोहब्बत के धारे को दुखी इनसानों के दर्दो ग़म को समझने की तरफ़ जिस तरह मोड़ा, ये बात इन ख़तों को पढ़ने से पता चलती है। इन ख़तों में जहाँ एक तरफ़ फ़ैज़ की बे-परवा, आज़ाद और शायराना फ़ितरत का पता मिलता है, वहीं एलिस के जज़्बे, याद के दुःख और राज्य से सीधे टकरा जाने का जज़्बा भी साफ़ दिखाई देता है। हम इन ख़तों को पढ़ कर ही जान पाते हैं कि अगर ये हादसा फ़ैज़ की ज़िन्दगी में न गुज़रा होता तो हम फ़ैज़ की उस बाग़ी शायरी से शायद महरूम रहते जिसने उनसे इनसान की उस हिम्मत पर यादगार नज़्में और ग़ज़लें लिखवाईं, जिसे कोई भी रियासत, कैसी भी सियासत क़ैद में डाल कर फ़ना नहीं कर सकती। उसकी आवाज़ को रोकना ना-मुमकिन है, जैसा कि फ़ैज़ ने लिखा था— मता-ए-लौह-ओ-क़लम छिन गई तो क्या ग़म है कि ख़ून-ए-दिल में डुबो ली हैं उंगलियाँ मैंने ज़बाँ पे मुहर लगी है तो क्या कि रख दी है हर एक हल्क़ा-ए-ज़ंजीर में ज़बाँ मैंने
Stree Kavita : Pahachan Aur Dwand
- Author Name:
Rekha Sethi
- Book Type:

- Description: एक मानवीय इकाई के रूप में स्त्री और पुरुष, दोनों अपने समय व यथार्थ के साझे भोक्ता हैं लेकिन परिस्थितियाँ समान होने पर भी स्त्री-दृष्टि दमन के जिन अनुभवों व मन:स्थितियों से बन रही है, मुक्ति की आकांक्षा जिस तरह करवटें बदल रही है, उसमें यह स्वाभाविक है कि साहित्यिक संरचना तथा आलोचना, दोनों की प्रणालियाँ बदलें। स्त्री-लेखन स्त्री की चिन्तनशील मनीषा के विकास का ही ग्राफ़ है जिससे सामाजिक इतिहास का मानचित्र गढ़ा जाता है और जेंडर तथा साहित्य पर हमारा दिशा-बोध निर्धारित होता है। भारतीय समाज में जाति एवं वर्ग की संरचना जेंडर की अवधारणा और स्त्री-अस्मिता को कई स्तरों पर प्रभावित करती है। स्त्री-कविता पर केन्द्रित प्रस्तुत अध्ययन जो कि तीन खंडों में संयोजित है, स्त्री-रचनाशीलता को समझने का उपक्रम है, उसका निष्कर्ष नहीं। पहले खंड, 'स्त्री-कविता : पक्ष और परिप्रेक्ष्य' में स्त्री-कविता की प्रस्तावना के साथ-साथ गगन गिल, कात्यायनी, अनामिका, सविता सिंह, नीलेश रघुवंशी, निर्मला पुतुल और सुशीला टाकभौरे पर विस्तृत लेख हैं। एक अर्थ में ये सभी वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य में विविध स्त्री-स्वरों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनकी कविता में स्त्री-पक्ष के साथ-साथ अन्य सभी पक्षों को आलोचना के केन्द्र में रखा गया है, जिससे स्त्री-कविता का बहुआयामी रूप उभरता है। दूसरा खंड, 'स्त्री-कविता : पहचान और द्वन्द्व' स्त्री-कविता की अवधारणा को लेकर स्त्री-पुरुष रचनाकारों से बातचीत पर आधारित है। इन रचनाकारों की बातों से उनकी कविताओं का मिलान करने पर उनके रचना-जगत को समझने में तो सहायता मिलती ही है, स्त्री-कविता सम्बन्धी उनकी सोच भी स्पष्ट होती है। स्त्री-कविता को लेकर स्त्री-दृष्टि और पुरुष-दृष्टि में जो साम्य और अन्तर है, उसे भी इन साक्षात्कारों में पढ़ा जा सकता है। तीसरा खंड, 'स्त्री-कविता : संचयन' के रूप में प्रस्तावित है...। इन सारे प्रयत्नों की सार्थकता इसी बात में है कि स्त्री-कविता के माध्यम से साहित्य और जेंडर के सम्बन्ध को समझते हुए मूल्यांकन की उदार कसौटियों का निर्माण हो सके जिसमें सबका स्वर शामिल हो।
Mujhe Aise Padhao
- Author Name:
Mukesh Kishore
- Book Type:

-
Description:
सीखने का शिक्षा में और शिक्षा का मानव के गुणात्मक विकास में अहम योगदान है। गुणात्मक शिक्षण के लिए ‘उत्पादक शैक्षिक वातावरण’ पूर्वापेक्षित है। यह पुस्तक ‘उत्पादक शैक्षिक वातावरण के निर्माण’ में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सीखने-सिखाने से जुड़े मार्गदर्शकों की सहायता करने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। ‘उत्पादक शैक्षिक वातावरण’ शिक्षक, छात्र तथा सीखने के परिवेश के बीच आवश्यक तालमेल के बिना असम्भव है।
इस पुस्तक में सीखने तथा सिखाने के उन व्यावहारिक अनछुए पहलुओं को सम्मिलित किया गया है, जो विद्यार्थियों में सीखने की ललक पैदा करने, विषय की ग्राह्यता बढ़ाने के अतिरिक्त शिक्षकों की अपने पेशे से रुचि एवं सन्तुष्टि बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। सम्पूर्ण पुस्तक को चार भागों में बाँटकर इस उद्देश्य को पूरा किया गया है। पहले भाग में जहाँ छात्रों की पहचान के लिए उनमें पाई जानेवाली मनोवैज्ञानिक, सामाजिक तथा आर्थिक भिन्नताओं, मसलन—परिपक्वता, बुद्धि, लिंग, सामाजिक-आर्थिक स्तर इत्यादि पर प्रकाश डाला गया है, वहीं दूसरे भाग में उत्पादक शैक्षिक वातावरण के निर्माण के लिए सीखने में शिक्षकों की भूमिका के महत्त्व को रेखांकित किया गया है। पुस्तक के तीसरे भाग में सीखने के परिवेश को शिक्षण के अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक पहलुओं पर चर्चा की गई है। चौथे और अन्तिम भाग में सीखने की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए मापन और मूल्यांकन तथा सीखने में पिछड़नेवाले विद्याथियों की काउन्सिलिंग की प्रक्रिया से अवगत कराया गया है।
किसी भी शिक्षक के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि अपने जीवनकाल में ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों के मन में घनात्मक परिवर्तन लाना है। इस पुस्तक के माध्यम से हमारा यह प्रयास है कि शिक्षक तथा अभिभावक अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित कर उनके सच्चे मार्गदर्शक बन पाएँ।
Rangbhoomi
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Christopher Columbus
- Author Name:
Rakesh Ranjan
- Book Type:

- Description: क्रिस्टोफर कोलंबस का जन्म सन् 1449 में जेनोआ (इटली) में हुआ था। उसके पिता एक जहाजी थे, इसलिए बचपन से ही वह समुद्र एवं जलपोतों से लगाव रखता था। इन सबके चलते भूगोल व मानचित्रों के प्रति उसकी जिज्ञासा अत्यंत तीव्र हो गई थी। कोलंबस ने पृथ्वी के नक्शे पर एशिया की स्थिति का जो अनुमान लगाया था, वह गलत निकला और वह समुद्री यात्रा के द्वारा एशिया के बजाय अमेरिका पहुँच गया। इस यात्रा के दौरान किसी को यह जानकारी नहीं थी। इसी कारण एशियाई मार्ग की खोज का श्रेय कोलंबस के बजाय वास्को डि गामा को मिला। वास्को डि गामा कोलंबस की अमेरिका यात्रा के 6 वर्ष बाद सन् 1498 में अफ्रीका का चक्कर लगाता हुआ दक्षिण भारत के कोचीन बंदरगाह पर पहुँचा था। 14 वर्षों तक कोलंबस पुर्तगाल की राजधानी में रहा, लेकिन वहाँ के शासकों ने उसके साथ धोखा किया और उसको शहर से बाहर न जाने का आदेश दिया। परंतु कोलंबस अपने पुत्र डिएगो के साथ वहाँ से निकल भागा। 12 अक्तूबर, 1492 को कोलंबस ने एक नए द्वीप को खोज निकाला। इस स्थल को कोलंबस ने ‘इंडिया’ नाम दिया, जो आज संयुक्त राज्य अमेरिका के 48 राज्यों में से एक ‘इंडियाना’ के नाम से प्रसिद्ध है। इस पुस्तक में कोलंबस के जीवन और उसके साहसिक समुद्री अभियानों का वर्णन, जो सुधी पाठकों को जानकारीपरक एवं रुचिकर लगेगा।
Vidhyarthiyon Hetu Bharat Ka Samvidhan
- Author Name:
Kishor Makwana
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
When Children Have Children Book in English by Bhuwan Ribhu
- Author Name:
Bhuwan Ribhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
R.K. Narayan Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
R.K. Narayan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahabharat Ki Kahaniyan
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book