Ye To Hona Hi Tha
(0)
₹
350
280 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
मैंने बहुत पहले अपनी एक कहानी में लिखा था कि बड़े आदमियों की बेटियाँ देखकर नहीं, तौलकर ब्याही जाती हैं। यह सच है। क्योंकि कई लोग रुपयों की चकाचौंध में अपनी विचारधारा खो बैठते हैं । पर कई बार ऐसा जान-बूझकर किया जाता है और कह दिया जाता है कि हमें चाय में कुछ पिला दिया था, जिससे हमारी मति भ्रष्ट हो गई थी। खासकर महिलाएँ इस विषय में बड़ी निपुण होती हैं । वे जान-बूझकर साधारण रूप- रंग वाली कन्या ब्याह कर ले जाते हैं। उन्हें डर होता है कि वह अगर रूपवती हुई तो बेटा उसके रूपजाल में उलझकर परिवार की अनदेखी कर देगा। फिर वे बहू के दहेज पर कुंडली मारकर बैठ जाते हैं, ताकि उसे अपनी बेटियों के काम में ले सकें। फिर बहू के रूप-रंग की आलोचना करती रहती हैं। उसे नाना विशेषणों से नवाजा जाता है, ताकि उसका मनोबल टूट जाए। वह टी.बी. से ग्रस्त हो जाए और खास बात यह कि वह बेटे के मन से उतर जाए। पर विवेकशील पुरुष पत्नी के सम्मान के लिए अपनों से भिड़ जाता है। उसका स्नेह और संबल पत्नी को टूटने नहीं देता, हारने नहीं देता। क्योंकि पति का हाथ अगर पीठ पर हो तो वह बड़े-से-बड़ा दुःख आसानी से झेल जाती है। हिंदी के सुप्रसिद्ध एवं प्रतिष्ठित लेखिका मालती जोशी की नवीन कहानियों का अद्भुत संकलन। ये कहानियाँ आपके मर्म और अंतर्मन को छू जाएँगी और आपकी संवेदना को झंकृत कर देंगी।
Read moreAbout the Book
मैंने बहुत पहले अपनी एक कहानी में लिखा था कि बड़े आदमियों की बेटियाँ देखकर नहीं, तौलकर ब्याही जाती हैं।
यह सच है। क्योंकि कई लोग रुपयों की चकाचौंध में अपनी विचारधारा खो बैठते हैं । पर कई बार ऐसा जान-बूझकर किया जाता है और कह दिया जाता है कि हमें चाय में कुछ पिला दिया था, जिससे हमारी मति भ्रष्ट हो गई थी।
खासकर महिलाएँ इस विषय में बड़ी निपुण होती हैं । वे जान-बूझकर साधारण रूप- रंग वाली कन्या ब्याह कर ले जाते हैं। उन्हें डर होता है कि वह अगर रूपवती हुई तो बेटा उसके रूपजाल में उलझकर परिवार की अनदेखी कर देगा। फिर वे बहू के दहेज पर कुंडली मारकर बैठ जाते हैं, ताकि उसे अपनी बेटियों के काम में ले सकें। फिर बहू के रूप-रंग की आलोचना करती रहती हैं। उसे नाना विशेषणों से नवाजा जाता है, ताकि उसका मनोबल टूट जाए। वह टी.बी. से ग्रस्त हो जाए और खास बात यह कि वह बेटे के मन से उतर जाए।
पर विवेकशील पुरुष पत्नी के सम्मान के लिए अपनों से भिड़ जाता है। उसका स्नेह और संबल पत्नी को टूटने नहीं देता, हारने नहीं देता। क्योंकि पति का हाथ अगर पीठ पर हो तो वह बड़े-से-बड़ा दुःख आसानी से झेल जाती है।
हिंदी के सुप्रसिद्ध एवं प्रतिष्ठित लेखिका मालती जोशी की नवीन कहानियों का अद्भुत संकलन। ये कहानियाँ आपके मर्म और अंतर्मन को छू जाएँगी और आपकी संवेदना को झंकृत कर देंगी।
Book Details
-
ISBN9789394534476
-
Pages160
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Basic English Grammar Learn By Doing
- Author Name:
Dr. Arun Jee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Narendra Kohli ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Narendra Kohli
- Book Type:

- Description: किसी कहानी को लोकप्रिय तो पाठक ही बनाता है। जो रचना पाठकों द्वारा पढ़ी ही न जाए, वह लोकप्रिय नहीं होती। किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि जो रचना लेखक को प्रिय न हो, पाठक उसे लोकप्रिय बना देगा। वस्तुतः कहानियाँ लेखक और पाठक दोनों की रुचि से लोकप्रिय बनती हैं। मैंने 1960-70 के दौर में कहानियाँ लिखी थीं। तब तक वे उपन्यास नहीं लिखे गए थे, जिन्होंने अपनी लोकप्रियता के बल पर कहानियों की चर्चा को मंद कर दिया है। इसके पश्चात् उपन्यासों ने कहानियों को अपना अंग ही बना लिया। लिखने को तो अब भी कहानी लिखने बैठ जाता हूँ, लिख भी लेता हूँ, किंतु मेरे लेखन के केंद्र में कहानी नहीं है। फिर भी कह सकता हूँ कि ‘परिणति’, ‘नमक का कैदी’, ‘संचित भूख’, ‘किरचे’, ‘निचले फ्लैट में’ और ‘नींद आने तक’ जैसी कहानियाँ न मुझसे भुलाई गई हैं और न पाठकों द्वारा उनकी उपेक्षा की स्थिति आई है। यदा-कदा उनकी चर्चा होती ही रहती है। वह मेरी किशोरावस्था थी। उसमें समाज के प्रति दायित्वबोध भी था और प्रेम का आकर्षण भी। उनमें मेरे भाई-बहन भी हैं और मेरी सखियाँ भी। वह जीवन का वह महत्त्वपूर्ण मोड़ था, जिसे भुलाना संभव नहीं है। परिणामतः आज आधी शताब्दी के पश्चात् भी वे कहानियाँ मुझे प्रिय हैं। —नरेंद्र कोहली
Modi 3.0 Aur Aage Patri Par Sakh
- Author Name:
Aaku Shrivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Netaji Subhash Ki Rahasyamaya Kahani
- Author Name:
Kingshuk Nag
- Book Type:

- Description: क्या नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु 18 अगस्त, 1945 को ताइहोकू (ताइपे, ताइवान) में एक विमान हादसे में हो गई थी? क्या जोसेफ स्टालिन ने उन्हें साइबेरिया भेज दिया था? या उन्हें छोड़ दिया गया था, जिसके बाद वह किसी तरह भारत पहुँच गए थे? क्या वही उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में रहस्यमयी गुमनामी बाबा थे? यदि ऐसा है, तो वह वापस कैसे लौटे? बोस भारत छोड़कर गए थे तो क्यों गए थे? क्या इसका कारण उनकी राजनीतिक सोच थी, जिसका विरोध कांग्रेस हाई कमान कर रहा था, जो जल्द-से-जल्द अंग्रेजों से सत्ता का हस्तांतरण चाहता था? अतीत तब जीवंत हो उठता है जब पत्रकार और लेखक किंशुक नाग सुभाष बाबू के और उनसे जुड़े प्रश्नों के उत्तर ऐसे समय में देने का प्रयास करते हैं, जब पुराने दस्तावेजों, और हाल ही में भारत सरकार की ओर से उनकी फाइलों को सार्वजनिक किए जाने के बाद, इस बात में दिलचस्पी फिर से बढ़ गई है कि नेताजी का क्या हुआ। यह पुस्तक भारत के सबसे करिश्माई नेताओं में से एक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन की दिलचस्प गाथा है और दुनिया के सबसे गहरे रहस्यों में से एक का गहराई से विश्लेषण।
Sadak Se Sansad Tak
- Author Name:
Shivanand Tiwari
- Rating:
- Book Type:

- Description: लोहिया, जेपी, किशन पटनायक, रामानन्द तिवारी, कर्पूरी ठाकुर वाली परम्परा के ही नेता हैं शिवानंद तिवारी। जितना लम्बा उनका राजनीतिक जीवन है आज की राजनीति में कम लोगों का है। वे गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपाई राजनीति करते रहे हैं और सन् पैंसठ के पहले से सक्रिय हैं। बाबा के नाम से विख्यात शिवानन्द जी के पास अनुभव, किस्सों और प्रत्यक्ष देखी घटनाओं का सम्भवत: सबसे बड़ा खजाना है। वे साठ के दशक के आखिर में शुरू हुए अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन वाले दौर से सक्रिय रहे हैं और चौहत्तर के जेपी आन्दोलन के अगुआ लोगों में हैं। उन्होंने किशन पटनायक के साथ लोहिया विचार मंच और समता संगठन की राजनीति की और उनसे अलग होकर भी उनकी वैचारिक और व्यावहारिक राजनीति के पाठ से अलग नहीं हुए। इन भाषणों और टिप्पणियों से उनके चिन्तन का दायरा और दिशा झलकती है। साफ लगता है कि भूमंडलीकरण और साम्प्रदायिक राजनीति उनकी चिन्ता के केन्द्र में है। शिवानंद जी के इन भाषणों में किसानों की आत्महत्या, बुनकरों की भुखमरी और आत्महत्या, पेटेंट रीजीम से होने वाली मुश्किलों और उसकी कानूनी लड़ाई, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति, अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा गरीबों का भोजन बढ़ाने से महँगाई आने के कुतर्क की आलोचना, किसानों के खेती छोड़ने पर टिप्पणी है। और इसमें से काफी चीजों के लिए नई आर्थिक नीतियों को दोषी बताया गया है। यह आलोचना सही थी और यह किताब का महत्त्व है क्योंकि भूमंडलीकरण के पूरे दौर में कहीं से संसद के अन्दर इन नीतियों की आलोचना नहीं हुई।
Gyanmarg Karmayogi Swami Vivekananda
- Author Name:
Deokinandan Gautam
- Book Type:

- Description: "ज्ञानमार्ग कर्मयोगी स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद महान् स्वप्नद्रष्टा थे। अध्यात्मवाद बनाम भौतिकवाद के विवाद में पड़े बिना भी यह कहा जा सकता है कि समता के सिद्धांत का जो आधार विवेकानंद ने दिया, एक बौद्धिक आधार शायद ही ढ़ूँढ़ा जा सके। स्वामीजी की दृष्टि में स्पष्ट हो चुका था कि भारत के अध्यात्म से पश्चिम की आत्मा को पुष्ट करना होगा और पश्चिम की वैज्ञानिक समृद्धि से भारत के तन का पोषण करना होगा। दोनों एक-दूसरे की प्रतिपूर्ति करेंगे, पूरक बनेंगे, तब मानवता का कल्याण होगा और इसके लिए स्वामी विवेकानंद को अमेरिका जाना होगा। पवित्रता को नरेंद्रनाथ आध्यात्मिक जीवन की आधारशिला मानते हैं। उनके लिए यह विधा दूषण का प्रतिरोध न होकर सर्व स्वस्ति से प्रगाढ़ प्रेम है। यह स्वस्ति कामना अपने व्यापकतम अर्थ में है, जो एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में सभी प्रकार के जीवन को अपने आगोश में लेती है। परमहंस ने द्वैत-अद्वैत के प्रतीयमान विरोधाभास में एकता स्थापित की। इस बराबरी (धार्मिक बराबरी) का वैचारिक आधार भी एकमात्र अद्वैत ही प्रदान कर सकता है, क्योंकि इसमें किसी अन्य को अपने से अभिन्न ही माना जाता है और इसी आधार पर नैतिक आचरण का निर्माण होता है। स्वामीजी को युवकों से बड़ी आशाएँ हैं। लेखक ने आज के युवकों के लिए ही इस ओजस्वी संन्यासी का जीवन-वृत्त उनके समकालीन समाज एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया है। "
Hindu-Padpadshahi
- Author Name:
Vinayak Damodar Savarkar
- Book Type:

- Description: शिवाजी महाराज ने एक पत्र में लिखा था—‘‘स्वयं भगवान् के ही मन में है कि हिंदवी-स्वराज्य निर्मित हो।’’ उस युवा वीरपुरुष ने क्रांतियुद्ध की पहल की। शिवाजी महाराज ने शालिवाहन संवत् 156७ (ई.स. 16४5) में अपने एक साथी के पास भेजे हुए पत्र में—स्वयं पर लगे इस आरोप का निषेध किया कि बीजापुर के शाह का प्रतिरोध कर उन्होंने राजद्रोह का पाप किया है। उन्होंने इस बात का स्मरण कराते हुए उच्च आदर्शों की भावना भी जाग्रत् की कि अपना एकनिष्ठ बंधन यदि किसी से है तो वह भगवान् से है, न कि किसी शाह- बादशाह से। उन्होंने उस पत्र में लिखा है— ‘‘आचार्य दादाजी कोंडदेव और अपने साथियों के साथ सह्याद्रि पर्वत के शृंग पर ईश्वर को साक्षी मानकर लक्ष्य प्राप्ति तक लड़ाई जारी रखने और हिंदुस्थान में ‘हिंदवी-स्वराज्य’ यानी हिंदू-पदपादशाही स्थापित करने की क्या आपने शपथ नहीं ली थी? स्वयं ईश्वर ने हमें यह यश प्रदान किया है और हिंदवी-स्वराज्य के निर्माण के रूप में वह हमारी मनीषा पूरी करनेवाला है। स्वयं भगवान् के ही मन में है कि यह राज्य प्रस्थापित हो।’’ शिवाजी महाराज की कलम से उतरे ‘हिंदवी-स्वराज’—इस शब्द मात्र से एक शताब्दी से भी अधिक समय तक जिस बेचैनी से महाराष्ट्र का जीवन तथा कर्तव्य निर्देशित हुआ और उसका आत्मस्वरूप जिस तरह से प्रकट हुआ, वैसा किसी अन्य से संभव नहीं था। मराठों की लड़ाई आरंभ से ही वैयक्तिक या विशिष्ट वर्ग की सीमित लड़ाई नहीं थी। हिंदूधर्म की रक्षा हेतु, विदेशी मुसलिम सत्ता का नामोनिशान मिटाने के लिए तथा स्वतंत्र और समर्थ हिंदवी-स्वराज्य स्थापित करने के लिए लड़ी गई वह संपूर्ण लड़ाई हिंदू लड़ाई थी।
Sapnon ki Unchi Udaan 'सपनों की ऊँची उड़ान' Book in Hindi | Raja D. Tharwani
- Author Name:
Raja D. Tharwani
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Arabpatiyon Jaisa Kaise Sochen?
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Health Quiz Book
- Author Name:
Anil Aggrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ACHCHHI-ACHCHHI AADTEN
- Author Name:
RAKESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Media : Mahila, Jati aur Jugad
- Author Name:
Sanjay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jal Sankat Aur Jal Sangrah
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। कहा जाने लगा है कि तीसरा विश्वयुद्ध हुआ तो बहुत ही सम्भव है कि वह पानी को लेकर ही हो। शहरी इलाक़ों में पानी की कमी और उसके लिए रोज़-रोज़ होनेवाले स्थानीय झगड़े शायद इसी की बानगी हैं। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में जल-स्तर न सिर्फ़ नीचे जा रहा है, पेयजल के रूप में उसका उपयोग भी ख़तरनाक होता जा रहा है। जनसंख्या के साथ-साथ जहाँ पानी की आवश्यकता बड़े पैमाने पर बढ़ी है, वहीं जल-संग्रहण की पारम्परिक पद्धतियों को भी हमने भुला दिया है, जितना जल उपलब्ध है, वह बढ़ते शहरीकरण के परिणामस्वरूप प्रदूषण का शिकार है। आँकड़े बताते हैं कि इस समय देश में रोज़ छह हज़ार से ज़्यादा लोग दूषित जल से पैदा होनेवाली बीमारियों से मर जा रहे हैं। यह पुस्तक इस विकराल संकट से निबटने के लिए एक आरम्भिक ढाँचा सुझाती है जिसका उपयोग हम जल-संरक्षण, और सामान्यत: पानी के प्रति अपना आधारभूत दृष्टिकोण बदलने में कर सकते हैं। वर्षा जल के संग्रहण की पुरानी और नई प्रविधियों, इसके साथ भू-जल स्रोतों की सम्यक् सार-सँभाल, जल-अपव्यय को रोकने की ज़रूरत तथा तरकीबें, सूखे इलाक़ों में जल-संचयन की वैज्ञानिक पद्धति, विभिन्न क़िस्म के बाँधों, कुँओं, तालाबों के निर्माण सम्बन्धी जानकारी, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण की समस्या और कृषि-उपयोग के लिहाज़ से जल-प्रबन्ध, इन तमाम विषयों पर यह पुस्तक अद्यतन और वैज्ञानिक सामग्री उपलब्ध कराती है।
Ranthambore Diary 9 Days 9 Cubs
- Author Name:
Sundeep Bhutoria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nirmala
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BAGICHE KA SHISHTACHAR
- Author Name:
Manjari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Raag, America Ke Rang
- Author Name:
Dr. Hari Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Incomparable Guru Golwalkar
- Author Name:
Ranga Hari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ambedkar Ke Sapnon Ka Bharat "आंबेडकर के सपनों का भारत" | Vision and Biography of Ambedkar Book in Hindi
- Author Name:
Basant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh, Samaj aur Sanskriti
- Author Name:
Dr. Chandar Sonane
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book