Ikkisvin Sadi : Aupniveshik Mansikta Aur Bhasha
(0)
₹
350
287 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
भारत एक महत्त्वपूर्ण शक्ति है—लोकतंत्रात्मक सत्ता के माध्यम से प्रजा की ताकत को स्वीकार भी करता है पर 'भाषा' के खत्म होते जाने के खतरे से बाखबर होते हुए भी बेखबर रह रहा है। क्या यह कोई राजनीतिक षडयंत्र है अथवा अज्ञानता कि भारत की महत्त्वपूर्ण भाषा हिंदी ही नहीं, अन्य भारतीय भाषाएँ भी अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही हैं। पूरे विश्व में केंद्रीय सत्ता का केंद्र बना प्रथम दुनिया का सिरमौर अपनी भाषा में प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक देता है, पर भारत जैसे देश के विद्यार्थी को प्राथमिक शिक्षा भी अपनी भाषा में प्राप्त करने का हक नहीं। मजे की बात तो यह कि जाने अनजाने कोई यह हक लेना भी नहीं चाहता! रिक्शेवाले से लेकर उच्चतम स्तर पर रहनेवाला अंग्रेजी में पगी शिक्षा का आनन्द लेना चाहता है! यह स्थिति औपनिवेशिक मानसिकता की दासता की है जहाँ अपना सब कुछ त्यागकर उस बाजारवादिता के 'स्टैच्यू' में फिट होने की होड़ ही महत्त्वपूर्ण रह गई है। अंग्रेजी को भी भारतीय भाषा मानने की कवायद शुरू हो गई है!
Read moreAbout the Book
भारत एक महत्त्वपूर्ण शक्ति है—लोकतंत्रात्मक सत्ता के माध्यम से प्रजा की ताकत को स्वीकार भी करता है पर 'भाषा' के खत्म होते जाने के खतरे से बाखबर होते हुए भी बेखबर रह रहा है। क्या यह कोई राजनीतिक षडयंत्र है अथवा अज्ञानता कि भारत की महत्त्वपूर्ण भाषा हिंदी ही नहीं, अन्य भारतीय भाषाएँ भी अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही हैं। पूरे विश्व में केंद्रीय सत्ता का केंद्र बना प्रथम दुनिया का सिरमौर अपनी भाषा में प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक देता है, पर भारत जैसे देश के विद्यार्थी को प्राथमिक शिक्षा भी अपनी भाषा में प्राप्त करने का हक नहीं। मजे की बात तो यह कि जाने अनजाने कोई यह हक लेना भी नहीं चाहता! रिक्शेवाले से लेकर उच्चतम स्तर पर रहनेवाला अंग्रेजी में पगी शिक्षा का आनन्द लेना चाहता है! यह स्थिति औपनिवेशिक मानसिकता की दासता की है जहाँ अपना सब कुछ त्यागकर उस बाजारवादिता के 'स्टैच्यू' में फिट होने की होड़ ही महत्त्वपूर्ण रह गई है। अंग्रेजी को भी भारतीय भाषा मानने की कवायद शुरू हो गई है!
Book Details
-
ISBN9789348399441
-
Pages192
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 9-10 "Samajik Vigyan" Social Science | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lok Seva Mein Naitikta : 100 Case Studies Sahit
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Vaastushastra
- Author Name:
Pawan K. Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Towards New India
- Author Name:
Sunil Vashisht
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HIRANYAGARBHA
- Author Name:
Vidya Vindu Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agnirath Ka Sarthi Manu Sharma
- Author Name:
Dr. Indivar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC Jharkhand Preliminary Exam-2024 Paper-I & 2 General Studies "सामान्य अध्ययन" | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Sanjay Singh, IPS
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jain Dharma Ki Kahaniyan
- Author Name:
Dhruva Kumar
- Book Type:

- Description: "जैन धर्म की कहानियाँ—ध्रुव कुमार जैन संस्कृति बड़ी प्राचीन है। यह स्वयं में इतनी व्यापक, मौलिक तथा चिंतनपरक है कि इसे किसी विशिष्ट संस्कृति की परिधि में आबद्ध नहीं किया जा सकता। जैन धर्म और संस्कृति ने विश्व की अनेक संस्कृतियों को किसी-न-किसी रूप में प्रभावित किया है। कहानी साहित्य की एक प्रमुख विधा है, जिसे सबसे अधिक लोकप्रियता प्राप्त हुई है। हमारे प्राचीनतम साहित्य में कथा के तत्त्व जीवित हैं। जैन कथा साहित्य न केवल भारतीय कथा साहित्य का जनक रहा है, अपितु संपूर्ण विश्व कथा साहित्य को उसने प्रेरणा दी है। भारत की सीमाओं को लाँघकर जैन कथाएँ अरब, चीन, लंका, यूरोप आदि देश-देशांतरों में पहुँची हैं और अपने मूल स्थान की भाँति वहाँ भी लोकप्रिय हुई हैं। जैन कथा साहित्य के कथानक बड़े मर्मस्पर्शी हैं और व्यापक भी। जीवन के शाश्वत तत्त्वों का इनमें निरूपण हुआ है तथा पात्रों का चरित्र स्वाभाविक रूप में होने के कारण सर्वग्राह्य बन पड़ा है। इन कहानियों में तीर्थंकरों, श्रमणों एवं श्लाकापुरुषों की जीवनगाथाएँ मुख्य हैं, जिनमें धर्म के सिद्धांतों का स्पष्टीकरण होता चलता है। प्रस्तुत पुस्तक की जैन कहानियों में कथोपकथन के माध्यम से केवल मनोविनोद ही नहीं होता, बल्कि उनमें जीवन की सरस अनुभूतियों के साथ संस्कृति, सभ्यता, दर्शन तथा धर्म की व्याख्या भी मिलती है। "
Chhoti Chhoti Baton ka Tension na Le - Hindi Edition Of Don't Sweat the Small Stuff and It's All Small Stuff
- Author Name:
Richard Carlson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Six Glorious Epochs of Indian History
- Author Name:
Vinayak Damodar Savarkar
- Book Type:

- Description: "Six Glorious Epochs of Indian History is a learning experience which covers the period of Muslim invasions in India and brave retaliation by the natives. No less was the struggle of Indian manes against British rule and for freedom and liberation of the mother country. The author’s tribute to the martyrs and his letters to dear ones from Andamans, miscellaneous statements and writings are also included in this book. The first four epochs are covered in only hundred plus pages while the last two epochs span almost four hundred plus pages, signifying the importance that the author gave to this period. So far we have been given the picture of British rule, the history and politics in India by foreign and leftist writers, but in this book Veer Savarkar makes us look at the country’s history and politics from the Bharatiya perspective. Not only does he analyse the mistakes committed by Hindus since the time of Alexander’s invasion till the British rule, he tries to enlighten our minds with the prevalent situation in his time. All that he himself learnt from history, he tries to correct through this book of his.
Dada-Dadi Ki Kahaniyan
- Author Name:
Mukesh 'Nadan'
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Bhaktiyoga
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: भारतवर्ष के साधु-महापुरुषों के बीच भक्ति ही चर्चा का विषय रही है। भक्ति की विशेष रूप से व्याख्या करनेवाली शांडिल्य और नारद आदि महापुरुषों को छोड़ देने पर भी, स्पष्टत : ज्ञानमार्ग के समर्थक, व्याससूत्र के महान् भाष्यकारों ने भी भक्ति के संबंध में हमें बहुत कुछ बतलाया है। भले ही इन भाष्यकारों ने सब सूत्रों की न सही, पर अधिकतर सूत्रों की व्याख्या शुष्क ज्ञान के अर्थ में ही की है।
Ek Aur Sindbaad
- Author Name:
Smt. Usha Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhautiki Ki Rochak Baaten
- Author Name:
Sheo Gopal Misra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT MCQs Indian Polity & Governance Class 6 To 12 Useful Book For UPSC, State PSCs & All Competitive Exam Chapter-wise and Topic-wise Solved Paper 2025
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agaria
- Author Name:
Veriar Elwin
- Book Type:

- Description: 'अगरिया' शब्द का अभिप्राय सम्भवत: आग पर काम करने वाले लोगों से है अथवा आदिवासियों के देवता, अघासुर से जिनका जन्म लौ से हुआ माना जाता है। अगरिया मध्य भारत के लोहा पिघलानेवाले और लोहारी करनेवाले लोग हैं जो अधिकतर मैकाल पहाड़ी क्षेत्र में पाए जाते हैं लेकिन 'अगरिया क्षेत्र' को डिंडोरी से लेकर नेतरहाट तक रेखांकित किया जा सकता है। गोंड, बैगा और अन्य आदिवासियों से मिलते-जुलते रिवाजों और आदतों के कारण अगरिया की जीवन-शैली पर बहुत कम अध्ययन किया गया है। हालाँकि उनके पास अपनी एक विकसित टोटमी सभ्यता है और मिथकों का अकूत भंडार भी, जो उन्हें भौतिक सभ्यता से बचाकर रखता है और उन्हें जीवनी-शक्ति देता है। इस पुस्तक के बहाने यह श्रेय प्रमुख नृतत्त्वशास्त्री वेरियर एलविन को जाता है कि उन्होंने अगरिया जीवन और संस्कृति को इसमें अध्ययन का विषय बनाया है। एलविन के ही शब्दों में, ‘मिथक और शिल्प का संगम ही इस अध्ययन का केन्द्रीय विषय है जो अगरिया को विशेष महत्त्व प्रदान करता है।‘ इसके विभिन्न अध्यायों में अगरिया इतिहास, संख्या और विस्तार, मिथक, टोना-टोटका, शिल्प, आर्थिक स्थिति और पतन की चर्चा एवं विश्लेषण के माध्यम से एक वैविध्यपूर्ण संस्कृति, जिसका अब पतन हो चुका है, की आश्चर्यजनक आन्तरिक झाँकी प्रदान की गई है।
Sampoorna Kahaniyan : Amarkant : Vols. 1-2
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

-
Description:
अमरकान्त हिन्दी के ऐसे कथाकार हैं जिन्होंने किसी वाद या विचारधारा को अपनी रचनात्मकता का आधार नहीं बनाया, बल्कि अपने प्रत्यक्ष अनुभवों और संवेदनापूर्वक देखी गई जीवन-स्थितियों को लेकर जन-पक्षधर और प्रगतिशील कहानियाँ लिखीं। मध्यवर्गीय जीवन, उसके विरोधाभासों और समाज के दैनंदिन व्यवहार में निहित अमानवीयता को खासतौर पर रेखांकित करते हुए उन्होंने एक विराट कथा-संसार का सृजन किया। उनकी कुछ कहानियों के सन्दर्भ में यशपाल ने उनकी तुलना गोर्की से की थी।
वे अपने पात्रों को एक निस्पृह भाव से देखते हैं, और अपनी तरफ से कोई विचार या दृष्टि आरोपित किए बिना, महज मानवीयता के परिप्रेक्ष्य में उन्हें यथावत चित्रित करते हैं, यही विशेषता उनकी कहानियों और उनके रचे पात्रों को असाधारण बना देती है। उनके कथा-संसार में हम आज़ादी बाद के लंबे समय की एक सांस्कृतिक-सामाजिक पड़ताल से रू-ब-रू होते हैं।
यह उनकी कहानियों की समग्र प्रस्तुति है। ‘हत्यारे’ और ‘दोपहर का भोजन’ जैसी कालजयी कहानियों के रचनाकार को यहाँ आप उसकी सम्पूर्ण विशेषताओं के साथ जान पाएँगे।
Madhya Prant Aur Barar Mein Adivasi Samsyayen
- Author Name:
W.V. Grigson
- Book Type:

- Description: जनजातीय समाज की अवहेलना सदियों से की जाती रही है और मौजूदा समय में भी बरकरार है, जिनकी अनगिनत समस्याओं को दरकिनार कर उनकी ज़मीनों के मालिकाना हक़ों को उनसे सरकारी या ग़ैर-सरकारी तरीक़ों से हड़पा जाता रहा है। उनकी कठिनाइयों और समस्याओं का सूक्ष्म दृष्टि से आकलन करता यह दस्तावेज़ हमारे सम्मुख उस जीवन-दृश्य को प्रस्तुत करता है, जो नारकीय है। प्रस्तुत पुस्तक मध्यप्रान्त और बरार में रहनेवाले जनजातीय समाज की उन विषम समस्याओं से हमें अवगत कराती है कि कैसे समय-समय पर उनकी ज़मीनों, परम्पराओं, भाषाओं से अलग-थलग करके उन्हें ‘निम्न’ जाँचा गया है और कैसे उन्हें साहूकारी के पंजों में फँसाकर बँधुआ मज़दूरी के लिए बाध्य किया गया है। यहाँ उनकी समस्याओं का एक गम्भीर विश्लेषण है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशु-चिकित्सा आदि के नाम पर उन पर जबरन एक ‘सिस्टम’ थोपा गया जिससे उनकी समस्याएँ कम होने के बजाय और बढ़ी हैं। डब्ल्यू.वी. ग्रिग्सन की अंग्रेज़ी पुस्तक से अनूदित यह पुस्तक जहाँ एक तरफ़ जनजातीय समस्याओं पर केन्द्रित हिन्दी पुस्तकों के अभाव को दूर करती है, वहीं दूसरी ओर शोधकर्ताओं और समाज के उत्थान में जुटे कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन भी करती है।
Chanakya Neeti
- Author Name:
R.P. Jain
- Book Type:

- Description: Chanakya was an Indian teacher, philosopher and royal advisor. He managed the first Maurya emperor Chandragupta's rise to power at a young age. He is widely credited for having played an important role in the establishment of the Maurya Empire, which was the first empire in archaeologically recorded history to rule most of the Indian subcontinent.Chanakya is traditionally identified as Kautilya or Vishnu Gupta, who authored the ancient Indian poltical treatise called Arthasastra. As such, he is considered as the pioneer of the field of economics and political science in India, and his work is thought of as an important precursor to Classical Economics.Chanakya Neeti is a treatise on the ideal way of life, and shows Chanakya�s deep study of the Indian way of life. Chanakya also developed Neeti-Sutras (aphorisms�pithy sentences) that tell people how they should behave. Of these well-known 455 sutras, about 216 refer to rajaneeti (the do,s and don�ts of running a kingdom). Apparently, Chanakya used these sutras to groom Chandragupta and other selected disciples in the art of ruling a kingdom.
Bharat mein Print, Electronic Aur New Media
- Author Name:
Sundeep Kulshrestha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book