Hindu Dharma: Hamara Janmaprapt Dharma
Author:
Swami VivekanandPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
तुम लोग आर्य, ऋषियों के वशंधर हो ऋषियों के, जिनकी महत्ता की तुलना नहीं हो सकती। मुझे इसका गर्व है कि मैं तुम्हारे देश का एक नगण्य नागरिक हूँ। अतएवं भाइयो, आत्मविश्वासी बनो। पूर्वजों के नाम से अपने को लज्जित नहीं, गौरवान्वित समझो। याद रहे, किसी का अनुकरण कदापि न करना, कदापि नहीं। जब कभी तुम औरों के विचारों का अनुकरण करते हो, तुम अपनी स्वाधीनता गँवा बैठते हो। —इसी पुस्तक से
प्रस्तुत पुस्तक 'हिंदू धर्म : हमारा जन्मप्राप्त धर्म' में स्वामीजी ने सरल शब्दों में वेदप्रणीत हिंदू धर्म, उसकी सार्वभौमिकता, उसकी उदारता, व्यापकता और सर्वधर्म समभाव की उसकी मौलिकता की अनिर्वचनीय व्याख्या की है और मानव-मन में हिंदू धर्म को लेकर सदा से पनपते कतिपय अनुत्तरित प्रश्नों के सटीक व तार्किक उत्तर दिए हैं। एक अत्यंत प्रेरक, रोचक और ओजपूर्ण पुस्तक, जो जीवन में दैविक आशा का संचार करती है।
ISBN: 9789355213679
Pages: 200
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
JAL MEIN RAHNEWALE JEEV-JANTU
- Author Name:
Anil Anuj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The World Within
- Author Name:
Yatish Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
No Dream Is Too Big : Memoirs of a Civil Servant
- Author Name:
Dr. G. G. Saxena
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ethiopia ki Lok Kathayen-2 (Folk Tales of Ethiopia)
- Author Name:
Sushama Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pustakalya Evam Suchna Vigyan Kosh
- Author Name:
K.L. Chanchareek
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sarvagya "सर्वज्ञ" (Hindi Translation of Aumnism - The First Ray of Dawn)
- Author Name:
Shyamiva, Swapnil Arora
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acharya Chanakya
- Author Name:
Anil Kumar 'Salil'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sangh Aur Swaraj (Punjabi Edition)
- Author Name:
Ratan Sharda
- Book Type:

- Description: पिछले कुछ समय से राजनीतिक मजबूरियों के कारण वामपंथी और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका के विषय में दुष्प्रचार कर रहे हैं और जनसेवा में इसके बेहतरीन रिकॉर्ड पर कीचड़ उछाल रहे हैं। यह पुस्तक हमें बताती है कि संघ अपने जन्म से ही स्वराज के प्रति समर्पित था। डॉ. हेडगेवार का जीवन और वह शपथ, जो स्वयंसेवक लेते थे, स्वतंत्रता संग्राम के प्रति समर्पण को स्पष्ट रूप से दिखाते हैं। इस स्वतंत्रता को स्वराज में बदलने के लिए भारत को अनुशासित और साहस रखनेवाले युवाओं की आवश्यकता थी, जो राष्ट्र के प्रति समर्पित हों। ब्रिटिश दस्तावेज स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि वे स्वतंत्रता संग्राम में संघ की बढ़ती ताकत को लेकर सतर्क थे। स्वतंत्रता का आंदोलन 15 अगस्त, 1947 को ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ (भाग्य के साथ मुलाकात) से समाप्त नहीं हुआ, बल्कि शुरू हुआ अंतहीन अँधेरी रातों का भयावह सिलसिला, जब सुरक्षाबलों के अतिरिक्त सबसे संगठित बल के रूप में संघ के कार्यकर्ताओं ने तबाह हुई लाखों लोगों की जिंदगी से जो कुछ बचा सकते थे, उसके लिए अपने प्राणों को खतरे में डाला। यह फैसला भारत के लोगों और इतिहास को करना है कि साहस की ऐसी काररवाई देशभक्ति थी या सांप्रदायिक। लेखक अन्य तथ्यों पर प्रकाश डालते हैं, जिनके कारण हमें स्वतंत्रता मिली और यह रेखांकित करते हैं कि स्वाधीनता किसी एक आंदोलन या काररवाई का परिणाम नहीं थी, बल्कि एक लहर के साथ धीरे-धीरे बढ़ी, जिसका निर्माण भारत के महान् आध्यात्मिक गुरुओं के कारण शुरू हुए सांस्कृतिक पुनर्जागरण से हुआ था।
Bullet Train
- Author Name:
R.K. Roshan
- Book Type:

- Description: बुलेट ट्रेन आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट नमूना है, जिसने परिवहन की अवधारणा में क्रांति ला दी है। बुलेट ट्रेन की अवधारणा को विस्तृत या व्यापक रूप में समझने के लिए सरल भाषा की कोई भी पुस्तक उपलब्ध नहीं है। इस पुस्तक में बुलेट ट्रेन का इतिहास व उसकी पृष्ठभूमि समाहित है। यह पुस्तक विश्व के विभिन्न भागों व विशेष रूप से भारत में बुलेट ट्रेन की वर्तमान स्थिति व भविष्य का आकलन करती है। इसमें बुलेट टे्रन की तकनीक का बहुत ही स्पष्ट रूप से विवरण दिया गया है। उद्देश्यपरक तरीके से लाभ व आलोचना की विवेचना की गई है। वित्तीय, कार्यान्यवयन, कार्यप्रणाली को अलग-अलग अध्यायों में विस्तार से समझाया गया है। पुस्तक का विशेष आकर्षण बुलेट ट्रेन की शब्दावली का अध्याय है। यह पुस्तक घोड़ों द्वारा खींची जानेवाली टे्रन से बुलेट ट्रेन तक के रोचक सफर का वर्णन करती है; साथ ही भविष्य में आनेवाली नई यातायात तकनीकों का भी वर्णन करती है। युवाओं, परिवहन व्यवसायियों, शोधकों, रेल कर्मचारियों तथा यात्रियों के लिए पठनीय रोचक पुस्तक।
Aapaatkaal Mein Gujarat
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
50 Business Kohinoor
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The World Wars
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
"आइए, जानते हैं अपने मन को" Aayie, Janate Hain Apane Mann Ko | Book in Hindi by Dr. Shrirang Bakhle
- Author Name:
Dr. Shrirang Bakhle
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sansad Mein Aamjan ki Baat
- Author Name:
Hukmdev Narayan Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kumbh : Manthan Ka Mahaparva
- Author Name:
Sanjay Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samay Ka Lekh
- Author Name:
Saryu Roy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CHUHA AUR USKI TOPI
- Author Name:
Bharti Mittal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharma Aur Vigyan
- Author Name:
Dr. Hariprasad Somani
- Book Type:

- Description: "भारतीय संस्कार, रीति-रिवाज, परंपराएँ, प्रथाएँ एवं धार्मिक कृत्य शास्त्रीय हैं या ऐसा कहें कि अपना धर्म और शास्त्र एक ही सिक्के के दो बाजू हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। अपने ऋषियों और प्राचीन काल के निष्णात गुरुओं ने अपनी अंतरात्मा की अनंत गहराई में उतरकर चेतना का जाग्रत् आनंद लिया था। अपने अंतर्ज्ञान के अनुभव और आध्यात्मिक परंपराओं को संस्कार एवं संस्कृति के रूप में उन्होंने जनमानस में वितरित किया। परंपराएँ तो चलती जा रही हैं, किंतु इनके मूल ज्ञान और मूल आधार से हम अनभिज्ञ होते जा रहे हैं। भारतीयों को गुलामी झेलनी पड़ी। विशेष करके मुगलों के शासन काल में काफी धार्मिक अत्याचार सहने पड़े। हिंदुओं को धर्म-परिवर्तन के लिए बाध्य किया जाने लगा। इसलिए उस समय के धार्मिक गुरुओं ने अपनी संस्कृति बचाने के लिए हर कर्म को धार्मिक रूप दे दिया, जिससे धर्म के नाम पर ही सही, जो संस्कार ऋषि-मुनियों ने दिए थे, उन्हें हमारे पूर्वज अपनाकर, अपनी धरोहर मानकर, सँजोकर रखने में सफल रहे। समय के साथ इन प्रथाओं ने धार्मिक विधि का रूप ले लिया और बिना कुछ सोचे-समझे ही धर्म की आज्ञा मानकर ये रीतियाँ चलती रहीं। किंतु आज की युवा पीढ़ी हर कर्म, विधि या संस्कार को मानने से पूर्व इसके पीछे क्या कारण है, यह जानने को उत्सुक है। हिंदू धर्म की विभिन्न परंपराओं और प्रथाओं को वैज्ञानिकता के आधार पर प्रमाणित करती पठनीय पुस्तक। "
Renu Rachanawali : Vols. 1-5
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

- Description: रेणु के ‘मैला आँचल’ का प्रकाशन अगस्त, 1954 में हुआ और इसके ठीक दस वर्ष पूर्व उनकी पहली कहानी ‘बट बाबा’ 27 अगस्त, 1944 के साप्ताहिक ‘विश्वमित्र’ में प्रकाशित हुई। 1944 ई. से 1972 ई. तक उन्होंने लगातार कहानियाँ लिखीं—प्रारम्भिक कहानियों—‘बट बाबा’, ‘पहलवान की ढोलक’, ‘पार्टी का भूत’ से लेकर अन्तिम कहानी ‘भित्तिचित्र की मयूरी’ तक एक ही कथा–शिल्पी रेणु का दर्शन होता है जो अपने कथा–विन्यास में एक–एक शब्द, छोटे–से–छोटे पात्र, परिवेश की मामूली बारीकियों, रंगों, गन्धों एवं ध्वनियों पर एक समान नज़र रखता है; किसी की उपेक्षा नहीं करता। नई कहानी के दौर में रेणु ने अपनी कहानियों द्वारा एक नई छाप छोड़ी। उनकी ‘रसप्रिया’, ‘लालपान की बेगम’ और ‘तीसरी क़सम’ अर्थात् ‘मारे गए गुलफ़ाम’ छठे दशक की हिन्दी कहानी की महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ मानी जाती हैं। ‘तीसरी क़सम’ पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित लोकप्रिय फ़िल्म का निर्माण हो चुका है। रेणु की ‘पंचलाइट’ कहानी पर एक टेलीफ़िल्म भी बन चुकी है। ‘रेणु रचनावली’ के पहले खंड में रेणु की सम्पूर्ण कहानियाँ पहली बार एक साथ, एक जगह प्रकाशित हो रही हैं। इन तमाम कहानियों से एक साथ गुज़रने के बाद पाठक यह सहज ही महसूस करेंगे कि रेणु ने एक कहानी की वस्तु या पात्र को परिवेश या नाम बदलकर दुहराया नहीं है। हर कहानी में रेणु का अपना मिज़ाज और रंग होते हुए भी वे एक–दूसरे से अलग हैं और उनके अपूर्व रचना–कौशल की परिचायक हैं।
Kora Kagaz
- Author Name:
Gajra Kottari, Nirmal Chawla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book