Bhartiya Dalit Andolan Ka Itihas : Vols. 1-4
Author:
Mohandas NaimisharayPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 1599.2
₹
1999
Available
अतीत कभी सम्पूर्ण रूप से व्यतीत नहीं होता। बहुआयामी समय के साथ वह भिन्न–भिन्न रूपों में प्रकट होता रहता है। इतिहास अतीत का उत्खनन करते हुए उसमें व्याप्त सभ्यता, संस्कृति, नैतिकता, अन्तर्विरोध, अन्त:संघर्ष, विचार एवं विमर्श आदि के सूत्रों को व्यापक सामाजिक हित में उद्घाटित करता है। कारण अनेक हैं किन्तु इस यथार्थ को स्वीकारना होगा कि भारतीय समाज का इतिहास लिखते समय ‘दलित समाज’ के साथ सम्यक् न्याय नहीं किया गया। भारतीय समाज की संरचना, सुव्यवस्था, सुरक्षा व समृद्धि में ‘दलित समाज’ का महत्त्वपूर्ण योगदान होते हुए भी उसकी ‘योजनापूर्ण उपेक्षा’ की गई। ‘भारतीय दलित आन्दोलन’ का इतिहास (चार खंड) इस उपेक्षा का रचनात्मक प्रतिकार एवं वृहत्तर भारतीय इतिहास में दलित समाज की भूमिका रेखांकित करने का ऐतिहासिक उपक्रम है।</p>
<p>सुप्रसिद्ध दलित रचनाकार, सम्पादक एवं मनीषी मोहनदास नैमिशराय ने प्राय: दो दशकों के अथक अनुसन्धान के उपरान्त इस ग्रन्थ की रचना की है। दलित समाज, दलित अस्मिता–विमर्श तथा दलित आन्दोलन का प्रामाणिक दस्तावेज़ीकरण एवं तार्किक विश्लेषण करता यह ग्रन्थ एक विरल उपलब्धि है। आधुनिक भारतीय समाज की समतामूलक संकल्पना को पुष्ट और प्रशस्त करते हुए मोहनदास नैमिशराय स्वतंत्रता, समता, न्याय और बन्धुत्व जैसे शब्दों का यथार्थवादी परीक्षण भी करते हैं।</p>
<p>वस्तुत: भारतीय दलित आन्दोलन का इतिहास हज़ारों वर्ष पुराने भारतीय समाज की सशक्त सभ्यता–समीक्षा है। ग्रन्थ का प्रथम भाग ‘पूर्व आम्बेडकर भारत’ में निहित सामाजिक सच्चाइयों को उद्घाटित करता है। मध्यकालीन सन्तों के सुधारवादी आन्दोलन से प्रारम्भ कर दलित देवदासी प्रश्न, भंगी समाज, जाटव, महार, दुसाध, कोली, चांडाल और धानुक आदि जातियों के उल्लेखनीय इतिहास; ईसाइयत और इस्लाम से दलित के रिश्ते; आम्बेडकर से पहले बौद्ध धर्म एवं दक्षिण भारत में जातीय संरचना आदि का प्रामाणिक विवरण–विश्लेषण है। दलित आन्दोलन में अग्रणी व्यक्तित्वों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व संस्थाओं का वर्णन है। पंजाब और उत्तराखंड में दलित आन्दोलन की प्रक्रिया और उसके परिणाम रेखांकित हैं।</p>
<p>पाठकों, लेखकों, अनुसन्धानकर्ताओं, मीडियाकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सजग नागरिकों के लिए पठनीय–संग्रहणीय। गाँव से लेकर महानगर तक प्रत्येक पुस्तकालय की अनिवार्य आवश्यकता।
ISBN: 9788183618571
Pages: 2209
Avg Reading Time: 74 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Remote : The Social Media War "द सोशल मीडिया वॉर" Book in Hindi | Harish Papnai
- Author Name:
Harish Papnai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alha-Udal Ki Veergatha
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: कवि जगनिक रचित ‘परिमाल रासो’ में वर्णित आल्हा-ऊदल की इस वीरगाथा को प्रत्यक्ष युद्ध-वर्णन के रूप में लिखा गया है। बारहवीं शताब्दी में हुए वावरा (52) गढ़ के युद्धों का इसमें प्रत्यक्ष वर्णन है। स्वयं कवि जगनिक ने इन वीरों को महाभारत काल के पांडवों-कौरवों का पुनर्जन्म माना है। बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में इनकी शौर्य गाथाएँ गाँव-गाँव में गाई जाती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ भागों में तो आल्हा को ‘रामचरित मानस’ से भी अधिक लोकप्रियता प्राप्त है। गाँवों में फाल्गुन के दिनों में होली पर ढोल-नगाड़ों के साथ होली गाने की परंपरा है तो आल्हा गानेवाले सावन में मोहल्ले-मोहल्ले रंग जमाते हैं। मातृभूमि व मातृशक्ति की अपनी अस्मिता, गौरव और मर्यादा की रक्षा के लिए अपूर्व शौर्य और साहस का प्रदर्शन कर शत्रु का प्रतिकार करनेवाले रणबाँकुरों की वीरगाथाएँ, जो पाठक को उस युग की विषमताओं से परिचित कराएँगी; साथ ही आप में शक्ति और समर्पण का भाव जाग्रत् करेंगी।
Raghuvir Sahay Rachanawali : Vols. 1-6
- Author Name:
Raghuvir Sahay
- Book Type:

-
Description:
रघुवीर सहाय की रचनाएँ आधुनिक समय की धड़कनों का जीवन्त दस्तावेज़ हैं। इसीलिए छह खंडों में प्रकाशित उनकी रचनावली में आज का समय सम्पूर्णता में परिभाषित हुआ है। अपनी अद्वितीय सर्जनशीलता के कारण रघुवीर सहाय ऐसे कालजयी रचनाकारों में हैं जिनकी प्रासंगिकता समय बीतने के साथ बढ़ती ही जाती है।
‘फिर उन्हीं लोगों से’ शीर्षक रचनावली के इस पहले खंड में रघुवीर सहाय की 1946 से 1990 तक की प्रकाशित-अप्रकाशित सम्पूर्ण कविताएँ संकलित हैं। इस खंड में शामिल कविता-संग्रहों के नाम हैं : ‘सीढ़ियों पर धूप में’ (1960), ‘आत्महत्या के विरुद्ध’ (1967), ‘हँसो, हँसो जल्दी हँसो’ (1975 ), ‘लोग भूल गए हैं’ (1982), ‘कुछ पते कुछ चिट्ठियाँ ' (1989) तथा ‘एक समय था’ (1995)। इन संग्रहों के अलावा बाद में मिली कुछ नई अप्रकाशित कविताएँ भी इस खंड में हैं। संग्रह के परिशिष्ट में ‘यह दुनिया बहुत बड़ी है, जीवन लम्बा है', शीर्षक से रघुवीर सहाय की सैकड़ों आरम्भिक कविताएँ संकलित हैं। रघुवीर सहाय ने अपने जीवनकाल में ही अपनी आरम्भिक कविताओं का संग्रह तैयार किया था, लेकिन अब तक यह अप्रकाशित था। कवि के काव्य-विकास को समझने की दृष्टि से यह सामग्री अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। परिशिष्ट में ही रघुवीर सहाय की बरस-दर-बरस ज़िन्दगी का ख़ाक़ा और सैकड़ों वर्षों का उनका वंश-वृक्ष भी दिया गया है। अपने नए कथ्य और शिल्प के कारण रघुवीर सहाय ने हिन्दी कविता को नया रूप दिया है। इस खंड की कविताओं में आप उस नए रूप को आसानी से पहचान सकते हैं।
Atmanirbhar Bharat
- Author Name:
Sunil Vashisht
- Book Type:

- Description: Since the outbreak of COVID-19 pandemic and the resultant Janta curfew and lockdown, our country and the whole world has suffered a lot in 2020 both on health front and on economic front. COVID-19 has jolted the whole world economically resulting in fall of GDP of all major countries in the world and also a large scale loss of human life. Our PM Narendra Modi being a visionary has come up with a call of �Atmanirbhar Bharat�. The English meaning of Atmanirbhar Bharat is self-reliant India or self-sufficient India. The basic idea behind this concept is making India self sustaining and self generating, an economy that can sustain itself on its own and which minimises its dependence on the outside world. While declaring the Atmanirbhar Bharat Abhiyan and during the announcement of COVID-19 related economic package, PM Modiji stated that the 5 pillars of Atmanirbhar Bharat are economy, infrastructure, technology driven systems, vibrant demography and demand. Various slogans initiated under Atmanirbhar Bharat include �Vocal for Local�, �Local for Global� and �Make for World�. This book focusses on several important aspects related to Atmanirbhar Bharat like economy, banking, national security, self dependence, women empowerment etc. and contains views of various intellectuals and specialist on the above subjects vis-s-vis how to make India self-sufficient.
Vidrohi Sannyasi
- Author Name:
Rajeev Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Share Market Dictionary
- Author Name:
A. Sulthan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maithilisharan Gupta Sanchayita
- Author Name:
Nandkishore Naval
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aapaatnama
- Author Name:
Manohar Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maharani Durgawati
- Author Name:
Vrindavan Lal Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Cut Above The Normal
- Author Name:
Dr. A.P. Maheshwari
- Book Type:

- Description: One may not be missing out much by not reading this book. However, for those who are looking for various vectors to align their lives when its wheels go astray, this book offers some real life solutions emanating the experiences emerging from the life of a common man. Given the volatility of the human mind and its senses, the book throws light on how to chart the course of life ahead by making spirituality the prop of our lives. Based on various discussions and dialogues between father and son, the book leads us to understand and reaffirm the art of �living� and the art of �leaving�. It offers the way to understand Kabir & beyond from the perspective of an experiential self.
A Portrait of the IAS as A Young Man: A Collection of Short Essays by Naveen Kumar Chandra IAS
- Author Name:
Naveen Kumar Chandra (IAS)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description: आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Dadi Janki A Century of Service
- Author Name:
Liz Hodgkinson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bazar Ke Bazigar
- Author Name:
Prahlad Agarwal
- Book Type:

- Description: कहिए कि हिन्दी सिनेमा का नया सुनहरा दौर शुरू हो चुका है। एक बिलकुल नई जगमगाती पीढ़ी समूचे परिदृश्य पर क़ब्ज़ा जमा चुकी है। उसने तमाम शक-शुब्हा नेस्तनाबूद कर अपनी फ़िल्मों में लोकप्रिय चरित्रों की ऐसी बुनियादें डाली हैं जिसने बीसवीं शताब्दी के तमाम प्रतिमानों की चूलें हिला दी हैं। स्थापित प्रतिमानों को ख़ारिज करने की जहमत उठाने में इसकी कोई रुचि नहीं है। वह उन प्रतिमानों को अपने दौर के साथ खड़ा करती है। और उनसे एक क़दम आगे जाकर। कई मायनों में सौ क़दम पीछे रहते हुए भी। वह जिसे प्रथम पुरुष कहा जाता है, कोई चालीस साल बाद अपनी किताबी ज़ुबान की चौहद्दी से बाहर निकला है। आज आशुतोष गोवारीकर, संजय लीला भंसाली, मधुर भंडारकर, राजकुमार हीरानी, करन जौहर और आदित्य चोपड़ा उन फ़िल्मकारों के नाम हैं जिनकी फ़िल्में सिर्फ़ सितारों के नाम से नहीं पहचानी जातीं। आज फिर परिदृश्य सुनहरे दौर की तरह ही भरा-पूरा है। इसमें कोई शक नहीं कि यह एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। लेकिन बस शुरुआत।
Agnimay Buddha "अग्निमय बुद्ध" Book In Hindi
- Author Name:
Manish Dev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Annie Besant
- Author Name:
Parveen Bhalla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Miraculous Power of Subconscious Mind
- Author Name:
Dr. N.K. Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Chandrashekhar Azad
- Author Name:
Bharat Bhushan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pracheen Bharat Mein Vigyan
- Author Name:
Dr. D.D. Ojha +1
- Book Type:

- Description: भारत में वैज्ञानिक अध्ययन, चिंतन की अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा रही है। हमारे यहाँ विज्ञान के क्षेत्र में भी असाधारण शोध-कार्य हुए हैं। प्राचीन काल से ही हमारे त्रिकालदर्शी भारतीय मनीषियों, यथा-धन्वंतरि, भरद्वाज, सुश्रुत, चरक, शालिहोत्र, आर्यभट, कणाद, ब्रह्मगुप्त, रेवण, आत्रेय, वराहमिहिर, भास्कराचार्य, नागार्जुन, यशोधर, वेदव्यास आदि ने विज्ञान के विविध क्षेत्रों में गहन अनुसंधान किया। वस्तुतः गणित का विकास विश्व में सबसे पहले भारतवर्ष में ही हुआ, जिसका उल्लेख वैदिक गणित में मिलता है। भारत में वेदिक काल से ही रसायन विज्ञान में गवेषणाओं की सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रणाली विकसित हो गई थी। आयुर्वेदीय सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप देने में सर्वाधिक योगदान महर्षि चरक का रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में महर्षि सुश्रुत, विश्व के पहले शल्य चिकित्सक माने जाते हैं। नौका प्रौद्योगिकी, रक्षा तथा विमान प्रौद्योगिको, पर्यावरण विज्ञान के बारे में भी बृहत् जानकारी प्राचीन भारत के मनीषियों को भलीभाँति थी। इस जनोपयोगी पुस्तक में पुरातन भारत के मनीषियों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विविध विषयों यथा--गणित, ज्योतिष, रसायन विज्ञान, कृषि, पशु चिकित्सा, धातु विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, अग्नि एवं मौसम विज्ञान, सैन्य विज्ञान, ऊर्जा, जल विज्ञान आदि के बारे में सरल एवं बोधगम्य भाषा में यथोचित चित्रों सहित जानकारी प्रदान की गई है।
Blood In The Sea: The Dark History Of Hindu Oppression In Goa
- Author Name:
Vinay Nalwa
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book