Pyaj Ki Parton Ka Rahasya By Sudha Murty | Hindi Edition Of How The Onion Got Its Layers
Author:
Sudha MurtyPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355621986
Pages: 40
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Sanatan Parampara Ka Mahaparva Mahakumbh
- Author Name:
Dr. Pradeep Kumar Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MY BEST POEMS
- Author Name:
SACHIN
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Higher Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | Class 11-12 History "इतिहास" 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chandrakanta Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shreshtha Hasya-Vyangya Kahaniyan
- Author Name:
Kaka Hatharasi, Giriraj Sharan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT MCQs Indian Economy Class 6 To 12 Useful Book For UPSC, State PSCs & All Competitive Exam Chapter-wise and Topic-wise Solved Paper 2025
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
I Will Ever Remember Them
- Author Name:
Anandiben Patel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Roar of Ranthambore
- Author Name:
Batti Lal Gurjar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh-Videshon Ki Rashtriya Vichardharayen
- Author Name:
Prof. Prabhakar Nanakar +1
- Book Type:

- Description: सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा का प्रभाव राष्ट्र के इतिहास में कैसा महत्त्वपूर्ण रहता है, यह इस पुस्तक का मुख्य विषय है। पुस्तक का विभाजन छह भागों में किया है। पहले भाग में विचारधारा और राष्ट्रीय विचारधारा की संकल्पना, अर्थ तथा विशेषता स्पष्ट की गई है। दूसरे भाग में सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा के प्रभाव के संदर्भ में जापान, जर्मनी, इंग्लैंड, अमेरिका, रूस, पूर्व-यूरोपीय राष्ट्र, मध्य-एशियन राष्ट्र, टर्की आदि देशों के इतिहास की चर्चा है। तीसरे भाग में भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा और भारतीय संविधान का विवरण है। चौथे भाग में राष्ट्रीय विचारधारा के संवर्धन हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कांग्रेस, अनेक संप्रदायों, विविध मंदिरों और तीर्थ स्थानों के प्रयास का लेखा-जोखा प्रस्तुत है। भाग पाँच में राजकीय विचारधारा, उनके स्वतंत्रता के बाद किए हुए कार्य का और उनके सामने स्थित चुनौतियों का विवरण है। छठे भाग में सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा की एकात्म शक्ति ही राष्ट्र की सभी समस्याओं का हल निकाल सकती है, इस सत्य का निरूपण किया है। विश्व प्रसिद्ध शास्त्रज्ञ पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर ने इस पुस्तक की प्रस्तावना में लिखा है—भारतीय संस्कृति शाश्वत है। इसी भारतीय संस्कृति से भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा का निर्माण हुआ है। देश के सभी स्तर पर भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा का अध्ययन होना आवश्यक है। इस अध्ययन को गति प्रदान करने के लिए इस पुस्तक का उपयोग हो सकता है। सभी नागरिकों को राष्ट्रीय विचारधारा की समन्वयी शक्ति का प्रभाव किस प्रकार हो सकता है, इसकी जानकारी इस पुस्तक द्वारा अवश्य प्राप्त होगी।
Raja Ravi Varma
- Author Name:
Ranjit Desai
- Book Type:

- Description: यह एक ऐसे बालक की कहानी है, जो लकड़ी के कोयले से ताजा पुताई वाली दीवारों पर चित्र बनाते हुए बड़ा हुआ और जिसने आगे चलकर अपने कलात्मक कौशल के दम पर ‘राजा’ की पदवी प्राप्त की। अपनी पत्नी के घर में काम करनेवाली एक नायर महिला का चित्र बनाने पर उन्हें जितने क्रोध का सामना करना पड़ा, उतना ही सम्मान भी मिला। अनेक आलोचकों और प्रशंसकों का ध्यान महाराष्ट्र की महिला सुगंधा के साथ उनके गहरे संबंध की ओर आकृष्ट हुआ, जो उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध चित्रों की मेनका, दमयंती और उर्वशी बनी। रवि वर्मा भारत के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार थे। वे जितने विवादित थे, उतने ही प्रतिभावान। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को मंदिर से बाहर लाकर सामान्य लोगों के घरों तक पहुँचाया और अपने ब्रश के स्पर्श से इतिहास की अनेक हस्तियों एवं पलों को अमर कर दिया। यूरोपीय कला से पूरी तरह प्रभावित वर्मा को अनेक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में यश मिला और देश की कई रियासतों ने उन्हें सम्मानित किया। ऐसा कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने उनसे अपना छायाचित्र बनवाया था। सांस्कृतिक इतिहास से समृद्ध और ब्रिटिश राज की पृष्ठभूमि में लिखा गया प्रसिद्ध मराठी लेखक राजा रवि वर्मा के जीवन पर केंद्रित रणजीत देसाई का यह उपन्यास हमें भारत के पहले और महान् कलेंडर आर्टिस्ट के जीवन से जुड़ी कई नई बातों को जानने और उनके मन को समझने का अवसर देता है।
Pandey Bechan Sharma ‘Ugra’ Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Pandey Bechan Sharma 'Ugra'
- Book Type:

- Description: पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ असाधारण रचनाकार और सृजक थे। सारा हिंदी जगत् एक अरसे तक ‘उग्र’ की उग्रता से काँपता रहा, उनसे लोहा लेने में डरता रहा; मगर ‘उग्र’ जी का बाह्य व्यक्तित्व देख हिंदी जगत् ने उन्हें जीते जी उपेक्षा के गर्त में और विरोध की खाइयों में ढकेल दिया। यह उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी व विडंबना थी। उनके अंतरंग कोमल पक्ष को, जो नारियल की तरह बाहर से कठोर और अंदर से मृदु व कोमल था, कोई नहीं जान पाया। ‘उग्र’ के संपूर्ण व्यक्तित्व पर विगत 44 वर्षों से अनथक अनवरत परिश्रम करते हुए उनके कृतित्व के अनछुए पहलुओं पर कार्य किया है। अब तक ‘उग्र’ पर, उनके साहित्य पर मेरी 24 से अधिक कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनका हिंदी जगत् ने सम्यक् स्वागत किया है। हाँ, समीक्षकों से अवश्य हमेशा की तरह जैसा ‘उग्र’ के साथ हुआ, ‘उग्र’ के साहित्य को भी उपेक्षा और अवमूल्यन मिला है। खैर— मेरे लबों पे दुआ उसके लबों पे गाली, जिसके अंदर जो था वही तो बाहर निकला। इस क्रम में निवेदित है ‘उग्र’ की कलम से निःसृत मार्मिक और हृदयस्पर्शी लोकप्रिय कहानियों का संग्रह।
Naad Sunana Padta Hai…
- Author Name:
Miss Priyanka Mishra
- Book Type:

- Description: प्रियंका मिश्र की कविता का मूल स्रोत प्रकृति है। मिट्टी और पानी संबंधी उनकी कविताओं में जीवन भरा है। प्रकृति के अलावा आराधन, अंतर्मन, संबंध और अभिप्रेरणा संबंधी उनकी कविताएँ इस संग्रह में संकलित हैं । उनकी कविता में समूची धरा के लिए जगह है--पूरी धरा को वैभव से युक्त होना चाहिए। वे धरा को केवल वैभव से भरने के लिए आकुल-व्याकुल नहीं हैं, उनकी काव्य-चिंता यह भी है कि पूरी धरा में प्रेम का परिवेश कैसे निर्मित हो। यह काव्य-चिंता वही कर सकता है, जिसका कविमन वेद ऋचा हो और जो जन्मदाता को ही जीवन समर्पित करता हो : उन्हें समर्पित है यह जीवन, जो जीवन के दाता हैं । मेरा ईश्वर मेरी मम्मी, पापा भाग्य विधाता हैं । प्रियंका की कविता जीवन और मनुष्य को बेहतर व सुंदर बनाने का स्वप्न देखती है | वे जीवन को भौंरों का गुंजन, सागर का मंथन मानती हैं और उससे उपवन को महकाना चाहती हैं। प्रियंका मिश्र की कविता हृदय को स्पर्श मात्र नहीं करती, भीतर उथल-पुथल भी मचा देती है। मन को मुक्त कर देती है। कुछ ऊपर उठा देती है । कविता हमेशा हर तरह के मनुष्य की पीड़ा, उसके दुःख का खात्मा चाहती है। --कृपाशंकर चौबे अध्यक्ष, जनसंचार विभाग महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
Pradakshina Ke Patra | प्रदक्षिणा के पात्र | Description Poem of Tulsi's Ramcharitmanas | Yogendra Prasad Book in Hindi
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Idgah
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Astonishing knowledge
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Astonishing Knowledge is an exciting and rewarding opportunity for researchers. It allows you to explore the depths of knowledge, from history and science to philosophy and literature. You can learn about new topics while also gaining insight into existing ones. With this book, readers will be able to gain access to astonishing knowledge that they never knew existed before! The possibilities are endless; with every page turn comes a chance for discovery! No matter what your interests may be, there's something in this book for everyone - it truly lives up to its name as being "astonishing"!
The Pro-Incumbency Century: How Leaders Are Fashioning Repeat Mandates in India
- Author Name:
Sutanu Guru +1
- Book Type:

- Description: "The dominant discourse in media debates before, during, and after elections in India revolves around “anti-incumbency”. Even seasoned commentators and analysts who have covered dozens of elections reflexively chant anti-incumbency like a mantra. Yet, electoral data for more than two decades suggests that the discourse should rather focus on the “pro-incumbency” phenomenon in Indian politics. In the first round of 2022, barring Punjab, assembly elections in four other states UP, Uttarakhand, Manipur, and Goa created history by returning incumbents to power. In 2021, not only did Mamata Bannerjee win a third consecutive term, but Pinnari Vijayan defied history by winning a second consecutive term. Jayalalitha did the unimaginable in Tamilnadu. While it all started with Sheila Dixit in 1998 who won three consecutive terms in Delhi, the winning formula was fine-tuned further by Narendra Modi, Nitish Kumar, Naveen Patnaik, Dr. Raman Singh, Shivraj Singh Chauhan, Tarun Gogoi, Pawan Kumar Chamling and many more Pro-incumbency champions. The book identifies and analyses factors responsible for making this a pro-incumbency century for India: the relentless rise of personality cults; ever-growing Presidential nature of electoral contests; the success of targeted welfare schemes and the structural weakness of opposition apart from the maturing split voting phenomenon. The book plugs a gaping hole in serious electoral analysis in contemporary India."
Body Language "बॉडी लैंग्वेज" | Listening to Peoples Thoughts without Saying Anything | Book in Hindi | M.K. Mazumdar
- Author Name:
M.K. Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agyey Upanyas Sanchayan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

-
Description:
अज्ञेय हिन्दी के बहुआयामी, साथ ही विवादास्पद लेखक हैं। प्रेमचन्दोत्तर काल में ‘गोदान’ के आदर्शोन्मुख यथार्थवाद के बाद मनोवैज्ञानिक यथार्थवाद का यह मॉडल इस दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है कि इसकी प्रभावछाया में साहित्य का एक बड़ा भाग आता जा रहा है। द्वितीय विश्वयुद्ध की छाया, भारतीय स्वाधीनता-संग्राम, साहित्य में पश्चिमी प्रभाव की छाया, किशोर से युवा के बीच के कालखंड, युवा मन के अन्तर्द्वन्द्व, अहंकार, विद्रोह और सेक्स के नकारने-स्वीकारने की मनःस्थितियाँ, प्रयोग, रूमानियत से लबरेज़ तरल लाक्षणिक विडम्बनात्मक व्यंजना में रसे-बसे हैं अज्ञेय के उपन्यास—‘शेखर एक जीवनी’ (दो भाग), ‘नदी के द्वीप’ और ‘अपने-अपने अजनबी’। ‘शेखर एक जीवनी’ में एक विद्रोही की निर्मिति उसके घात-प्रतिघात से उसके विकसित या विपर्ययग्रस्त होने की दास्तान है। क़िस्सागोई के अभ्यस्त पाठकों को इस उपन्यास में एक नया ही अस्वाद मिलेगा—स्मृतियों का विश्लेषण, परिनिष्ठित काव्यात्मक और व्यंजनात्मक भाषा की बौद्धिकता की तप्त ख़ुशबू। ‘नदी का द्वीप’ अपनी काव्यात्मक सूक्ष्म दृश्यात्मक परिनिष्ठित भाषा, प्रेम की उदात्तता, व्यंजना और बौद्धिकता के स्तर पर ‘शेखर एक जीवनी’ की अगली कड़ी है जिसमें रेखा, गौरा, भुवन का या फिर इनके साथ चन्द्र मोहन का एक त्रिकोण बनता है जो गहरे झाँकने पर कामायनी के श्रद्धा, इड़ा, मनु के त्रिकोण का प्रतिबिम्ब लग सकता है। प्रेम कथाएँ चाहे अनचाहे त्रिकोणात्मक बन ही जाती हैं, जिनमें किसी-न-किसी कोण को स्थगित होना होता है। तीसरा उपन्यास ‘अपने-अपने अजनबी’ इस अर्थ में प्रायोगिक और प्रायोजित उपन्यास है, वहाँ जान-बूझकर एक नाटकीय स्थिति का निर्माण किया गया है। इस स्थिति में मृत्यु की प्रतीक्षा कर रही दो औरतें हैं—‘योके’ और ‘सेल्मा’। पृष्ठभूमि विदेशी, ‘योके’ युवा है और ‘सेल्मा’ वृद्धा। बर्फ़ का पहाड़ टूटकर उस घर पर गिरा है और दोनों औरतें एक तरह से बर्फ़ की क़ब्र में क़ैद हो गई हैं। तथता के शिल्पकार अज्ञेय काव्य-भाषा, व्यंजना और आत्मवाची कथा संरचना करते चलते हैं। पात्र भी उन्होंने ऐसे ही विशिष्ट चुने हैं। उपन्यास का ढाँचा भी परम्परागत उपन्यास लेखन से विद्रोह है।
—भूमिका से
Virginia Woolf Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Virginia Woolf
- Book Type:

- Description: सच कहूँ तो तुम्हारे साथ रहते हुए मुझे ऐसा महसूस होता कि मिलानचोली नदी हमें बरदाश्त कर रही थी। चाँदनी रात में चाँद की रोशनी तुम्हारे चेहरे पर पड़ने के कारण मैं तुम्हारे चेहरे को और उस पर आनेवाले भावों को देख रहा था, तुम्हारी आवाज को सुन पा रहा था। बिस्तर पर हम तब तक एक साथ पड़े रहते, जब तक चिडि़यों के चहचहाने की आवाज नहीं सुनाई देने लगती। लेकिन अगर ऐसा है, तो फिर मन के अंदर यह शोक क्यों है? मैं असंतुष्ट क्यों हूँ? जबकि मैं यह अच्छी तरह से जानता हूँ कि एक दिन हर किसी को गुलाब की पत्तियों के नीचे सुकून की नींद सोना है। जहाँ सोने के बाद आप गुब्बारे की तरह से हलके होकर सारे दुःख-तनाव को छोड़कर आसमान में गोते लगाएँगे। उस समय आप एक ऐसी दुनिया में पहुँच चुके होंगे, जहाँ हम तक कोई चाहकर भी पहुँच नहीं पाएगा। —इसी पुस्तक से अपने समय की चर्चित लेखिका वर्जिनिया वूल्फ ने विपुल मात्रा में लेखन किया। स्त्री-विमर्श उनके लेखन के केंद्र में रहा। स्त्रियों के मन की सुप्त भावनाओं, दुःख, उदासी तथा विडंबनाओं को प्रमुखता से अपनी कहानियों में प्रस्तुत किया है। मन को झकझोरने और संवेदनाओं को संपुष्ट करनेवाली कहानियों का पठनीय संकलन।
Lanchhan
- Author Name:
Swadesh Parmar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book