Hindi Tukant Kosh
Author:
Ramanath SahaiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 560
₹
700
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789351864424
Pages: 320
Avg Reading Time: 11 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Bhartiya Rashtravad : Ek Anivarya Paath
- Author Name:
S. Irfan Habib
- Book Type:

-
Description:
राष्ट्रवाद क्या है? राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? अच्छा राष्ट्रवादी कौन है? अगर आप सरकार की आलोचना करें तो क्या आपको राष्ट्रद्रोही मान लिया जाए? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो आजकल की ज़्यादातर बहसों में हावी रहते हैं? लेकिन ये बहसें नई नहीं हैं। आज राष्ट्रवाद के बारे में सबसे ऊपर सुनाई देनेवाली आवाज़ें ज़रूर हमें यह विश्वास दिलाने पर आमादा हैं कि भारतीय राष्ट्रवाद एक संकीर्ण, संकुचित और दूसरे लोगों और संस्कृतियों से भयभीत कोई चीज़ रहा है और आज भी ऐसा ही है, लेकिन भारत के सबसे प्रबुद्ध और सुलझे हुए नेताओं, चिन्तकों, वैज्ञानिकों और लेखकों की समझ इससे बिलकुल अलग है; और ये वो लोग हैं जिन्होंने उन्नीसवीं सदी के आरम्भ से ही इस विषय पर सोचना शुरू कर दिया था।
राष्ट्रवाद जिस रूप में आज हमारे सामने है, उसे वजूद में आए सौ साल से ज़्यादा हो गए हैं। दुनिया के इतिहास में इसकी भूमिका को लेकर अनेक इतिहासकारों, राजनीतिशास्त्रियों और समाजवैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है। देखा गया है कि राजनीति के लिए यह सबसे निर्णायक कारकों में से एक रहा है। इसकी आलोचना भी ख़ूब हुई है। यह एक दोधारी तलवार है जो लोगों को जोड़ भी सकती है और राजनीति, संस्कृति, भाषा और धर्म के आधार पर बाँट भी सकती है।
ऐतिहासिक महत्त्व के इस संकलन में इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से भारत में राष्ट्रवाद के उदय, विकास और इसके विभिन्न रूपों और चरणों की पड़ताल भारत के सबसे महत्त्वपूर्ण चिन्तकों और नेताओं के विचारों के माध्यम से करते हैं। इस संकलन में उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेताओं और चिन्तकों के वे लेख और भाषण-अंश काफ़ी तलाश के बाद एकत्रित किए हैं जो स्पष्ट करते हैं कि आज़ादी के संघर्ष में देश को रास्ता दिखाने वाले और आज़ादी के बाद भी राष्ट्र की दशा-दिशा पर ईमानदार निगाह रखने वाले इन नेताओं की नज़र में राष्ट्रवाद क्या था और वे किस तरह के राष्ट्र और राष्ट्रवाद को फलते-फूलते देखना चाहते थे!
यह किताब हमें बताती है कि आज की परिस्थितियों में हम राष्ट्रवाद को कैसे समझें और कैसे उसे आगे बढ़ायें ताकि एक सर्वसमावेशी, स्वतंत्र और मानवीय राष्ट्र के निर्माण की प्रक्रिया बिना किसी अवरोध के जारी रह सके।
Jain Dharma Ki Kahaniyan
- Author Name:
Dhruva Kumar
- Book Type:

- Description: "जैन धर्म की कहानियाँ—ध्रुव कुमार जैन संस्कृति बड़ी प्राचीन है। यह स्वयं में इतनी व्यापक, मौलिक तथा चिंतनपरक है कि इसे किसी विशिष्ट संस्कृति की परिधि में आबद्ध नहीं किया जा सकता। जैन धर्म और संस्कृति ने विश्व की अनेक संस्कृतियों को किसी-न-किसी रूप में प्रभावित किया है। कहानी साहित्य की एक प्रमुख विधा है, जिसे सबसे अधिक लोकप्रियता प्राप्त हुई है। हमारे प्राचीनतम साहित्य में कथा के तत्त्व जीवित हैं। जैन कथा साहित्य न केवल भारतीय कथा साहित्य का जनक रहा है, अपितु संपूर्ण विश्व कथा साहित्य को उसने प्रेरणा दी है। भारत की सीमाओं को लाँघकर जैन कथाएँ अरब, चीन, लंका, यूरोप आदि देश-देशांतरों में पहुँची हैं और अपने मूल स्थान की भाँति वहाँ भी लोकप्रिय हुई हैं। जैन कथा साहित्य के कथानक बड़े मर्मस्पर्शी हैं और व्यापक भी। जीवन के शाश्वत तत्त्वों का इनमें निरूपण हुआ है तथा पात्रों का चरित्र स्वाभाविक रूप में होने के कारण सर्वग्राह्य बन पड़ा है। इन कहानियों में तीर्थंकरों, श्रमणों एवं श्लाकापुरुषों की जीवनगाथाएँ मुख्य हैं, जिनमें धर्म के सिद्धांतों का स्पष्टीकरण होता चलता है। प्रस्तुत पुस्तक की जैन कहानियों में कथोपकथन के माध्यम से केवल मनोविनोद ही नहीं होता, बल्कि उनमें जीवन की सरस अनुभूतियों के साथ संस्कृति, सभ्यता, दर्शन तथा धर्म की व्याख्या भी मिलती है। "
Acchi Kahani : Avdharna Aur Pahchan
- Author Name:
Shankar
- Book Type:

- Description: Criticism
Naresh Agarwal Ke Rajneetik 50 Varsh "नरेश अग्रवाल के राजनीतिक 50 वर्ष" Book In Hindi - Devaki Nandan Mishra
- Author Name:
Devaki Nandan Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SISKIYAN LETA SWARG
- Author Name:
Nida Nawaz
- Book Type:

- Description: Diary based on Kashmir Issues
Doraha Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Santosh Goyal ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Santosh Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kaljayi Yoddha Chhatrasal Bundela
- Author Name:
Dr. Om Prakash Pahuja
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sweekar Ka Jadoo
- Author Name:
Sirshree
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Jeev Vigyan Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Biology Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | Class 9-10 Science "विज्ञान" 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Idgah
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mannu Bhandar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Vanijya Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Commerce Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pages From The Diary of A Geologist
- Author Name:
Dr. G. S. Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Radhakrishnan Bol Raha Hoon
- Author Name:
Jaishri
- Book Type:

- Description: "डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत एक आस्थावान् राष्ट्र-सेवक थे। इसके साथ ही वे सभी धर्मों और धर्मावलंबियों के प्रति समान आदरभाव रखते थे। वे स्वभाव से अत्यंत विनम्र और धैर्यशील थे। डॉ. राधाकृष्णन एक उच्चकोटि के दार्शनिक, मूर्धन्य लेखक एवं राष्ट्रीय विचारों के ओजस्वी प्रवक्ता थे। उन्होंने दर्शन एवं संस्कृति पर अनेक ग्रंथों की रचना की। यों तो डॉ. राधाकृष्णन का मूलरूप एक शिक्षक का ही था, परंतु एक उच्चकोटि के लेखक और दर्शनशास्त्र के व्याख्याता के रूप में उन्हें अधिक ख्याति मिली। ऐसे महान् दार्शनिक, विचारक, चिंतक व शिक्षाशास्त्रा् के प्रेरक विचारों का संकलन अवश्य ही हमारा मार्ग प्रशस्त करेगा। "
Nelson Mandela
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने रंगभेद विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर संघर्ष कर दुनिया के सामने एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। 1944 में अफ्रीका नैशनल कांग्रेस में शामिल होने के बाद लगातार रंगभेद के खिलाफ लड़ते रहे और राजद्रोह के आरोप में 1962 में गिरफ्तार कर लिये गए। उम्रकैद की सजा सुनाकर इन्हें रॉबेन द्वीप पर भेज दिया गया। किंतु सजा से भी इनका उत्साह कम नहीं हुआ। इन्होंने जेल में अश्वेत कैदियों को भी लामबंद करना शुरू किया। इस कारण जेल में लोग इन्हें ‘मंडेला विश्वविद्यालय’ कहा करते थे। जीवन के 27 वर्ष कारागार में बिताने के बाद अंतत: 11 फरवरी, 1990 को रिहाई हुई और अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बने। समझौते और शांति की नीति द्वारा उन्होंने एक लोकतांत्रिक एवं बहुजातीय अफ्रीका की नींव रखी। इससे रंगभेद काफी हद तक समाप्त हुआ और बाद में उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक बने। श्री मंडेला को उनके कार्यों के लिए दुनिया भर से पुरस्कार एवं सम्मान मिले। 1993 में उन्हें विश्व शांति के लिए ‘नोबेल पुरस्कार’ तथा 2008 में भारत के प्रतिष्ठित ‘गांधी शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। श्री मंडेला अपने कार्यों का प्रेरणा-स्रोत महात्मा गांधी को बताते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में उनके कैदी से लेकर राष्ट्रपति बनने तक की संघर्षपूर्ण जीवन का मार्मिक वर्णन है। एक अंतरराष्ट्रीय प्रेरणा- पुरुष की प्रेरक जीवन-गाथा।
Ramjanmabhoomi
- Author Name:
Arun Anand +1
- Book Type:

- Description: Ramjanmabhoomi’ means the birthplace of Lord Rama who is the reincarnation of Lord Vishnu. The birth place of Lord Rama is situated in Ayodhya in the state of Uttar Pradesh which makes Ayodhya one of most sacred places for Hindus. In 1528, Babar who had invaded India, got the Ram Temple demolished and built a Mosque like structure over it. Since then, Hindus have been trying to get this place back and build a Ram Temple on it. Many Hindus sacrificed their lives for this cause. In recent times, the movement to build a Ram Temple was launched in mid-1980s. It became one of the defining moments for India as it brought a paradigm shift in Indian politics too. The case to build a Ram Temple at Ramjanmabhoomi also has the distinction of being the longest running legal battle in the history of the world. The matter was finally decided by the Supreme Court in 2019 paving way for the construction of a Ram Temple at Ramjanmabhoomi. This book explores all these facets of ‘Ramjanmabhoomi’ and brings together at one place all the important details of this grand and tumultuous saga. It starts with the birth of Lord Rama and culminates with the verdict of the Supreme Court exploring how this saga unfolded on battle fields, archaeological sites and in court rooms and newsrooms. Backed by historical documents, scriptures, anecdotes and documented debates on this issue, this book takes you on a journey which spans over thousands of years and helps one understand the historicity as well as significance of Ramjanmabhoomi.
Hindi Ka Janpakshdhar Rangmanch
- Author Name:
Editor : Aalok Mishra
- Book Type:

- Description: हमारी भारतीय नाट्य परंपरा में आरंभ से ही लोक की अवधारणा विद्यमान रही है। भरत ने अपने नाट्य शास्त्र में पहली बार लोक और शास्त्रीय के रूप में दो अलग-अलग धाराओं को परिभाषित किया। कालांतर में और विशेष रूप से बीसवीं शती में साहित्य की प्रगतिशील विचारधारा, भारत छोड़ो आंदोलन के बीच से उभर कर आई इप्टा के जन्म ने इस लोक को क्रमश: जनवादी, जननाट्य और जनपक्षधर जैसी संज्ञाओं को विकसित किया। आलोक मिश्र द्वारा सम्पादित 'हिंदी का जनपक्षधर रंगमंच’ पुस्तक अपने-अपने विषय के विशेषज्ञ विद्वानों द्वारा लिखित सत्रह आलेखों के माध्यम से उपर्युक्त परंपरा का गहन लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। रंगमंच की जनपक्षधरता से जुड़ा कोई भी ऐसा विषय नहीं है जिसका यहाँ गहन विवेचन और विश्लेषण न किया गया हो, चाहे वह पारंपरिक रंगमंच का स्वायत्व स्वरूप और उसकी लोक पक्षधरता हो अथवा दलित आंदोलन या हिंदी नुक्कड़ नाटक हो। हमें पूरा विश्वास है कि रंगकर्मियों शोधकर्ताओं और अध्येताओं को इस पुस्तक के बहाने से हिंदी रंगमंच में जनपक्षधरता के बहुआयामों को जाँचने-परखने का अवसर मिलेगा। —देवेन्द्र राज अंकुर
From Rameshwaram To Rashtrapati Bhawan : Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book