HAMARA SAUR PARIVAR (H)
Author:
PANKAJ GUPTAPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 80
₹
100
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789392012617
Pages: 16
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Mahagatha Vrikshon Ki
- Author Name:
Pratibha Arya
- Book Type:

-
Description:
मानव जीवन को प्राणवायु देनेवाले वृक्षों के बारे में हमारी पीढ़ी की जानकारी निरन्तर सीमित होती जा रही है। हमारे आसपास के प्राकृतिक परिवेश में ऋतु-चक्र के अनुसार न जाने कितने ही प्रकार के वृक्ष फलते-फूलते हैं लेकिन आधुनिक जीवन की आपाधापी में फँसी हमारी जीवनचर्या उनके जादुई संस्पर्श से वंचित रह जाती है।
कैसी विडम्बना है कि मानव जीवन को सौन्दर्यानुभूति से भर देनेवाली हमारी वृक्ष-सम्पदा दिन-अनुदिन उपेक्षित होती जा रही है। हमारी तथाकथित विकास योजनाओं का पहला प्रहार वृक्षों और वन-सम्पदा को ही झेलना पड़ता है। कैसा दुर्भाग्य है कि अमलतास की टहनियों ने कब चटक पीले झुमके पहन लिए? शाल्मली और टेसू की शाखों पर ये सुर्ख़ अंगार जैसी लाली कहाँ से आ गई? मौलश्री और पारिजात के वृक्ष कब से अपनी मादक गन्ध हवा में घोल रहे हैं और हरसिंगार ने वसुधा पर कैसी सुन्दर फूलों की गन्धमान चादर बिछा दी है, हम जान ही नहीं पाते।
अरुकेरिया, मनीप्लांट और बसाई को ड्राइंगरूम की शोभा माननेवाली आधुनिक संस्कृति के एकांगी दृष्टिकोण के कारण भारतीय मूल के अगणित वृक्ष निरन्तर उपेक्षित हो रहे हैं। वे वृक्ष जिनके इर्द-गिर्द हमारा बचपन बीता है, जिनके चारों ओर धागे बाँधती हमारी दादी-नानी परिक्रमा लगाती थीं, जिनकी मृदु छाया में श्रीकृष्ण वंशी बजाते थे, सीता ने अपना निर्वासित जीवन जिया और गौतमबुद्ध को बोधिसत्व प्राप्त हुआ। ऐसे वृक्षों के बारे में प्रामाणिक जानकारी इस पुस्तक में सँजोई गई है। सरल एवं लालित्यपूर्ण भाषा में लिखी इस पुस्तक की आकर्षित करनेवाली एक विशिष्टता यह भी है कि विदुषी लेखिका ने सांस्कृतिक, साहित्यिक, आयुर्वेदिक एवं लोकमानस में समाई किंवदन्तियों के सहारे भारतीय मूल के सोलह विशिष्ट वृक्षों के बारे में जो विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में जुटाई है, वह सम्भवत: हिन्दी में अपनी तरह का एक नूतन प्रयास है।
पर्यावरण की चिन्ता करनेवाले जागरूक मानस और भारत-भूमि की अमित उर्वरा शक्ति और सुवास से आह्लादित होनेवाले पाठकों के लिए यह पुस्तक एक प्रीतिकर अनुभव सिद्ध होगी।
Benjamin Graham Ki Biography
- Author Name:
Pushkar Kumar
- Book Type:

- Description: सन् 1976 में 82 वर्ष को आयु में जब बेंजामिन ग्राहम की मृत्यु हुई, तब वे बॉल स्ट्रीट पर बहुत प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुके थे। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली विश्लेषण की नींव रखनेवाले ग्राहम ने असंख्य शिष्यों को प्रेरित किया था और वॉरेन बफे जैसे होनहार (जो सन् 1954 में ग्राहम के लिए काम करते थे) को व्यक्तिगत रूप से परामर्श दिए थे। ग्राहम को व्यापक रूप से प्रतिभावान, सफल और नैतिक माना जाता था, जो निवेश की उथल-पुथल भरी दुनिया में तीन दुर्लभ विशेषताएँ हैं । अपने बाद के वर्षों में ग्राहम ने एक संस्मरण लिखा, जिसमें उनके रंगीन जीवन के शुरुआती दशकों के विवरण हैं । उनकी मृत्यु के दशकों बाद यह रचना अंततः प्रकाशित हो रही है। निवेशकों और इतिहास-प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करनेवाले विवरणों से भरपूर यह कृति सदी के सबसे समृद्ध और सबसे घटनापूर्ण जीवन में से एक को उद्घाटित करती है। ग्राहम ने न्यूयॉर्क एवं वॉल स्ट्रीट की गतिशील पृष्ठभूमि में प्रतिभा और सौभाग्य की एक अद्भुत कहानी बुनी है।
Journey of Circus: 10 Steps To Personal Mastery
- Author Name:
Nishesh Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raja Ravi Varma
- Author Name:
Ranjit Desai
- Book Type:

- Description: यह एक ऐसे बालक की कहानी है, जो लकड़ी के कोयले से ताजा पुताई वाली दीवारों पर चित्र बनाते हुए बड़ा हुआ और जिसने आगे चलकर अपने कलात्मक कौशल के दम पर ‘राजा’ की पदवी प्राप्त की। अपनी पत्नी के घर में काम करनेवाली एक नायर महिला का चित्र बनाने पर उन्हें जितने क्रोध का सामना करना पड़ा, उतना ही सम्मान भी मिला। अनेक आलोचकों और प्रशंसकों का ध्यान महाराष्ट्र की महिला सुगंधा के साथ उनके गहरे संबंध की ओर आकृष्ट हुआ, जो उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध चित्रों की मेनका, दमयंती और उर्वशी बनी। रवि वर्मा भारत के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार थे। वे जितने विवादित थे, उतने ही प्रतिभावान। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को मंदिर से बाहर लाकर सामान्य लोगों के घरों तक पहुँचाया और अपने ब्रश के स्पर्श से इतिहास की अनेक हस्तियों एवं पलों को अमर कर दिया। यूरोपीय कला से पूरी तरह प्रभावित वर्मा को अनेक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में यश मिला और देश की कई रियासतों ने उन्हें सम्मानित किया। ऐसा कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने उनसे अपना छायाचित्र बनवाया था। सांस्कृतिक इतिहास से समृद्ध और ब्रिटिश राज की पृष्ठभूमि में लिखा गया प्रसिद्ध मराठी लेखक राजा रवि वर्मा के जीवन पर केंद्रित रणजीत देसाई का यह उपन्यास हमें भारत के पहले और महान् कलेंडर आर्टिस्ट के जीवन से जुड़ी कई नई बातों को जानने और उनके मन को समझने का अवसर देता है।
Ek Sapna Lapta "एक सपना लापता" Book In Hindi
- Author Name:
Bhavna Shekhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alices Adventure in Wonderland
- Author Name:
Lewis Carroll
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manavdeh Aur Hamari Deh Bhashayen
- Author Name:
Ramesh Kuntal Megh
- Book Type:

- Description: यह एक विलक्षण संहिता है जो मानवदेह तथा अनेकानेक देहभाषाओं के विश्वकोश जैसी है। इसे अध्ययन-कक्ष, शृंगार-मेज़, ज्ञान-परिसंवाद तथा रात्रि-शय्या में बेधड़क पास एवं साथ में रखना वांछनीय होगा। यह अद्यतन ‘देह धुरीण विश्वकोश’ अर्थात् अकुंठ ‘बॉडी इनसाइक्लोपीडिया’ है। पन्द्रह वर्षों की इतस्ततः अन्वीक्षा-अन्वेषण-अनुप्रयोग से यह रची गई है। इसके लिए ही कृती-आलोचिन्तक को निजी तौर पर अमेरिका में मिशिगन (डेट्राइट) में अपनी बेटी मधुछंदा के यहाँ प्रवास करना पड़ा था। इसका प्रत्येक पन्ना, रेखाचित्र, चित्र चार्ट सबूत हैं कि ‘मानवदेह और हमारी देह्भाषाएँ’ अन्तर-ज्ञानानुशासनात्मक उपागम द्वारा समाजविज्ञानों, कला, साहित्य, समाजेतिहास आदि से संयुक्त ‘सांस्कृतिक-पैटर्न’ का भी एक प्रदर्श है। यहाँ सिरजनहार की आलोचिन्तना की दावेदारी की जाँच तथा देनदारी का इम्तहान भी होगा। तथापि इसके निर्णायक तो आप ही हैं। यह ‘ग्रन्थ’ क्षयिष्णु कुंठाओं, रूढ़ वर्जनाओं-अधोगामी पूर्वग्रहों के विरुद्ध, अतः उनसे विमुक्त होकर, शालीनता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा आम आदमी की बेहतर भौतिक ज़िन्दगानी की समझदारी से प्रतिबद्ध है। इसमें भारत, रूस, अमेरिका, रोम, मेक्सिको, इजिप्त के कला-एलबमों तथा ग्रन्थाकारों और म्यूज़ियमों का भी नायाब इस्तेमाल हुआ है। यह दस से भी ज़्यादा वर्षों की तैयारी द्वारा अमेरिका-प्रवास में सम्पन्न हुआ है। लक्ष्य है : असंख्य-बहुविध प्रासंगिक सूचनाएँ देना, ज्ञान के बहुआयामी-अल्पज्ञात क्षितिजों को खोजना, तथा मानवदेह और उसकी विविध देहभाषाओं का वर्गीकरण, शिक्षण-प्रशिक्षण, तथा उदारीकरण करते चलना। अथच।सर्वांत में अपने ही देश में उपेक्षित जनवादी राजभाषा हिन्दी को 21वीं शताब्दी की कलहंसनी बनाकर स्वदेश में देशकाल के पंखों द्वारा कालोत्तीर्ण उड़ानें देना। सो, यह ग्रन्थ भारत एवं विश्व की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक हंसझील-नीड़ के मुझ जैसे सादे बन्दे का हंसगान भी है। अगर आपको पसन्द आए तो इसे एक ‘आधुनिक देहभागवत’ भी कह लें। तो आपकी राय का दिन-प्रतिदिन इन्तज़ार रहेगा—ऐसे विमर्श में! हीरामन और नीलतारा के संकल्प से।
Safal Businessman Kaise Banen?
- Author Name:
Dinanath Jhunjhunwala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Rich Culture and History of Mongolia
- Author Name:
Dr. Gaurav Gupta
- Book Type:

- Description: Mongolia, a landlocked country in East Asia, possesses a rich and fascinating culture with a long and storied history. Renowned for its nomadic traditions, Mongolia is known for the legendary empire established by Genghis Khan in the 13th century, which became the largest contiguous empire in history. Mongolian culture is deeply rooted in its pastoral and nomadic heritage. Traditional life revolves around herding livestock, particularly horses, sheep, and camels. Nomadic families live in portable dwellings called yurts, which are easily dismantled and moved as the families follow their grazing animals across the vast Mongolian steppes. The nomadic lifestyle heavily influences Mongolian arts and customs. Mongolian music is characterised by throat singing (Khoomei), a unique vocal technique where singers produce multiple pitches simultaneously. Traditional instruments such as the horsehead fiddle (morin khuur) and the dulcimer-like instrument (yochin) are commonly used. Mongolia’s history stretches back to prehistoric times, with evidence of human habitation dating back thousands of years. Various nomadic tribes inhabited the region, engaging in animal husbandry and developing unique cultural practices. This book will make you experience a captivating journey through Mongolia’s vibrant landscapes, ancient traditions, and proud history. Experience the echoes of the nomadic spirit and the enduring legacy of remarkable people.
Meri Jeevan Yatra
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: "रामेश्वरम में पैदा हुए एक बालक से लेकर भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति बनने तक का डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन असाधारण संकल्प शक्ति, साहस, लगन और श्रेष्ठता की चाह की प्रेरणाप्रद कहानी है। छोटी कहानियों और पार्श्व चित्रों की इस शृंखला में डॉ. कलाम अपने अतीत के छोटे-बड़े महत्त्वपूर्ण पलों को याद करते हैं और पाठकों को बताते हैं कि उन पलों ने उन्हें किस तरह प्रेरित किया। उनके प्रारंभिक जीवन पर गहरी छाप छोड़ने वाले लोगों और तदनंतर संपर्क में आए व्यक्तियों के बारे में वे उत्साह और प्रेम के साथ बताते हैं। वे अपने पिता और ईश्वर के प्रति उनके गहरे प्रेम, माता और उनकी सहृदयता, दयालुता, उनके विचारों और दृष्टिकोणों को आकार देनेवाले अपने गुरुओं समेत सर्वाधिक निकट रहे लोगों के बारे में भी उन्होंने बड़ी आत्मीयता से बताया है। बंगाल की खाड़ी के पास स्थित छोटे से गाँव में बिताए बचपन के बारे में तथा वैज्ञानिक बनने, फिर देश का राष्ट्रपति बनने तक के सफर में आई बाधाओं, संघर्ष, उनपर विजय पाने आदि अनेक तेजस्वी बातें उन्होंने बताई हैं। ‘मेरी जीवन-यात्रा’ अतीत की यादों से भरी, बेहद निजी अनुभवों की ईमानदार कहानी है, जो जितनी असाधारण है, उतनी ही अधिक प्रेरक, आनंददायक और उत्साह से भर देनेवाली है। आभार मेरी जीवन-यात्रा घटनाओं से भरे जीवन का विवरण है। मेरे मित्र हैरी शेरिडॉन करीब बाईस वर्षों से मेरे साथ रहे हैं और अनेक घटनाओं के भागीदार बने हैं। उन्होंने मेरे साथ सुख और दु:ख, दोनों झेले हैं। शेरिडॉन हर तरह के उतार-चढ़ावों में मेरे साथ रहे हैं और जब कभी मुझे जरूरत पड़ी, उन्होंने मेरी पूरी-पूरी सहायता की। ईश्वर उन्हें और उनके परिवार को सदैव सुखी रखे। मैं सुदेषणाशोम घोष को भी धन्यवाद देना चाहूँगा, जो पुस्तक की परिकल्पना से लेकर उसे आकार देने तक मेरे साथ रहीं। पुस्तक प्रकाशित होने तक वे धैर्य के साथ निरंतर मुझसे जुड़ी रहीं। मैं उनके प्रयासों को नमन करता हूँ।
Rajendra Babu Patron Ke Aaine Mein-1
- Author Name:
Tara Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manse Ki Jaat
- Author Name:
Sujata Parmita
- Book Type:

-
Description:
यह किताब खुद को रचने और अपनी बात पहुँचाने की सुजाता पारमिता की अन्तिम कोशिश और अन्तिम पुकार है। अनवरत संघर्ष में कुछ पलों के सर्जनात्मक संयोजन से ही यह किताब निर्मित हो पाई है जिसे खुद सुजाता ने तैयार किया। किताब में कुल पच्चीस आलेख शामिल हैं। किताब का पहला लेख ‘खैरलांजी-दलित-नरसंहार’ भारत में जाति आधारित नरसंहार का मानचित्र प्रस्तुत करता है। सवर्ण समाज के हित में कार्य करनेवाली सरकारों के औचित्य पर सवाल खड़ा करनेवाले इस आलेख की जद में न्याय व्यवस्था भी है। खैरलांजी हत्याकांड सन् 2006 में हुआ था। इस हत्याकांड में एक महार परिवार के सभी सदस्यों की बहुत बेदर्दी से हत्या कर दी गई थी। अब पीड़ित परिवार का अन्तिम परिजन भी न्याय की आशा में दुनिया छोड़ चुका है।
सुजाता फुले-अम्बेडकरी चिन्तन से निर्मित थीं। वह जानती थीं कि दूसरे संस्थानों की तरह देश की न्याय व्यावस्था भी जातिवादी सोच के नियन्त्रण में है, इस मामले में उससे न्याय नहीं हो पाएगा। और ऐसा ही हुआ।
Uttal Umang
- Author Name:
Prahlad Agarwal
- Book Type:

- Description: सुभाष घई पिछले लगभग पाँच दशकों से सृजनरत हैं। एक नाचीज़ से शुरू हुई उनकी रचना-यात्रा शिखर-सन्धान करते हुए आज भी जारी है। ‘कालीचरण’ की शुरुआत का अनजाना व्यक्तित्व हिन्दी सिनेमा में एक प्रतिमान की तरह स्थापित हो चुका है। इस तरह कि उसकी कठोरतम आलोचना भी की जा सकती है लेकिन उपेक्षा नहीं। आज सुभाष घई एक विशाल कॉरपोरेट साम्राज्य के शीर्षपुरुष हैं। उनकी निर्माण संस्था के अन्तर्गत अनेक फ़िल्मकार फ़िल्में बना रहे हैं। फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित अनेक उपक्रमों के वे मालिक हैं। उन्होंने अपनी पिछली कई फ़िल्में ख़ुद ही प्रदर्शित की हैं और अब वितरण व्यवसाय में भी प्रवेश कर चुके हैं। उनका इरादा फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित प्रशिक्षण देनेवाला एक विराट संस्थान भी आरम्भ करने का है, कहा जाता है कि उसकी सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। पर हमारे लिए या कहना चाहिए कि सिनेमा के आशिकों के लिए सबसे बढ़कर महत्त्व का उनका फ़िल्मकार व्यक्तित्व है जिसने उन्हें लाखों दिलों की चाहतों में शामिल किया है। हमारी यह किताब सुभाष घई के फ़िल्मकार व्यक्तित्व से ही मुख़ातिब है जिसका हमसे लगातार प्रगाढ़ सम्बन्ध बनता चला गया। कई जानकारियों से अवगत कराती एक बेहद महत्त्वपूर्ण कृति।
Yun Hi Nahin Ban Jata Koi Elon Musk "यूँ ही नहीं बन जाता कोई Elon Musk" Book In Hindi
- Author Name:
Parag Mahajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHARKHAND KE PRASIDDHA MANDIR
- Author Name:
SADHANA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bas Itna Sa Khwab Hai "बस इतना सा ख्वाब है" | Motivational and Personal Transformation Stories Book in Hindi
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stillborn
- Author Name:
Rohini Nilekani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishnayan
- Author Name:
Kaajal Ozavaidya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Vyakaran
- Author Name:
Kamta Prasad Guru
- Book Type:

- Description: हिंदी तथा अन्यान्य भाषाओं के व्याकरणों से उचित सहायता लेने पर भी इस पुस्तक में जो विचार प्रकट किए गए हैं और जो सिद्धांत निश्चित किए गए हैं, वे साहित्यिक हिंदी से ही संबंध रखते हैं। यहाँ यह कह देना अनुचित न होगा कि हिंदी व्याकरण की छोटी-मोटी कई पुस्तकें उपलब्ध होते हुए भी हिंदी में, इस समय अपने विषय और ढंग की यही एक व्यापक और संभवतः मौलिक पुस्तक है। इसमें प्रसिद्ध वैयाकरण श्री कामताप्रसाद गुरु का कई गं्रथों का अध्ययन और कई वर्षों का परिश्रम तथा विषय का अनुराग एवं स्वार्थत्याग सम्मिलित है। इस व्याकरण में अन्यान्य विशेषताओं के साथ-साथ एक बड़ी विशेषता यह भी है कि नियमों के स्पष्टीकरण के लिए इसमें जो उदाहरण दिए गए हैं, वे अधिकतर हिंदी के भिन्न-भिन्न कालों के प्रतिष्ठित और प्रामाणिक लेखकों के ग्रंथों से लिये गए हैं। इस विशेषता के कारण पुस्तक में यथासंभव अंधपरंपरा अथवा कृत्रिमता का दोष नहीं आने पाया है। अपने गुण-वैशिष्ट्य और प्रस्तुति के कारण हिंदी व्याकरण पर अब तक की सबसे प्रामाणिक और व्यावहारिक पुस्तक।
Santosh Goyal ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Santosh Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book