Gadya Ki Pahchan
(0)
₹
350
287 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
अरुण प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि हिंदी में किस तरह 'विधा' का इस्तेमाल 'फॉर्म' और 'जेनर' दोनों अर्थों के लिए होता है। उनके अनुसार उपन्यास एक रूपबंध है जिसकी कई विधाएँ हो सकती हैं। मुख्य बात है, विधाओं या रूपबंधों की सैद्धांतिक कहानी उद्ïघाटित करना, जो 'गद्य की पहचान' में बड़े विस्तार और रोचक ढंग से है। पश्चिम के साहित्यिक सिद्धांतकारों ने फॉर्म और जेनर पर बड़े-बड़े काम किए हैं। मेरे देखने में हिंदी में इधर इस ढंग का यह पहला काम है, जिसमें कुछ बुनियादी सवाल उठाए गए हैं। इस संग्रह के निबंधों में अरस्तू से लेकर बाख्तिन, रोलां बार्थ, तोदोरोव, देरिदा आदि तक के विचारों पर चर्चा है। यह जानने की चीज है कि आखिरकार कोई रूपबंध क्यों अस्तित्व में आता है, किसी युग में कुछ खास रूपबंध या विधाएँ प्रधान क्यों हो उठती हैं, जीवनी जैसा प्राचीन रूपबंध अब भी क्यों जीवित है, जबकि महाकाव्य जैसा शक्तिशाली रूपबंध मर गया, क्या इस रूपबंध की कुछ सीमाएँ और नियम हैं, मिश्रण या संकरता क्यों घटित होती है, क्या नए रूपबंध या विधाएँ पुरातन के ही कायांतर हैं, चिर-परिचित रूपबंध पाठकीय मनोविज्ञान पर कैसा प्रभाव डालते हैं, साहित्यकार किसी रूपबंध से कितना रेजिमेंटेड होता है और कितना उसे तोड़कर नई जमीन देता है—अरुण प्रकाश ने ऐसे ढेरों प्रश्नों की रोशनी में गद्य की पहचान की है। शंभुनाथ (भूमिका से)
Read moreAbout the Book
अरुण प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि हिंदी में किस तरह 'विधा' का इस्तेमाल 'फॉर्म' और 'जेनर' दोनों अर्थों के लिए होता है। उनके अनुसार उपन्यास एक रूपबंध है जिसकी कई विधाएँ हो सकती हैं। मुख्य बात है, विधाओं या रूपबंधों की सैद्धांतिक कहानी उद्ïघाटित करना, जो 'गद्य की पहचान' में बड़े विस्तार और रोचक ढंग से है। पश्चिम के साहित्यिक सिद्धांतकारों ने फॉर्म और जेनर पर बड़े-बड़े काम किए हैं। मेरे देखने में हिंदी में इधर इस ढंग का यह पहला काम है, जिसमें कुछ बुनियादी सवाल उठाए गए हैं। इस संग्रह के निबंधों में अरस्तू से लेकर बाख्तिन, रोलां बार्थ, तोदोरोव, देरिदा आदि तक के विचारों पर चर्चा है। यह जानने की चीज है कि आखिरकार कोई रूपबंध क्यों अस्तित्व में आता है, किसी युग में कुछ खास रूपबंध या विधाएँ प्रधान क्यों हो उठती हैं, जीवनी जैसा प्राचीन रूपबंध अब भी क्यों जीवित है, जबकि महाकाव्य जैसा शक्तिशाली रूपबंध मर गया, क्या इस रूपबंध की कुछ सीमाएँ और नियम हैं, मिश्रण या संकरता क्यों घटित होती है, क्या नए रूपबंध या विधाएँ पुरातन के ही कायांतर हैं, चिर-परिचित रूपबंध पाठकीय मनोविज्ञान पर कैसा प्रभाव डालते हैं, साहित्यकार किसी रूपबंध से कितना रेजिमेंटेड होता है और कितना उसे तोड़कर नई जमीन देता है—अरुण प्रकाश ने ऐसे ढेरों प्रश्नों की रोशनी में गद्य की पहचान की है। शंभुनाथ (भूमिका से)
Book Details
-
ISBN9788196981594
-
Pages184
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Chanakya Se Seekhen Safalta Ke Secrets
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: प्रत्येक व्यक्ति जीवन में अपने तय किए गए लक्ष्य तक ही पहुँचना चाहता है। ऐसे में यह पुस्तक आप सभी के लिए लाभकारी होगी। चाणक्य के द्वारा कही गई बातों का कहाँ, क्या, किस सदंर्भ में कैसे उपयोग किया जा सकता है, यह पुस्तक पाठकों को यह बताने में मदद करेगी। अगर किसी एक भी पाठक को इस पुस्तक के माध्यम से अपने जीवन और लक्ष्य को खूबसूरत पड़ाव तक पहुँचाने में मदद मिलती है तो इस पुस्तक का लेखन सार्थक हो जाएगा।
Kya Likhoon? Kya Likhoon?
- Author Name:
Dr. Babita "Kiran"
- Book Type:

- Description: "‘क्या लिखूँ, क्या लिखूँ’ मेरी द्वितीय पुस्तक है। इस पुस्तक को लिखने की यात्रा बहुत रोचक रही है। सर्वप्रथम तो लिखने से पहले मन में कई प्रश्न उठ रहे थे, जैसे कि किस विधा में लिखूँ, किस विषय पर लिखूँ? पर्यावरण पर लिखूँ, भ्रूण हत्या पर लिखूँ या जल की समस्या पर लिखूँ। दिल कह रहा था, सब विषयों पर लिख दो, परंतु दिमाग सहमत नहीं था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ? मन मस्तिष्क के इस द्वंद्व में समय गुजरता जा रहा था। इसी बीच मैं बिटिया खुशी, जो मेरी प्रथम श्रोता है, से भी निरंतर पूछ रही थी कि क्या लिखूँ? आखिरकार एक दिन वह कह उठी, अरे मम्मी, क्या लिखूँ पर ही लिखो आप। तत्पश्चात् एक निरंतर कविता का जन्म हुआ, जो क्या लिखूँ के रूप में आपके समक्ष है। एक लेखक की जिम्मेदारी को निभाते हुए मैंने प्रयास किया है कि अपनी पुस्तक ‘क्या लिखूँ’ के माध्यम से मैं समाज में व्याप्त समस्याओं, मनुष्य के कर्तव्य, इतिहास, भूगोल, संस्कृति, आतंक सभी विषयों पर आप सभी का ध्यान आकर्षित कर सकूँ। कुछ पंक्तियाँ देखिए— शहर शहर कूड़े का पहाड़ लिखूँ संक्रमण, बदबू की दहाड लिखूँ फेफड़ों को मिलती हवा दूषित लिखूँ या पशु-पक्षी भी कुपोषित लिखूँ पर्यावरण की व्यथा लिखूँ या गाडिय़ाँ दौड़ाने की प्रथा लिखूँ सोचती हूँ मैं क्या लिखूँ? इसमें कहाँ तक सफल हो पाई हूँ, यह पाठक वर्ग ही बता सकता है। आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है मुझे कि आपको मेरी यह पुस्तक पसंद आएगी।"
Meri Nazar Se Duniya Ki Sair "मेरी नजर से दुनिया की सैर" | Travelogue Book in Hindi
- Author Name:
Himanshu Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Turmeric Latte: M. Damodaran As His Colleagues See Him | An Exceptional Story of Exemplary Leadership
- Author Name:
Dr. Dinesh Tyagi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cinema Aur Sansar
- Author Name:
Udyan Vajpeyi
- Book Type:

- Description: ऋत्विक घटक और सत्यजीत राय के बाद कुमार शहानी और मणि कौल सम्भवतः देश के सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण फ़िल्मकार रहे हैं। इनकी फ़िल्मों ने न सिर्फ़ हमारे फ़िल्म के देखने में बुनियादी बदलाव लाया है बल्कि इन फ़िल्मों की रोशनी में हम वास्तविकता और स्वयं अपने आप को भी कुछ और तरह से ही अनुभव करने के रास्ते खोज सके हैं या खोज सकते हैं। कुमार ने जो भी फ़िल्म बनायी है वह अपनी तरह की ‘क्लासिक’ है। उनकी फ़िल्में दुनियाभर के प्रयोगशील और दृष्टि सम्पन्न फ़िल्मकारों के लिए निरन्तर प्रेरणा का स्रोत रही हैं। यह संयोग नहीं कि कुमार शहानी को विश्व के श्रेष्ठ सिनेमा शिक्षकों में गिना जाता है। कुमार अपनी हर फ़िल्म में फ़िल्म बनाने के नये मार्गों की खोज करते हैं और वे निरन्तर इस खोज के लिए विशेषकर भारतीय प्रदर्शनकारी कलाओं और संगीत आदि की परम्परा को गहरे से गहरे तक समझने और टटोलने का मानो अनवरत प्रयास करते रहते हैं। उनकी फ़िल्में भारतीय और वैश्विक कला परम्परा से संवाद करती हुई आकार ग्रहण करती हैं। कुमार शहानी से बात करना हमेशा हर्षित करता है। वे अपने भीतर दुनिया की तमाम कला परम्पराओं के बहावों को मानो लेकर चलते हैं, चाहे वह ख़याल संगीत हो या मिनिएचर चित्र, पश्चिमी शास्त्रीय संगीत हो या कुडियाट्टम नृत्य, ध्रुपद संगीत हो या भक्ति कविता या दरवेशों का अपनी धुरी पर लगातार घूमना। वे बात करते-करते कब किसी विशेष संगीत के रूपाकार के किसी दूरस्थ दार्शनिक दृष्टि के लगभग अनदेखे बिन्दु पर जाकर ठहरेंगे, इसका कोई ठिकाना नहीं होता। इसीलिए उनसे बात करना अनिवार्य रूप से गहन कलात्मक और दार्शनिक अनुभव होता है। —प्रस्तावना से
Winning Despite All Odds
- Author Name:
Gaurav Krishna Bansal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Police Vyavastha Par Vyangya
- Author Name:
Giriraj Sharan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Humourous Quotations
- Author Name:
Harmik Vaishnav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Suno Bachcho, Atalgatha
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Geography quiz book
- Author Name:
Sachin Singhal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aaya Basant Sakhi Stories Book
- Author Name:
Nasera Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rifleman Jaswant Singh Rawat
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aarakshan Ka Dansh
- Author Name:
Arun Shourie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shivaji-Guru Samarth Ramdas
- Author Name:
Shubhangi Bhadbhade
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bachchon Ko Safal Kaise Banayen "बच्चों को सफल कैसे बनाएँ" Book In Hindi
- Author Name:
Kumud Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mirage (Mrig Trishna)
- Author Name:
Omkar Lal M Parmar
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Raskapur
- Author Name:
Anand Sharma
- Book Type:

- Description: ‘‘इतिहास कथा-लेखन के दौरान इतिहास में साहसी-सामर्थ्यवान नारियों का अभाव मुझे रह-रहकर सालता था। एक प्रश्न हर बार उठता था कि मीराबाई, पन्नाधाय, हाडीरानी, कर्मवती आदि अँगुलियों पर गिनी जानेवाली नारियों के बाद, राजस्थान की उर्वरा भूमि बाँझ क्यों हो गई?’’ इस दिशा में खोज आरम्भ करने के चमत्कारी परिणाम निकले। एक-दो नहीं, दो दर्जन से भी अधिक नारी पात्र, इतिहास की गर्द झाड़ते मेरे सम्मुख जीवित हो उठे। ‘‘एक तवायफ के प्रेम में अनुरक्त हो, उसे जयपुर का आधा राज्य दे डालने वाले महाराजा जगतसिंह की इतिहासकारों ने भरपूर भर्त्सना की थी लेकिन वस्त्रों की तरह स्त्रियाँ बदलनेवाले अति कामुक महाराज का, एक हीन कुल की स्त्री में अनुरक्ति का ऐसा उफान, जो उसे पटरानी-महारानियों से पृथक, महल ‘रसविलास’ के साथ जयपुर का आधा राज्य प्रदान कर, अपने समान स्तर पर ला बैठाए, मात्र वासना का परिणाम नहीं हो सकता।’’ उपन्यास होते हुए भी रसकपूर अस्सी प्रतिशत इतिहास है, उपन्यास के सौ के लगभग पात्रों में केवल पाँच-सात नाम ही काल्पनिक हैं। –भूमिका से...
Thomas Hardy ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Thomas Hardy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Success Principles of Ratan Tata: Story of Tata (Achievements + Wisdom + Life + Biography + Success Tips of Ratan Tata)
- Author Name:
Vinod Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARATIYA VAIGYANIK (FC)
- Author Name:
SATYENDRA JHA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book