Ek Aur Neemsaar
(0)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
<strong>‘</strong>एक और नीमसार : संगतिन आत्ममन्थन और आन्दोलन’ उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले में सक्रिय पाँच हज़ार दलित और ग़रीब महिलाओं, मज़दूरों और किसानों के संगठन—‘संगतिन किसान मज़दूर संगठन’ के जीवन्त आन्दोलन का दस्तावेज़ है। संगठनात्मक सफ़र के कड़वे-मीठे सचों से भरी इस किताब में संगतिन के तमाम साथियों का कथन और आत्ममन्थन तो है ही, साथ में उनके रोज़मर्रा के संघर्षों की कहानियाँ और उनके सपनों की कविता भी है।</p> <p>मुल्कों की सरहदों और रात-दिन के फ़ासलों को मिटाकर ऋचा नागर और ऋचा सिंह की संयुक्त लेखनी ने 2004 से 2011 तक के इस सफ़रनामे को कुछ इस तरह पेश किया है कि इसमें डायरी और नाटक, शोध और उपन्यास, कविता और सामाजिक विश्लेषण के रस आपस में घुल-मिलकर पाठक को बाँध लेते हैं।</p> <p>इस पुस्तक में जहाँ एक ओर हाशिये पर जी रहे लोगों का एक ऐतिहासिक आन्दोलन बनता हुआ दीखता है, वहीं उन्हीं साथियों के बीच मौजूद भावनात्मक और वैचारिक दीवारों और खाइयों को लेकर हो रही जद्दोजहद भी दीखती है। इसी तरह जहाँ एक ओर सरकारी नीतियों और रोज़-दर-रोज़ के मुद्दों को लेकर गाँवों में चलनेवाले सत्ता, वर्ग, जाति और लिंग के संघर्ष उजागर होते हैं, वहीं गाँवों और ज़िले की हदों के भीतर हो रही घटनाओं का राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर चल रही प्रक्रियाओं से गहरा रिश्ता और सरोकार भी दीखता है।</p> <p>
Read moreAbout the Book
<strong>‘</strong>एक और नीमसार : संगतिन आत्ममन्थन और आन्दोलन’ उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले में सक्रिय पाँच हज़ार दलित और ग़रीब महिलाओं, मज़दूरों और किसानों के संगठन—‘संगतिन किसान मज़दूर संगठन’ के जीवन्त आन्दोलन का दस्तावेज़ है। संगठनात्मक सफ़र के कड़वे-मीठे सचों से भरी इस किताब में संगतिन के तमाम साथियों का कथन और आत्ममन्थन तो है ही, साथ में उनके रोज़मर्रा के संघर्षों की कहानियाँ और उनके सपनों की कविता भी है।</p>
<p>मुल्कों की सरहदों और रात-दिन के फ़ासलों को मिटाकर ऋचा नागर और ऋचा सिंह की संयुक्त लेखनी ने 2004 से 2011 तक के इस सफ़रनामे को कुछ इस तरह पेश किया है कि इसमें डायरी और नाटक, शोध और उपन्यास, कविता और सामाजिक विश्लेषण के रस आपस में घुल-मिलकर पाठक को बाँध लेते हैं।</p>
<p>इस पुस्तक में जहाँ एक ओर हाशिये पर जी रहे लोगों का एक ऐतिहासिक आन्दोलन बनता हुआ दीखता है, वहीं उन्हीं साथियों के बीच मौजूद भावनात्मक और वैचारिक दीवारों और खाइयों को लेकर हो रही जद्दोजहद भी दीखती है। इसी तरह जहाँ एक ओर सरकारी नीतियों और रोज़-दर-रोज़ के मुद्दों को लेकर गाँवों में चलनेवाले सत्ता, वर्ग, जाति और लिंग के संघर्ष उजागर होते हैं, वहीं गाँवों और ज़िले की हदों के भीतर हो रही घटनाओं का राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर चल रही प्रक्रियाओं से गहरा रिश्ता और सरोकार भी दीखता है।</p>
<p>
Book Details
-
ISBN9788126721955
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Patanjali Yoga Sootra (Hindi Edition)
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: सांख्यदर्शन के अनुसार, ईश्वर का अस्तित्व नहीं है।यह दर्शन कहता है कि जगत् का कोई ईश्वर नहीं हो सकता, क्योंकि यह वह हो तो अवश्य वह एक आत्मा ही होनी चाहिए और आत्मा या तो बद्ध होगी या मुक्त। जो आत्मा प्रकृति के अधीन है, प्रकृति ने जिस पर अपना आधिपत्य जमा लिया है, वह भला कैसे सृष्टि कर सकेगी ? वह तो स्वयं एक दास है। दूसरी ओर, यदि आत्मा मुक्त हो, तो वह क्यों इस जगतू-प्रपंच की रचना करेगी, क्यों इस पूरे संसार की क्रिया आदि का संचालन करेगी? स्वामी विवेकानंद का विश्वास था कि पवित्र भारतवर्ष धर्म एवं दर्शन की पुण्यभूमि है। यहीं बड़े-बड़े महात्माओं तथा ऋषियों का जन्म हुआ, यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है तथा यहीं, केवल यहीं आदिकाल से लेकर आज तक मनुष्य के लिए जीवन के सर्वोच्च आदर्श एवं मुक्ति का द्वार खुला हुआ है। प्रस्तुत पुस्तक ' पतंजलि योग सूत्र ' में स्वामीजी ने सरलतम व्याख्या के साथ पतंजलि के योग दर्शन को पाठकों के सामने रखा है, ताकि एक सामान्य अभ्यासकर्ता भी इसका पूरा लाभ उठा सके। इस दृष्टि से यह उनकी एक श्रेष्ठतम कृति कही जा सकती है।
Shaheed-E-Watan Rajguru
- Author Name:
Parveen Bhalla
- Book Type:

- Description: "भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी शिवराम हरि राजगुरु का जन्म सन् 1908 में पुणे जिले के खेड़ा गाँव में हुआ था। उनके बाल्यकाल में ही पिता का निधन हो जाने के कारण बहुत छोटी उम्र में ही वे विद्याध्ययन करने एवं संस्कृत सीखने वाराणसी आ गए थे। वहीं उन्होंने हिंदू धर्म-ग्रंथों तथा वेदों का अध्ययन तो किया ही, ‘लघुसिद्धांत कौमुदी’ जैसा क्लिष्ट ग्रंथ बहुत कम समय में कंठस्थ कर लिया था। राजगुरु को कसरत (व्यायाम) का बेहद शौक था और छत्रपति शिवाजी की छापामार युद्ध-शैली के वे बड़े प्रशंसक थे। वाराणसी में राजगुरु का संपर्क अनेक क्रांतिकारियों से हुआ। वे चंद्रशेखर आजाद से इतने अधिक प्रभावित हुए कि उनके संगठन हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी से तत्काल जुड़ गए। आजाद के संगठन के अंदर उन्हें ‘रघुनाथ’ के छद्म नाम से जाना जाता था। राजगुरु एक अच्छे निशानेबाज भी थे। सांडर्स का वध करने में उन्होंने भगतसिंह तथा सुखदेव का पूरा साथ दिया, जबकि चंद्रशेखर आजाद ने छाया की भाँति उन तीनों को सामरिक सुरक्षा प्रदान की। 23 मार्च, 1939 को भारत माँ के वीर सपूत राजगुरु भगतसिंह व सुखदेव के साथ लाहौर की सेंट्रल जेल में फाँसी पर झूलकर मातृभूमि पर बलिदान हो गए।
ABHINAV BINDRA
- Author Name:
Gagandeep
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwa Ke 20 Mahan Samaj Sudharak
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Modi Hai To Mumkin Hai
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KHEL-KHEL MEIN GANIT (FC)
- Author Name:
SHAILENDRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Double Helix
- Author Name:
James W. Douglass
- Book Type:

- Description: डी.एन.ए. मूलभूत आनुवंशिक पदार्थ है और बहुत थोड़े से लोगों को साठ साल पहले यह भान हुआ कि डी.एन.ए. ही जीवन की कुंजी है। जेम्स डी. वॉट्सन उन्हीं में से एक थे जिन्होंने अपने सहयोगी फ्रांसिस क्रिक के साथ जीवन के इस अनूठे रहस्य की संरचना को खोजा और इसके साथ ही बीसवीं सदी के विज्ञान को नए पंख लगा दिए। इस खोज को बीसवीं सदी की दो सबसे महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक घटनाओं में से एक माना जाता है। इस खोज ने डी.एन.ए. पर शोध का जो तूफ़ान चलाया था, वह आज तक थमा नहीं है। बात फिर चाहे जीन्स के पशुओं में परिस्थापन की हो या फिर फ़सलों की प्रकृति बदलने की, आप जीन्स या डी.एन.ए. से बच नहीं सकते। लेकिन यह शोध अपने साथ जो विवाद लाया था, वह भी आज तक ज़िन्दा है। क्रिक और वॉट्सन को कुछ रसायन विज्ञान का ज्ञान था, लेकिन दोनों में से किसी ने भी अपने शोध के परिणाम तक पहुँचने के लिए कभी प्रयोगशाला-परीक्षण नहीं किए थे। इसके विपरीत उन्होंने दूसरों द्वारा किए गए शोध को आधार बनाकर सिर्फ़ मॉडल बनाए—और बात बन गई। इस क्रम में केवेंडिश की प्रयोगशाला में रोज़ालिंड फ़्रैकलिन द्वारा लिए गए एक्स-रे चित्रों की विशेष भूमिका थी। वॉट्सन ने वह मशहूर चित्र 51 बिना रोज़ालिंड फ़्रैकलिन की जानकारी के रोज़ालिंड के सहयोगी मॉरिस विल्किन्स की मदद से देख लिया था। वह चित्र स्पष्ट रूप से डी.एन.ए. की प्रकृति को दिखा रहा था। इसके बाद वॉट्सन ज़ोर-शोर से मॉडल बनाने में लग गए। लेकिन अपने शोध में उन्होंने रोज़ालिंड के उस चित्र की भूमिका को कभी नहीं स्वीकारा, न ही अपनी खोज के श्रेय में रोज़ालिंड को कोई हिस्सा दिया। बल्कि इस पुस्तक में भी उन्होंने रोज़ी के रूप में उनका नकारात्मक चित्रण किया। बाद के वर्षों में रोज़ालिंड के सहयोगियों और तमाम स्त्रीवादियों द्वारा वॉट्सन के चित्रण की भर्त्सना भी की गई। यह पुस्तक बीसवीं सदी के विज्ञान साहित्य की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में गिनी जाती है। इसकी सीधी-सपाट भाषा प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिकों के बीच के बौद्धिक सम्बन्धों की परम्परागत तसवीर को पूरी तरह खंडित करती है और दर्शाती है कि वैज्ञानिक भी मनुष्य हैं—ईर्ष्या, अभिलाषाओं और कुंठाओं से भरे मनुष्य। भारत में यह पुस्तक पहली बार 2003 में हिन्दी में प्रकाशित हुई और अपने विशेष महत्त्व के कारण आज भी पाठकों की प्रिय बनी हुई है।
Khushboo
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है।
मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है।
कथाकार, शायर, गीतकार, पटकथाकार गुलज़ार ने लीक से हटकर शरत्चन्द्र की-सी संवेदनात्मक मार्मिकता, सहानुभूति और करुणा से ओत-प्रोत कई उम्दा फ़िल्मों का निर्देशन किया जिनमें ‘मेरे अपने’, ‘अचानक’, ‘परिचय’, ‘आँधी’, ‘मौसम’, ‘ख़ुशबू’, ‘मीरा’, ‘किनारा’, ‘नमकीन’, ‘लेकिन’, ‘लिबास’, और ‘माचिस’ जैसी फ़िल्में शामिल हैं।
फ़िल्म ‘ख़ुशबू’ का मंज़रनामा शरत्चन्द्र के उपन्यास ‘पंडित मोशाय’ से प्रेरित है लेकिन पूरी तरह उसी पर आधारित नहीं है। शरत्चन्द्र के उपन्यास में प्लाट बहुत लम्बा और पेचीदा है लेकिन फ़िल्म ‘ख़ुशबू’ का मंज़रनामा लघु और प्रवाहमय है जो पाठकों को अपनी रौ में बहा ले जाने में सक्षम है। इसमें सबसे ज़्यादा प्रभावित करता है बृन्दावन और कुसुम का आपसी रिश्ता, जो रवायती कहानियों से काफ़ी अलग है। कुसुम की ख़ुद्दारी उसे बृन्दावन से अलग भी रखती है और जोड़े भी रखती है, इसलिए कि वह उसका हक़ है।
पाठक इस मंज़रनामे को पढ़कर औपन्यासिक कृति का आस्वाद प्राप्त करेंगे।
Uttar Pradesh (UP) Police Constable Recruitment Exam 2024 | 15 Practice Sets 2200+ MCQs
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How I Made $2,000,000 In The Stock Market
- Author Name:
Nicolas Darvas
- Book Type:

- Description: This book spells out exactly how Nicolas Darvas made more than two million dollars in the stock market. A must-read for anyone considering entering the market or for anyone who is already in the market and wishes to hone their stock-selecting skills. At the age of 39, after accumulating his fortune, Darvas documented his techniques in the book, "How I Made $2000,000 in the Stock Market". The book describes his unique “Box System”, which he used to buy and sell stocks. Darvas' book remains a classic stock market text to this day.
Teachers are Shapers: Unlock Your Teaching Excellence The GOPTA NLP Way
- Author Name:
Dr. Sanjay Kumar Agarwal
- Book Type:

- Description: This is a unique book of its kind helping teachers to unlock their teaching excellence and become a highly influential teacher. Have you ever wondered how to unlock and maximize your teaching excellence hidden within you; how to cope up with newer challenges each day due to ever changing curriculums; how to handle the ever-increasing expectations of parents’ & students; how to help your students and prepare them for the day when they will eventually join any job or profession; and how to distinguish yourself as a highly influential teacher? This book revolves mainly around the topics of creating an enriching learning environment for the students; making them goals-oriented; helping them to utilize their time in goals-oriented manner; understanding the internal representation system of the students; building rapport with the students so that you could easily communicate with them and suitably guide them; etc. The author has also shared how to use the ‘GOPTA Mindset’ to overcome day-to-day challenges in dealing with students and how to become a highly influential teacher. A Practical Handbook For All The Teachers Who Want To Connect With Students in More Enriching Ways Than Ever Before.
Super Genius Computer Learner-5
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kali Barf
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Why I Killed Gandhi?
- Author Name:
Nathuram Godse
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sansari Sadhu
- Author Name:
Harkisan Mehta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tulsi Dal, Gangajal
- Author Name:
Rita Shukla
- Book Type:

- Description: अखिलेश काका ने बड़ी रुखाई के साथ कंधे पर रखा बाबूजी का हाथ हटा दिया था और कार में बैठ गए थे। “कोने में रखा दीपक सुगबुगा रहा है। तीन रातों से लगातार जल जो रहा है। बाबूजी निश्चल बैठे हैं। उनकी आँखें मुँदनेवाली नहीं। छोटकी आजी की अपेक्षा उनमें मूर्त है। आजी को गंगाजल चाहिए--जीवन-मुक्ति का अंतिम पाथेय ! आजी की पंचभूत काया बाबूजी की बाँहों में अवशिष्ट है। अब कोई राग नहीं, क्रोध नहीं, ईर्ष्या नहीं'''सारे भाव विसर्जित हो गए। आजी की आँखें बंद हैं, मुँह खुला हुआ- बाबूजी के अंतिम फर्ज की ओर इंगित करता मुखाग्नि जो देनी है। —इसी पुस्तक से भारतीय संस्कृति, जिन सनातन उपादानों से समृद्ध है, उनमें तुलसीदल और गंगाजल का विशेष महत्त्व है। पौराणिक कथा-सूत्रों के अनुसार तुलसी अर्थात् वृंदा घर-आँगन को पावन करती, चतुर्दिक् आस्था के दीपक की आभा भरती है। निर्मल गंगाजल, जिसके बिना हमारे जीवन का कोई भी अनुष्ठान पूर्ण नहीं होता। भवतारिणी गंगा का सुशीतल स्पर्श अनुपमेय सुख-शांति प्रदान करनेवाला है। हिंदी की सुप्रसिद्ध कथाकार डॉ. ऋता शुक्ल विरचित करुणा के रस में पगी ये कहानियाँ मनुष्यता की सच्ची उजास का संधान करती आपके समक्ष प्रस्तुत हैं ।
Jeewanpurhat Junction
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description: Memoirs
Bharat Ka Dalit-Vimarsh
- Author Name:
Suryakant Bali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stree swadhinta ka prashna aur Nagarjuna ke Upanyas
- Author Name:
Shridharam
- Book Type:

- Description: Nagarjuna
1947 Ke Baad Ka Bharat
- Author Name:
Gopa Sabharwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book