DR. HEDGEWAR CHITRAWALI
Author:
SuryakantPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 64
₹
80
Available
डॉ. केशवराव हेडगेवार
विश्व के सबसे बड़े व विलक्षण सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव हेडगेवार का जन्म चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 1946 विक्रमी को हुआ था। घोर निर्धनता में भी किशोर केशव का मन कभी धन-संग्रह का आग्रही नहीं रहा और न उसकी तेजस्विता में कोई कमी आई। राष्ट्र के सौभाग्य से केशव का विकास एक राष्ट्रवादी, ध्येयनिष्ठ, तेजस्वी और स्वाभिमानी व्यक्ति के रूप में निरंतर होता चला गया। केशवराव ने डॉक्टरी शिक्षा तो प्राहृश्वत की, पर उसे कभी अपना पेशा नहीं बनाया। राष्ट्र-चिंतन करते हुए डॉक्टरजी निरंतर अपने मित्र-मंडल का विस्तार करते रहे।
अंग्रेजी राजाज्ञा का उल्लंघन करने पर 1 मई, 1921 को डॉक्टरजी पर नागपुर में अंग्रेज सरकार ने राजद्रोह का मुकदमा चलाया। ‘स्वतंत्रता आज नहीं तो कल मिलनी है’, इसे दीर्घजीवी कैसे बनाया जाए, इसी के समाधान स्वरूप विजयादशमी के पवित्र दिन, यानी 27 सितंबर, 1925 को उन्होंने अपने घनिष्ठ एवं प्रखर राष्ट्रीय चिंतनशील मित्रों तथा राष्ट्रभक्त तरुणों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की।
संघ पर सरकार की वक्रदृष्टि रहती थी, अतः डॉक्टरजी ने सरकार की कुटिल नीति को समझकर 1933 ई. में नाग नदी के पार रेशम बाग में सवा दो एकड़ जमीन खरीदकर संघस्थान की स्थायी व्यवस्था कर दी। दिसंबर 1934 में वर्धा के शीत शिविर में महात्मा गांधी वहाँ आए और संघ की कार्य-पद्धति को समझा। द्रुतगति से संघ का विस्तार हो रहा था। अकोला नगर में लगे अधिकारी शिक्षण वर्ग में डॉक्टरजी को ‘श्रीगुरुजी’ के रूप में अपना उत्तराधिकारी मिल गया। संघ के अच्छे कार्यों से प्रभावित होकर 1934 में ही बाबाराव सावरकर ने ‘मुक्तेश्वर दल’, जिसकी पच्चीस स्थानों पर शाखाएँ लगती थीं, को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विलय कर दिया। इससे संघ और मजबूत हुआ। अधिक परिश्रम तथा निरंतर भाग- दौड़ के कारण अब डॉक्टरजी अस्वस्थ रहने लगे। नागपुर के वर्ग में सभी प्रांतों से स्वयंसेवक आए थे, इस अवसर पर डॉक्टरजी एक लघु भारत के स्वरूप के दर्शन कर बडे़ प्रसन्न हुए; असह्य पीड़ा सहते हुए उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।
जब संघ कार्य अपनी शैशवावस्था में ही था, तभी 21 जून, 1940 को डॉक्टर हेडगेवार का स्वर्गवास हो गया।
प्रस्तुत पुस्तक अखंड भारत के अनन्य सेवक, प्रखर राष्ट्रभक्त एवं समस्त हिंदू समाज को अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण करानेवाले और नई पीढ़ी को संस्कारित करनेवाले महान् तपस्वी की चित्रावली है।
ISBN: 9789352667673
Pages: 40
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
The Art of Intraday Trading "द आर्ट ऑफ़ इंट्राडे ट्रेडिंग '
- Author Name:
Indrajit Shantharaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
41 Tips for Success in Share Market
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: This book is the latest one by renowned research analyst, Mahesh Chandra Kaushik. At present, the old techniques in the stock market have become almost ineffective, because with the advent of discount broker houses and the increase in the participation of retail investors in options and delivery in the market, the time has gone when the investors used to buy large amounts of a stock and held for 15 to 20 percent return. At present, most retail investors are either trading on intra-day, making a profit on a single day or making money in a call option of a seven-day short expiry in an option, or taking a small profit in a swing trade, leading to more small range market fluctuations. The present book written in this context is the only one of its kind in which the author has made a meaningful effort to share many things in few words by incorporating intra-day, option trade and swing trade. The author has shared his 15 years of trading experience through 41 tips, which are essential for all investors—big and small—seeking to earn profits in the stock market.
Hindi Vyakaran
- Author Name:
Kamta Prasad Guru
- Book Type:

- Description: हिंदी तथा अन्यान्य भाषाओं के व्याकरणों से उचित सहायता लेने पर भी इस पुस्तक में जो विचार प्रकट किए गए हैं और जो सिद्धांत निश्चित किए गए हैं, वे साहित्यिक हिंदी से ही संबंध रखते हैं। यहाँ यह कह देना अनुचित न होगा कि हिंदी व्याकरण की छोटी-मोटी कई पुस्तकें उपलब्ध होते हुए भी हिंदी में, इस समय अपने विषय और ढंग की यही एक व्यापक और संभवतः मौलिक पुस्तक है। इसमें प्रसिद्ध वैयाकरण श्री कामताप्रसाद गुरु का कई गं्रथों का अध्ययन और कई वर्षों का परिश्रम तथा विषय का अनुराग एवं स्वार्थत्याग सम्मिलित है। इस व्याकरण में अन्यान्य विशेषताओं के साथ-साथ एक बड़ी विशेषता यह भी है कि नियमों के स्पष्टीकरण के लिए इसमें जो उदाहरण दिए गए हैं, वे अधिकतर हिंदी के भिन्न-भिन्न कालों के प्रतिष्ठित और प्रामाणिक लेखकों के ग्रंथों से लिये गए हैं। इस विशेषता के कारण पुस्तक में यथासंभव अंधपरंपरा अथवा कृत्रिमता का दोष नहीं आने पाया है। अपने गुण-वैशिष्ट्य और प्रस्तुति के कारण हिंदी व्याकरण पर अब तक की सबसे प्रामाणिक और व्यावहारिक पुस्तक।
Empowering Indian Women
- Author Name:
Vivasvan Shastri +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gadfly
- Author Name:
E.L. Voynich
- Book Type:

- Description: ‘गैडफ्लाई’ क्रान्तिकारी विचारों के वाहक के रूप में अत्यन्त लोकप्रिय रहा है। इसका मुख्य पात्र आर्थर बर्टन है जिसके जीवन में आस्था, आदर्श, साहस, प्रेम, क्रान्ति और त्रासदी का अपूर्व मेल दिखाई देता है। उन्नीसवीं सदी के मध्य के उथल-पुथल भरे इटली में वह ऐसा युवक है, जो क्रान्तिकारी विचारों से परिचित होने पर पादरी बनने की पढ़ाई और धर्म से किनारा कर लेता है; और पत्रकार बनकर स्वयं क्रान्तिकारी विचारों का प्रचार करने लगता है। वह अपने पिता के दोहरेपन को भी स्वीकार नहीं करता। रोमांच और दार्शनिकता से भरपूर यह कहानी अन्तत: एक रक्तरंजित परिणति को प्राप्त करती है जहाँ आर्थर बर्टन को उसके विचारों के कारण जान गँवानी पड़ती है। उसकी प्रेम-कथा इस परिणति की त्रासदी को और गहरा बनाती है। लेकिन उसके विचार और संघर्ष दूसरों के लिए प्रेरक बन जाते हैं। वास्तव में, मानवीय स्वतंत्रता और गरिमा को ख़त्म करने वाले सामाजिक मानदंडों का जिस स्पष्टता से इस उपन्यास में विरोध किया गया है उसने इसको सार्वकालिक महत्त्व का बना दिया है।
Main Hoon Pani
- Author Name:
Turshan Pal Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhoop Ka Chhor
- Author Name:
Seema Pandey Mishra
- Book Type:

- Description: This book has no description
GAUTAM BUDDH KI PRERAK JEEVANI
- Author Name:
PARIJAT
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tulsi Dal, Gangajal
- Author Name:
Rita Shukla
- Book Type:

- Description: अखिलेश काका ने बड़ी रुखाई के साथ कंधे पर रखा बाबूजी का हाथ हटा दिया था और कार में बैठ गए थे। “कोने में रखा दीपक सुगबुगा रहा है। तीन रातों से लगातार जल जो रहा है। बाबूजी निश्चल बैठे हैं। उनकी आँखें मुँदनेवाली नहीं। छोटकी आजी की अपेक्षा उनमें मूर्त है। आजी को गंगाजल चाहिए--जीवन-मुक्ति का अंतिम पाथेय ! आजी की पंचभूत काया बाबूजी की बाँहों में अवशिष्ट है। अब कोई राग नहीं, क्रोध नहीं, ईर्ष्या नहीं'''सारे भाव विसर्जित हो गए। आजी की आँखें बंद हैं, मुँह खुला हुआ- बाबूजी के अंतिम फर्ज की ओर इंगित करता मुखाग्नि जो देनी है। —इसी पुस्तक से भारतीय संस्कृति, जिन सनातन उपादानों से समृद्ध है, उनमें तुलसीदल और गंगाजल का विशेष महत्त्व है। पौराणिक कथा-सूत्रों के अनुसार तुलसी अर्थात् वृंदा घर-आँगन को पावन करती, चतुर्दिक् आस्था के दीपक की आभा भरती है। निर्मल गंगाजल, जिसके बिना हमारे जीवन का कोई भी अनुष्ठान पूर्ण नहीं होता। भवतारिणी गंगा का सुशीतल स्पर्श अनुपमेय सुख-शांति प्रदान करनेवाला है। हिंदी की सुप्रसिद्ध कथाकार डॉ. ऋता शुक्ल विरचित करुणा के रस में पगी ये कहानियाँ मनुष्यता की सच्ची उजास का संधान करती आपके समक्ष प्रस्तुत हैं ।
Dictionary of Botany
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ankahi Stories Collection Book In Hindi
- Author Name:
Gita Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Kahanikar Ki Notebook
- Author Name:
Swayam Prakash
- Book Type:

- Description: Thought Provoking Article
Ranthambore Diary 9 Days 9 Cubs
- Author Name:
Sundeep Bhutoria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA CUET UG 2024 Exam | Biology | 2000+ NCERT Based Topic-wise MCQs | Useful for DU JNU Jamia Milia BHU AMU CHS and All Other Central University
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhrashtachaar Ka Kadva Sach
- Author Name:
Shanta Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jawahar Navodaya Vidyalaya Pravesh Pareeksha-2025 (Kaksha-6)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Not Your Usual UPSC Book
- Author Name:
Aditya Bajpai
- Book Type:

- Description: This book is not intended to provide you with a detailed roadmap for studying for the exam. It is also not a book to boost your motivation. This book is an outcome of nearly 100+ questions that | have answered on Quora regarding civil services preparation. It is an attempt to provide clear insights to the aspirants on how to decide fundamental questions in the Civil Service exam preparation. Why choose Civil Services at all? What is your expectation from the service? Why not a private-sector job? Which service to choose? Is Delhi really important for preparation? Coaching vs Self-study? should you give up your job? What exactly do you want from your life? These are some of the questions explored in this book. This is not your usual UPSC Book.
The Law of Success
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. Hedgewar : Vyakti Evam Vichar
- Author Name:
Dr. Prakash Tripathi
- Book Type:

- Description: डॉ हेडगेवार ने अपने को छिपाकर रखा था। उनके कार्य ने उनको उजागर किया। आज डॉ. हेडगेवार हममें जीवित हैं, हम उनकी नाद परंपरा के वंशधर हैं। हम उनके विचारों को स्वीकार कर आगे बढ़ाने का अपनी-अपनी शक्ति भर प्रयास कर रहे हैं । डॉ. हेडगेवार हम में, आप में जीवित हैं। डॉ. हेडगेवार बड़े विलक्षण व्यक्ति थे। उनमें क्रांतिकारी चेतना बचपन से ही थी । उन्होंने मौलिकता का एक विशेष अनुसंधान किया था। डॉ. हेडगेवार ने संघ को कोई संप्रदाय नहीं बनाया, कोई मठ नहीं बनाया। डॉक्टरजी ने हमें बताया कि मनुष्य प्रधान है । मनुष्य आएगा तो मनुष्य के साथ उसको सारी क्षमता आएगी। उसको शक्ति आएगी, उसका पैसा आएगा, उसका चिंतन आएगा, उसकी बुद्धि आएगी । कोई भी चीज मनुष्य छोड़कर तो आएगी नहीं। आज के अर्थप्रधान युग में अर्थ को चुनौती देते हुए इतना बड़ा संगठन खड़ा हो सकता है, उसके द्वारा सहज भाव से आत्मीयता से एक सामाजिक समन्वय हो सकता है, शक्तिसंपन्न हो सकती है, इसको प्रमाणित किया है डॉ. हेडगेवार के जीवन ने । इसलिए आज भी हम उनका स्मरण करते रहते हैं । जिस मिट्टी को डॉक्टरजी ने छआ, वह इस्पात बन गया। साधारण लोग, अपेक्षाकृत कम पढ़े-लिखे लोग, अपेक्षाकृत मौन रहनेवाले लोग, उनको भी उन्होंने फौलाद बना दिया। --आचार्य विष्णुकांत शास्त्री
Rangmanch Evam Stri
- Author Name:
Supriya Pathak
- Book Type:

-
Description:
सार्वजनिक स्पेस में स्त्री की आमद भारतीय समाज में एक समानान्तर प्रक्रिया रही है जिसके लिए सारी लड़ाइयाँ स्त्रियों ने ख़ुद लड़ी हैं, बेशक कुछ सहृदय और सुविवेकी पुरुषों का सहयोग भी उन्हें अपनी जगह बनाने में मिलता रहा। रंगमंच के संसार में स्त्रियों का प्रवेश भी इससे कुछ अलग नहीं रहा। बल्कि यह कुछ और कठिन था। शुचिताबोध से त्रस्त जो भारतीय समाज दर्शक-दीर्घा में स्त्रियों के बैठने की भी अलग व्यवस्था चाहता था, वह भला उन्हें मंच पर उतरने की छूट कैसे देता? आज की यह वस्तुस्थिति कि अधिकांश मध्यवर्गीय अभिभावक बेटी को फ़िल्म में जाते देख फूले फिरेंगे, एक अलग चीज़ है, इसे न तो मंच पर आने के लिए स्त्री ने जो संघर्ष किया, उसका ईनाम कह सकते हैं और न यह कि मध्य-वर्ग स्त्री को लेकर हर पूर्वग्रह से मुक्त हो चुका है, यह उसकी किसी और ग्रन्थि का नतीजा है।
समाज की और जगहों पर स्त्री ने जैसे अपनी दावेदारी पेश की, मंच पर और परदे पर भी उसने सम्मानित जगह ख़ुद ही बनाई। यह किताब स्त्री की इसी यात्रा का लेखा-जोखा है। पुस्तक का मानना है कि रंगमंच का डेढ़ सौ वर्षों का इतिहास स्त्रियों के लिए जहाँ बहुत संघर्षमय रहा, वहीं रंगमंच ने उनके लिए एक माध्यम का भी काम किया जहाँ से उनकी इच्छाओं और आकांक्षाओं, पीड़ा और वंचनाओं को वाणी मिली।
पारसी रंगमंच ने, जो भारत में लोकप्रिय रंगमंच का पहला चरण है, इस सन्दर्भ में बहुत बड़ी भूमिका निभाई और भविष्य के लिए आधार तैयार किया। जनाना भूमिका करनेवाले पुरुषों ने उस स्पेस को रचा जहाँ से स्त्रियाँ इस दुनिया में प्रवेश कर सकीं। उन्होंने न सिर्फ़ स्त्रीत्व को एक नया आयाम दिया बल्कि घर के आँगन के बाहर सैकड़ों निगाहों के सामने स्त्री की मौजूदगी क्या होती है, इसका पूर्वाभ्यास समाज को कराया।
ऐसे कई चरण रहे, जिनसे रंगमंच की स्त्री को आज के अपने स्थान पर पहुँचने के लिए गुज़रना पड़ा। यह किताब विभिन्न आयामों से उन तमाम परिस्थितियों और यात्राओं का आधिकारिक ब्यौरा देती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book