JNV Jawahar Navodaya Vidyalaya Class-6 Solved Papers (2003-2024) Exam 2024 (English Edition)
(0)
₹
325
₹ 260 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788197094699
-
Pages272
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Stree : Yaunikta Banam Aadhyatmikta
- Author Name:
Pramila K.P.
- Book Type:

- Description: हिन्दी में विमर्श-ग्रन्थों की दुर्दशा का एक कारण आत्ममन्थन की जगह आत्मश्लाघा का होना है। छोटे-बड़े मंचों पर बड़ी-बड़ी बातें अवश्य की जाती हैं, पर रूढ़ियों में जकड़े व्यक्ति की नीयत उसकी देह-भाषा और बातचीत से ज़ाहिर हो ही जाती है। हिन्दी में उपलब्ध ज़्यादातर विमर्श-ग्रन्थों का यही द्वन्द्व है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति-केन्द्रित अनुभवों से ऊपर उठकर समष्टि मनुष्य के व्यापक हित की ओर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। आज प्रचलित सभी विमर्शों में स्त्री-विमर्श अपने सर्वव्यापी वैचारिक महत्त्व के कारण सबसे महत्त्वपूर्ण है। इसका ताल्लुक़ संसार की आधी आबादी से है। वह आबादी जिसकी रचनात्मकता के सक्रिय योगदान से यह दुनिया अभी तक वंचित रही आई है; और जिसके योगदान को रेखांकित करने की कोई प्रविधि पुरुष की मनीषा ने अभी तक ईजाद नहीं की। आज के स्त्री-विमर्श का यह दायित्व है कि वह सभी वर्गों के लोगों की चेतना को इस दिशा में संवेदित करे। स्त्री-विमर्श का सचेतन प्रयास होना चाहिए कि सांस्कृतिक जन-जीवन को समग्रता के साथ ग्रहण कर समष्टि चिन्तन को व्यापक रूप दिया जाए। प्रस्तुत किताब इसी प्रयास को महत्ता के साथ रेखांकित करती है। यह किताब स्पष्ट करती है कि स्त्री-विमर्श के साथ मनुष्य-जीवन के सभी पक्षों व विषयों का उचित समायोजन हो, क्योंकि स्त्री-पक्ष और स्त्री-चिन्तन का सतत पुनर्वाचन एक ऐतिहासिक ज़रूरत है। विज्ञान और संचार-क्रान्ति की सम्भावनाओं में डूबते-उतराते ‘सांस्कृतिक-जनजीवन’ के समक्ष यह किताब स्त्री-विमर्श की राह को प्रशस्त तो करती ही है, साथ ही यह उम्मीद भी करती है कि ख़ुद के साथ समस्त जीवों की संवेदनात्मक तपिश व वैचारिक उधेड़बुन से उपजे कुछ तथ्य सामने आएँ, ताकि स्त्री-विमर्श को नव-अन्तरानुशासिक मार्ग से आगे बढ़ाया जा सके। इसमें सन्देह नहीं कि समकालीन स्त्री-चिन्तन, लिंग-संवेदना, स्त्री-प्रकृति, स्त्री-यौनिकता, देह-विमर्श, सांस्कृतिक संक्रमण, सिनेमा आदि विषयों के समायोजन में हिन्दी में यह पहला प्रयास है।
Mahashweta
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Book Type:

- Description: "श्रीमती सुधा मूर्ति कन्नड साहित्य की सुधी लेखिका हैं। प्रस्तुत उपन्यास 'महाश्वेता' मानवीय संवेदना और सामाजिक संबंधन की एक अनूठी और सफल कृति है। अनुपमा और आनंद के दांपत्य-सूत्र में बँधने के बाद अनेक संघननशील घटनाएँ घटित होती हैं। विवाह के तुरत बाद आनंद मेडिकल की ऊँची पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चला जाता है। इसी बीच अनुपमा को श्वेत कुष्ठ हो जाता है । अभिशप्त दांपत्य के दंश दोनों ओर चुभने लगते हैं। आनंद और अनुपमा के अलग- अलग चिंतन-अनुचितन के माध्यम से मानवीय अंतश्चिंतन और कठोरतम व्यथा- यात्रा का विश्वसनीय कथासूत्रण इस उपन्यास में किया गया है। शिल्प और स्थापत्य की दृष्टि से यह उपन्यास 'सचल-सवाक्वत्' सिद्ध हुआ है। इस उपन्यास को पढ़कर एक युवक श्वेत कुष्ठग्रस्त एक कन्या से विवाह का प्रस्ताव किया और उस विवाह में सम्मिलित होने के लिए लेखिका को सादर आमंत्रित किया। इस उपन्यास की शिखर-सफलता और विनियोग-शक्ति का इससे बड़ा लोक- प्रमाणपत्र और क्या हो सकता है!
Karma Hi Pooja Hai
- Author Name:
Ram Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Subhash Chandra Bose Ki Adhoori Atmkatha
- Author Name:
Sisir Kumar Bose +1
- Book Type:

- Description: सुभाषचंद्र बोस की ‘भारत की खोज’, जवाहरलाल नेहरू की तुलना में उनके जीवन में काफी पहले ही हो गई, यानी उन दिनों वे अपनी किशोरावस्था में ही थे। वर्ष 1912 में पंद्रह वर्षीय सुभाष ने अपनी माँ से पूछा था, ‘स्वार्थ के इस युग में भारत माता के कितने निस्स्वार्थ सपूत हैं, जो अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर इस आंदोलन में हिस्सा ले सकते हैं? माँ, क्या तुम्हारा यह बेटा अभी तैयार है?’’ 1921 में भारतीय सिविल सेवा से त्यागपत्र देकर वह आजादी की लड़ाई में कूदने ही वाले थे कि उन्होंने अपने बड़े भाई शरत को पत्र लिखा, ‘‘केवल बलिदान और कष्ट की भूमि पर ही हम अपने राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।’’ दिसंबर 1937 में बोस ने अपनी आत्मकथा के दस अध्याय लिखे, जिसमें 1921 तक की अपनी जीवन का वर्णन किया था और ‘माई फेथ-फिलॉसोफिकल’ शीर्षक का एक चिंतनशील अध्याय भी था। सदैव ऐसा नहीं होता कि जीवन के बाद के समय में लिखे संस्मरणों को शुरुआती, बचपन के दिनों की प्राथमिक स्रोत की सामग्री के साथ पढ़ा जाए। बोस के बचपन, किशोरावस्था व युवावस्था के दिनों के सत्तर पत्रों का एक आकर्षक संग्रह इस आत्मकथा को समृद्ध बनाता है। इस प्रकार यह ऐसी सामग्री उपलब्ध कराता है, जिसकी सहायता से उन धार्मिक, सांस्कृतिक, नैतिक, बौद्धिक तथा राजनीतिक प्रभावों का अध्ययन किया जा सकता है, जिनसे भारत के इस सर्वप्रथम क्रांतिधर्मी राष्ट्रवादी के चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण हुआ।
Karyalaya Karyabodh: Manual on Office Procedure, Business Letters Notes and Instructions)
- Author Name:
Hari Babu Kansal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahatma Jotiba Phule Rachanawali : Vols. 1-2
- Author Name:
Mahatma Jotiba Phule
- Book Type:

- Description: यह किताब जोतिबा फुले (जोतिराव गोविन्दराव फुले : 1827-1890) की सम्पूर्ण रचनाओं का संग्रह है। सन् 1855 से सन् 1890 तक उन्होंने जितने ग्रन्थों की रचना की, सभी को इसमें संगृहीत किया गया है। उनकी पहली किताब ‘तृतीय रत्न’ (नाटक) सन् 1855 में और अन्तिम ‘सार्वजनिक सत्यधर्म’ सन् 1891 में उनके परिनिर्वाण के बाद प्रकाशित हुई थी। जोतिराव फुले की कर्मभूमि महाराष्ट्र रही है। उन्होंने अपनी सारी रचनाएँ जनसाधारण की बोली मराठी में लिखीं। उनका कार्य और रचनाएँ अपने समय में भी विवादास्पद रहीं और आज भी हैं। लेकिन उनका लेखन हर पीढ़ी में सामाजिक क्रान्ति की चेतना जगाता रहेगा, इसमें कोई सन्देह नहीं। उनकी यह रचनावली उनके कार्य और चिन्तन का ऐतिहासिक दस्तावेज़ है।
Everest Ek Soch | एवरेस्ट : एक सोच Book in Hindi
- Author Name:
Atul Karwal +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper -1 (Class I-V) Guide with Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Parasmani Stories Book in Hindi
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Veer Savarkar
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indian Tea in American Cup (English Translation of अमरीकी प्याले में भारतीय चाय)
- Author Name:
Harish Naval +1
- Book Type:

- Description: The cheerful saga of our daily life has harsh undertones which we tend to overlook until they are exposed to us in some form or the other. Here is a series of satire episodes which take a dig at our fake perceptions. In his book ‘Indian Tea in American Cup’ Harish Naval stirs up myriad shades of human emotions. As an accomplished satirist, he carefully scratches the superficial sheen to unearth the underlying dark mosaic of human nature.
Yamini Katha
- Author Name:
Surya Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maine Gandhi Ko Kyon Mara? (Hindi Translation of Why I Killed Gandhi?)
- Author Name:
Nathuram Godse
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MARIE CURIE
- Author Name:
Deepika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
R.N. Kao: A Complete Biography - Founder Chief of RAW
- Author Name:
Vipul Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttarakhand Ki Lokkathayen "उत्तराखंड की लोककथाएँ" Book in Hindi- Umedu Lal
- Author Name:
Umedu Lal "Umang"
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Launch your life to THE NEXT LEVEL "लॉञ्च योर लाइफ टू द नेक्स्ट लेवल" Book in Hindi - Krishna Dhan Das
- Author Name:
Krishna Dhan Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Padma Sachdev ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Padma Sachdev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Vishwa Prashnottari
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali For Class 6 To 8 Math And Science School Teacher With Latest Solved Papers And 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book