Birbal Sahni
(0)
₹
40
₹ 32 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788190290111
-
Pages35
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Tumhen Lagata Hai Kya?
- Author Name:
Prabhat Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patanjali Yog Sutra
- Author Name:
B.K.S. Iyengar
- Book Type:

- Description: "व्यवहारिक ज्ञान से संपन्न पतंजलि का ‘योगसूत्र’ उन लोगों के लिए मार्गदर्शक पुस्तक का कार्य करता है, जो शाश्वत सत्य की खोज में जुटे हैं। खोज करनेवाला साधक इसका अनुसरण और अभ्यास कर वास्तविक महात्मा बन सकता है। योगसूत्र एक दर्शन है, जो खोज करनेवालों को (आत्मा) पुरुष का रूप प्रत्यक्ष तौर पर दिखा देता है। जिस प्रकार एक दर्पण किसी के रूप को दिखाता है, उसी प्रकार योगसूत्रों के अनुसार पतंजलि की बताई योग-साधना करने से व्यक्ति को अपने अंदर एक महान् ऋषि जैसे गुण दिखाई पड़ते हैं। योग एक विषय के रूप में किसी महासागर जितना विशाल है। व्यक्ति इसमें जितनी गहराई तक उतरता है, उसे गूढ़ रहस्यों का उतना ही ज्ञान होता जाता है, जो किसी के व्यक्तिगत ज्ञान से परे (अकल्पित ज्ञान) होता है। यह किसी भी व्यक्ति के मस्तिष्क की बुद्धि को और आध्यात्मिक हृदय के ज्ञान को धारदार बनाता है। इसका अभ्यास करनेवाले अपने अंदर सृजनात्मकता का विकास कर पाते हैं। आप अपने दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ विश्वास के साथ योग का अभ्यास करें और सच्चे योगी तथा सच्चा मनुष्य बनने का सुफल प्राप्त करें। जीवन को सार्थक दिशा देनेवाले सूत्रों का संकलन, जो आपके लिए स्वास्थ्य और सफलता के द्वार खोलेंगे।"
Chuni Hui Bal Kahaniyan-I
- Author Name:
Ed. Rohitashva Asthana
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lok-Sahitya Ki Bhoomika
- Author Name:
Krishnadev Upadhyaya
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक की रचना लोक-साहित्य के सिद्धान्त-ग्रन्थ के रूप में की गई है। अतएव इसमें लोकगीत, लोकगाथा, लोककथाओं तथा लोकनाट्य के मूल तत्त्वों का सन्निवेश करने का प्रयास हुआ है।
प्रस्तुत ग्रन्थ को तीन खंडों में विभाजित किया गया है—साहित्य, सिद्धान्त और संस्कृति। साहित्य वाले खंड में लोक-साहित्य के संकलन की कठिनाइयों तथा पद्धति का उल्लेख करते हुए लोक-साहित्य संग्रहों की योग्यता का वर्णन किया गया है। सिद्धान्त खंड के अन्तर्गत लोकगीत, लोकगाथा, लोककथा, लोकनाट्य के मूल-तत्त्वों एवं उनकी प्रधान विशेषताओं का विवरण है। संस्कृति वाले खंड में लोक-साहित्य में लोक-संस्कृति का जैसा चित्रण उपलब्ध होता है, उसका सजीव चित्रण उपस्थित करने का प्रयास हुआ है।
लोक-साहित्य के सामान्य सिद्धान्तों का सम्यक् विवेचन प्रस्तुत करनेवाला यह सर्वप्रथम मौलिक ग्रन्थ है। लोक-साहित्य के वर्गीकरण की पद्धति, उसका विस्तार, लोक-काव्य और अलंकृत काव्य में भेद, लोक-गाथाओं की विशेषताएँ तथा लोक-कथाओं के मूल तत्त्व, लोकोक्तियों और मुहावरों का महत्त्व, बच्चों के खेल, पालने के गीत और मृत्यु सम्बन्धी गीत इत्यादि जितने भी विषय लोक-साहित्य में अन्तर्भुक्त होते हैं, उन सभी विषयों और समस्याओं का समाधान इस ग्रन्थ में किया गया है। इस सम्बन्ध में पाश्चात्य देशों में जो अनुसन्धान हुआ है उसका अध्ययन कर उन पश्चिमी मनीषियों के मतों का भी प्रतिपादन यथास्थान वर्णित है।
इस पुस्तक के प्रणयन में लेखक ने तुलनात्मक दृष्टि से काम लिया है। भारतवर्ष में जो गीत प्रचलित है उसी कोटि का यदि कोई गीत अंग्रेज़ी साहित्य में उपलब्ध होता है तो उसे भी उद्धृत किया गया है। पालने के गीत, मृत्यु-गीत तथा आवृत्तिमूलक टेक पदों के अध्याय में इस पद्धति का विशेष रूप से अवलम्बन हुआ है। पाद-टिप्पणियों में अंग्रेज़ी के मूल ग्रन्थों से प्रचुर रूप में उद्धरण दिए गए हैं। इस पुस्तक की प्रामाणिकता के लिए ऐसा करना आवश्यक समझा गया।
Meri Ayodhya, Mera Raghuvansh
- Author Name:
Rajeev "Acharya"
- Book Type:

- Description: हम दोनों भ्राता जब तक अपनी कुटी तक पहुँचते, तब तक अनर्थ घटित हो चुका था। हमारी कुटी रिक्त थी। भूमि पर धूलिकणों के मध्य अन्न एवं पात्र औंधे पड़े थे। 'सीते!' मैंने पुकारा, परंतु प्रत्युत्तर नहीं मिला। 'सीते!' मैंने पुन: पुकारा; पुन: प्रत्युत्तर में मुझे मौन ही प्राह्रश्वत हुआ। तत्पश्चात मैं भयभीत कुटी के प्रांगण में आया, जहाँ विशाल वटवृक्ष अवस्थित था। 'सीते! वृक्ष की आड़ में छिपकर मेरे साथ क्रीड़ा न करो। यह हास का समय नहीं है!' फिर भी मुझे कोई उत्तर नहीं मिला। अब मैं उसके पदचिन्हो को देखते हुए आगे बढऩे लगा। रथ के पहियों का चिह्नï मिलने के पश्चात् कोई अन्य चिह्नï नहीं मिला। मेरे धैर्य का सेतु टूट गया। 'देवताओ, गंधर्वो! क्या आपने भी नहीं देखा?' मैंने आकाश की ओर मुख करके भीषण गर्जना की। स्तब्ध पवनदेव ने अपना वेग मद्धिम कर दिया। उस तनावपूर्व घड़ी में देवताओं ने प्रश्नसूचक दृष्टि से गुरु बृहस्पति की ओर देखा। उन्होंने मंद-मंद मुसकराते हुए कहा, 'प्रभु लीला कर रहे हैं। आह! मेरा हृदय असंख्य शरों से बिंधा हुआ था। मैं लीला नहीं कर रहा था, वरन राम रूपी मानव काया में असहनीय वेदना का अनुभव कर रहा था। मैंने पुन: लक्ष्मण से कहा, अवश्य देखा होगा, इन वृक्षों ने, इन लताओं ने, इन पक्षियों ने, इन मृगों ने...। यह कहते हुए मैंने कदंब, अर्जुन, ककुभ, तिलक, अशोक, ताल, जामुन, कनेर, कटहल, अनार आदि अनेक वृक्षों से पूछा, क्या तुमने मेरी भार्या सीता को कहीं देखा है? परंतु वे सभी मौन रहे। —इसी पुस्तक से
Benjamin Graham Ki Biography
- Author Name:
Pushkar Kumar
- Book Type:

- Description: सन् 1976 में 82 वर्ष को आयु में जब बेंजामिन ग्राहम की मृत्यु हुई, तब वे बॉल स्ट्रीट पर बहुत प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुके थे। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली विश्लेषण की नींव रखनेवाले ग्राहम ने असंख्य शिष्यों को प्रेरित किया था और वॉरेन बफे जैसे होनहार (जो सन् 1954 में ग्राहम के लिए काम करते थे) को व्यक्तिगत रूप से परामर्श दिए थे। ग्राहम को व्यापक रूप से प्रतिभावान, सफल और नैतिक माना जाता था, जो निवेश की उथल-पुथल भरी दुनिया में तीन दुर्लभ विशेषताएँ हैं । अपने बाद के वर्षों में ग्राहम ने एक संस्मरण लिखा, जिसमें उनके रंगीन जीवन के शुरुआती दशकों के विवरण हैं । उनकी मृत्यु के दशकों बाद यह रचना अंततः प्रकाशित हो रही है। निवेशकों और इतिहास-प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करनेवाले विवरणों से भरपूर यह कृति सदी के सबसे समृद्ध और सबसे घटनापूर्ण जीवन में से एक को उद्घाटित करती है। ग्राहम ने न्यूयॉर्क एवं वॉल स्ट्रीट की गतिशील पृष्ठभूमि में प्रतिभा और सौभाग्य की एक अद्भुत कहानी बुनी है।
Safalta Ke 400 Sootra
- Author Name:
Y. Sunder Rajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jannayak Tantya Bheel
- Author Name:
Baba Bhand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPSSSC Rajaswa Lekhpal Bharti Pariksha- UPSSSC Lekhpal Entrance Exam 2022
- Author Name:
Chandra Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Atal Bihari Vajpayee Bol Raha Hoon
- Author Name:
Ed. Rajasvi
- Book Type:

- Description: "विलक्षण प्रतिभा के धनी पूर्व प्रधानमंत्री जननायक अटल बिहारी वाजपेयी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारतरत्न’ से सम्मानित किया गया। उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण आना अत्यंत सहज और स्वाभाविक है। वे न केवल मंत्रमुग्ध कर देनेवाले वक्ता और कुशल प्रशासक रहे, अपितु अपने राजनीतिक विरोधियों का भी सम्मान करनेवाले और उनसे सम्मान पानेवाले नेता हैं। प्रस्तुत पुस्तक को तीन खंडों में विभाजित कर पाठकों के लिए उपयुक्त और सरल ढंग से पाठ्य-सामग्री को समायोजित करने का प्रयास किया गया है। खंड-1 में अटलजी का ‘संक्षिप्त परिचय’ और अटलजी के प्रधानमंत्रित्व काल में उनके मीडिया सलाहकार रहे अशोक टंडनजी द्वारा वाजपेयीजी की कार्यशैली पर लिखा गया लेख दिया गया है। खंड-2 में वाजपेयीजी ने विभिन्न अवसरों पर सदन में, सदन से बाहर अथवा समाचार-पत्रों आदि में जो लिखा, उसके आधार पर ‘मैं अटल बिहारी वाजपेयी बोल रहा हूँ’ दिया गया है। खंड-3 में अटलजी को ‘भारतरत्न’ मिलने पर प्रतिक्रियाएँ प्रस्तुत की गई हैं। मुख्यतः पुस्तक का खंड-2 ही इसका शीर्षक ‘मैं अटल बिहारी वाजपेयी बोल रहा हूँ’ है, जबकि अन्य दोनों खंड अटलजी को समझने, उन्हें आत्मसात् करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। सर्वप्रिय कविहृदय अटलजी के स्पष्ट विचार, दूरदर्शिता, चुटीली शैली और मर्म को छू लेनेवाली ओजस्वी वाणी के विशाल सागर की एक झलक मात्र देती है यह पठनीय पुस्तक।
Uska Shivalaya
- Author Name:
Shri Rajkumar Chaudhary
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pushkar Dhami : Himalaya Ki Jeevant Ushma | Chief Minister of Uttarakhand
- Author Name:
Sambhawana Pant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janadesh 2024: Hindutav Ki Hattrick
- Author Name:
Harsh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishnu Prabhakar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Vishnu Prabhakar
- Book Type:

- Description: "सन् 1931 में जब विष्णु प्रभाकर 19 वर्ष के थे, उनकी पहली कहानी ‘दिवाली की रात’ लाहौर से निकलनेवाले ‘मिलाप’ पत्र में छपी। उसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ, वह 76 वर्ष सन् 2007 तक निर्बाध चलता रहा। उनके लेखन में विचार नारों की तरह शोरगुल में नहीं बदलता। मनुष्य मन की जटिल व्यवस्था हो या अमानवीय असामाजिक परिस्थितियाँ, विष्णु प्रभाकर उस मनुष्य की चिंता करते हैं, जिसे सताया जा रहा है और फिर भी निरंतर मुक्ति संग्राम में जुटा है। उनकी कथावस्तु में प्रेम, मानवीय संवेदना, पारिवारिक संबंध, अंधविश्वास जैसे विषय मौजूद हैं। विष्णुजी की अधिक रुचि मनुष्य में रही। उन्होंने उसके जीवन के झूठ और पाखंड को देखा, उसके छोटे-से-छोटे क्रियाकलाप को बारीकी से परखा, उसके अंतर में चलते द्वंद्व को समझा, अपने दीर्घ अनुभव के साँचे में ढाला और करुणा के अंतर्निहित भावों को शब्द दिए। वे अपने प्रारंभिक त्रासद जीवन के प्रभाव से शायद कभी मुक्त न हो सके। उनका विपुल साहित्य उनके स्वयं के जीवन का ही प्रतिरूप है, जो सरल, सात्त्विक, अकृत्रिम व मानवीय मूल्यों को समर्पित है। मित्र, हमदर्द, सलाहकार, सहभागी और सहयात्री—विष्णु प्रभाकर अनेक रूपों में अपने कथा-पात्रों के साथ जीते हैं। यही जीना उनकी रचनाओं को रोचक बना देता है।"
Hanumat Kautuk An Recap of Sunderkand Hanuman Stuti Book in Hindi
- Author Name:
Ramdhani Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ugate Suraj ka Desh JAPAN
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: जापान जाने के आपके पास असंख्य कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से जापान की बिजनेस संस्कृति, सुंदर समुद्र तट, मेहनतकश लोग, हिमाच्छादित पर्वत- श्रृंखला, अद्भुत मंदिर, ज्वालामुखी, नैसर्गिक सौंदर्य, वहाँ की परंपराएँ, रीति-रिवाज, परिधान, त्योहार, खाना, उच्च प्रौद्योगिकी, कार्यशैली और सबसे ऊपर वहाँ की विनम्रता पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित करती है। जापानी अध्यात्म से जुड़े रहते हैं; अत्यंत सक्रिय जीवन जीते हैं; राष्ट्रनिष्ठ होते हैं और मानवीय गुणों से युक्त पारस्परिक जीवन जीते हैं। बड़ी मात्रा में प्राकृतिक संसाधनों का आयात करने के बावजूद जापान दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। दुनिया के किसी देश में इस तरह की नीति का निर्माण करने के बावजूद आर्थिक विकास पर आगे बढ़ने का और कोई उदाहरण फिलहाल नहीं है। इससे अलग जापान दुनिया के सबसे ज्यादा निवेश करनेवाले देशों में भी शामिल है। अधिकतर लोग जापान की प्राकृतिक सुंदरता और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देखने वहाँ जाते हैं। यह पुस्तक संक्षेप में जापान की संस्कृति, अर्थव्यवस्था, रीति-रिवाज, इतिहास, भूगोल से लेकर वहाँ के पर्यटक स्थलों, शैक्षिक तंंत्र, धार्मिक विविधता, भाषा, जैवविविधता, राजनीतिक व्यवस्था की जानकारी सहज ही उपलब्ध कराती है।
Bhagwan Ne Kaha Tha
- Author Name:
Smt.Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jungle
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Satya Nadella : Microsoft Ka Badalta Chehra
- Author Name:
Jagmohan S. Bhanver
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sansad Mein Nitin Gadkari (2017-2019)
- Author Name:
Rakesh Shukla
- Book Type:

- Description: मैं पहली बार 2014 में नागपुर से लोकसभा सांसद चुना गया। इससे पहले मैं महाराष्ट्र विधान परिषद् में 1989 से लगातार 20 वर्ष तक सदस्य रहा हूँ। वर्ष 1995 में 1999 तक मैंने महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण मंत्री का कार्यभार भी सँभाला है। विधायिका और प्रशासन में काम करने का लंबा अवसर मिला। लोकसभा सदस्य के नाते एवं केंद्रीय मंत्री के रूप में मैंने संसदीय कार्य में अपना भरपूर योगदान देने का प्रयास किया है। पिछले पाँच साल में कई महत्त्वपूर्ण विधेयक मेरे द्वारा संसद् में प्रस्तुत किए गए। कई महत्त्वपूर्ण विधेयक पारित भी हुए हैं। दोनों सदनों में प्रश्नोत्तरकाल में मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों की ओर से उठाई गई समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। इसी दृष्टिकोण के साथ मैंने सभी दल के सांसदों की क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से लेकर उसे सुलझाने का प्रयास किया। इस पाँच साल की अवधि में मुझे नमामि गंगा, जल संसाधन और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी अल्पावधि के लिए मिली थी। मेरी कोशिश रही कि इन सभी मंत्रालयों के कामकाज की सही जानकारी से प्रत्येक सदस्य अवगत रहे। यह पुस्तक संसद् में मेरे द्वारा किए गए प्रयासों का संकलन है। संकलन का कार्य दो भागों में किया गया है। 2014 से 2016 तक का पहला खंड आ चुका है। इस खंड में 2017 से 2019 तक के संसदीय कार्यों का ब्यौरा है। मैं समझता हूँ कि इस संकलन से मुझे भविष्य में प्रेरणा मिलती रहेगी। इस प्रयास के लिए संपादक एवं प्रकाशक को मेरी हार्दिक शुभेच्छाएँ। यह केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरीजी के संसदीय कामकाज का संकलन है। पिछले पाँच सालों में सड़क परिवहन, पोत परिवहन, जल संसाधन और नमामि गंगा मंत्रालय में कई महत्त्वपूर्ण काम हुए हैं। उनके काम करने के तरीके में रचनात्मक सोच तथा नए तकनीकी प्रयोग के बेजोड़ उदाहरण सामने आए हैं, जिन्हें सँजोना आवश्यक लगा। देश ने पाँच वर्ष में एक्सप्रेस-वे और जलमार्ग से यात्रा की परिकल्पना को साकार होते देखा है। यह संकलन इस उद्देश्य से किया गया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सक्षम एवं समृद्धशाली भारत बनाने की दिशा में किए गए सतत प्रयासों में ये तथ्य साक्ष्य के रूप में कारगर भूमिका निभाएँगे। संसद् में सड़क परिवहन और जल परिवहन से संबंधित कई विधेयक प्रस्तुत किए गए। इनमें विकास व रोजगार के साथ-साथ मानवीय पक्ष भी रहा है, जैसे मोटर व्हीकल एक्ट (संशोधन) विधेयक लाने के पीछे उद्देश्य देश में हर साल होनेवाली पाँच लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है; वाराणसी से हल्दिया (कोलकाता) तक जलमार्ग को मूर्त रूप देना। 2014 से 2019 के बीच श्री गडकरी ने संसद् में जो कहा, उसे पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया। कुंभ-2019 के पहले उनकी तरफ से गंगा जल की निर्मलता के लिए किया गया अथक प्रयास सार्थक साबित हुआ। पिछले पाँच साल में गडकरीजी ने राष्ट्र विकास के विजन को जिस मिशन के तहत किया है, वह देश की उन्नति के लिए मील का पत्थर बनेगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book