Main Bhagat Singh Bol Raha Hoon
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की धधकती ज्वाला के बिंब शहीद-ए-आजम भगत सिंह से सब परिचित हैं। युवावस्था में ही मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। अपने जाँबाज साथियों के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का एक ऐसा मोरचा खोला कि अंग्रेजी शासन की चूलें हिल गईं। भगत सिंह न केवल प्रखर क्रांतिकारी थे, अपितु एक दूरदर्शी व्यक्ति, गहन अध्येता व कुशल वक्ता भी थे। उनके विचार समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा देनेवाले थे। यह संकलन भारत माँ के वीर सपूत क्रांतियोद्धा भगत सिंह के सुविचारों से हमारा परिचय कराएगा और मार्ग प्रशस्त करेगा।
Read moreAbout the Book
भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की धधकती ज्वाला के बिंब शहीद-ए-आजम भगत सिंह से सब परिचित हैं। युवावस्था में ही मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। अपने जाँबाज साथियों के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का एक ऐसा मोरचा खोला कि अंग्रेजी शासन की चूलें हिल गईं।
भगत सिंह न केवल प्रखर क्रांतिकारी थे, अपितु एक दूरदर्शी व्यक्ति, गहन अध्येता व कुशल वक्ता भी थे। उनके विचार समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा देनेवाले थे।
यह संकलन भारत माँ के वीर सपूत क्रांतियोद्धा भगत सिंह के सुविचारों से हमारा परिचय कराएगा और मार्ग प्रशस्त करेगा।
Book Details
-
ISBN9789350480700
-
Pages136
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Gramin Vikash Ka Adhar : Aatmanirbhar Panchayanten
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

-
Description:
संविधान में 73वें संशोधन के बाद यह उम्मीद की गई कि देश के लाखों गाँवों में पंचायती राज की स्थापना से गाँवों के कष्ट दूर होंगे। विकास की बहुत उम्मीदें भी लगाई गईं, आरक्षण से गाँवों के पिछड़ों, महिलाओं के लिए स्थान भी सुरक्षित किए गए, पर हुआ क्या? क्या बिना साधनों के विकास सम्भव होगा? पंचायतों को अधिकार एवं ज़िम्मेदारियाँ तो सौंप दी गईं, परन्तु आवश्यक वित्त प्रबन्ध नहीं हुआ। यदि हुआ भी तो इतना कमज़ोर कि उससे दैनिक ख़र्चा भी नहीं निकल सकता है। ऐसे में पंचायतों के पास क्या विकल्प है? किन साधनों का कैसे विकास हो? इन्हीं सब मुद्दों पर इस पुस्तक में विचार किया गया है। इसमें यह बात प्रमुखता से उभरकर आती है कि आत्मनिर्भरता से ही विकास करना व ग़रीबी हटाना सम्भव होगा।
पुस्तक में पंचायत की सफलता की कहानियाँ, कार्टून, चित्र, सारणियाँ एवं आरेखों के द्वारा विषय को रोचक बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के कम पढ़े-लिखे पाठक भी इसे आसानी से पढ़ सकें और आत्मसात् कर सकें।
Anandmath
- Author Name:
Bankim Chandra Chatterjee
- Book Type:

- Description: जीवानंद ने महेंद्र को सामने देखकर कहा, ‘‘बस, आज अंतिम दिन है। आओ, यहीं मरें।’’महेंद्र ने कहा, ‘‘मरने से यदि रण-विजय हो तो कोई हर्ज नहीं, किंतु व्यर्थ प्राण गँवाने से क्या मतलब? व्यर्थ मृत्यु वीर-धर्म नहीं है।’’जीवानंद- ‘‘मैं व्यर्थ ही मरूँगा, लेकिन युद्ध करके मरूँगा।’’कहकर जीवानंद ने पीछे पलटकर कहा, ‘‘भाइयो! भगवान् के नाम पर बोलो, कौन मरने को तैयार है?’’अनेक संतान आगे आ गए। जीवानंद ने कहा, ‘‘यों नहीं, भगवान् की शपथ लो कि जीवित न लौटेंगे।’’—इसी पुस्तक से‘आनंद मठ’ बँगला के सुप्रसिद्ध लेखक बंकिमचंद्र चटर्जी की अनुपम कृति है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में इसे स्वतंत्रता सेनानियों की ‘गीता’ कहा जाता था। इसके ‘वंदे मातरम्’ गीत ने भारतीयों में स्वाधीनता की अलख जगाई, जिसको गाते हुए हजारों रणबाँकुरों ने लाठी-गोलियाँ खाइऔ और फाँसी के फंदों पर झूल गए। देशभक्ति का जज्बा पैदा करनेवाला अत्यंत रोमांचक, हृदयस्पर्शी व मार्मिक उपन्यास।
Dictionary of Phrasal Verbs
- Author Name:
Najmussehar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Naib Subedar Bana Singh
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Reforming Lives, Rebuilding Economy
- Author Name:
Vivasvan Shastri +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prem Aur Sazish
- Author Name:
Sanjay Kumar Paul
- Book Type:

- Description: ‘प्रेम और साजिश’ कहानी माधव और अंकिता के प्रेम-प्रसंग से शुरू होकर बहुत से अदभुत मोड़ों से गुजरकर खत्म होती है। अंकिता की शादी की खबर सुनकर माधव का दिल टूट जाता है और वह सुसाइड करने की सोचता है। माधव का ममेरा भाई उसको प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। दो साल के अंदर एस.एस.सी. की प्रतियोगिता परीक्षा पास कर माधव सी.बी.आई. में सब इंस्पेक्टर बन जाता हैं। माधव की पोस्टिंग कोलकाता में होती है। माधव को बंगाली लडक़ी अन्नू से प्यार हो जाता है। इस बीच माधव को टॉलीवुड (बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री) की मशहूर अभिनेत्री लीना डे, जिसकी लाश श्रीनगर के एक होटल में पानी से भरे टब में मिलती है, का केस दिया जाता है। केस की छानबीन से पता चलता है कि लीना सपरिवार जम्मू में अपने किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल हुई थी। शादी के बाद लीना कश्मीर घूमना चाहती थी, पर उसका पति प्रसेनजित, जो एक फिल्म डायरेक्टर है, कश्मीर से कोलकाता आकर अभिनेत्री स्वास्तिका बनर्जी, जिसके साथ प्रसेनजित का अफेयर है, का जन्मदिन मनाता है। चूँकि घटना दूसरे राज्य में हुई थी, इसलिए पुलिस इसे नैसर्गिक मौत मानकर केस को रफा-दफा कर देती है। माधव असली अपराधी की तलाश में दिन-रात एक कर देता है। अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन जरूर कानून के शिकंजे में फँस जाता है। कहानी कई पड़ाव पार करते हुए अंत में अपने अंजाम तक पहुँच ही जाती है।
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Rasayan Vigyan Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Chemistry Practice Sets Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. Suresh Awasthi Ke Pratinidhi Vyangya "डॉ. सुरेश अवस्थी के प्रतिनिधि व्यंग्य" Book in Hindi
- Author Name:
Chakradhar Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Ramdev: A Complete Biography
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: Bom in 1965 in village Saidalipur in Mahendragarh district of Haryana to Ramniwas Yadav and Gulabo Devi, the child Ramkishan was born and brought up just like any other ordinary village child with childlike pranks in the rural environment. He became a Sanyasi on 9 April 1995, and he calls this date his date of birth. In modern times, Swami Ramdev has taken upon himself the responsibility to bring back our ancient glory as well as link us to healthy ways of living. He seems to have descended on this material world to eradicate ignorance, problems, corruption and ill health. In addition to his work in the field of yoga, Swami Ramdev has also been involved in social and political causes. He has been a vocal advocate for Ayurveda and traditional Indian medicine and has campaigned against the use of chemical-based products in personal care and household products. He is the founder of Patanjali Ayurved Limited, one of India’s fastest-growing FMCG companies. In this book, we will explore different shades of his personality to trace the facts that have contributed to his making the national and international brand he is today.
Warren Buffett
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Utter-Oudhyogik Samaj Evem Sanskriti : Vimarsh Ke Aayam
- Author Name:
Ed. Hemant Kumar Jha
- Book Type:

- Description: Discourse
Tackling the Kala-Azar Memance In Bihar
- Author Name:
Ganga Kumar/Ragini Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nature, Science and Modern Life
- Author Name:
Dr. Y.S. Rajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPSC CSAT Civil Services Aptitude Test Samanya Adhyayan Solved Papers 2011-2024 Paper-2
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Morh
- Author Name:
Dr. Pramod Jain
- Book Type:

- Description: द्वद्वों के धुँधलकों, ऊहापोह के बादलों, अनिश्चितता के अँधेरों या परिस्थितियों के जालों में फँसकर मन जब असहाय हो जाता है, तब हम सबने महसूस किया है कि अचानक अनायास खुलता है—‘झरोखा’, कौंधती है—‘बिजली’, फैल जाता है—‘प्रकाश’ या मिलता है—‘एक मोड़’। फिर साफ हो जाती है—‘दृष्टि’, दिखता है—‘विराट आकाश’, हो जाता है—‘निर्णय’ और बदलने लगती है—‘परिस्थिति’। ये कविताएँ जीवन के उन्हीं अनुभवों को शब्द देती हैं। हम सबके अनुभव, हम सबके शब्द।
Bihar School Examination Board, Patna Bihar STET Secondary Teacher Eligibility Test Study Guide Teaching Aptitude & Other Proficiency
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bachchan Rachanawali : Vols. 1-11
- Author Name:
Harivansh Ray Bachchan
- Book Type:

- Description: बच्चन रचनावली (11 खंड) खंड 1 हिन्दी कविता का एक दौर वह भी था जब हिन्दीभाषी समाज को जीवन के गंभीर पक्ष में पर्याप्त आस्था थी, और कविता भी अपने पाठक-श्रोता की समझ पर भरोसा करते हुए, संवाद को अपना ध्येय मानकर आगे बढ़ रही थी। मनोरंजक कविता और गंभीर कविता का कोई विभाजन नहीं था; न मनोरंजन के नाम पर शब्दकारों-कलाकारों आदि के बीच जनसाधारण की कुरुचि और अशिक्षा का दोहन करने की वह होड़ थी जिसके आज न जाने कितने रूप हमारे सामने हैं, और न कविता में इस सबसे बचने की कोशिश में जन-संवाद से बचने की प्रवृत्ति। हरिवंश राय बच्चन उसी काव्य-युग के सितारा कवि रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ मंच से अपने पाठकों-श्रोताओं से संवाद किया बल्कि लोकप्रियता के कीर्तिमान गढ़े। कविता की शर्तों और कवि-रूप में अपने युग-धर्म का निर्वाह भी किया और जन से भी जुड़े रहे। यह रचनावली उनके अवदान की यथासम्भव समग्र प्रस्तुति है। रचनावली के इस नए संस्करण में 1983 में प्रकाशित नौ खंड बढ़कर अब ग्यारह हो गए हैं। रचनावली के प्रकाशन के बाद एक स्वतंत्र पुस्तक के रूप में आया बच्चन जी की आत्मकथा का चौथा भाग खंड दस में और पत्रों समेत कुछ अन्य सामग्री खंड ग्यारह में ली गई है। खंड 2बच्चन रचनावली के दूसरे खंड में निम्नलिखित रचनाएँ क्रमानुसार संगृहीत हैं : 'मिलन यामिनी’ (1950), 'प्रणय पत्रिका’ (1955), 'धार के इधर-उधर’ (1957), 'आरती और अंगारे’ (1958), 'बुद्ध और नाचघर’ (1958), 'त्रिभंगिमा’ (1961), 'चार खेमे चौंसठ खूँटे’ (1962)।खंड 3बच्चन रचनावली के इस तीसरे खंड में बच्चनजी की निम्नलिखित रचनाएँ क्रमानुसार संगृहीत हैं : 'दो चट्टानें’ (1965), 'बहुत दिन बीते’ (1967), 'कटती प्रतिमाओं की आवाज’ (1968), 'उभरते प्रतिमानों के रूप’ (1969), 'जाल समेटा’ (1973), 'प्रारम्भिक रचनाएँ भाग 1-2’ (रचनाकाल : 1928-33; प्रकाशन काल : 1943), अतीत की प्रतिध्वनियाँ और मरघट के कुछ पद (रचनाकाल : 1932-33), 'कुछ नवीनतम कविताएँ’ (रचनाकाल : 1973-83)।खंड 4बच्चन रचनावली के इस चौथे खंड में बच्चनजी के द्वारा अनूदित निम्नलिखित काव्य-कृतियाँ क्रमानुसार संगृहीत हैं : 'खैयाम की मधुशाला’ (1935), 'जनगीता’ (1958), 'चौंसठ रूसी कविताएँ’ (1964), 'मरकत द्वीप का स्वर’ (1965), 'नागर गीता’ (1966), 'भाषा अपनी भाव पराये’ (1970), कुछ स्फुट-असंकलित अनुवाद।खंड 5बच्चन रचनावली के इस पाँचवें खंड में बच्चनजी के द्वारा अनूदित शेक्सपियर के चार नाटक निम्न क्रम से संगृहीत हैं : 'मैकबेथ’ (1957), 'ओथेलो’, (1959), 'हैमलेट’ (1969), 'किंगलियर’ (1972)।खंड 6बच्चन रचनावली के इस छठे खंड में बच्चनजी की कुछ गद्य-कृतियों और उनके कुछ स्फुट लेखन को इस क्रम में प्रस्तुत किया गया है : 'कवियों में सौम्य सन्त’ (1960), 'नये-पुराने झरोखे’, (1962), 'टूटी-छूटी कड़ियाँ’ (1973), 'सोपान’ आदि संकलनों—संचयनों की भूमिकाएँ और कुछ असंकलित लेख।खंड 7बच्चन रचनावली के इस सातवें खंड में बच्चनजी की आत्मकथा के प्रथम दो भाग प्रस्तुत किए जा रहे हैं : 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ’ (1969), 'नीड़ का निर्माण फिर’ (1970)।खंड 8बच्चन रचनावली के इस आठवें खंड में आत्मकथा का तीसरा भाग 'बसेरे से दूर’ (1977) और उनकी डायरी 'प्रवास की डायरी’ (1971) प्रस्तुत की जा रही है।खंड 9बच्चन रचनावली के इस नवें खंड में बच्चनजी का विविध लेखन निम्न क्रम में संगृहीत है : वार्ताएँ, साक्षात्कार, पुस्तक-समीक्षाएँ, कहानियाँ, बच्चों के लिए लिखी कविताएँ और पत्र।खंड 10बच्चन रचनावली के इस दसवें खंड में बच्चनजी की आत्मकथा का वह अन्तिम चौथा भाग संकलित किया गया है जो अभी तक 'दशद्वार’ से 'सोपान तक’ शीर्षक से स्वतंत्र रूप में उपलब्ध था। आत्मकथा के पहले तीन भाग 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ’, 'नीड़ का निर्माण फिर’ और 'बसेरे से दूर’ रचनावली के सातवें-आठवें खंडों में पहले से ही संकलित हैं।खंड 11बच्चन रचनावली का यह संस्करण इस खंड के साथ पूर्ण होता है। इस खंड में उनकी कुछ असंकलित कविताओं, एक साक्षात्कार, एक भाषण और एक भूमिका के अतिरिक्त मुख्यत: उनके पत्र हैं। बच्चनजी ने अपने जीवन में इतने अधिक पत्र लिखे थे, जो यदि एकत्र हो सकते तो बीस-पच्चीस मोटे खंडों में समाते। उन्होंने स्वयं कम-से-कम 50 हज़ार पत्र लिखने की बात स्वीकार की है।
POIROT INVESTIGATES
- Author Name:
Agatha Christie
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book has no description
INVESTONOMY Ameer Banane ki Stock Market Guide
- Author Name:
Shri Pranjal Kamra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samanya Ganit
- Author Name:
Shriniwas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book