Bihar Ke Aitihasik Gurudware
Author:
Subodh Kumar NandanPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789389471823
Pages: 104
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Pyaj Ki Parton Ka Rahasya By Sudha Murty | Hindi Edition Of How The Onion Got Its Layers
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kuchh Bhi Vaisa Nahin/Shiv Ki Chhati Par Kali Ka Paon/Yeh Unindi Raton Ka Samay Hai/Fir Ugana
- Author Name:
Uma Shankar Choudhary
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ireland Ki Lokkathayen | Interesting Stories, History & Random Facts About Ireland Book in Hindi
- Author Name:
Abhishek Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHARKHAND KE KRANTIKARI
- Author Name:
Anil Anuj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swarsamrat Deenanath Mangeshkar
- Author Name:
Vandana Ravindra Ghangurde
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SANTHALI HOOL KE MAHANAYAK
- Author Name:
SOMESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jab Bapu Ko Himalaya Ne Roka
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: भारतीय सांस्कृतिक नवजागरण के अग्रदूत गौतम बुद्ध, सम्राट् चंद्रगुप्त, आदिशंकराचार्य, समर्थ रामदास, महर्षि दयानंद सरस्वती, वेदांत केसरी स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामतीर्थ आदि महात्माओं ने हिमालय की गोद में प्रेरणा प्राप्त की। इसी की शरण और सान्निध्य में निष्काम कर्म यानी ‘अनासक्ति’ का महापाठ सीखा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी हिमालय से अभिभूत रहे। उनकी कृति गीता का अनुवाद ‘अनासक्ति योग’ संयोग से इसी हिमालय की प्रेरणा से पूरी हो पाई। यहीं उन्होंने इसकी सारगर्भित प्रस्तावना लिखी। इस पुस्तक में उनके व्यवहृत जीवन का दर्शन भी समाहित है। गीता को बापू ने किस तरह अपने आचरण में ढाल लिया, इसका भी जीवंत दस्तावेज है यह ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक। भारतव्यापी दौरे पर निकले बापू स्वास्थ्य लाभ और सीमांत पर्वतीय जनता में नई उमंग भरने यहाँ आए थे। ये वर्ष १९२९ की गरमियों के दिन थे। नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत होते हुए वह कौसानी पहुँचे। यहाँ की नयनाभिराम छटा और सामने दुग्ध धवल हिमालय के अप्रतिम-आध्यात्मिक सौंदर्य ने बापू के पाँवों में जैसी बेडिय़ाँ डाल दीं। दो दिन के प्रवास पर यहाँ आए गांधीजी पूरे १४ दिन यहीं रुके रह गए। कौसानी चाय बागान का यह अतिथि-गृह, जहाँ बापू ठहरे और ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक लिखी, वही आज ‘अनासक्ति आश्रम’ के नाम से जाना जाता है। भारतवर्ष के मस्तक हिमालय का जयघोष करती गौरवबोध करवाने वाली पठनीय कृति।
Ramayan Ke 51 Prerak Prasang
- Author Name:
Daji Panashikar
- Book Type:

- Description: "1 मई 1834 को जनमे दाजी पणशीकर (मूल नाम नहरिविष्णु शास्त्री) ने औपचारिक स्कूली शिक्षा के बाद व्याकरणाचार्य पिताश्री विष्णु शास्त्री से घर में ही वेदों की शिक्षा, साथ ही पं. श्रीपादशास्त्री किंजवडेकर से संत साहित्य एवं उपासना शास्त्र की विधिवत् शिक्षा ग्रहण की। प्रमुख संपादित ग्रंथ हैं : ‘एकनाथांचे भावार्थ रामायण-2 खंड’ जिसके दस संस्करण निकल चुके हैं। ‘श्रीनाथांचे आठ ग्रंथ’; प्रमुख टीका ग्रंथ : ‘कर्ण खरा कोण होता?’, ‘महाभारत एक सूडाचा प्रवास’, ‘कथामृत’। इनके अलावा कपटनीति, शब्दोत्सव आदि सात पुस्तकें भी लिखीं। गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली तथा विदेशों में अब तक लगभग 1800 व्याख्यान संपन्न। मराठी अखबारों में स्तंभ-लेखन।"
Prem Aur Sazish
- Author Name:
Sanjay Kumar Paul
- Book Type:

- Description: ‘प्रेम और साजिश’ कहानी माधव और अंकिता के प्रेम-प्रसंग से शुरू होकर बहुत से अदभुत मोड़ों से गुजरकर खत्म होती है। अंकिता की शादी की खबर सुनकर माधव का दिल टूट जाता है और वह सुसाइड करने की सोचता है। माधव का ममेरा भाई उसको प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। दो साल के अंदर एस.एस.सी. की प्रतियोगिता परीक्षा पास कर माधव सी.बी.आई. में सब इंस्पेक्टर बन जाता हैं। माधव की पोस्टिंग कोलकाता में होती है। माधव को बंगाली लडक़ी अन्नू से प्यार हो जाता है। इस बीच माधव को टॉलीवुड (बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री) की मशहूर अभिनेत्री लीना डे, जिसकी लाश श्रीनगर के एक होटल में पानी से भरे टब में मिलती है, का केस दिया जाता है। केस की छानबीन से पता चलता है कि लीना सपरिवार जम्मू में अपने किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल हुई थी। शादी के बाद लीना कश्मीर घूमना चाहती थी, पर उसका पति प्रसेनजित, जो एक फिल्म डायरेक्टर है, कश्मीर से कोलकाता आकर अभिनेत्री स्वास्तिका बनर्जी, जिसके साथ प्रसेनजित का अफेयर है, का जन्मदिन मनाता है। चूँकि घटना दूसरे राज्य में हुई थी, इसलिए पुलिस इसे नैसर्गिक मौत मानकर केस को रफा-दफा कर देती है। माधव असली अपराधी की तलाश में दिन-रात एक कर देता है। अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन जरूर कानून के शिकंजे में फँस जाता है। कहानी कई पड़ाव पार करते हुए अंत में अपने अंजाम तक पहुँच ही जाती है।
Bharatiya Grahak Andolan
- Author Name:
Siddhartha Shankar Gautam
- Book Type:

- Description: आधुनिक काल के भारतीय ग्राहक आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और इन 50 वर्षों की यात्रा में ग्राहक पंचायत ने यह सुनिश्चित किया है कि ग्राहक को उसका कानूनी अधिकार प्राहृश्वत हो तथा जहाँ अभी अधिकार प्राहृश्वत नहीं है, वहाँ आंदोलन और समाज के साथ से कानूनी अधिकार की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त हो। व्यापारी और ग्राहक के मध्य यदि आर्थिक आचरण ठीक न हो तो यह सामाजिक व्यवस्था को छन्न-भिन्न कर देता है। ग्राहक पंचायत ने इसी आर्थिक आचरण के व्याप्तिकरण हेतु जागरण के इतर जहाँ संभव हो, वहाँ संघर्ष का मार्ग चुना है और उसके इस मार्ग से निस्संदेह ग्राहक-हितों को व्यापक संरक्षण प्राहृश्वत हुआ है। आधुनिक ग्राहक हितों के इन्हीं संघर्षों को लक्षित करती है भारतीय ग्राहक आंदोलन यात्रा की यह पुस्तक।
Diabetes Quiz Book
- Author Name:
Ashok Jhingan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
251 Amazing Facts of Mathematics
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Mathematics pertains not only to calculations. Its inner beauty can be judged once you dive deep into the ocean of mathematics and bring to the surface some interesting pearls for self satisfaction. The deeper you dive, the better are the chances of obtaining pearls of superior quality. This book is a collection of 251 informative mathematical facts that have been gleaned through several years of extensive research. It not only deals with the history of ancient mathematics but also focuses on researches undertaken in recent times. The information collected here is so interesting and informative that lovers of mathematics and researchers alike will find this book of immense help. Potential mathematician as well as lovers of mathematics will be able to glimpse the other side of mathematics which is rarely observed in any book. Also useful for students of all classes that will help them develop interest in Mathematics.
Lady Susan
- Author Name:
Jane Austen
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paninikaleen Bharatvarsh पाणिनिकालीन भारतवर्ष | Cultural Study of Ashtadhyaya Book In Hindi
- Author Name:
Vasudev Sharan Agarwal
- Book Type:

- Description: पाणिनिकालीन भारतवर्ष आचार्य वासुदेवशरण अग्रवाल की अक्षय कीर्ति का स्वर्णकलश है। पाणिनि-संबंधी उनकी पहली कृति है--'पाणिनि ऐज सोर्स ऑफ इंडियन हिस्टरी '। डॉ. राधाकुमुद मुखर्जी के निर्देशन में लिखित यह उनका शोधप्रबंध है, जिसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने उन्हें सन् 1941 में पी-एच.डी. उपाधि प्रदान की थी। पाणिनि संबंधी उनके द्वारा संवर्द्धित रूप में पुनः प्रस्तुत दूसरा ग्रंथ-रत्न है--' इंडिया ऐज नोन टू पाणिनि '। इस पर सन् 1946 में लखनऊ विश्वविद्यालय ने ही उन्हें डी.लिटू. की उपाधि से विभूषित किया। उनके परीक्षकों में डॉ. राधाकुमुद मुखर्जी के अतिरिक्त महामहोपाध्याय डॉ. आर. शाम शास्त्री और प्रो. विधुशेखर भट्टाचार्य भी थे। वासुदेवजी ने द्वादश वर्षपर्यत संस्कृत भाषा और 'पाणिनीय अष्टाध्यायी ' का सम्यक् अध्ययन किया था । इसलिए वे पाणिनि के सूत्रों की व्याख्या में इतनी गहरी पैठ बना सके और भारत के इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ हमारे लिए उद्घाटित कर सके । उन्होंने एक बार पुन: इन दोनों कृतियों की सामग्री का उपयोग करते हुए हिंदी में एक सर्वथा नई कृति 'पाणिनिकालीन भारतवर्ष ' की रचना की, जो न केवल दोनों कृतियों का समाहार है, बल्कि अधिक पूर्णतर है। मातृभाषा हिंदी की अनुपम सेवा के साथ ही हिंदी-भाषियों पर उनका यह अतिशय अनुग्रह और उपकार है। प्राचीन बृहत्तर भारत की प्रामाणिक तस्वीर के लिए डॉ. अग्रवाल का यह ग्रंथ अनिवार्य है। इसमें पाणिनि और उनके शास्त्र के अतिरिक्त तत्कालीन भारत के भूगोल, सामाजिक जीवन, आर्थिक दशा, प्राचीन जनपद, राज्यतंत्र एवं शासन, शिक्षा और साहित्य, धर्म एवं दर्शन आदि सभी का विस्तार सहित विवरण और विवेचन है। यह भारतमाता के चरणों में अर्पित उनकी अनूठी श्रद्धांजलि और राष्ट्रभक्ति का अमिट अभिलेख है।
Hindi Ki Vishwavyapti
- Author Name:
Ganga Prasad Vimal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Cello for Bihar
- Author Name:
Dr. Rakesh Chopra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anandmath
- Author Name:
Bankim Chandra Chatterjee
- Book Type:

- Description: जीवानंद ने महेंद्र को सामने देखकर कहा, ‘‘बस, आज अंतिम दिन है। आओ, यहीं मरें।’’महेंद्र ने कहा, ‘‘मरने से यदि रण-विजय हो तो कोई हर्ज नहीं, किंतु व्यर्थ प्राण गँवाने से क्या मतलब? व्यर्थ मृत्यु वीर-धर्म नहीं है।’’जीवानंद- ‘‘मैं व्यर्थ ही मरूँगा, लेकिन युद्ध करके मरूँगा।’’कहकर जीवानंद ने पीछे पलटकर कहा, ‘‘भाइयो! भगवान् के नाम पर बोलो, कौन मरने को तैयार है?’’अनेक संतान आगे आ गए। जीवानंद ने कहा, ‘‘यों नहीं, भगवान् की शपथ लो कि जीवित न लौटेंगे।’’—इसी पुस्तक से‘आनंद मठ’ बँगला के सुप्रसिद्ध लेखक बंकिमचंद्र चटर्जी की अनुपम कृति है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में इसे स्वतंत्रता सेनानियों की ‘गीता’ कहा जाता था। इसके ‘वंदे मातरम्’ गीत ने भारतीयों में स्वाधीनता की अलख जगाई, जिसको गाते हुए हजारों रणबाँकुरों ने लाठी-गोलियाँ खाइऔ और फाँसी के फंदों पर झूल गए। देशभक्ति का जज्बा पैदा करनेवाला अत्यंत रोमांचक, हृदयस्पर्शी व मार्मिक उपन्यास।
UPTET VASTUNISTH SHRINKHLA HINDI BHASHA PAPER-I EVAM PAPER-II
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Police (UP) Arakshi Bharti Pareeksha-2024 Visheshank Mansik Abhiruchi (Mental Aptitude)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kautilya Arthshastra
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: ‘अर्थशास्त्र’ कौटिल्य यानी चाणक्य द्वारा रचित संस्कृत वाड्.मय का एक अद्भुत ग्रंथ है। इसका पूरा नाम ‘कौटिलीय अर्थशास्त्र’ है। चाणक्य सम्राट् चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। उन्होंने चंद्रगुप्त के प्रशासकीय उपयोग के लिए इस ग्रंथ की रचना की थी। यह मुख्यतः सूत्र-शैली में लिखा हुआ है। यह शास्त्र अनावश्यक विस्तार से रहित, समझने और ग्रहण करने योग्य सरल शब्दों में रचा गया है। ‘अर्थशास्त्र’ में समसामयिक राजनीति, अर्थनीति, विधि, समाजनीति तथा धर्मादि पर पर्याप्त प्रकाश डाला गया है। अभी तक इस विषय के जितने भी ग्रंथ उपलब्ध हैं, वास्तविक जीवन का चित्रण करने के कारण उनमें यह सबसे अधिक मूल्यवान् है। इस शास्त्र के प्रकाश में न केवल धर्म, अर्थ और काम का प्रणयन तथा पालन होता है अपितु अधर्म, अनर्थ तथा अवांछनीय का शमन भी होता है। राजनीतिक, आर्थिक, विधि आदि सिद्धांतों को जानने-समझने और व्यवहार में लाने के लिए एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण कृति।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book