Bas Itna Sa Khwab Hai "बस इतना सा ख्वाब है" | Motivational and Personal Transformation Stories Book in Hindi
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355621979
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Budha Aadmi Aur Samudra (Hindi Translation of The Old Man And The Sea)
- Author Name:
Ernest Hemingway
- Book Type:

- Description: बूढ़ा आदमी और समुद्र' उपन्यास एक बूढ़े गरीब मछुआरे के जीवन-संघर्ष की कहानी है। मछली पकडऩे जाना, मछली पकडऩे की कोशिश करना, उस कोशिश में कामयाब होना, फिर इस सफलता को अंजाम तक लाने की जद्दोजहद का नाम है 'बूढ़ा आदमी और समुद्र'। एक मछुआरे के जीवन-संघर्ष की यह दास्तान काल, समय और सीमा के बंधन से परे है। यह मछुआरा दुनिया के हर कोने में मौजूद है— अपने परिवेश से जूझता हुआ बिना किसी आक्रोश के, बिना किसी तिरस्कार भाव के। शायद यह मछुआरा एक विकसित आत्मा भी है। उसके सारे मनोभाव तात्कालिक हैं। वह समुद्र से, चिडिय़ों से और मछलियों से संवाद करता है। विषम परिस्थितियाँ उसे विचलित नहीं करतीं। उसकी जिजीविषा मरजीवड़े से कम नहीं। प्रकृति और मनुष्य के अंतर्संबंधों को बयान करता हुआ अर्नेस्ट हेमिंग्वे का यह उपन्यास निश्चित ही एक कालजयी रचना है तो फिर हम हिंदी के पाठक इससे क्यों वंचित रहते। अस्तु!
Pratham Vishwa Yuddha
- Author Name:
Capt. Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali For Class 6 To 8 Math And Science School Teacher With Latest Solved Papers And 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper -1 (Class I-V) Guide with Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GUNNERS AT THE BATTLEFRONT
- Author Name:
Lt Col Ashok Kumar Kher • Ravi Kher
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MILKHA SINGH
- Author Name:
Kumkum Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Ram Sabke Ram "मेरे राम सबके राम" Book in Hindi - Fazle Gufran
- Author Name:
Fazle Gufran
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Film Ki Kahani Kaise Likhein
- Author Name:
Vipul K. Rawal
- Book Type:

- Description: बहुत लोग होंगे जिनके पास एक अच्छी कहानी होगी, अगर नहीं तो कोई आइडिया होगा ही, लेकिन वह एक अच्छी फ़िल्म की पटकथा कैसे बने, यह जानना थोड़ा तकनीकी हुनर की माँग करता है। यह किताब आपको यही हुनर सिखाएगी। लेखक ख़ुद एक अच्छे पटकथाकार हैं, जिनकी लिखी फ़िल्में दर्शक देख चुके हैं। इस किताब में इन्होंने पटकथा-लेखन के ‘क-ख’ से शुरू करते हुए वे तमाम गुर बताए हैं, जिनके प्रयोग से आप एक अच्छी सफल फ़िल्म लिख सकते हैं। दो कामयाब फ़िल्मों ‘लगान’ और ‘सरफ़रोश’ का उदहारण देते हुए इन्होंने पटकथा-लेखन की सभी पेचीदगियों को समझाया है।
Antariksh Ki Kahani, Antariksh Yatriyon Ki Zubani
- Author Name:
Kali Shankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sensex Of Regional Parties
- Author Name:
Aaku Shrivastava
- Book Type:

- Description: This book by eminent journalist Aaku Srivastava, delves deep into the history of the politics of independent India with an aim to study the ups and downs of the regional parties arising with the contradictions and conflicts between the states against the ‘Centre’. These ‘contradictions’ first appeared in the early 1970s when local political forces in 7 to 8 states formed their own ‘united governments’ and offered localist alternatives to the ‘Centrist’ Congress policies. Linguistic and local cultural identities made this change possible. In the Centre too, two non-Congress parties and local parties formed governments. In the era of globalisation, this tendency of decentralisation became even more forceful and compelling. Perhaps that is why even now that Congress ‘centralism’ has been replaced by BJP, many localist identities keep clashing with BJP’s centralism as well. Aaku Srivastava critically examines the various dimensions of this fundamental contradiction of Indian politics. And they tell that this contradiction is due to ‘internal contradiction’ of our contemporary politics, which apparently appears to be a ‘curse for democracy’ but indirectly it seems to keep democracy alive. In my view, this book is a perfect read to understand the pulse of contemporary and future politics. —Sudhiesh Pachouri
Mahapurushon Ke Upadesh
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: रोम्या रोलाँ ने स्वामी विवेकानंद के बारे में कहा था, ''उनके द्वितीय होने की कल्पना करना भी असंभव है। वे जहाँ भी गए, सर्वप्रथम हुए। हर कोई उनमें अपने नेता का दिग्दर्शन करता था। वे ईश्वर के प्रतिनिधि थे तथा सब उनसे प्रभावित हो जाते थे--यह उनकी विशिष्टता थी। हिमालय प्रदेश में एक बार एक अनजान यात्री उन्हें देख, ठिठककर रुक गया और आश्चर्यपूर्वक चिल्ला उठा--' शिव !' यह ऐसा हुआ, मानो उस व्यक्ति के आराध्य देव ने अपना नाम उनके माथे पर लिख दिया हो।' प्रस्तुत पुस्तक में स्वामी विवेकानंदजी ने समय-समय पर रामायण, महाभारत, विश्व के महान् आचार्यों की कथाओं से प्रेरक उपदेश अपने अभिभाषणों में दिए, जो मानव-समाज के लिए बेहद उपयोगी हैं। इसलिए यह पुस्तक हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए ज्ञानवर्द्धछ के साथ-साथ जीवन में मार्गदर्शन करनेवाली है।
Kahani Ek IAS Pareeksha ki
- Author Name:
K. Vijayakarthikeyan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Ganit Prashnottari
- Author Name:
Dilip M. Salwi
- Book Type:

- Description: विज्ञान के इतिहास मे कॉपरनिकस को जिंदा जला दिए जाने की घटना चर्चा में रही है; मगर इससे एक हजार वर्ष पहले पाँचवीं सदी में सिकंदरिया की गणितज्ञा हाइपेशिया के साथ भी इसी तरह का सलूक किया गया था, ऐसा थोड़े ही लोग जानते हैं । गणित के क्षेत्र में ढेरों महान् खोजें हुई हैं; मगर स्वयं गणित लोकजीवन के सामान्य चिंतन से बाहर होता चला गया है । यही वजह है कि गणित एक नीरस विषय लगने लगा है और उसमें आम लोगों की दिलचस्पी घटने लगी है; जबकि जीवन का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं बचा है जहाँ अंकों से किसी-न-किसी का वास्ता न पड़ता हो । गणित की आकाशगंगा में भी एक- से-एक देदीप्यमान नक्षत्र हैं; यथा- आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त, महावीराचार्य, भास्कराचार्य, यूक्लिड, आर्किमिडीज, रेने डेकार्ट, डेविड हिल्बर्ट, गॉस, लाइबनिट्ज, रामानुजन आदि । यह कड़ी यहीं खत्म नहीं होती बल्कि सतत जारी है । सामान्यजन को गणित के विषय में तथ्यपरक जानकारी देना इस्र पुस्तक का उद्देश्य है ।
The Psychology Of Salesmanship (Pb)
- Author Name:
William Walker Atkinson
- Book Type:

- Description: This book has no description
Jeewan Sangram "जीवन संग्राम" Book in Hindi- K.L. Khanna
- Author Name:
K.L. Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskritik Prateek Kosh "सांस्कृतिक प्रतीक कोश" Book in Hindi
- Author Name:
Shobh Nath Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Namami Gramam
- Author Name:
Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramvilas Sharma Ke Patra
- Author Name:
Ramvilas Sharma
- Book Type:

- Description: लेखकों और कलाकारों के पत्रों में एक विशेष क़िस्म की ऊष्मा होती है। कारण कि वे अपने समय को न सिर्फ़ गहराई से देखते हैं, बल्कि उस पर एक विशेष नज़रिये से विचार भी करते हैं। इस पुस्तक में रामविलास शर्मा द्वारा लिखे गए पत्रों को खोजकर संकलित किया गया है। रामविलास जी हिन्दी आलोचना के बड़े स्तम्भ रहे हैं, और आज भी हैं। उन्होंने भाषा तथा साहित्य पर विपुल लेखन किया। इन पत्रों में हमें उनका एक अलग और बहुत आत्मीय रूप दिखाई देता है। उनके पत्रों को लेकर कुछ पुस्तकें पहले भी प्रकाशित हो चुकी हैं लेकिन उनमें उनके लिखे पत्र कम ही हैं। उन्हें लिखे गए पत्रों की संख्या ज़्यादा है। उनके लिखे पत्रों को एक ज़िल्द में उपलब्ध कराने की मंशा ही इस पुस्तक की वजह बनी। इन पत्रों को प्राप्त करने के लिए सम्बन्धित लोगों से पत्र-व्यवहार से लेकर साहित्यिक पत्रिकाओं में विज्ञापन तक दिए गए। इसके अलावा भी हर सम्भावित व्यक्ति से सम्पर्क किया गया, तब जाकर यह सामग्री एकत्र हो पाई। इन पत्रों में रामविलास जी की सहज संवेदना तो दिखाई देती ही है, पत्र पाने वालों की दैनन्दिन समस्याओं के प्रति गम्भीर सहानुभूति भी दृष्टिगोचर होती है। रामविलास जी की साहित्येतर रुचियों की जानकारी भी हमें इनसे मिलती है। कहने की ज़रूरत नहीं कि यह एक दस्तावेज़ी और संग्रहणीय पुस्तक है।
Barhavi Sadi Ki Kannad Kavayitriyan Aur Stree-Vimarsh
- Author Name:
Kashinath Ambalge
- Book Type:

- Description: सम्पूर्ण भारतीय साहित्य में, विशेषकर बारहवीं शताब्दी के दौर में, स्त्री-विमर्श की अनुगूँज केवल कन्नड़ साहित्य में उपलब्ध होती है। जाति-प्रथा का निषेध, वर्ण और वर्ग की विषमता का प्रतिरोध बारहवीं शताब्दी में केवल कन्नड़ भाषा-साहित्य में प्राप्त होता है। 5वीं शताब्दी में तमिल भाषा-साहित्य में निम्न वर्ग और दलित वर्ग के रचनाकारों को महत्त्व प्राप्त होता है, नायनार और आलवार सम्प्रदाय में मनुष्य की वेदना और अस्मिता को सामाजिक स्वीकृति मिलती है पर स्त्री-समुदाय को, वह भी लगभग पैंतीस महिला रचनाकारों को, सामाजिक, आध्यात्मिक और वर्ग चेतना के स्तर पर स्वीकृति केवल कन्नड़ भाषा-साहित्य में बारहवीं शताब्दी में उपलब्ध होती है। अपभ्रंश और प्राकृत भाषा-साहित्य में चेरी गाथाओं के बाद सम्पूर्ण भारतीय स्तर पर स्त्री-विमर्श का यह श्रेय कन्नड़ की अक्कमहादेवी और अन्यान्य शिवशरणियों को जाता है। मुक्तायक्का और अल्लमप्रभु ने भी कला, साहित्य, संस्कृति और दर्शन के स्तर पर अप्रतिम योगदान दिया है। राहुल सांकृत्यायन, भगवतीशरण उपाध्याय, रामविलास शर्मा और डी.डी. कोसम्बी की परम्परा में डॉ. काशीनाथ अंबलगे ने एक प्रतिबद्ध समीक्षक और तत्त्ववेत्ता के रूप में इस अभूतपूर्व कृति की रचना की है। विश्वास है, इसका आकलन सुधी पाठक और समर्थ आलोचक सम्यक् रूप से करेंगे। —रोहिताश्व
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book