Athashri Vedavyasa Katha "अथश्री वेदव्यास कथा" Book In Hindi - Omprakash Pandey
(0)
₹
400
320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789388984485
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Ancient Buddhist Wisdom for A Peaceful & Happy Life by Naveen Kumar Chandra IAS
- Author Name:
Naveen Kumar Chandra (IAS)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramayan Ke Patra "रामायण के पात्र" Book in Hindi - Ramji Bhai
- Author Name:
Ramji Bhai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mobile Journalism
- Author Name:
Dr. Rahul Dass
- Book Type:

- Description: This book on mobile journalism stitches together a tapestry of knowledge that will enable academics, students and the common people to have a deep and sound understanding about MoJo. Mobile journalism has seen an exponential growth in the recent years, with a large number of people taking to MoJo in their effort to tell stories. The mobile phone has practically revolutionized the way journalism was being pursued and significantly opened up the field of mass communication. The journey of the mobile phone from just being an instrument for making and receiving calls to today being the harbinger of change has been dramatic and perhaps, without any parallel. It is a fine example of the impact that technology has on everyday life of the ordinary people. A key aspect of this phenomenal growth has been the rapid advances in the technology that is now rolled into the mobile phone. Right from shooting high- quality images and videos to the software that can process those files to mind-boggling storage to handling a wide variety of activities, necessary for storytelling are now a part and parcel of mobile phones. Intrepid journalists as well as common people are now able to do a number of tasks for which they were earlier dependent on desktops and laptops. To generate and share stories on the move is an important differentiator.
Sanskritik Utthan Ka Marg
- Author Name:
Ram Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
"गोपी की डायरी-3" Gopi Ki Diary-3 Book in Hindi by Sudha Murty
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskrit for English Speaking People
- Author Name:
Dr. Ratnakar Narale
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pakistan-Bangladesh : Aatankvad Ke Poshak
- Author Name:
Arun Shourie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Karyalayeeya Hindi
- Author Name:
Kailash Nath Pandey
- Book Type:

- Description: "कार्यालयीय हिंदी ’70 के दशक के बाद की नवउदारवादी नीतियों, वृहद् नव-पूँजीवाद और बदलते बाजारूपन ने हिंदी को कई तरह की ‘करणत्रयी’ का शिकार बना दिया। एक ओर हिंदी भूमंडलीकरण, वैश्वीकरण तथा बाजारीकरण की गिरफ्त में आई तो दूसरी तरफ सत्ता और स्वार्थ के खेल ने इसे अंग्रेजीकरण, अरबीकरण तथा फारसीकरण में जकड़ दिया। परिणाम हुआ—हिंदी में कई तरह की विकृतियाँ व विकार पैदा हो गए। इस नए डिजिटल युग में ये सारे संकट हिंदी के सामने गैर-जमानती वारंट की तरह खड़े हो गए। भूमंडलीकरण अर्थात् पश्चिमीकरण एवं औपनिवेशिक प्रभाव के चलते हिंदी में ढेरों खामियाँ पसर गईं। इसके वाक्य-विन्यास, मुहावरे, हिज्जे, अंदाज और आवाज ने हिंदी को भ्रष्ट बना दिया। कुल मिलाकर हिंदी का पारंपरिक अनुशासन टूट रहा है। मोबाइल फोन और फेसबुक आदि यांत्रिक संचार साधनों पर भेजे जाने वाले संदेशों ने हिंदी व्याकरण और वाक्य-संरचना आदि को फिलहाल छिन्न-भिन्न कर ही दिया है, कार्यालयों में भी हिंदी-प्रयोग के प्रति अन्यमनस्कता-उदासीनता देखी जा रही है। अतः इन सब समस्याओं को दृष्टि में रखते हुए विशिष्ट भाषा और शिल्प-शैली में लिखी गई इस पुस्तक में कार्यालयों में हिंदी प्रयोग एवं राजभाषा के उपयोग को विश्वस्त, समृद्ध तथा सुगम-सरल बनाया गया है। विश्वास है, हिंदी जगत् इससे लाभान्वित होगा। "
KAISE-KAISE JAANWAR
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vinoba Ke Uddharan
- Author Name:
Nandkishore Acharya
- Book Type:

-
Description:
विनोबा की दृष्टि में उच्चतम कोटि का साहित्य मूलत: सत्यान्वेषण की स्वायत्त प्रक्रिया है—अनुभूत्यात्मक अन्वेषण की प्रक्रिया—और इसीलिए, वह उसे विज्ञान और आत्मज्ञान के समकक्ष—बल्कि शायद अधिक महत्त्वपूर्ण दर्जा देते हैं तथा साहित्य की शक्ति को 'परमेश्वर की शक्ति के बराबर' मानते हैं। साहित्यकारों की एकाधिक कोटियों को स्वीकार करते हुए भी वह सर्वाधिक महत्त्व उन साहित्यकारों को देते हैं, जिन्होंने किसी नए मार्ग का अन्वेषण किया होता है।
यह प्रक्रिया, विनोबा के अनुसार, केवल लेखक तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि पाठक या ग्रहीता में भी घटित होती है। वह, इसलिए अर्थ की निश्चितता को उत्तम साहित्य का गुण नहीं मानते। कह सकते हैं कि उत्तर-आधुनिकतावादी साहित्य-चिन्तकों की तरह वह साहित्यिक रचनात्मकता को अर्थ की निरंकुशता से मुक्ति के पक्षधर हैं। विनोबा उन साहित्यिक सैद्धान्तिकों की पंक्ति में आ खड़े होते हैं जो अर्थ या तात्पर्य को पाठकाश्रित मानते हैं। वह मानते हैं कि किसी रचना के न केवल परस्पर विरोधी भाष्य लिखे जा सकते हैं, बल्कि ऐसा भी भाष्य लिखा जा सकता है, जो स्वयं लेखक के अपने मन्तव्य के विरोध में हो और सम्भव है कि न केवल अन्य लोग, बल्कि स्वयं लेखक भी उसे स्वीकार कर ले। साहित्य के सत्य की अनुभूत्यात्मक प्रक्रिया होने के कारण विनोबा अपनी अनुभूति के प्रति निष्ठा को साहित्यकार के लिए अनिवार्य मानते हैं—यही साहित्यकार की नैतिकता है।
विनोबा के साहित्य-चिन्तन से सम्बन्धित लेखों और टिप्पणियों का यह चयन साहित्य-अध्येताओं की ही नहीं, सामान्य पाठक-वर्ग की साहित्यिक समझ को भी निश्चय ही उत्प्रेरित कर सकेगा, ऐसी उम्मीद की जा सकती है।
—प्रस्तावना से
''हमारे समय में ऐसे लोग विरले हैं जो किसी अन्य क्षेत्र में सक्रिय और निष्णात होते हुए साहित्य के बारे में कुछ विचारपूर्वक लिखें-कहें। महात्मा गाँधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी और अपने समय में अनूठे सन्त विनोबा भावे ने साहित्य पर कई बार विचार किया है जो अकसर हमारे ध्यान में नहीं आया और आता है। वरिष्ठ कवि-आलोचक नन्दकिशोर आचार्य ने विनोबा के साहित्य-चिन्तन को संकलित कर साहित्य पर सोचने की नई और विस्मृत दृष्टि को पुनरुज्जीवित किया है। हमें प्रसन्नता है कि रज़ा साहब के अत्यन्त प्रिय विनोबा जी की यह सामग्री हम प्रस्तुत कर रहे हैं।"
—अशोक वाजपेयी
Uttar Pradesh General Studies "सामान्य अध्ययन" Part-1 Main Examination, Paper-V Book in Hindi | UPPSC, ACF, RFO UPSSSC Lower PCS, Jr Assistant, VDO आदि परीक्षाओं के लिए उपयोगी
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SBI Junior Associates Customer Support And Sales 2023 Preliminary Exams "प्रारम्भिक परीक्षा" 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Din Nepal Mein
- Author Name:
Ramesh Pokhariyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hum Sab Fake Hain
- Author Name:
Neeraj Badhwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Itihas Prashnottari
- Author Name:
Sachin Singhal
- Book Type:

- Description: "1000 इतिहास प्रश्नोत्तरी इतिहास का खेल न्यारा है; और इतिहास अपने को दुहराता भी है। इसीलिए इतिहास में लोगों की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है—चाहे वह परिवार का हो, राष्ट्र का हो या विश्व का। प्रस्तुत पुस्तक एक सामान्य पाठक और उसके इतिहास के ज्ञान के स्तर को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है। पुस्तक को बहुविकल्पीय प्रश्नों की शैली में लिखा गया है। चार भागों में विभक्त पुस्तक को महत्त्वपूर्ण उपभागों में बाँटा गया है; जैसे—सिंधु घाटी सभ्यता के स्रोत, वैदिक सभ्यता, मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य, जैन एवं बौद्ध धर्मों का उदय, दक्षिण के साम्राज्य, मुगल काल, मराठा राज्य, अंग्रेजी शासन और भारत का स्वतंत्रता संघर्ष आदि। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें एक सही उत्तर है, जिससे पाठक प्रश्न का सही उत्तर ढूँढ़ने के लिए अपनी तर्कशक्ति का भी प्रयोग कर सकते हैं। विश्वास है, पुस्तक पाठकों को अच्छी लगेगी तथा उनके इतिहास के ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगी। "
Dictionary of Chemistry
- Author Name:
Taniya Sachdeva
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yog Aur Yogasan
- Author Name:
Swami Akshay Atmanand
- Book Type:

- Description: "महर्षि पतंजलि ने एक सूत्र दिया है- ' योगश्चित्त: वृत्ति निरोध: ' । इस सूत्र का अर्थ है-' योग वह है, जो देह और चित्त की खींच-तान के बीच, मानव को अनेक जन्मों तक भी आत्मदर्शन से वंचित रहने से बचाता है । चित्तवृत्तियों का निरोध दमन से नहीं, उसे जानकर उत्पन्न ही न होने देना है । ' ' योग और योगासन ' पुस्तक में ' स्वास्थ्य ' की पूर्ण परिभाषा दी गई है । स्वास्थ्य की दासता से मुक्त होकर मानवमात्र को उसका ' स्वामी ' बनने के लिए राजमार्ग प्रदान किया गया है । ' स्वास्थ्य ' क्या है? ' स्वस्थ ' किसे कहते हैं? मृत्यु जिसे छीन ले, मृत्यु के बाद जो कुछ हमसे छूट जाए वह सब ' पर ' है, पराया है । मृत्यु भी जिसे न छीन पाए सिर्फ वही ' स्व ' है, अपना है । इस ' स्व ' में जो स्थित है वही ' स्वस्थ ' है । कहावत है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है । यदि शरीर ही स्वस्थ नहीं होगा तो आत्मा का स्वस्थ रहना कहाँ संभव होगा । इस पुस्तक को पढ़कर निश्चय ही मन में ' जीवेम शरद: शतम् ' की भावना जाग्रत होती है । प्रस्तुत पुस्तक उनके लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है जो दवाओं से तंग आ चुके हैं और स्वस्थ व सबल शरीर के साथ जीना चाहते हैं ।
Sarvagya "सर्वज्ञ" (Hindi Translation of Aumnism - The First Ray of Dawn)
- Author Name:
Shyamiva, Swapnil Arora
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aakarshan ka Niyam
- Author Name:
William Walker Atkinson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rahim Rachnawali
- Author Name:
Satyaprakash Mishra
- Book Type:

- Description: डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित इस रचनावली में रहीम के नाम से प्रचलित सभी रचनाओं का समावेश किया गया है। पाठ को प्रामाणिक बनाने के प्रयत्न के साथ ही साथ सम्पादक ने अपनी विस्तृत भूमिका में रहीम के विषय में प्रामाणिक सामग्री दी है। रहीम की भूमिका को निर्धारित करते हुए पुस्तक में रहीम द्वारा प्रयुक्त नई शैलियाँ और काव्य प्रयोगों को रेखांकित करके सम्पादक ने उस युग के काव्य मिज़ाज को समझाने का महत्त्वपूर्ण प्रयत्न किया है। रहीम के स्वनिर्मित स्वाभिमानी व्यक्तित्व और उनकी त्रासदी को समझे बग़ैर उनकी कविताओं को समझना कठिन है—यह इस ग्रन्थ को पढ़ने से और अधिक उजागर होगा। इस संग्रह की भूमिका और मूल पाठ से रहीम के साथ ही साथ मध्ययुगीन काव्य की मानसिक बुनावट और काव्य सन्दर्भ को समझने में मदद मिलेगी—यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book