Ideas and Opinions
(0)
₹
500
₹ 400 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
A new edition of the most definitive collection of Albert Einstein’s popular writings gathered under the supervision of Einstein himself. The selections range from his earliest days as a theoretical physicist to his death in 1955; from such subjects as relativity, nuclear war or peace, and religion and science, to human rights, economics, and government. Ideas and Opinions presents the famed theoretical physicist Albert Einstein's observations on the development of his academic discipline and also his views on such diverse social topics as freedom, religion, education, politics, government, pacifism, disarmament, the fate of the Jewish people in Nazi Germany, and the likelihood of a nuclear holocaust.
Read moreAbout the Book
A new edition of the most definitive collection of Albert Einstein’s popular writings gathered under the supervision of Einstein himself. The selections range from his earliest days as a theoretical physicist to his death in 1955; from such subjects as relativity, nuclear war or peace, and religion and science, to human rights, economics, and government.
Ideas and Opinions presents the famed theoretical physicist Albert Einstein's observations on the development of his academic discipline and also his views on such diverse social topics as freedom, religion, education, politics, government, pacifism, disarmament, the fate of the Jewish people in Nazi Germany, and the likelihood of a nuclear holocaust.
Book Details
-
ISBN9789355717238
-
Pages416
-
Avg Reading Time14 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
The Magic of Faith
- Author Name:
Dr. Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHER AUR CHUHA
- Author Name:
Yash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jad Kata Ped Tatha Anya Laghu Kathayen "जड़-कटा पेड़ तथा अन्य लघुकथाएँ" | Short Fiction Stories Book in Hindi
- Author Name:
Ramniwas ‘Manav’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ghatak Rogon Se Kaise Bachen
- Author Name:
M.P. Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Uttar Pradesh Prashnottari
- Author Name:
Sanjay Kumar Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acres of Diamond
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mission Mangal : Bhartiya Mangalyaan Ki Gaurav Gatha
- Author Name:
Rahul 'Atishayokti'
- Book Type:

- Description: "भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने हौसलों से इस स्वप्न को साकार कर एक इतिहास रच दिया। मंगलयान की कामयाबी एक दुश्वार कसौटी थी, जिसने इससे जुड़े प्रत्येक इनसान के आत्मबल, इच्छाशक्ति और संयम को परखते हुए उसे कुंदन की तरह निखारने का कार्य किया। विषम परिस्थितियों में सफल होने के लिए पूरी टीम का एकलक्षित होना इसे अपने आपमें महत्त्वपूर्ण बनाता है। राहुल ‘अतिशयोक्ति’ द्वारा लिखी यह पुस्तक ‘मंगलयान’ मिशन की परिकल्पना से लेकर उसके निर्माण, लॉञ्चिंग समेत उस यात्रा को विस्तार से बताती है, जो कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति को दरशाती है। इस पुस्तक में हर पड़ाव को बेहद खूबसूरती से, गहनता से हर स्थिति के सजीव वर्णन के साथ भारतीय वैज्ञानिकों के आत्मबल, इच्छाशक्ति और चुनौतियों को पार कर लक्ष्य को पाने की जुझारू प्रवृत्ति से रूबरू कराती है, साथ ही मंगलयान की संपूर्ण सफलताओं के यशोगान को चिरस्थायी बनाने का महती काम करेगी। ‘6 माह की अवधि के लिए भेजे गए मिशन मंगलयान का 6 वर्ष बाद भी’ अनवरत कार्य करना और अब भी अपनी यात्रा पर निरंतर गतिमान रहने की कहानी हर भारतीय को गर्व की अनुभूति कराती है। "
Soor Padawali
- Author Name:
Vagdev
- Book Type:

- Description: कृष्ण-भक्ति शाखा के कवियों में महाकवि सूरदास का नाम शीर्ष पर प्रतिषष्ठित है। अपनी रचनाओं में उन्होंने अपने आराध्य भगवान् श्रीकृष्ण का लीला-गायन पूरी तन्मयता के साथ किया है। घनश्याम सूर के रोम-रोम में बसते हैं। गुण-अवगुण, सुख-दुःख, राग-द्वेष लाभ-हानि, जीवन-मरण—सब अपने इष्ट को अर्पित कर वे निर्लिप्त भाव से उनका स्मरण-सुमिरन एवं चिंतन-मनन करते रहे। सूदासजी मनुष्यमात्र के कल्याण की भावना से ओतप्रोत रहे। उनके अप्रयत्यक्ष उपदेशों का अनुकरण करके हम अपने जीवन को दैवी स्पर्श से आलोकित कर सकते हैं—इसमें जरा भी संदेह नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक में सूरदासजी के ऐसे दैवी पदों को संकलित कियाग या है, जिनमें जन-कल्याण का संदेश स्थान-स्थान पर पिरोया गया है। पुस्तक में सूरकृत ‘विरह पदावली’, ‘श्रीकृष्ण बाल-माधुरी’ और ‘राम चरितावली’ के प्रमुख पदों को सरल भावार्थ सहित प्रस्तुत किया गया है, जिससे कि सामान्य पाठक भी उन्हें सरलता से ग्रहण करके भक्तिरस के आनंद-सागर में गोते लगा सकें।
Swaraj Ka Shankhnaad
- Author Name:
Siddhartha Shankar Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SAAT BAUNE AUR RAJKUMARI
- Author Name:
Rashmi Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Malala Yousafzai
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Treaty of Silence: An Mysterious Horror Thriller Novels By Era Tak Book In Hindi
- Author Name:
Era Tak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vetal Pachchisi "वेताल पच्चीसी" | Adventures Stories From Vikram Betal Indian Mythology | Book in Hindi
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Desh, Tumhara Desh
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

-
Description:
अतीत की साझेदारी के बावजूद भारत और पाकिस्तान के स्कूलों में स्वाधीनता संघर्ष का इतिहास बिलकुल अलग ढंग से पढ़ाया जाता है। इतिहास की पढ़ाई दो परस्पर विरोधी राष्ट्रीय अस्मिताओं का निर्माण करती है। कुछ घटनाओं पर ज़ोर देकर और कुछ को छोड़कर स्कूली पाठ्य-पुस्तकें किस तरह दो अलग आख्यान रचती हैं, प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार की यह किताब इसी प्रश्न की गहराइयों में जाकर बच्चों की शिक्षा को प्रभावित करनेवाले सांस्कृतिक और विचारधारा-सम्बन्धी आग्रहों की पड़ताल करती है।
विश्लेषण के दायरे में 1857 के विद्रोह से लेकर विभाजन और स्वतंत्रता तक की सभी घटनाओं का भारत और पाकिस्तान की समकालीन पाठ्य-पुस्तकों में चित्रण शामिल किया गया है। इसके अलावा गांधी और जिन्ना जैसे व्यक्तित्वों की प्रस्तुतियों की छानबीन और व्याख्या भी की गई है। किताब के अन्तिम हिस्से में लाहौर और दिल्ली के बच्चों द्वारा लिखे गए निबन्धों का विश्लेषण शामिल है। यह विश्लेषण बच्चों की प्रतिक्रियाओं में निहित ताज़गी और दोटूकपने को चिन्हित करता है।
‘मेरा देश, तुम्हारा देश’ यह उम्मीद जगानेवाली किताब है कि भारत और पाकिस्तान अपनी आज़ादी के साठ वर्ष बाद विभाजन की पीड़ादायी स्मृति से उबरकर शान्ति का रास्ता खोज सकते हैं। प्रख्यात इतिहासकार सुमित सरकार ने इस पुस्तक को अपनी तरह के पहले कदम की संज्ञा दी है।
Swarsamrat Deenanath Mangeshkar
- Author Name:
Vandana Ravindra Ghangurde
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shikhar Par Jijivisha
- Author Name:
Kumar Manish Arvind
- Book Type:

- Description: शिखर पर जिजीविषा' साहित्यकर कुमार मनीष अरविन्द की संघर्ष यात्रा है. यह अपने तरह की पहली पुस्तक है. संघर्षशील साहित्यकार के जीवन संघर्ष पर आधारित औपन्यासिक स्वाद वाला विशिष्ट संस्मरणात्मक कृति है यह. यह कृति साहित्य में जीवंतता तथा समाज में जिजीविषा का उद्घोष है.
Film Ki Kahani Kaise Likhein
- Author Name:
Vipul K. Rawal
- Book Type:

- Description: बहुत लोग होंगे जिनके पास एक अच्छी कहानी होगी, अगर नहीं तो कोई आइडिया होगा ही, लेकिन वह एक अच्छी फ़िल्म की पटकथा कैसे बने, यह जानना थोड़ा तकनीकी हुनर की माँग करता है। यह किताब आपको यही हुनर सिखाएगी। लेखक ख़ुद एक अच्छे पटकथाकार हैं, जिनकी लिखी फ़िल्में दर्शक देख चुके हैं। इस किताब में इन्होंने पटकथा-लेखन के ‘क-ख’ से शुरू करते हुए वे तमाम गुर बताए हैं, जिनके प्रयोग से आप एक अच्छी सफल फ़िल्म लिख सकते हैं। दो कामयाब फ़िल्मों ‘लगान’ और ‘सरफ़रोश’ का उदहारण देते हुए इन्होंने पटकथा-लेखन की सभी पेचीदगियों को समझाया है।
Anyatra
- Author Name:
Ashok Vajpeyi
- Book Type:

- Description: अपने समय के कुछ मूर्धन्य लेखकों, चित्रकारों और संगीतकारों के साथ बातचीत करने का अवसर मिलना हर तरह से सौभाग्य कहा जाएगा। ऐसी बातचीत में अकसर किसी व्यक्ति की जिन्दगी, दृष्टि, उलझनों और उत्सुकताओं के अनेक अनजाने पहलुओं से साक्षात् हो पाता है। इनमें से अधिकांश साक्षात्कार ‘आलोचना’ (त्रैमासिक) और ‘पूर्वग्रह’ में प्रकाशित हुए थे। उनका शुरू से ही आग्रह अनौपचारिक आलोचना को भी जगह देने का था और ये उसी का हिस्सा थे। तब जानबूझकर बातचीत का स्वाद बनाए रखने के लिए उसे लगभग जस का तस दे दिया जाता था। इतने बरसों बाद अब शायद इसलिए कहीं-कहीं अटपटापन लगे, पर उस समय के स्वाद का भी पता चले, इसलिए उस सामग्री में नोक-पलक सुधारने की कोशिश नहीं के बराबर की गई है। कई बार बातचीत मैंने अकेले नहीं की है। उसमें नामवर सिंह, विजयदेव नारायण साही, रमेशचन्द्र शाह, राहुल बारपुते, भगवत रावत, गीता कपूर, मंगलेश डबराल, उदय प्रकाश, सुदीप बनर्जी, सत्येन कुमार, ज्योत्स्ना मिलन, मदन सोनी, उदयन वाजपेयी भी शामिल थे। जो परिसंवाद शामिल किया गया है उसमें कुँवर नारायण, नेमिचन्द्र जैन, रघुवीर सहाय, कमलेश, जगदीश स्वामीनाथन, विजय मोहन सिंह भी शामिल थे। इन सभी के प्रति कृतज्ञता। उनकी शिरकत से कई बातचीतें अनेक दृष्टियों का समवाय भी बन पाई हैं। जिनसे बातचीत की गई थी उनमें से जैनेन्द्र कुमार, आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी, शमशेर बहादुर सिंह, रघुवीर सहाय, निर्मल वर्मा, पण्डित कुमार गन्धर्व और चेस्लाव मीलोष अब इस संसार में नहीं हैं। पहली बातचीत 1976 की है और आखि़री 2006 की। अगर बातचीत को एक निजी विश्लेषण और आकलन मानें तो यह लगभग 30 वर्षों में फैला ऐसा दस्तावेज़ है जो उसे एकत्र करता है।—भूमिका से
Lokpriya Jatak Kathayen
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chitthiyon Ke Din
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

-
Description:
‘चिट्ठियों के दिन’ निर्मल वर्मा के रमेशचन्द्र शाह, ज्योत्स्ना मिलन और उनकी बेटियों—शंपा शाह व राजुला शाह को लिखे पत्रों का संकलन है।
अस्सी के दशक में लिखे गए इन पत्रों में निर्मल जी की वह दुनिया दिखाई देती है; जिसके बहुत कम हिस्से से हम परिचित हैं। इनमें उनका अकेलापन भी दिखता है, और संवादप्रियता भी, लेखक के रूप में अपनी नियति का सामना करने की तैयारी भी और समकालीनों के षड्यंत्रों-आक्षेपों-प्रहारों को समझते-जानते हुए उनसे अछूते रहने की उनकी नैतिक शक्ति भी।
इसी पुस्तक में शामिल अपने वक्तव्य में रमेशचन्द्र शाह लिखते हैं, ‘निर्मल जी सभा-संगोष्ठियों में शिरकत करते हुए जितना सबके साथ होते थे, उतना ही अपने साथ। अन्तर्मुखता की शर्तों पर ही वे पर्याप्त बहिर्मुखता का भी निर्वाह किस ख़ूबी से कर पाते थे, एक समूची पीढ़ी इसकी गवाह है। यही ख़ूबी उनके ‘पत्रों’ में भी है।... सेल्फ़ रिवीलिंग, स्व-संवेदी, आत्मोद्घाटक; किन्तु स्व-केन्द्रित कदापि नहीं।’
इन पत्रों में अनेक पुस्तकों, लेखकों और पत्र-पत्रिकाओं के हवालों के साथ-साथ तत्कालीन हिन्दी-संसार और विश्व-साहित्य की हलचलों की भी जानकारी प्राप्त होती चलती है जिससे पाठक को उस दौर को जानने और निर्मल जी के कथाकार व चिन्तक रूप को समझने में भी मदद मिलती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book