Apani Yaddashta Kaise Badhayen
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789351864813
-
Pages88
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Teacher Recruitment" Class 11 To 12 Samajshastra "Sociology" 20 Practice Sets- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ped Tatha Anya kahaniyan
- Author Name:
Ashwini Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: कहानी अपने समय को सच्चाई को व्यक्त करने की सशक्त विधा है। आज एक बहुत बड़ा समाज, उसकी चिंताएँ, बाजार के सरोकार और वैश्विक महामारी से उत्पन्न खतरे तथा स्थितियाँ कहानीकार के सामने चुनौती के रूप में उपस्थित हैं। प्रस्तुत संग्रह की ये कहानियाँ इसी तात्कालिक पृष्ठभूमि में विकसित होती हैं, पर धैर्यपूर्वक अपनी पूर्ण संवेदनात्मक संरचना के साथ पाठक से सीधे-सीधे जुड़ती हैं। कथा, घटनाएँ, पारिवारिकता, सामाजिकता और महामारी की दहशत, सबमें अद्भुत सामंजस्य और संतुलन है। संग्रह की कई कहानियाँ कोरोना के आतंक से मुक्त हैं । ऐसी कहानियों में 'सुआपंखी साड़ी' विशेष उल्लेखनीय है, जिसमें एक श्रमिक के दांपत्य जीवन का भावपूर्ण चित्र है।' महानता' कहानी में जुगाड़ संस्कृति के आगे योग्य व्यक्तियों को असहायता पर तीखा व्यंग्य है। 'असफल होती प्रेमकथा' पारंपरिक प्रेम कथाओं के ताने-बाने से हटकर एक अपरिमेय पृष्ठभूमि पर आकार लेती है, जिसमें उसकी असफलता सांकेतिक है। कथ्य की किंचित् वक्रौयता और प्रस्तुति कौ दृश्यात्मकता इन कहानियों की विशेषता है। कहानी 'पेड़' एक विशेष कथा है, जो यह बताती है कि पेड़ हमारे परिवार के सदस्य हैं, इनको सुरक्षा पूरे समाज का अनिवार्य दायित्व है। विश्वास है, इस संग्रह की ये कहानियाँ बहुत दूर तक और बहुत देर तक पाठकों के साथ रहेंगी।
Bhakti Yoga (Pb)
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Patrakarita Evam Jansanchar Prashnottari
- Author Name:
S.P. Chaitanya
- Book Type:

- Description: वर्तमान युग में जन-संचार माध्यमों की भूमिका का क्षेत्र काफी विस्तृत हो गया है । आजादी के बाद के साठ वर्षों में जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव आया है । आज अखबार मित्रता करना भी सिखा रहे हैं । अखबार उपहार दिलाते हैं, विदेश की सैर कराते हैं और नकद इनाम भी दिलाते हैं ।पत्रकारिता एवं जन-संचार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व बदलाव आया है । प्रिंट मीडिया की आज देश के कोने-कोने तक पहुँच है । खोजी पत्रकारिता एवं स्टिंग ऑपरेशन आज खूब लोकप्रिय हैं । प्रेस का दायरा एवं दायित्व बहुत बढ़ गए हैं । लोकतंत्र में पत्रकारिता यानी मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है ।आज की भागमभाग की जीवनचर्या में सभी के पास समय का अभाव है । दूसरे, आज हर क्षेत्र में प्रतियोगिता का बोलबाला है । इसी को ध्यान में रखकर पत्रकारिता जगत् की समस्त जानकारी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है । प्रस्तुत पुस्तक में जनसंचार के सिद्धांत प्रशिक्षण, पत्रकारिता का इतिहास, प्रिंट मीडिया, फोटो पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, टी.वी., केबल चैनल, कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रेस कानून, विज्ञापन, स्टिंग ऑपरेशन, जनसंपर्क इत्यादि से संबंधित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं ।प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विश्व- विद्यालयों में पढ़ाए जानेवाले पत्रकारिता एवं जन-संचार के पाठ्यक्रमों के आधार पर तैयार की गई है । निश्चय ही यह विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं सामान्य पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है ।
Indradhanush Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Jagannath Prasad Das
- Book Type:

- Description: भाग साहित्याकाश में जगन्नाथ प्रसाद दास की अपनी व्याप्ति है। एक लेखक, कवि, नाटककार, उपन्यासकार, चित्रकार, कलामर्मज्ञ, अभिनेता और आंदोलकारी या कहें कि जागरूक नागरिक के रूप में पिछले पाँच से भी अधिक दशक से वे देश के सृजनात्मक, साहित्यिक परिदृश्य पर छाए रहे । 'इंद्रधनुष और अन्य कहानियाँ' दास की रचनाओं का अनूठा संकलन है । हिंदी-जगत् के लिए ओड़िया-हिंदी की सुधी अनुवादक सुजाता शिवेन का नाम अनजाना नहीं है। संकलन में कुल 11 कहानियाँ शामिल हैं। मानवीय संबंध इनका मूल है, तो समय, समाज और परिस्थितियाँ इनकी वाहक । इन कहानियों की विशेषता यह भी है कि ये नैदानिक और अलग-अलग विवरणों से शुरू होती हैं, लेकिन किसी बिंदु पर अनजाने उनका मूड बदल जाता है और वे पाठक को एक अज्ञात क्षेत्र में ले जाती हैं, जहाँ अनसुलझे रिश्तों और रहस्यों की छाया में पाठक खुद को खोजता है । इन कहानियों के पात्र एक-दूसरे में सूक्ष्म रूप से चरणबद्ध हैं। इन कहानियों की एक विशेषता- विस्तार की धीमी, पर जान-बूझकर की गई वृद्धि है, जो पाठक को बेदम और अधीर बनाने के लिए पर्याप्त है। अपने अनूठे शिल्प और कथानक के साथ ये पाठकों को अपरिहार्य चरमोत्कर्ष पर ले जाती हैं, जिससे वह कहानी-दर-कहानी राहत तो पाता है, पर अंतत: अतृप्त रह दूसरी कहानी की ओर आगे बढ़ जाता है।
DNA of Bharat : The World Guru
- Author Name:
Dr. Jaikaran
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Living My Convictions
- Author Name:
Shanta Kumar
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Raigarh Gharane Ki Kathak Rachnaon ka SaundryaBodh
- Author Name:
Dr. Yasmin Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
THE RICHEST MAN IN BABYLON
- Author Name:
George S. Clason
- Rating:
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have any Description
A Hindu View Of Arts
- Author Name:
Dattopant Thengadi
- Book Type:

- Description: The curiosity and interest of European art-lovers in the aesthetic aspect of Hindu life continued uninterruptedly. That gave rise on the one hand to ever-increasing appreciation by the genuine devotees of arts and, on the other, jealousy and anxiety on the part of imperialists and their stooges in the field of art. The sculpture of ancient and medieval India claims its place on the very highest levels of artistic achievement. We shall not find a sculptural art of a more profound intention, a greater spirit, a more consistent skill of achievement. An assured history of two millenniums of accomplished sculptural creation is a rare and significant fact in the life of a people... All Hindu Art orginates from, is dedicated to, and finds its fulfilment in, the realisation of the Absolute, the One without the second. Art is charged with a spiritual message in India today, the message of the Nationality... Hence, art offers us the opportunity of a great common speech and its rebirth is essential to the up-building of the motherland its reawakening rather.
Bachcho, Seekho Achchhi Baten
- Author Name:
Dr. Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sentinel of The Himalayas: Colonel Chewang Rinchen
- Author Name:
Kiran Bhole, Rupam Chandra Roy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gurudutt Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Gurudutt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar B.Ed Sanyukt Pravesh Pareeksha CET B.Ed. 2023 Combined Entrance Test 20 Practice Sets in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Warren Buffett Bol Raha Hoon
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CHHATROPAYOGI SACHITRA SAMANYA GYAN
- Author Name:
Yash Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jo Meri Nas-Nas Mein Hai "जो मेरी नस-नस में है" Book in Hindi
- Author Name:
Manoj ‘Muntashir’ Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vivek Ki Seema
- Author Name:
N.K. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sansar Mein Nirmal Verma : Uttararddh
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

-
Description:
संसार में निर्मल वर्मा का यह दूसरा खंड—उत्तरार्द्ध—उनके उत्कर्षकाल के दिनों में लिये गए साक्षात्कारों की प्रस्तुति है। यह उनके जीवन का वह दौर भी था जब अपने विचारों और उनकी निडर अभिव्यक्ति के चलते उन्हें बार-बार विवादों का सामना करना पड़ा। इन साक्षात्कारों में निःसंदेह इन विवादों की प्रतिध्वनियाँ भी सुनाई देती हैं।
अपनी वैचारिक और रचनात्मक यात्रा के अलावा यहाँ निर्मल जी अपने बचपन, पारिवारिक पृष्ठभूमि, इतिहास के कुछ निर्णायक पलों—मसलन बँटवारा और गाँधी जी की हत्या—से जुड़ी अपनी निजी अनुभूतियों को भी शब्द देते हैं। धर्म, इतिहास, मार्क्सवाद, भाषा, अन्तरराष्ट्रीय साहित्य, भारतीय राजनीति, आपातकाल आदि विषयों पर उनके विचारों को जानना उद्घाटनकारी भी है और विचारोत्तेजक भी।
मिसाल के तौर पर हिन्दी-भाषी समाज के संकट पर विचार करते हुए वे कहते हैं कि किसी हिन्दी-भाषी व्यक्ति को अगर केरल की फ़िल्म समझ न आए, यह बात समझ में आती है लेकिन हिन्दी लेखकों या हिन्दी फ़िल्मकारों को समझने में आम जनता को मुश्किल पड़ती है, तो ये एक गहरे सांस्कृतिक संकट का संकेत है।
इसी तरह कई अन्य चीज़ों पर नए ढंग से सोचने के लिए इन साक्षात्कारों में अनेक मौलिक प्रस्थान बिन्दु मिलते हैं। साक्षात्कारों के अलावा इस जिल्द में उन पर बनी फ़िल्मों और विविध मीडिया कार्यक्रमों के दौरान की गई वार्ताओं के अंश भी सम्मिलित कर लिये गए हैं।
Statehood for Delhi?
- Author Name:
S.K. Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book