Acharya Chanakya
Author:
Anil Kumar 'Salil'Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 40
₹
50
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789386001474
Pages: 24
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ateet Ke Antaral
- Author Name:
Mohanlal Upadhyaya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bas Itna Sa Khwab Hai "बस इतना सा ख्वाब है" | Motivational and Personal Transformation Stories Book in Hindi
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KHEL-KHEL MEIN GANIT (FC)
- Author Name:
SHAILENDRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Surang Ke Paar Bihar
- Author Name:
Kumar Dinesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Perfect Cursive Writing
- Author Name:
Prabhas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhuvneshwar Samagra
- Author Name:
Bhuvneshwar
- Book Type:

- Description: भुवनेश्वर प्रेमचन्द की खोज हैं। इसके दो प्रमाण हैं—(1) उनकी अब तक प्राप्त 12 कहानियों में से 9 और अब तक प्राप्त 17 नाटकों में से 9 प्रेमचन्द द्वारा संस्थापित ‘हंस’ पत्रिका में ही प्रकाशित हुए। और (2) भुवनेश्वर की पहली और एकमात्र प्रकाशित किताब ‘कारवाँ’ की पहली समीक्षा ख़ुद प्रेमचन्द ने लिखी। लेकिन भुवनेश्वर मात्र एक कहानीकार–एकांकीकार ही नहीं, एक उत्कृष्ट कवि, सूक्तिकार और मारक टिप्पणीकार भी हैं। अपने सम्पूर्ण लेखन में वे कहीं भी दबी ज़बान से नहीं बोलते। उनकी अंग्रेज़ी की 10 कविताओं में सत्यकथन की अघोर हिंसा का जो हाहाकार है वह हिन्दी कविता के तत्कालीन (छायावादी) वातावरण के बिलकुल विपरीत और अत्याधुनिक है। भुवनेश्वर ने ‘डाकमुंशी’ और ‘एक रात’ जैसी कहानियाँ लिखकर प्रेमचन्द के चरित्रवाद और घटनात्मक कथानकवाद का एक ‘तोड़’ प्रस्तुत किया। उनकी ‘भेड़िये’ कहानी आज की गलाकाट प्रतियोगिताओं की एक प्रतीकात्मक पूर्व–झाँकी है, जहाँ अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए दूसरों की बलि चढ़ाने में ज़रा भी हिचक नहीं। उनके प्रसिद्ध नाटक ‘ताँबे के कीड़े’ में संवादों के होते हुए भी संवादात्मकता का पूरी तरह लोप है। भुवनेश्वर के सम्पूर्ण लेखन में सन्नाटे का एक ‘अनहद’ है जो कहीं से भी आध्यात्मिक नहीं। भुवनेश्वर हिन्दी के एक ऐसे उपेक्षित और भुलाए गए लेखक हैं, जो अपनी पैदाइश के आज सौ वर्षों बाद अब ज़्यादा प्रासंगिक और आधुनिक नज़र आते हैं। भुवनेश्वर आने वाली पीढ़ियों के लेखक हैं।
Vivah Sanskar Ki 100 Lok-Kahaniyan "विवाह संस्कार की 100 लोक कहानियाँ" | Hindi Translation of Marriage| Rites Folk Stories Book
- Author Name:
Devdutt Pattanaik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Premchand Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: दस-बारह रोज और बीत गए। दोपहर का समय था। बाबूजी खाना खा रहे थे। मैं मुन्नू के पाँवों में पीनस की पैजनियाँ बाँध रहा था। एक औरत घूँघट निकाले हुए आई और आँगन में खड़ी हो गई। उसके वस्त्र फटे हुए और मैले थे, पर गोरी सुंदर औरत थी। उसने मुझसे पूछा, ‘‘भैया, बहूजी कहाँ हैं?’’ मैंने उसके निकट जाकर मुँह देखते हुए कहा, ‘‘तुम कौन हो, क्या बेचती हो?’’ औरत-‘‘कुछ बेचती नहीं हूँ, बस तुम्हारे लिए ये कमलगट्टे लाई हूँ। भैया, तुम्हें तो कमलगट्टे बड़े अच्छे लगते हैं न?’’ मैंने उसके हाथ में लटकती हुई पोटली को उत्सुक आँखों से देखकर पूछा, ‘‘कहाँ से लाई हो? देखें।’’ स्त्री, ‘‘तुम्हारे हरकारे ने भेजा है, भैया!’’ मैंने उछलकर कहा, ‘‘कजाकी ने?’’ स्त्री ने सिर हिलाकर ‘हाँ’ कहा और पोटली खोलने लगी। इतने में अम्माजी भी चौके से निकलकर आइऔ। उसने अम्मा के पैरों का स्पर्श किया। अम्मा ने पूछा, ‘‘तू कजाकी की पत्नी है?’’ औरत ने अपना सिर झुका लिया। -इसी पुस्तक से उपन्यास सम्राट् मुंशी पेमचंद के कथा साहित्य से चुनी हुई मार्मिक व हृदयस्पर्शी कहानियों का संग्रह।
Samay ki Kharad Par
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: वर्तमान समय में जब प्रतिरोध के सारे दरवाज़े बंद किये जा रहे हैं ऐसे में सतत विरोध की आवाज़ सिर्फ लेखकों के पास ही बची है। कथाकार-संपादक गौरीनाथ के 52 लेखों और टिप्पणियों का संकलन 'समय की ख़राद पर' को पढऩे के बाद यह महसूस होता है कि लेखक की भूमिका रचनात्मकता और विवेक-सम्मत प्रतिरोध के द्वैत से निर्मित होती है। तक़रीबन डेढ़ दशक की भारतीय राजनीति, संस्कृति और समाज के बुनियादी परिवर्तनों को इन टिप्पणियों और लेखों से जाना जा सकता है। ये लेख और टिप्पणियाँ अपने समय की आंतरिक लय को पकडऩे, उनके आरोह-अवरोह को समझने और समकालीन समाज की सांस्कृतिक विस्मृति को एक साथ उजागर करती हैं। इन लेखों का विषय वैविध्य इस बात की तस्दीक करता है कि उदारीकरण ने हर तरह की केन्द्रीयता को नष्ट कर एक विभ्रम की स्थिति निर्मित कर दी है। लेखक इस बात से पूरी तरह वाक़िफ़ है और इसीलिए अपने समय के सामाजिक-सांस्कृतिक विघटन को बहुलताओं के कोलाज़ के रूप में प्रस्तुत करता है। इस अर्थ में ये लेख एक नई समग्रता की परिकल्पना प्रस्तुत करते हैं-बहुलताओं का कोलाज़। संस्कृति के उत्तर-आधुनिक रूपों और उपभोक्तावादी मानस पर सबसे अधिक चोट इन लेखों में किया गया है। फ़िल्मों पर लिखे लेखों को अपसंस्कृति की आलोचना के बतौर पढ़ा जा सकता है। चमक और ताक़त के प्रति नकार की चेतना ही कठिन समय में प्रतिरोध का सूक्ष्म विरोध निर्मित करती है। इस आधे अंधे मोड़ पर इन टिप्पणियों को पढऩा बेहद लम्बी यात्रा पर निकले मुसाफ़िर का किसी पेड़ के नीचे दो घड़ी सुस्ताने जैसा है। अपने फेफड़ों में ताज़ा हवा भरने की एक अनिवार्य कोशिश। अगले मोड़ पर ज़हरीली हवाओं का झोंका आने को है, ऐसे में अपने फेफड़े दुरुस्त रखना तभी संभव है जब आप समय की ख़राद पर गुज़रने से गुरेज न करें।
Elon Musk Ke 99 Success Principles Hindi Edition
- Author Name:
N. Chokkan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 9-10 "Vigyan" Science | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Punjabi Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Phulchand Manav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RSS Quiz Book : All You Want To Know About RSS
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhatri Paat San Gaam
- Author Name:
Mahendra
- Book Type:

- Description: धात्री पात सन कोमल एहि पोथी मे तत्कालीन शिक्षक, मारवाड़ी बोर्ड, चकला निर्मली आ विलियम्स स्कूल, पूर्वी आ पश्चिमी बान्हक श्रमदान सँ भेल निर्माण आ तकर उद्घाटन, सुपौलक गली-कूची, ओहि समयक वातावरण आ समरसता-सौहाद्र, शिरीष गाछक ऐतिहासिकता आ ओकर मानवीकरण, परसरमा आ गढ बरुआरी स्टेशनक रोचक आ जानकारी सँ भरल इतिहास, लाल साहेब, प्रसिद्ध जमीन्दारक कथाक संग-संग आखिरी विपन्न आदमी, जे सुपौलक चौराहा पर बैसि जुत्ता-चप्पलक मरम्मति करैत अछि दुखो काका, तकरो कथा एहि मे भेटैत अछि जे आन ठाम कतहु लिखित नहि अछि। ई लिखैत मान्यजन जनक काका मोन पड़ैत छथि, जे दलित छलाह मुदा से संबोधन आ दैनन्दिन क्रियाकलाप सँ कतहु तेना भ' क' बुझाइत नहि छथि। एहि पोथी मे एकर सभक दस्तावेजीकरण एक टा प्रतिमान गढ़ैत अछि। एहि पोथी मे महत्त्वपूर्ण थिक लेखकक राग-भास। प्रेम-अनुराग। सामाजिक सौहाद्र। ह' ह' बहैत प्रवाहमयी बसात। कल-कल छल-छल करैत गद्यक प्रवाह। मृदुता। आप्लापित करैत ओजस्विता। शब्द जखन महेन्द्र जीक आँगुरक स्पर्श करैत छनि तँ जेना ओहि मे अनायास गतिमयता आबि जाइत अछि। कलमक नोंक पर अबाधित नृत्य करैत गद्य आ तकर सौष्ठव। सुगंध आ सुवास भरल। एतेक प्रांजल, एतेक सुगठित, एतेक हँसैत आ आत्मा मे पैसैत गद्य किएक ने कोनो पाठक केँ आह्लादित आ मोहित करतैक। —केदार कानन
Hari Katha Anantaa "हरि कथा अनंता" Book in Hindi
- Author Name:
Rajendra Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dwiteeya Vishwa Yuddha
- Author Name:
Capt. Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharti-Putra Bhairon Singh Shekhawat
- Author Name:
Shri Bahadur Singh Rathaur
- Book Type:

- Description: इस एक हजार फीट ऊँचे एफिल टावर की छत से सबसे सुंदर शहर पेरिस को निहारते हुए उन्हें अपने साथ आए घरेलू स्टाफ की याद आ गई। इधर-उधर देखकर बोले, ‘‘सीताराम कहाँ हैं?’’ पता चला अधिकारियों ने स्टाफ-कर्मियों के लिए यह टावर देखने की व्यवस्था ही नहीं की है और वे सब होटल में ही हैं। वे कुछ नाराजगी जाहिर करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को बोले, ‘‘आप लोग तो पहले भी कभी यहाँ आए होंगे, फिर कभी और भी आ जाओगे; किंतु उनको कब मौका मिलेगा? यह ठीक नहीं है। यहाँ से चलकर उनकी भी व्यवस्था करिए और सबको दिखाइए।’’ मैं फिर उनकी इस सहजता और मानवीय सरोकारों के प्रति नतमस्तक था। —इसी पुस्तक से भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति, वरिष्ठ राजनेता, प्रख्यात समाजधर्मी श्री भैरों सिंह शेखावत जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। राजनीति और सार्वजनिक जीवन में लंबी पारी के दौरान वे पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का सफल निर्वहन करते रहे। उनका सौम्य और मृदुल व्यवहार, सदाशयता, भारतीय परंपराओं के प्रति गहरी आस्था ने सबको प्रभावित और प्रेरित किया। उनका सम्मान सभी राजनीतिक दलों द्वारा किया जाना उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता का परिचायक है। यह पुस्तक उनके प्रेरक जीवन की मधुर स्मृतियाँ सँजोने का विनम्र प्रयास है।
Sanskrit for English Speaking People
- Author Name:
Dr. Ratnakar Narale
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
My Take
- Author Name:
L.K. Advani
- Book Type:

- Description: L.K. Advani's blogs cut across generations: they have a recall value for his contemporaries. Advani's blogs provide a rare insight into history for the young Indian, restless to do his bit in shaping the future of his country. They take him through the turmoil and toil of leaders like Sardar Patel and their distinctive contribution to shaping today's India. Advani's blogs have a dual purpose: they mirror an era gone by and yet link its relevance to an India, raring to take on the world. The blogs, therefore, successfully merge two periods: one to which Advani himself belongs with another which sees him as a mentor. That Advani has been a consequential politician is a given. As a protagonist in the political playfield spanning decades, he, along with Atal Behari Vajpayee, not only formed the Bharatiya Janata Party but transformed it dramatically. If the BJP is nationally in the reckoning today, it is because of the Atal-Advani vision of bringing it centre-stage from the margins. It is through this journey that he redefined secularism. During his historic yatras, including the Ramjanambhoomi and Somnath to Ayodhya, the country was compelled to redefine secularism and distinguish it from the pseudo-secularism handed down by adversaries. But that is only one part. The other and more significant is Advani's contribution to setting and elevating standards in public life and hammering that they are followed. That he has led from the front is well known. The strength of Advani's blogs, like his persona, is that they are direct, candid and forthright. There are no soft-pedalling issues or minimising the blow, as it were. He has stated facts as they are and did not attempt to underplay or exaggerate any sequence. His writings are as clear as his mind. The blogs offer a wide range: history, politics, books and all else. To those who have a stake in India's political future, Advani's blogs are a practical guide; for others an exciting read.
Panchkon
- Author Name:
Smt. Simmi Harshita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book