AALE "आले" Stories Collections Book in Hindi
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789392573712
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
SISKIYAN LETA SWARG
- Author Name:
Nida Nawaz
- Book Type:

- Description: Diary based on Kashmir Issues
Adbhut Ganitajan Srinivas Ramanujan
- Author Name:
Narendra Kumar Govil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh, Samaj aur Sanskriti
- Author Name:
Dr. Chandar Sonane
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gadfly
- Author Name:
E.L. Voynich
- Book Type:

- Description: ‘गैडफ्लाई’ क्रान्तिकारी विचारों के वाहक के रूप में अत्यन्त लोकप्रिय रहा है। इसका मुख्य पात्र आर्थर बर्टन है जिसके जीवन में आस्था, आदर्श, साहस, प्रेम, क्रान्ति और त्रासदी का अपूर्व मेल दिखाई देता है। उन्नीसवीं सदी के मध्य के उथल-पुथल भरे इटली में वह ऐसा युवक है, जो क्रान्तिकारी विचारों से परिचित होने पर पादरी बनने की पढ़ाई और धर्म से किनारा कर लेता है; और पत्रकार बनकर स्वयं क्रान्तिकारी विचारों का प्रचार करने लगता है। वह अपने पिता के दोहरेपन को भी स्वीकार नहीं करता। रोमांच और दार्शनिकता से भरपूर यह कहानी अन्तत: एक रक्तरंजित परिणति को प्राप्त करती है जहाँ आर्थर बर्टन को उसके विचारों के कारण जान गँवानी पड़ती है। उसकी प्रेम-कथा इस परिणति की त्रासदी को और गहरा बनाती है। लेकिन उसके विचार और संघर्ष दूसरों के लिए प्रेरक बन जाते हैं। वास्तव में, मानवीय स्वतंत्रता और गरिमा को ख़त्म करने वाले सामाजिक मानदंडों का जिस स्पष्टता से इस उपन्यास में विरोध किया गया है उसने इसको सार्वकालिक महत्त्व का बना दिया है।
Remote : The Social Media War "द सोशल मीडिया वॉर" Book in Hindi | Harish Papnai
- Author Name:
Harish Papnai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jack Ma Ki Biography
- Author Name:
Hanadi Falki
- Book Type:

- Description: जैक मा चीन के तीसरे और विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में हैं। वे आधुनिक युग के तकनीकी विशेषज्ञों में से एक हैं। वे अलीबाबा के संस्थापक हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स में से एक है। जैक मा नौ साल तक अंग्रेजी का अभ्यास करने के लिए और क्षेत्र के पर्यटकों को पर्यटन संबंधी जानकारी देने के लिए अपनी साइकिल पर 70 मील की दूरी तय करते रहे। जैक मा कहते हैं कि उन्हें अपनी कंपनी के लिए एक ऐसा नाम चाहिए था, जिसे पूरी दुनिया जानती हो। एक दिन वह कहीं बैठकर लंच कर रहे थे। एक वेट्रेस उनके पास आई तो उन्होंने उससे पूछा क्या तुम अलीबाबा को जानती हो? उसने कहा—जी, मैं अलीबाबा को जानती हूँ। उसके बाद जैक मा रेस्टोरेंट के बाहर बनी गली में गए और वहाँ कम-से-कम बीस लोगों से उन्होंने पूछा, क्या आप अलीबाबा को जानते हैं? सभी ने कहा कि चालीस चोरवाली कहानी में अलीबाबा हीरो था। इस तरह उन्होंने तय किया कि अलीबाबा एक अच्छा नाम है। ्न अंग्रेजी वर्णमाला का सबसे पहला अक्षर है और ्न की तरह अलीबाबा हमेशा टॉप पर रहा है। यह पुस्तक जैक मा के संघर्ष, लगन, परिश्रम, दूरदर्शिता, उद्यमशीलता और बड़ी सोच की प्रामाणिक यशोगाथा है, जो हर पाठक को प्रेरित करेगी और जैक मा की तरह सफलता की ऊँची उड़ान भरने की ऊर्जा देगी।
Kashmir Files
- Author Name:
Col Sunil Kotnala
- Book Type:

- Description: कर्नल सुनील कोटनाला के सभी कौशल इस उपन्यास में समाहित हैं। यह एक सामयिक कृति है, जो कश्मीर में होनेवाली घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है— जो दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्रों में से एक है और जहाँ विचारधारा, धर्म एवं जातीयता के बीच लगातार टकराव है। अतीत में भारतीय सेना को बिना स्पष्ट जनादेश, खुफिया कवर या राजनीतिक समर्थन के आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में झोंक दिया गया। यह कहना पर्याप्त है कि हम हमेशा गले तक गंदगी में डूबे हुए थे। सबसे बढक़र, हमारे मानवाधिकार कार्यकर्ता उन्हीं भारत-विरोधी अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, जो हमारे सैनिकों को प्रताड़ित कर रहे थे, मार रहे थे और अपंग कर रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में सिर के ऊपर से बहुत सारा पानी बह गया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति के रूप में शुरू हुआ कश्मीर अब जिहाद के लिए युद्ध का मैदान बन गया है। भारतीय सैनिक प्रणम्य हैं जिन्होंने वीरता से लड़ाई लड़ी है। सशस्त्र बलों ने यह सब सरकार या अपने हमवतन—इस देश के लोगों के खिलाफ शिकायत के बिना किया है, जो उनके लिए बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन कभी नहीं किया। वैसे यह एक उपन्यास है—फिर भी, यकीन है कि इसका स्कूल और विश्वविद्यालय की कक्षाओं में पाठन कराया जाएगा। इसमें मनोरंजन है, यह रोमांचित भी करता है। सुनील दैनिक क्रूरताओं का चित्रण करते हैं, जो युद्धक्षेत्रों की विशेषता है।
Vivek Ki Seema
- Author Name:
N.K. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ki Veeranganayen
- Author Name:
Meera Jain
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Bachcho, Seekho Achchhi Baten
- Author Name:
Dr. Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeet Ya Haar, Raho Taiyar
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Teen Din, Do Raten
- Author Name:
Virendra Jain
- Book Type:

- Description: "इतना सुख है जीवन में! इतना कुछ है मेरे मन में! और अब तक मैं इससे वंचित था, अनजान था! भारतीय मध्यवर्ग में बढ़ती बाजारवाद, उपभोक्तावाद और भोगवाद की प्रवृत्तियों के संदर्भ में इससे बेहतर स्वीकारोक्ति नहीं हो सकती। लालसाएँ आदमी को घेरे रहती हैं, कुछ प्रत्यक्ष रूप में सामने आती हैं, तो कुछ अंतस में दबी रहती हैं और अनुकूल अवसर पाते ही पूर्ति हेतु सिर उठाने लगती हैं। लगता है जैसे आधुनिकतम महानगरीय मध्यवर्ग अपनी सभी लालसाओं की पूर्ति के लिए बेताब है। इसमें दो फाड़ की नौबत आ चुकी है। एक जो खुलकर इस खुलेपन को जी रहा है और दूसरे के पास आर्थिक संसाधन कम पड़ रहे हैं। ऐसे में उसे जब मौका मिलता है तो वह इसे जीने के लिए अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ता। बाजार इस वर्ग की मजबूरी और इच्छाओं को समझते हुए हमेशा चारा फेंकने की जुगत में रहता है। वह गैर-जरूरी चीजों के प्रति भी भ्रमपूर्ण लगाव पैदा कर भावनाओं का दोहन करने से नहीं चूकता। एक नई उपभोक्ता संस्कृति साकार ही नहीं हो रही, दिन-ब-दिन विकराल भी होती जा रही है। कुशल व्यवसायी सिर्फ माल नहीं बेच रहे, बड़ी चालाकी से विचार भी प्रत्यारोपित कर रहे हैं। उदारवाद के पीछे की चालाकी और चतुराई को उजागर करना नितांत आवश्यक हो गया है। ‘तीन दिन, दो रातें’ एक इनामी किस्से की कथा के बहाने इसी ज्वलंत समस्या को परत-दर-परत बेनकाब करता है। प्रसिद्ध लेखक वीरेंद्र जैन की यह खासियत है कि वे अपनी चुटीली भाषा-शैली के जरिए कथानक को चरम पर ले जाते वक्त भी यथार्थ को सहेजते हैं। इसीलिए उनका यह उपन्यास भौतिकवाद के विनाशकारी परिणामों का पुख्ता दस्तावेज बन पड़ा है।
Football : Khel Aur Niyam
- Author Name:
Surendra Shrivastava
- Book Type:

- Description: "कोई भी खेल आज मात्र खेल नहीं रह गया है। खेल को भी कॉरियर बनाकर धन और कीर्ति अर्जित की जा सकती है। भारत में अनेक खेल प्रचलित हैं। उनमें फुटबॉल भी एक है। फुटबॉल का सबसे अधिक विकास इंग्लैंड में हुआ। फुटबॉल का प्रथम क्लब ‘शेफील्ड फुटबॉल क्लब’ सन् 1857 में इंग्लैंड में स्थापित हुआ। सन् 1863 में ‘लंदन फुटबॉल एसोसिएशन’ की स्थापना हुई। भारत में फुटबॉल का प्रारंभ अंग्रेजों ने किया था। सन् 1948 में लंदन ओलंपिक में भारत ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में फुटबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया। फुटबॉल का जुनून खेल-प्रेमियों में देखने को मिलता है। जब इसके वर्ल्ड टूर्नामेंट होते हैं तो टीमें तो टीमें, इसके समर्थकों के भी हौसले आसमान छू रहे होते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में फुटबॉल खेल के नियम, तैयारी तथा बुनियादी तथ्यों की सचित्र जानकारी दी गई है, जो खेल-प्रेमियों और फुटबॉल में रुचि रखनेवालों को समान रूप से उपयोगी प्रतीत होगी। "
Bhartiyam "भारतीयम" | Indian Patriotic Poems Book In Hindi
- Author Name:
Pushpa Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Indradhanush Zubeda Ke Naam
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dakshayni
- Author Name:
Dr. Aruna Mukim
- Book Type:

- Description: In this novel | have tried to give a blend of mythology and the perineal values and emotions of the human beings. The characters here have been chosen from the pauranik literature and yet feelings and reactions they express are germane to what we find in all human beings. At the thematic level the central point of the novel presents the love between shiv and sati. It is related to the protection of the divinity and spirituality in the universe. It suggests the union between two forces — Shiv and Shakti. The essential elements in a cosmic planning. lf shiv is a great lover then Sati too is not wanting in longing for his love. However as it is sati’s father, great Prajapathi Daksh, the son of Brahma keeps an umbrage against shiv. He abhors shiv and Is openly against the matrimonial alliance between his daughter sati and shiv. From the very beginning sati knows that shiv is her eternal spouse. But Prajapathi Daksh is bent upon destroying this relationship. However by quirk of fate sati is married to shiv. Not withstanding all resistance, Daksh is compelled to give his daughter away to the person he dislikes most, Shiv. Deeply hurt Daksh is now looking for a chance to insult his son in law when he arranges a yagya and doesn't invite them. Sati burns her out there in yog Agni. | have presented this so repeated story from a different angle. The first person narration here has been used for the expansion of philosophy and thought that result in giving a contemporary canvas. | have visualised myself as Sati for exploring the in-depth feelings and emotions of a woman. The use of the montage technique has allowed me to pick up some stories from countless stories of shiv and sati and put them into an imaginative, an unputdownable literary piece.
B. R. Ambedkar : Bhartiya Waltair Evam Marx
- Author Name:
P.N. Singh
- Book Type:

-
Description:
डॉ. अम्बेडकर में वाल्तेयर जैसी मेधा, आलोचनात्मक विवेक और साहस था
और उन्होंने भी हिन्दू समाज की मानसिक जड़ता को तोड़ने के लिए अद् भुत साहस का परिचय दिया।
अम्बेडकर ने जड़ता के विरुद्ध संघर्ष किया और उनके नाम से जुड़े राजनीतिक आन्दोलन, सत्ता-केन्द्रित होते हुए भी, प्रायः सभी सामाजिक संघर्षों से कमोबेश जुड़े हुए हैं।
मार्क्स, गांधी और बाबा साहब तीनों ही अपने-अपने ढंग से मनुष्य की अभावग्रस्त स्थितियों से मुक्ति चाहते हैं। यह मुक्ति काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। मार्क्स आर्थिक मुक्ति पर बल देते हैं, अम्बेडकर साहब सामाजिक मुक्ति पर और गांधी सत्य और अहिंसा के माध्यम से अपनाई गई वैयक्तिक मुक्ति पर। तीनों के अलग-अलग विशेष क्षेत्र हैं। लेकिन मानव-जीवन तो एक ही है। ये तीनों अलग-अलग अधूरे हैं। इसीलिए मार्क्स, गांधी और अम्बेडकर के सार्थक निष्कर्षों को सावधानीपूर्वक लागू करने में ही मानव समाज का हित है।
Ek Aur Neemsaar
- Author Name:
Richa Nagar
- Book Type:

-
Description:
‘एक और नीमसार : संगतिन आत्ममन्थन और आन्दोलन’ उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले में सक्रिय पाँच हज़ार दलित और ग़रीब महिलाओं, मज़दूरों और किसानों के संगठन—‘संगतिन किसान मज़दूर संगठन’ के जीवन्त आन्दोलन का दस्तावेज़ है। संगठनात्मक सफ़र के कड़वे-मीठे सचों से भरी इस किताब में संगतिन के तमाम साथियों का कथन और आत्ममन्थन तो है ही, साथ में उनके रोज़मर्रा के संघर्षों की कहानियाँ और उनके सपनों की कविता भी है।
मुल्कों की सरहदों और रात-दिन के फ़ासलों को मिटाकर ऋचा नागर और ऋचा सिंह की संयुक्त लेखनी ने 2004 से 2011 तक के इस सफ़रनामे को कुछ इस तरह पेश किया है कि इसमें डायरी और नाटक, शोध और उपन्यास, कविता और सामाजिक विश्लेषण के रस आपस में घुल-मिलकर पाठक को बाँध लेते हैं।
इस पुस्तक में जहाँ एक ओर हाशिये पर जी रहे लोगों का एक ऐतिहासिक आन्दोलन बनता हुआ दीखता है, वहीं उन्हीं साथियों के बीच मौजूद भावनात्मक और वैचारिक दीवारों और खाइयों को लेकर हो रही जद्दोजहद भी दीखती है। इसी तरह जहाँ एक ओर सरकारी नीतियों और रोज़-दर-रोज़ के मुद्दों को लेकर गाँवों में चलनेवाले सत्ता, वर्ग, जाति और लिंग के संघर्ष उजागर होते हैं, वहीं गाँवों और ज़िले की हदों के भीतर हो रही घटनाओं का राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर चल रही प्रक्रियाओं से गहरा रिश्ता और सरोकार भी दीखता है।
Jeevon Ka Sansar Anokha
- Author Name:
S.K. Trivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Planets Between Fortune and Misfortune
- Author Name:
Dr. A. Shanker
- Book Type:

- Description: This book ‘Planets between Fortune and Misfortune‘ is such an instrument to Know the circumstances and conditions of life through astrology that leads to recognizing the signs of favorable and unfavorable circumstances. Those who believe in and practice Jyotish need it at every step. Yet, sometimes when a person with dexterity in this sphere Is not available, people have to face serious problems. In today's life those having insufficient Knowledge and who have travelled frequently and Stayed in jungles and deserts they too face difficulties. This book will prove to be a pathfinder for them. The sphere of astrology is quite enormous. One should have mastery over its different aspects to comprehend it satisfactorily. Unless and until one attains deep Knowledge and expertise his Sincerity and honesty remain dubious. Meanwhile, whatever I could gain through my study and experience I have put together in this book. I take no pride in doing so as I am not an erudite scholar who Is presenting his views to Impress readers of his merits and accomplishments. To me there is no difference between fame and the sun of a rainy day.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book