A Patriot Monk Swami Vivekananda
Author:
Shanta KumarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
"In jail, I read the complete literature of Swami Vivekananda. One thing which impressed and amazed me very much was that Swami Vivekananda left his home and all worldly affairs to attain salvation but after travelling the whole of India for four years and seeing the poverty of our country, gave up the idea of Moksha too. On the rock of Kanyakumari, he made a historical announcement—“O Lord! I do not want salvation till every human being of my country is not free from hunger: And let me be born again and again to serve my motherland.” Not only this, he called upon all the countrymen to forget all the Gods and Goddesses for some time as the poor countrymen are the greatest Gods and Goddesses and their service is the highest worship. He gave the Mantra of DRIDARA-NARAYANA.
—Shanta Kumar"
ISBN: 9788184301595
Pages: 176
Avg Reading Time: 11 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Story of A Foreign Investor
- Author Name:
S.K. Uppal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shaikshik Parivartan Ka Yatharth
- Author Name:
Prof. Jagmohan Singh Rajput
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Surgeon ka Chintan
- Author Name:
V.N. Shrikhande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khunte Se Bandha Aadmi
- Author Name:
SHEKHAR
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Antyodaya
- Author Name:
Prabhat Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHARKHAND KI MUKHYA NADIYAN
- Author Name:
SAPNA MISHRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Laharon ki Goonj & Suraj ki Pahali Kiran
- Author Name:
Tara Meerchandani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ladke Rotey Nahin "लड़के रोते नहीं" Boys Don't Cry Book in Hindi | Nidhi Kaushik
- Author Name:
Nidhi Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
50 Military Leader
- Author Name:
Maj Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: "इस पुस्तक में मात्र युद्ध विद्या का बखान नहीं किया गया है, बल्कि ऐसे सैन्य अधिनायकों के जीवन पर रोशनी डाली गई है, जिन्होंने विश्व इतिहास को अत्यधिक प्रभावित किया, चाहे प्रशंसात्मक दृष्टि में, चाहे निंदात्मक दृष्टि में। जरूरी नहीं कि इस पुस्तक में शामिल किए गए सभी लीडर सर्वश्रेष्ठ रहे हों या कुशल कूटनीतिज्ञ और महानतम शूरवीर ही रहे हों; मगर इतना तय है कि ये ऐसे लोग थे, जिन्होंने सही या गलत कारणों से युद्धक्षेत्र में कदम रखा और विश्वइतिहास को प्रभावित किया। इवान एक औसत सेनाध्यक्ष था; मगर उसका शासनकाल इतिहास के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। एडोल्फ हिटलर क्रूर सेनानायक था; पर उसके कारण दुनिया में जबरदस्त बदलाव आया। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप भी इस बात से इनकार नहीं कर पाएँगे कि इसमें वर्णित लोगों का व्यक्तित्व ऐसा था, जिन्होंने धरती पर मानव जाति के इतिहास पर सर्वाधिक प्रभाव डाला।"
Periyar Lalai Singh Granthawali : Vols. 1-5
- Author Name:
Periyar Lalai Singh
- Book Type:

-
Description:
मैं तो यही कहूँगा कि वर्णाश्रम धर्म, गहरी मानवीय असमानता के प्रति हमें सहिष्णु बनाता है। यह असमानता कई अलग-अलग स्वरूपों में प्रकट होती है। इसमें शामिल हैं—आर्थिक, सामाजिक, पितृसत्ता, लैंगिकता, जाति प्रथा, आध्यात्मिक और सोच आदि की असमानता। ये एक-दूसरे को क्रमवार मजबूती देती हैं। भारतीय समाज इसके क्रूर दमन पर आधारित है। पूरी दुनिया में जिसकी कोई और मिसाल मिलना मुश्किल है।
भारत के सभी सत्ताधारी वर्णाश्रम धर्म के मौन समर्थक हैं, ऐसा नहीं है, मुझे ऐसा लगता है कि वर्णाश्रम धर्म, वर्तमान सत्ताधारी पार्टी की विचारधारा, हिन्दुत्व, का अभिन्न अंग है। इसके प्रवक्ता गोलवलकर ने साफ शब्दों में लिखा था कि वर्ण और आश्रम, समाज में हिन्दू ढाँचे की विशेषताएँ हैं।
भारत में हिन्दुत्ववादी आन्दोलन के समर्थक वर्ण, आश्रम और जाति-प्रथा के सार्वजनिक व्यख्याता और प्रशंसक हैं। अगर नरमपंथी—हिन्दू राष्ट्रवादी, वर्णाश्रम धर्म के विरोध में हैं, तो वे हिन्दुत्व के प्रखर विरोध के लिए आगे क्यों नहीं आते हैं! और समतामूलक सोच और समाज का अभियान क्यों नहीं चलाते? यह ग्रंथ और पेरियार ललई सिंह का चिन्तन इसी बात को चरितार्थ करता है।
—ज्यां द्रेज
Dictionary of Mathematics (Tricks of Mathematics, Advanced Mathematics Formulas & Mathematics Quiz) Facts of Mathematics Book
- Author Name:
Dr. Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Best Management Quotes
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Book of Happiness
- Author Name:
Jagdish Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KARMA YOGA
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Rating:
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have Description
Uttradhikar Banam Putradhikar
- Author Name:
Arvind jain
- Book Type:

- Description: “यह पुस्तक पितृसत्ता की लगभग सभी वैधानिक और संवैधानिक अभिव्यक्तियों पर लिपटे आवरणों को तार-तार करती जाती है। विधि सम्बन्धी स्त्री-विमर्श दीर्घकालीन संघर्ष में महत्त्वपूर्ण औज़ार की तरह इस्तेमाल हो सकता है।” —(‘हंस’; जून, 2000) “‘उत्तराधिकार बनाम पुत्राधिकार’ पढ़कर स्वयं को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र की आधुनिक नारी समझने का नशा हिरण हो जाता है। विश्वसुन्दरी, अधिकारी, प्रबन्धक, वर्किंग वूमेन या घर की लक्ष्मी, जो भी हो, तुम होश में आओ...इस किताब को पढ़ो; आधुनिक, आज़ादी और बराबरी के सारे दावों की हवा निकल जाएगी। यह किताब ख़ौफ़नाक तथ्यों की तह तक उजागर करती है।” -(‘नई दुनिया’, इन्दौर; 8 जुलाई, 2000) “इस पूरी पुस्तक को पढ़ने पर अरविन्द की यह बात सही मालूम होती है कि बीसवीं सदी के आरम्भ से लेकर अब तक अदालत, क़ानून और न्याय की भाषा-परिभाषा मूलत: स्त्री के प्रति अविश्वास, घृणा और अपमान से उपजी भाषा है।”—(‘साक्षात्कार’, अगस्त, 2000) “इस पुस्तक ने औरत की पक्षधर लोकतंत्र की चार सत्ताओं को बेनक़ाब कर दिया। इसने इस तथ्य को पुन: स्थापित किया कि पुरुष नि:स्वार्थ भाव से, पुरुष दमन से मुक़ाबले के लिए, औरत का रक्षाकवच और उसके दमन के विरुद्ध लावा बन सकता है। —(‘दैनिक नवज्योति’, जयपुर; 16 सितम्बर, 2000)
Kalam Ka Bachapan
- Author Name:
Srijan Pal Singh
- Book Type:

- Description: "डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जाने-माने वैज्ञानिकों में से थे; परंतु वे एक व्यक्ति, भारत के राष्ट्रपति तथा एक अध्यापक के रूप में और भी अधिक उल्लेखनीय रहे हैं। वे अपने शब्दों और कर्मों से लोगों को इस तरह मंत्रमुग्ध करते आए थे कि सबके प्रिय पात्र बन गए। उनके महान् व्यक्तित्व को जितना सराहा जाता है, शायद ही कोई और ऐसा व्यक्तित्व होगा, जिसे इतना स्नेह और प्रशंसा मिली होगी। यह पुस्तक उनके प्रेरक व्यक्तित्व के प्रति श्रद्धासुमन स्वरूप समर्पित है। इसमें उनके बाल्यकाल और युवावस्था से जुड़े अनेक रोचक व प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत हैं, जिनमें से अनेक बिल्कुल अनजाने हैं और इन्होंने उनके महान् व्यक्तित्व को गढ़ने में सहायता की। इस पुस्तक में दिए चित्रों के माध्यम से पाठक उनके जीवन और कार्यों का जीवंत अनुभव पा सकते हैं। इन प्रसंगों को जिस तरह पुस्तक के आकार में पिरोया है, वह निश्चित रूप से सबके लिए पे्ररणादायी है। डॉ. कलाम के प्रेरणाप्रद यशस्वी जीवन का दिग्दर्शन कराती अत्यंत पठनीय पुस्तक। "
Modon Se Gujarte Huye "मोड़ों से गुजरते हुए" Book In Hindi
- Author Name:
Jyoti Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Pavitra Teerthsthala
- Author Name:
Narayan Bhakta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB NTPC Non Technical Popular Categories CBT-2025 (Computer Based Test-1) 20 Practice Sets With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Krantidoot Chapekar Bandhu
- Author Name:
Arunesh Kumar
- Book Type:

- Description: चापेकर बंधु--दामोदर हरी चापेकर, बालकृष्ण हरी चापेकर तथा वासुदेव हरी चापेकर--तीनों भाइयों को क्रांतित्रयी कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। चापेकर बंधु पुणे के पास चिंचवड के निवासी थे और बाल गंगाधर तिलक को अपना गुरु मानते थे। आरंभ से ही उनके मन में भारत को विदेशी दासता से मुक्त कराने की दृढ़ भावना थी । सन् 1896 में जब पुणे में प्लेग महामारी फैली तो इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने रैंड नामक एक अधिकारी को तैनात किया । रैंड के गोरे अधिकारी जाँच के नाम पर घर-घर लोगों पर अत्याचार करने लगे। इन अत्याचारों ने चापेकर बंधुओं को अंदर तक आक्रोशित करके रख दिया। उन्होंने रैंड से बदला लेने की ठान ली। एक दिन जब रैंड और उसका साथी एक उत्सव में भाग लेकर लौट रहे थे तो बालकृष्ण ने रैंड के साथी आयस्रट को तथा दामोदर ने रैंड को गोली मारकर दोनों का काम तमाम कर दिया। घर के भेदी द्रविड़ बंधुओं की चुगलखोरी के कारण दामोदर तथा बालकृष्ण को गोरी सरकार ने फाँसी दे दी। इससे क्षुब्ध सबसे छोटे वासुदेव हरी चापेकर ने अपने मित्र महादेव रानाडे की मदद से चुगलखोर द्रविड़ बंधुओं को मार गिराया और खुद भी फाँसी पर चढ़ गया। इस प्रकार अंग्रेजों से लोहा लेकर चापेकर बंधुओं ने जिस शौर्य का प्रदर्शन किया, उसने देशवासियों के मन में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति की आग को और तेज करने का काम किया। माँ भारती के सपूतों चापेकर बंधुओं की प्रेरक जीवनगाथा।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...