37 Years 2024-1988 NEET Chapterwise And Topicwise Solved Papers Biology (Jeev Vigyan) Syllabus Based on NCERT Class 11 & 12
(0)
₹
495
₹ 396 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789348203410
-
Pages408
-
Avg Reading Time14 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bihar STET Madhaymik Shikshak Patrata Pareeksha Paper-I Evam II Theory + 30 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sita Puni Boli
- Author Name:
Smt. Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BIHAR KE LOK SANGEET KO JANEN
- Author Name:
RAHUL KISHORE
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Boon Bhar Ujala
- Author Name:
Mithilesh Wamankar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Sadho Daras Paras Chhoote
- Author Name:
Shivkumar Archan
- Book Type:

- Description: Book
Mahabharat | Book On Ancient Indian Stories About Pandavas And Kauravas | Kurukshetra War | Greatest Epic Of India Book in Hindi
- Author Name:
Shankar Baam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Public Service Commission 70 Combined Primary Competitive Exam 2024 General Studies 20 Practice Sets Book In Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kusum Khemani ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ethiopia ki Lok Kathayen-2 (Folk Tales of Ethiopia)
- Author Name:
Sushama Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description: आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Aapka Bunti : Patkatha
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description: 'आपका बंटी' मन्नू भंडारी की अत्यन्त चर्चित और हिन्दी उपन्यासों के इतिहास में मील का पत्थर मानी जानेवाली कृति है। टूटते परिवारों के बीच बच्चों को किस मानसिक यातना से गुज़रना पड़ता है, इस उपन्यास में उसे लगभग दस्तावेज़ी ढंग से अंकित किया गया है। जिस संवेदनशीलता और स्नेह से मन्नू जी इस चरित्र और उसके मानसिक जीवन को लिख पाईं, वह हिन्दी में दुबारा सम्भव नहीं हो सका। बंटी के माता-पिता सम्बन्ध-विच्छेद के बाद अलग-अलग रहते हैं और बाद मे अपना-अपना घर बसा लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बंटी को किसी भी घर में वह अपनापा महसूस नहीं होता जो उसे उसके माता-पिता एक साथ रहकर दे सकते थे। अन्त में बंटी को छात्रावास भेज दिया जाता है। इस पुस्तक में इस उपन्यास पर स्वयं मन्नू जी द्वारा लिखित फ़िल्म-पटकथा प्रकाशित की जा रही है। यहाँ यह जान लेना ज़रूरी है कि 'आपका बंटी’ को लेकर 1986 में 'समय की धारा' नाम से जो फ़िल्म बनी, यह उसकी पटकथा नहीं है। 'समय की धारा’ जिसमें शबाना आज़मी, शत्रुघ्न सिन्हा और विनोद मेहरा ने अभिनय किया, उस पर अपने उपन्यास को ग़लत ढंग से प्रस्तुत करने के लिए मन्नू जी ने अदालत में मामला दायर किया था। इसमें अन्त में बंटी की मृत्यु दिखाई गई थी। मुक़दमे का फ़ैसला मन्नू जी के पक्ष में रहा था। इस पुस्तक में प्रस्तुत पटकथा स्वयं मन्नू जी ने लिखी थी जिस पर फ़िल्म नहीं बन पाई, इसलिए पाठक इस प्रस्तुति को इस पुस्तक में ही पढ़ सकते हैं| अपने उपन्यास को दृश्यों में बदलते समय इस पटकथा में मन्नू जी ने एक सिद्धहस्त पटकथा लेखक होने का परिचय दिया है।
Srijnatmak Aur Shantimay Jeevan Ke Liye Shiksha
- Author Name:
Devi Prasad
- Book Type:

-
Description:
आज की प्रतियोगितावादी और मशीनी दुनिया में हमारे सामने अनेक नई समस्याएँ और प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। इन्हीं में एक प्रमुख प्रश्न हमारी शिक्षा से भी सम्बन्ध रखता है, क्योंकि यही वह औज़ार है जो हमें लगातार असहिष्णु होती दुनिया में बेहतर मनुष्य बनाने में काम आ सकता है। आख़िर शिक्षा है क्या? उसका उद्देश्य क्या है? शिक्षा के प्रमुख अंग क्या होने चाहिए? आज के बच्चे, आज की शिक्षा पाने के बाद, किस प्रकार के नागरिक बनेंगे?
आज ज़रूरत यह है कि बच्चे और वयस्क ऐसी शिक्षा पाएँ कि वे आपस में एक-दूसरे के नज़दीक होने के साथ-साथ सारे समाज से जुड़ें और सारी मानव जाति एक होकर समता और आत्मीयता से पूर्ण जीवन बिताए।
पुस्तक के लेखक का मानना है कि हम कला और उद्योग को शिक्षा-पद्धति का केन्द्र बनाएँ, क्योंकि वह हमारे समाज को सन्तुलित करने का काम कर सकती है। देवी प्रसाद का यह विचार उनकी उस आन्तरिक समझ से सम्बन्ध रखता है जो तथाकथित आधुनिकता के विकास से जुड़ी हुई है। वे कहते हैं कि व्यक्ति की सृजनात्मकता का ख़ात्मा आज की शिक्षा-व्यवस्था के द्वारा हुआ है जिसने हमें अत्यन्त भयानक और अवसरवादी अवस्था में डाल दिया है।
हमारे समाज में निचले तबक़े के लोगों के लिए कुछ भी ऐसा बाक़ी नहीं रहता जिसकी कोई अहमियत हो। यह इसलिए क्योंकि निर्णय वे लेते हैं जो समाज के ‘पिरामिड’ की चोटी पर विराजमान हैं। इसलिए यह पुस्तक उस पिरामिड को सीधा करने की कोशिश करती है। यह आधुनिकता की व्याख्या को भी बदलने का प्रयास करती है।
यह कहना यथेष्ट होगा कि यह पुस्तक उन लोगों के लिए है जो हमारे पूरे संसार की चिन्ता करते हैं, केवल शिक्षा-व्यवस्था की नहीं। यह एक ऐसे व्यक्ति के लम्बे अनुभव और विचारों को दर्शाती है जो शान्तिवाद की मुहिम में प्रत्यक्ष रूप से लगा हुआ था।
Main Dale Carnegie Bol Raha Hoon
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Nehru Bol Raha Hoon
- Author Name:
Giriraj Sharan Agrawal
- Book Type:

- Description: "पं. जवाहरलाल नेहरू का राष्ट्रवाद, धार्मिक या जातीय राष्ट्रीयता की संकुचित भावना से परे, विश्व-मानव की सेवा का माध्यम था। देश, जाति या धर्म-संप्रदाय के अहंकार से मुक्त उनका राष्ट्रवाद विश्वशांति की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए समर्पित था। नेहरूजी ने स्वतंत्र भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र स्थापित कर ‘पंचशील’ और ‘विश्वशांति’ का शुभ संदेश दिया। भारत में सुनियोजित अर्थनीति और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से भरपूर औद्योगिक प्रगति की आधारशिला रखने के लिए उन्हें युगों-युगों तक याद किया जाएगा। पं. जवाहरलाल नेहरू स्वाधीनता संग्राम के अग्रणी नायक तो थे ही, आधुनिक प्रगतिशील भारत के नव-निर्माण में उनका अनुपम योगदान हमारे इतिहास का स्वर्णिम शिलालेख है। आज नेहरूजी हमारे बीच नहीं हैं, मगर उनके प्रेरक विचार आज भी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक समस्याओं के समुद्र में प्रकाश-स्तंभ बने हुए हैं। देश की नई पीढ़ी के छात्रों और युवाओं के वैचारिक प्रशिक्षण एवं प्रेरणा के लिए नेहरूजी के प्रेरक-मार्गदर्शक विचार, उनके ऐतिहासिक भाषणों, लेखों, पत्रों और पुस्तकों से चुनकर संकलित किए गए हैं।
Nahin Chahiye Moksha
- Author Name:
P. K. Arya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BIHAR KE MAHAPURUSHON KA SANKSHIPT PARICHAY
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Veer Yoddha Maharana Pratap
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "अपनी आन के पक्के महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शेर कहा जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध में वह मुगल सेना से हार गए और उन्हें जंगलों में अपने परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी। वहाँ कई-कई दिन उन्होंने भूखे-प्यासे और घास-पात की रोटियाँ खाकर गुजारे। महाराणा प्रताप का जन्म सिसोदिया राजपूतों के वंश में हुआ। उनके पिता उदय सिंह स्वयं एक प्रबल योद्धा थे। उन्होंने कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। युद्ध से बचने के लिए आस-पास के कई राजपूत राजाओं ने अपनी पुत्रियों के विवाह अकबर के साथ कर दिए, लेकिन उदय सिंह ने वैसा नहीं किया। महाराणा प्रताप ने भी अपने पिता की नीति का अनुसरण किया। मुगल बादशाह अकबर को यह बात बहुत खटकती थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मानसिंह और राजकुमार सलीम के नेतृत्व में सेना भेजी। हल्दीघाटी के मैदान में हुए युद्ध में महाराणा प्रताप के अंतिम सैनिक तक ने बलि दे दी। तब जाकर मुगल सेना बढ़त बना पाई। जंगल में भूख से बिलबिलाते बच्चों को महाराणा प्रताप कब तक देख पाते। आखिर उन्होंने अकबर को आत्मसमर्पण का खत लिखने का फैसला किया। लेकिन तभी देशभक्त भामा शाह मदद लेकर आ गया। आगे फिर संघर्ष जारी रखा। साहस, शौर्य, निडरता, राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति भारत के वीर योद्धा महाराणा प्रताप की प्रेरणाप्रद जीवनी। "
Vishwa Vyakti Kosh
- Author Name:
Mukesh ‘Nadaan’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Blood-red Sweat
- Author Name:
Abhimanyu Unnuth +1
- Book Type:

- Description: Slavery may be over, but plantation life continues—and for the Indians lured to Mauritius with the promise of gold under every stone, freedom is a distant memory. For village dreamer Kissan, freedom is worth fighting for—and when he meets former soldier and runaway convict Kundan, the two men encourage their community of indentured labourers to fight for their rights. With Kundan’s experience and Kissan’s charisma, the immigrants begin to hope for a future unterrorised by the plantocracy. They begin to hope for a life in which they can maintain their culture without subterfuge—and for Kissan, at the cusp of adulthood, for a life in which he can be with his love, the valiant Rekha, without fear. But revolution isn’t easy, and on the Indian Ocean island of Mauritius, nature waits for no one: hard-fought gains are washed away by colonial politics, by internecine struggle, by cyclones. Blood-red Sweat is not a historical novel, and it is not history, because its characters are not the kings, governors, or any other statesmen who usually feature in historical novels. Instead, its characters are brave, and devoted to the land that eventually crushed them between the millstones of history. Blood-red Sweat is a saga for the ages, its demonstration of the power of community, a beacon for us all in the contemporary world.
Jharkhand Ke Chamakte Sitare झारखंड के चमकते सितारे - Basant Hetamsaria Book in Hindi
- Author Name:
Basant Hetamsaria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book