Open House With Piyush Pandey
Author:
Piyush PandeyPublisher:
Penguin IndiaLanguage:
EnglishCategory:
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Price: ₹ 414.17
₹
499
Available
In Open House, Piyush Pandey invites readers into his mind—sharing his work, thoughts, and experiences. He responds to questions he's received over the years, ranging from serious and incisive to frivolous. These include inquiries like: Is advertising a good career? Should ad agencies collaborate with political parties? Why does Ogilvy work for the BJP? Should citizens take justice into their own hands if they disapprove of advertising? Is Ogilvy a lala company? What does the future hold for advertising? And is Piyush Pandey too old for this industry? Honest, irreverent, and insightful, this book offers a thrilling ride with Piyush Pandey and the skillfully curating Anant Rangaswami. Filled with practical wisdom and deep insights, Open House both entertains and enlightens.
ISBN: 9780670096671
Pages: 224
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: IN
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Description:
प्रबन्धन आत्म-विकास की एक सतत प्रक्रिया है। अपने को व्यवस्थित-प्रबन्धित किए बिना आदमी दूसरों को व्यवस्थित-प्रबन्धित करने में सफल नहीं हो सकता, चाहे वे दूसरे लोग घर के सदस्य हों या दफ़्तर अथवा कारोबार के। इस प्रकार आत्म-विकास ही घर-दफ़्तर, दोनों की उन्नति का मूल है। इस लिहाज़ से देखें, तो प्रबन्धन का ताल्लुक़ कम्पनी-जगत के लोगों से ही नहीं, मनुष्य मात्र से है। वह इनसान को बेहतर बनाने की कला है, क्योंकि बेहतर इनसान ही बेहतर कर्मचारी, अधिकारी, प्रबन्धक या कारोबारी हो सकता है।
‘सफल प्रबन्धन के गुर’ में कार्य-स्वीकृति यानी ‘वर्क कल्चर’, ‘बिक्री, विपणन और नेगोशिएशन’ तथा ‘नेतृत्व-कौशल’ शीर्षक उपखंडों में ईमानदारी, दफ़्तरी राजनीति, सहकर्मियों के पारस्परिक सम्बन्धों, व्यक्तिगत कार्यकुशलता, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता, ग्राहक से सम्बन्ध, मार्केटिंग और व्यावसायिक साख आदि बिन्दुओं पर विचार करते हुए नेतृत्व-कौशल के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला गया है।
आत्मविकास और प्रबन्धन की एक व्यावहारिक निर्देशिका।
If They Can Do Why Not You?
- Author Name:
Major J. Kishore
- Book Type:

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