The Scarlet Letter
Author:
Nathaniel HawthornePublisher:
Unbound ScriptLanguage:
EnglishCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 248.17
₹
299
Available
“No man, for any considerable period, can wear one face to himself, and another to the multitude, without finally getting bewildered as to which may be the true…” - Nathaniel Hawthorne, The Scarlet Letter The Scarlet Letter is a historical fiction, first published in 1850 by American author Nathaniel Hawthorne. It is considered his "masterwork". Set in 17th-century Puritan Massachusetts Bay Colony, during the years 1642 to 1649, it tells the story of a “fallen” woman, her vengeful and incognito husband, and a charismatic young minister harbouring a terrible secret. The female protagonist, Hester Prynne, conceives a daughter through an affair and is publicly shamed for adultery. She wears the titular red “A” on her breast, marking her as an adulteress. In her arms she bears Pearl, the daughter born of sin. The book explores the theme of sin, repentance, dignity, honour and courage.
ISBN: 9788194939382
Pages: 279
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 0-11
Country of Origin: India
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- Description: तसनीम ख़ान की ये कहानियाँ परिवार, समाज और राजनीति के अलग-अलग आयामों की गहरी पड़ताल और उनमें अंतर्निहित आख्यान को दर्ज करने की मुसलसल कोशिशों से उपजी हैं। कहानियों के परिवेश और भाषा में वर्णित संस्कृति को स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकता है; अर्थात यह संसार कथाओं में बड़े विश्वसनीय ढंग से आया है। धर्म, स्त्री और पारिवारिक जीवन के जटिल अंतरसंबंधों को गहरी सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ कहती यह कहानियाँ अपने आप स्त्री के दुख और सांप्रदायिकता की बढ़ती विषबेल की पहचान करती चलती हैं। शीर्षक कहानी 'बावलिस्तान' मौजूदा भारतीय राजनीति और मीडिया के खोखले चरित्र को एक दिलचस्प स्थिति के सहारे नुमायाँ करती है तो वहीं ' अब्दुल की मौत' भी मौत के बाद की काल्पनिक परिस्थिति में सांप्रदायिकता की समस्या का परीक्षण करती है। कहानियों में गहरी रागात्मकता है, बोली का सुंदर रचाव है और स्पष्ट राजनैतिक समझ है ।
Gaban
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: ग़बन प्रेमचन्द का प्रसिद्ध उपन्यास है। इस उपन्यास में उन्होंने भारतीय नारी के आभूषण-प्रेम को आधार बनाकर मध्यवर्ग के आर्थिक और सामाजिक अंतर्विरोधों का मनोहारी चित्रण किया है। रमानाथ जैसा चरित्र प्रेमचन्द की गहरी दृष्टि का परिणाम है जो अपनी पत्नी की आभूषण लिप्सा के लिए चोरी करने पर उतर आता है। ग़बन करता है और फिर ग़बन के अपराध से बचने के लिए शहर छोड़कर भागने के लिए मजबूर हो जाता है। इसी कारण रमानाथ लगातार एक के बाद दूसरी कठिनाइयों में फँसता चला जाता है लेकिन प्रेमचन्द का अभिप्राय मात्र रमानाथ की कहानी कहना नहीं है। वे इसके माध्यम से व्यवस्था और पुलिसतंत्र के भ्रष्टाचार, क्रूरता और अमानवीयता का चित्रण करते हैं, और बताते हैं कि सारी व्यवस्था भ्रष्टाचार के दलदल में धँस चुकी है। लोग ग़लत ढंग से धन कमाने को ही अपनी असली कमाई मानने लगे हैं। प्रेमचन्द इस उपन्यास में राष्ट्रीय आन्दोलन की गतिविधियों को भी ले आते हैं और इससे अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता को अत्यन्त कलात्मक ढंग से व्यक्त करते हैं। यही कारण है कि ‘ग़बन’ इतने लम्बे अरसे के बाद भी भारतीय मानव में एक महत्त्वपूर्ण कथा-कृति के रूप में टिका हुआ है।
Adarsh Shikshak Kaise Hon
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: शिक्षक कैसे हो? इस प्रश्न का उत्तर अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग प्रकार से दिया जा सकता है। यहाँ पर हम प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यामिक शिक्षक की भूमिका की चर्चा करेंगे। विषय को बहुत विस्तुत रूप में लिया जा सकता है; परंतु पुस्तक को एक संक्षिप्त स्वरूप में ही प्रस्तुत करना अभीष्ट था, अतः बहुत विस्तार नहीं किया गया। इसी कारण अनेक पहलू छूट भी गए।
Nirmala
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: मुंशी प्रेमचंद हिन्दी उपन्यास को जासूसी, अय्यारी और पौराणिक कथानकों से निकालकर वास्तविक सामाजिक विषयों तक ले आये। इसमें उनका केन्द्रीय प्रश्न हमारे समाज की आधारी आबादी, यानी की स्त्रियों की समस्याएं थीं। आज आपको शायद यह बात उतनी बड़ी न लगती हो, लेकिन साहित्य में यह एक बड़ा प्रस्थान है। इसके बाद हिन्दी उपन्यास पीछे नहीं लौट सकता था । कथाकार सामाजिक और व्यक्तिमन की हलचलों से मुख नहीं मोड़ सकते थे। निर्मला में प्रेमचंद अनमेल विवाह को विषय बनाते हैं और उसे करुणा की जिस जमीन तक ले जाते हैं, उससे गुजरते हुए आँखें गीली होने लगती हैं । वह मनुष्य के संदेह, संशय और मनोसंघर्ष को जितनी सहजता से भाषा में प्रत्यक्ष करते हैं, इससे पाठक न सिर्फ़ कथा पत्रों से जुड़ता है बल्कि खुद के भीतर भी उतरता है ।
Arunachal Pradesh Ki Lokkathayen
- Author Name:
Prof. Nand Kishore Pandey +1
- Book Type:

- Description: This book has no description
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