Do Dhruvon Ke Beech Ki Aas
Author:
Dr. Garima DubeyPublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
This book has no description
ISBN: 9789387310636
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Agnisakshi
- Author Name:
K.K.Nair +1
- Book Type:

- Description: Agnisakshi (meaning, With Fire As Witness) is a Malayalam novel written by Lalithambika Antharjanam. Originally serialised in Mathrubhumi Illustrated Weekly, it was published as a book by Current Books in 1976. It tells the story of a Nambudiri woman, who is drawn into the struggle for social and political emancipation but cannot easily shake off the chains of tradition that bind her. The novel was concerned with implied criticism of aspects of social structure and behaviour. Thethikutty (Devaki or Sumitarananda) is married to Unni Nambudiri of the well-known Brahmin family named Manampilly Illam. He is young, virtuous, and loving but too orthodox to be the husband of a woman with Thethikutty's views. Feeling frustrated, Thethikutty leaves him once and forever and reaches her paternal home. Unni lives the life of a piety, is branded as an eccentric and dies. Thethikutty, meanwhile, finds no peace anywhere. At last, in the Himalayas, she meets her old friend and Unni's half-sister, the sixty-year-old Mrs K.M.K. Nair (Thankam). She finds her unborn son in Mrs. Nair's son and hands over her wedding pendant to her daughter with the request to cherish it with due regard.
Samudrantike Novel
- Author Name:
Dhruv Bhatt
- Book Type:

- Description: बंगाली के यहाँ हम बहुत देर तक रुके रहे। बंगाली ने गीत गाए। मुखिया ने भी भजन गाए। बारिश नहीं हुई तो क्या होगा, ऐसी चिंता व्यक्त की! तब बाबा बोला, ‘‘नहीं, बरसात जरूर आवेगी, जोरों से आवेगी।’’ रात होने को आई, तब हम उठे। बाबा नीचे तक हमें छोड़ने आया। फिर कहने लगा, ‘‘देख मुखी, एक बात मान, तेरे गाँव में जो बच्चे हों, उन सबको थोड़े दिन हवेली भेज दे और मवेशियों को बाँधना नहीं, ऐसे ही खुले छोड़ देना।’’ ‘‘क्यों?’’ एक बाबा ऐसी नई व्यवस्था करने को कहे, यह मेरे लिए कुछ अजीब था। ‘‘क्यों, छोकरे लोग बँगले में रहेगा तो तेरे कु तकलीफ है क्या?’’ ‘‘नहीं, पर गाय-बैलों को क्यों नहीं बाँधना?’’ मैंने पूछा। ‘‘सुन, डराता नहीं हूँ, पर ये अपने अनंत महाराज हैं न, ये दरिया, दो-तीन दिन से ठीक से बात नहीं करते। लगता है महाराज शायद तूफान कर देंगे।’’ —इसी उपन्यास से पारंपरिक, अविज्ञान-सम्मत, आस्था प्रधान समाज और मुनाफाखोर निंदक समाज के बीच के गतिरोध और संघर्ष को संतुलित करता प्रभावी उपन्यास। इसमें लोक है, लोकनायक हैं, जो उपन्यास के ताने-बाने को बुनते हैं। एक प्रभावी, पठनीय उपन्यास।
Parva - Malayalam
- Author Name:
S.L. Bhyrappa
- Rating:
- Book Type:

- Description: Parva is a novel written by S. L. Bhyrappa in the Kannada language. It is a retelling of the Sanskrit epic Mahabharata, narrated through the personal reflections of the principal characters. The novel is widely acclaimed as a modern classic. Parva is among Bhyrappa's most widely debated and popular works and is considered by many to be his greatest.
Heroic Deceit
- Author Name:
Salim Hansa
- Book Type:

- Description: Ali, a disillusioned corporate employee, seeks solace in a meditation and yoga camp, despite his initial reservations as a devout Muslim. But little does he know, this journey will transform him in unimaginable ways. As Ali discovers his newfound ability to heal, he must navigate the constraints of his power and confront the darkness within. His quest for fame and recognition slowly corrupts his thoughts, testing the boundaries of his faith. Torn between his religious beliefs and the lure of superhero status, Ali must confront the ultimate question: will his actions redeem or destroy him? Dive into a gripping tale of self-discovery, spirituality, and the true meaning of heroism.
Mujhe Pahchano
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: ‘मुझे पहचानो’ परम्परा और संस्कृति को एक नई रोशनी में देखने वाला उपन्यास है। इसकी कथा एक ऐसी रियासत से शुरू होती है जिसके लिए सती जैसी नृशंस प्रथा सांस्कृतिक गौरव की हैसियत रखती है। इसके पात्र एक ऐसे समाज में साँस ले रहे हैं जिसमें समानता, स्वतंत्रता और बन्धुत्व जैसे मानवीय मूल्य आकाशकुसुम बने हुए हैं, लेकिन जिसका प्रभुवर्ग अपने कथित सांस्कृतिक गौरव को यथावत रखने के लिए शुचिता को एक अपरिहार्य आवश्यकता बनाकर थोपे हुए है। यह शुचिता है वर्ण की, वर्ग की और रक्त की। लैंगिक और यौन शुचिताएँ भी इसमें शामिल हैं। आश्चर्य नहीं कि पुरुष-वर्चस्व पर टिके इस समाज में सती-प्रथा को व्याधि नहीं, अपनी विशेषता समझा जाता है और उसका धार्मिक-सांस्कृतिक महिमामंडन किया जाता है। इस जड़ता की जड़ें इतने गहरे धँसी हैं कि अधिकतर स्त्रियाँ भी सती को श्रद्धा की निगाह से देखती हैं। यह उपन्यास इसी छद्म गौरवबोध को अनावृत करता है। पुरुष-सत्ता की चालाकियों और उससे उत्पन्न सामाजिक ठहराव को तोड़ते हुए इस उपन्यास की कथा धर्म और धन के घातक गठजोड़ को भी बहुत ठोस रूप में पाठकों के सामने रखती है। संजीव का कथा-लेखन समूचे हिन्दी कथा-संसार में विशिष्ट इसलिए है कि उनकी लेखनी अविचलित भाव से न सिर्फ समाज की कथा कहती है, बल्कि हमें एक वैज्ञानिक दृष्टि देते हुए तर्कों और तथ्यों से भी समृद्ध करती है।
Arsalan aur Bahzad
- Author Name:
Khalid Javed
- Book Type:

- Description: ख़ालिद जावेद का नाम समकालीन उर्दू उपन्यास की पहचान भी है और शान भी। ‘अरसलान और बहज़ाद’ जादुई कहानियों के इस रचयिता का तीसरा उपन्यास है। जिसमें यथार्थ तल में है और सतह पर ऐसी ना-मुमकिन और अमूर्त घटनाएँ कि पढ़ने वाला हैरतज़दा रह जाए। प्रेम, करुणा, अपमान, क्रोध और महरूमी को इस दास्तान में जिस आवर्धक लेंस से देखा गया है, वह जीवन के प्रति हमें कभी बेज़ार करता है तो कभी उसकी निरर्थकता को हम पर और रोशन करता है। अगर आप ख़ालिद जावेद की लेखनी से परिचित हैं तो इसमें आपको महीन और गहरे ख़यालात की विस्तृत दुनिया से शनासाई होगी और अगर आप उन्हें इसी उपन्यास से पहली दफ़ा जान रहे हैं तो आप उनकी पिछली कृतियों के अध्ययन के लिए ख़ुद को विवश पाएँगे। ख़ालिद जावेद अपने पिछले दो उपन्यासों, ‘मौत की किताब’ और ‘नेमतख़ाना’ से हिन्दी पाठकों तक पहुँच कर पहले भी, कथ्य और क्राफ्ट की नई लहरों से परिचित करवा चुके हैं। ‘अरसलान और बहज़ाद’ इसी सिलसिले में एक ज़बरदस्त इज़ाफ़ा है, जिसे मौजूदा उर्दू फ़िक्शन के एक बड़े कारनामे के तौर पर तस्लीम किया जा चुका है।
Mewat Ka Johad
- Author Name:
Rajendra Singh
- Book Type:

- Description: मेवात कैसे बना? मेवात का जनमानस आज क्या चाहता है? क्या कर रहा है? मेवात के संकट से जूझते लोग, बाज़ार की लूट, पानी और खेती की लूट रोकने की दिशा में हुए काम–––क़ुदरत की हिफ़ाज़त के काम हैं। इन क़ुदरती कामों में आज भी महात्मा गांधी की प्रेरणा की सार्थकता है। युगपुरुष बापू के चले जाने के बाद भी युवाओं द्वारा उनसे प्रेरित होकर ग्राम स्वराज, ग्राम स्वावलम्बन के रचनात्मक कार्यों से लेकर सत्याग्रह तक की चरणबद्ध दास्तान इस पुस्तक में है। यह पुस्तक देश–दुनिया और मेवात को बापू के जौहर से प्रेरित करके सबकी भलाई का काम जोहड़ बनाने–बचाने पर राज–समाज को लगाने की कथा है; जौहर से जोहड़ तक की यात्रा है। यह पुस्तक आज के मेवात का दर्शन कराती है। इसमें जोहड़ से जुड़ते लोग, पानी की लूट रोकने का सत्याग्रह, मेवात के 40 शराब कारख़ाने बन्द कराना तथा मेवात के पानीदार बने गाँवों का वर्णन है। मेवात के पानी, परम्परा और खेती का वर्णन बापू के जौहर से जोहड़ तक किया गया है। बापू क़ुदरत के करिश्मे को जानते और समझते थे। इसलिए उन्होंने कहा था, “क़ुदरत सभी की ज़रूरत पूरी कर सकती है लेकिन एक व्यक्ति के लालच को पूरा नहीं कर सकती है।” वे क़ुदरत का बहुत सम्मान करते थे। उन्हें माननेवाले भी क़ुदरत का सम्मान करते हैं। मेवात में उनकी कुछ तरंगें काम कर रही थीं। इसलिए मेवात में समाज–श्रम से जोहड़ बन गए। मेवात में बापू का जौहर जारी है। यह पुस्तक बापू के जौहर को मेवात में जगाने का काम करती है।
The Inexhaustible
- Author Name:
Bindu Bhatt +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: English Translation by Vinod Meghani from the Gujarati Original of Sahitya Akademi award winning novel Akhepatar by Bindu Bhatt. Sahitya Akademi award 2018
Mahashweta
- Author Name:
Tarashankar Bandyopadhyay
- Book Type:

- Description: सुविख्यात बांग्ला उपन्यासकार ताराशंकर बंद्योपाध्याय की यह पुस्तक कथावस्तु और रचना-शिल्प की दृष्टि से एक अनूठी और मार्मिक कथाकृति है। माता-पिताविहीन नीरजा नामक एक बालिका का जैसा चरित्र-चित्रण यहाँ हुआ है, वह सिर्फ़ तारा बाबू जैसे कथाकार ही कर सकते हैं। पशुवत् मनुष्यों के लोभ, कुत्सा और समाज की कुरूपताओं से अनथक संघर्ष करती हुई नीरजा मानो तेजोद्दीप्त भारतीय नारी का प्रतीक बनकर उभरती है, जिसमें परदुख-कातरता भी है और उसके लिए आत्मोत्सर्ग की भावना भी। एक ओर वह अनाचार से जूझने के लिए जलती हुई मशाल है, तो दूसरी ओर उसके अन्तर में प्रेम की अन्तःसलिला प्रवाहित हो रही है। नारी की आत्मनिर्भरता उसके जीवन का मूलमंत्र है, जिसे वह सम्मानपूर्वक जीने की पहली शर्त मानती है। वस्तुतः तारा बाबू ने इस उपन्यास में स्थितियों और परिवेश को नाटकीयता प्रदान करके विलक्षण प्रभाव उत्पन्न किया है।
Harichitta Satya
- Author Name:
Vasudhendra
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ- ವಸುಧೇಂದ್ರ ಅವರ ಮೊದಲ ಕಾದಂಬರಿ. ಅತ್ಯಂತ ಸಂಯಮದಿಂದ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಹೆಣೆದಿದ್ದು ಅವರ ಪ್ರೌಢಿಮೆಗೆ ಕನ್ನಡಿ ಹಿಡಿಯುತ್ತದೆ. ಸನ್ನಿವೇಶಗಳ ಜೋಡಣೆ, ಪಾತ್ರಗಳ ಸಂಭಾಷಣೆ, ನಿರೂಪಣೆ ಶೈಲಿ ಓದುಗರ ಗಮನ ಸೆಳೆಯುತ್ತದೆ. ಕಟ್ಟರ ಸಮಾಜ ಹಾಗೂ ಮುಕ್ತ ಸಮಾಜದ ಮಧ್ಯೆ ಇರುವ ವಿದ್ಯಮಾನಗಳು, ವೈಚಾರಿಕ ಪ್ರವಾಹ ಇಲ್ಲಿಯ ಪ್ರಮುಖ ವಸ್ತು. ಆದರೂ, ವಿಧಿಯ ಪಾತ್ರವನ್ನು ತಳ್ಳಿ ಹಾಕದೇ ಇದ್ದರಿಂದ ಅವರು ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ ಎಂದೇ ಕಾದಂಬರಿಗೆ ಹಸರು ಇಟ್ಟಿದ್ದು ಸೂಕ್ತವೆನಿಸಿದೆ.
Taarabhaayiya Patra
- Author Name:
M R Dattathri
- Book Type:

- Description: ಲೇಖಕ ಎಂ. ಆರ್ ದತ್ತಾತ್ರಿ ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ ’ತಾರಾಬಾಯಿಯ ಪತ್ರ’. ತಾರಾಬಾಯಿಯು ವಿಕ್ರಮನ ಅಪ್ಪನ ಪ್ರೇಯಸಿ. ಅವಳು ಬರೆದ ಎರಡು ಪತ್ರದಲ್ಲಿ, ದೇವತೆ, ದೇವಿ ಎಂದೆಲ್ಲ ಬರೆದು, ಹೊಡೆದು ಹಾಕಿ, ಅಕ್ಕ ಎಂಬ ಸಂಬೋಧನೆಯೇ ಉಳಿಯುತ್ತದೆ. ಇವು ಏನೆಲ್ಲ ಭಾವಗಳನ್ನು ಹೇಳುತ್ತವೆ? ಏಕಾಂತದೊಳಗಿನ ಲೋಕಾಂತ, ಮೌನದೊಳಗಣ ಮಾತು, ಸಂವಾದದೊಳಗಿನ ಮೌನವೇ ಕಥಾನಕವಾಗಿದೆ ಇಲ್ಲಿ. ರಂಜನಿಗೆ ಇವನ ಕರೆ ಕೇಳಿತೆ? ಗಂಗಾ ತನ್ನ ಗಾಂಭೀರ್ಯದಿಂದಾಚೆ ಬಂದು ಮತ್ತೆ ಇವರಿಬ್ಬರೂ ಒಂದೇ ಪರಿಧಿಯಲ್ಲಿ ಬರುವರೆ? ರಂಜನಿಯನ್ನು ಕನವರಿಸುತ್ತಲೇ ಗಂಗೆಗೆ ಹಪಹಪಿಸುವ ವಿಕ್ರಮ ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳುವುದು ಯಾರನ್ನು? ಯಾವ ಅಂತಃಕರುಣೆಯ ಕರೆ ವಿಕ್ರಮನೊಳಗಿನ ಪ್ರೀತಿಯನ್ನು ಮತ್ತೆ ಸೋಕುತ್ತಲೇ ಆವರಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ? ಈ ಎಲ್ಲ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳಿಗೆ ಉತ್ತರ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿದೆ.
Garden Of Eden Urf Sai Society
- Author Name:
Makarand Sathe
- Book Type:

- Description: समकालीन मराठी साहित्य-जगत में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में स्वीकृत ‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ उपन्यास हमारे आसपास की दुनिया का बयान है जो यूँ तो तमाम रंगीनियों और हलचलों से भरी हुई है लेकिन इसमें हरेक आदमी एक वीराने में फँसा हुआ है। यह वीराना अभाव से भी उपजा है और अधिकता से भी; विचार से भी उपजा है और विचारहीनता से भी। बहुप्रचारित और सर्वस्वीकृत विकास ने समाज में अनगिनत दरारें पैदा कर दी हैं। खंडित अस्मिताएँ लोगों को कभी हिंसा की ओर धकेलती हैं तो कभी निविड़ एकान्त की ओर। गढ़ी हुई वास्तविकता वास्तविक वास्तविकता पर भारी पड़ रही है। इस तरह पूरा समय ही एक रेगिस्तान में तब्दील होता जा रहा है। प्रेम का टिके रहना मुश्किल हो रहा है, जबकि जातिवाद, कट्टरता और तानाशाही निरन्तर बढ़ रही हैं। हिंसा क्रूर से क्रूरतर रूप धरकर सामने आ रही है। ‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ आधुनिक जीवन के लगातार विद्रूप होते जाने के मौजूदा दौर में मानवीय भविष्य से जुड़े प्रश्नों पर गहराई से विचार करने वाली एक प्रयोगशील कृति है, एक बेहद दिलचस्प और विचारोत्तेजक उपन्यास।
Do Behnein
- Author Name:
Rabindranath Thakur
- Book Type:

- Description: रवीन्द्रनाथ ठाकुर के उपन्यास आधुनिक जीवन-स्थितियों का आभ्यन्तर प्रस्तुत करते हुए स्त्री के भीतर स्त्री की अनवरत खोज की आश्चर्यजनक चेष्टाओं का दिग्दर्शन कराते हैं। उनके काव्य की अनन्त उन्मुक्ति में विस्तार पाती स्त्री उनके उपन्यासों में ऊबड़-खाबड़ धरती पर उतरती है, लेकिन अपने मज्जागत आदर्श को हृदय से अवश्य चिपटाए रहती है। यहीं कहीं उसके आस-पास पुरुष विद्यमान रहता है, अपनी समस्त प्रवृत्तियों के अंकुशाघात से घायल—कभी स्त्री के सहारे, कभी स्वयं उपन्यासकार के सहारे, और कभी अपने ही बुने जाल की गाँठें खोलने को सन्नद्ध। ‘दो बहनें’ ऐसा ही उपन्यास है।
Anna
- Author Name:
C. N. Annadurai
- Rating:
- Book Type:

- Description: Everyone regarded Anna as one of the most remarkable figures produced by Tamil Nadu. His greatness stems from the widespread acclaim he received from prominent leaders of his era. His various talents demonstrate his capabilities as an effective administrator, deep thinker, prolific writer, insightful journalist, and above all, a humanitarian that leaves us in awe of his literary contributions. He observed the living conditions of Tamils during his time and aimed to instigate change through his writing and speeches. Inspired by Periyar's thoughts and pride in Tamil heritage, he emerged as a towering advocate for humanism, dedicated to protecting the Tamil community and working toward their advancement. Anna once referenced influential figures like Shelley, Byron, Keats, Coleridge, Emerson, and Bacon, remarking that they are not foreigners in the truest sense. Is Tiruvalluvar simply a Tamil? They are all global citizens and educators, and Anna holds a similar esteemed position as a worldwide citizen. Anna is recognised as a pioneer in short stories that explore the tension between tradition and modernity. He is a relentless journalist and a guiding light as a dramatist. In addition to being a remarkable orator, his political acumen further defines him as the genius of his century. In summary, Anna is a true phenomenon.
Shamana Thayi
- Author Name:
Sane Guruji +1
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Hena Horuvavana Vrutthantha
- Author Name:
Cyrus Mistry +1
- Book Type:

- Description: ಮೂಲ ಲೇಖಕರು : ಸೈರಸ್ ಮಿಸ್ತ್ರಿ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ : ಬಿ.ಆರ್.ಜಯರಾಮರಾಜೇ ಅರಸ್ ನಾಟಕ, ಪತ್ರಿಕೋದ್ಯಮ ಕ್ಷೇತ್ರದ ನಂಟಿನ ಜೊತೆಗೆ ಸಣ್ಣ ಕತೆಗಾರನಾಗಿ ವ್ಯಾಪಕ ಸಾಹಿತ್ಯ ಕೃಷಿ ಮಾಡಿರುವ ಸೈರಸ್ ಮಿಸ್ತ್ರಿ ಅವರ ‘ಕ್ರಾನಿಕಲ್ ಆಫ್ ಎ ಕಾರ್ಪ್ಸ್ ಬೇರರ್’ ಇಂಗ್ಲಿಷ್ ಕಾದಂಬರಿಯ ಅನುವಾದ ಈ ಹೊತ್ತಿಗೆ. 2013ನೇ ಸಾಲಿನಲ್ಲಿ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾಡೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಪಡೆದ ಈ ಕೃತಿಯನ್ನು ಬಿ.ಆರ್.ಜಯರಾಮರಾಜೇ ಅರಸ್ ಅನುವಾದಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಕಾದಂಬರಿಯ ಪುಟ ತಿರುವಿದಂತೆ ಕಥೆಯು ಬಾಂಬೆಯಲ್ಲಿ 1942ನೇ ಇಸವಿಯ ವರ್ತಮಾನ ಕಾಲದಿಂದ ಆರಂಭವಾಗಿ ಭೂತಕಾಲದಲ್ಲಿ ಸಾಗುತ್ತಾ ಅಪೂರ್ಣ ಭವಿಷ್ಯ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಮುನ್ನಡೆದಿದೆ. ಇಲ್ಲಿ ‘ಎಲ್ಚಿ’ (ಫಿರೋಜ್ ಎಲ್ಚಿದಾನ) ಕಥಾನಾಯಕ. ಪಾರ್ಸಿ ಉಪಜಾತಿಗೆ ಸೇರಿದ ಅಸ್ಪೃಶ್ಯರಾದ ಹೆಣಹೊರುವವರ ಬದುಕಿನ ವೃತ್ತಾಂತ ಇಲ್ಲಿದೆ. ಫಿರೋಜ್ ಸಮಾಜದ ಪ್ರಬಲ ವರ್ಗಕ್ಕೆ ಸೇರಿದ ಪುರೋಹಿತರೊಬ್ಬನ ಮಗ. ‘ಖಾಂಧಿಯಾ’ (ಹೆಣ ಹೊರುವವರು) ಜಾತಿಗೆ ಸೇರಿದ ಸೆಪಿಡೆಹ್ (ಸೆಪ್ಪಿ) ಎಂಬುವವಳನ್ನು ಪ್ರೀತಿಸುತ್ತಾನೆ. ಮಗಳನ್ನು ಮದುವೆಯಾಗಬೇಕಾದರೆ ಹೆಣ ಹೊರುವ ವೃತ್ತಿ ಸ್ವೀಕರಿಸಿ, ತಮ್ಮ ಜೊತೆಯೇ ಬದುಕಬೇಕು ಎನ್ನುವ ಸೆಪ್ಪಿ ತಂದೆಯ ಷರತ್ತಿಗೆ ಒಪ್ಪಿ ಆಕೆಯನ್ನು ಮದುವೆಯಾಗುತ್ತಾನೆ. ಇದಕ್ಕಾಗಿ ತಂದೆ, ತಾಯಿ, ಸಮುದಾಯವನ್ನೂ ತೊರೆದು ಬರುತ್ತಾನೆ. ಮಗಳ ಜನನದ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಸೆಪ್ಪಿ ನಿಧನ, ಎಲ್ಚಿ ಬದುಕಿಗೆ ತಿರುವಾಗುತ್ತದೆ. ಆತ, ಈ ನೋವಿನಲ್ಲೂ, ತುಳಿತಕ್ಕೊಳಗಾಗುತ್ತಿರುವ ಖಾಂಧಿಯಾ ಜನರ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬದಲಾವಣೆ ತರುವತ್ತ ಪಾರ್ಸಿ ಪಂಚಾಯತ್ ವಿರುದ್ಧ ದಂಗೆಯನ್ನೂ ಆರಂಭಿಸುತ್ತಾನೆ. ದ್ವಿತೀಯಾರ್ಧದಲ್ಲಿ ಕಥೆಯ ಈ ನಿರೂಪಣೆ ಭಾರತದ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ಸಂಗ್ರಾಮದ ಘಟನೆಗಳಿಗೆ ಸಮಾನಾಂತರವಾಗಿ ಸಾಗುತ್ತದೆ. ಉಸಿರು ಬಿಗಿಹಿಡಿದು ಕಥೆಯನ್ನು ಓದುವಂತೆ ಪ್ರೇರೇಪಿಸುತ್ತದೆ. ಪಾರ್ಸಿ ಸಂಸ್ಕೃತಿಯು ಕೃತಿಯುದ್ದಕ್ಕೂ ಉಸಿರಾಡಿದೆ. ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯಕ್ಕೆ ಹೊಸತನ್ನು ಸೇರಿಸುವಲ್ಲಿ ಈ ಕೃತಿ ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿದೆ.
Bihari Paat Aa Pathar
- Author Name:
Mayanand Mishra
- Book Type:

- Description: Maithili Novel
Manrangi
- Author Name:
Garima Mudgal
- Book Type:

- Description: राख बनकर बिखरने से पहले ख़ुशबू बनकर महक जाऊँ बस, इसी मौज के साथ लिखने की शुरुआत की थी। वैसे तो जो कुछ कहना था, इस कहानी के माध्यम से कह चुकी हूँ पर ‘मनरंगी’ के बारे में यह ज़रूर बताना चाहूँगी कि यह कहानी किसी नदी की तरह आगे बढ़ती है और नदी के जैसे ही हर पड़ाव पर इसकी तासीर अलहदा है। कहीं यह कहानी पहाड़ों से गुज़रती नदी की तरह अल्हड़ जान पड़ेगी तो कहीं निर्झर की तरह आवेग से खिलखिलाती। कहीं यह गहरी और शांत भी दिखाई देगी। एक नदी के सागर से मिलने के मानिंद यह तो तय है कि कहानी भी अपनी मंज़िल से मिलेगी, पर ख़ास वे रास्ते होंगे जहाँ से यह होकर गुज़रती है। और जैसे नदी को अपने साथ रखने की क़वा’इद में हम अपने पात्रों मे थोड़ी-सी नदी भर लेते हैं वैसे ही अगर अंजुली भर कहानी आपके ह्रदय-पात्र में जगह बना पाई तो मुझे लगेगा कि किताब के पन्नों से निकलकर कहानी अपने मुकाम तक पहुंच गई। किताब आपको कैसी लगी, जानने की प्रतीक्षा में ....
Doktor Glass
- Author Name:
Hzalmar Soderberge
- Book Type:

- Description: Novel
Narak Dar Narak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘नरक-दर-नरक’ ममता कालिया के चर्चित उपन्यासों में से एक है। अपने समय का सांगोपांग चित्रण करने वाली यह रचना पाठकों और आलोचकों दोनों की प्रिय रही है। उपन्यास के केन्द्र में जगन और उषा हैं जो एक तरह से आज़ादी के बाद पैदा हुई युवा पीढ़ी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छा रोज़गार और बेहतर जीवन उनके ऐसे सपने हैं जो अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें अपनी पहुँच से दूर दिखाई देते हैं। प्रेम और उसके बाद तुरन्त ही शादी के बाद उनका प्यार ही है जो उन्हें राहत देता है, नहीं तो जगन के कॉलेज में वहाँ की राजनीति, मामूली-सी तनख़्वाह और उषा के सामने घर को सँभालने की चुनौती उन्हें तनाव में ही रखती है। हारकर वे मुम्बई से इलाहाबाद आते हैं और वहाँ जगन एक प्रेस शुरू करता है। लेकिन चुनौतियाँ यहाँ भी कम नहीं। नया शहर, नया काम और फिर एक बच्चा भी उनके जीवन में आ जाता है। दाम्पत्य जीवन और सामाजिक–राजनीतिक तनावों को यह उपन्यास अत्यन्त कुशलता से चित्रित करता है। भाषा की चुस्ती, संवाद और सूक्ष्म मनोभावों का अंकन कहीं भी पाठक को भटकने नहीं देता।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book