Do Dhruvon Ke Beech Ki Aas
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
This book has no description
Read moreAbout the Book
This book has no description
Book Details
-
ISBN9789387310636
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Drishy Se Adrishy Ka Safar
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: This book has no description
Chhinnmool
- Author Name:
Pushpita Awasthi
- Book Type:

- Description: Novel
Ek Zameen Apni
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description: विज्ञापन की चकाचौंध दुनिया में जितना हिस्सा पूँजी का है, शायद उससे कम हिस्सेदारी स्त्री की नहीं है। इस नए सत्ता-प्रतिष्ठान में स्त्री अपनी देह और प्रकृति के माध्यम से बाज़ार के सन्देश को ही उपभोक्ता तक नहीं पहुँचाती, बल्कि इस उद्योग में पर्दे के पीछे एक बड़ी ‘वर्क फ़ोर्स’ भी स्त्रिायों से ही बनती है। ‘एक ज़मीन अपनी’ विज्ञापन की उस दुनिया की कहानी भी है जहाँ समाज की इच्छाओं को पैना करने के औज़ार तैयार किए जाते हैं और स्त्री के उस संघर्ष की भी जो वह इस दुनिया में अपनी रचनात्मक क्षमता की पहचान अर्जित करने और सिर्फ़ देह-भर न रहने के लिए करती है। आठवें दशक की बहुचर्चित कथाकार चित्रा मुद्गल ने इस उपन्यास में उसके इस संघर्ष को निष्पक्षता के साथ उकेरते हुए इस बात का भी पूरा ध्यान रखा है कि वे सवाल भी अछूते न रह जाएँ जो विज्ञापन-जगत की अपेक्षाकृत नई संघर्ष-भूमि में नारी-स्वातंत्र्य को लेकर उठते हैं, उठ सकते हैं।
Gulo
- Author Name:
Subhash Chandra Yadav
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Deewar Me rasta
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Beticket Muzrim Se Arabpati Banne Ki Kahani
- Author Name:
Rajiv Singh
- Book Type:

- Description: एक वास्तविक समयकाल के समांतर राजनीतिक और आर्थिक-सामाजिक परिदृश्य में स्थित यह उपन्यास, सपने की शक्ति, विश्वास की शक्ति और प्यार की शक्ति की असाधारण कहानी है। यह कहानी है गाँव के एक वंचित लड़के की, जिससे उसके सपने पूरे करने का प्रत्येक अवसर छीन लिया जाता है, लेकिन जीवन में अनेक मुश्किलों का सामना करते हुए भी वह अपने सपने का पीछा करना नहीं छोड़ता। वर्ष 1978 में उत्तर प्रदेश के एक पिछड़े गाँव में जिला कलेक्टर का दौरा गरीब, श्रमिक परिवार के ग्यारह वर्षीय गोदना को आई.ए.एस. अफसर बनने के लिए प्रेरित करता है। क्या वह अपना सपना पूरा कर पाता है या परिस्थितियों के आगे हार मान लेता है? या फिर वह और अधिक ऊँचाइयाँ प्राप्त कर लेता है? क्या जाति आधारित आरक्षण नीतियों से उसे मदद मिलती है? क्या जाति आधारित राजनीति उसे आकर्षित कर पाती है? क्या वह अपने खिलाफ चली गईं चतुर कॉरपोरेट चालों और साजिशों का सामना कर पाता है?
Phans
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: सभ्यता के वर्तमान पड़ाव पर जितनी उपेक्षा किसान और किसानी की हो रही है उतनी शायद ही किसी और की हुई हो। देश में तीन लाख से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं और अस्सी लाख से ज्यादा किसानी से किनारा कर चुके हैं। इसी भीषण यथार्थ की पृष्ठभूमि पर रचा गया है यह उपन्यास ‘फाँस’। कभी प्रेमचन्द ने ‘गोदान’ के जरिये भारतीय ग्रामीण तंत्र के शोषणकारी ढाँचे और किसानों के जीवन-संघर्ष को उजागर किया था, उसके वर्षों बाद, ‘फाँस’ हिन्दी का किंचित पहला उपन्यास है जो किसानों की दारुण स्थिति को उसकी व्यापकता में सामने लाता है। इस उपन्यास में विदर्भ (महाराष्ट्र) के किसानों की कहानी गई है जिनके एक कन्धे पर घर-परिवार का उत्तरदायित्व है तो दूसरे कन्धे पर किसानी का। दोनों उत्तरदायित्व एक-दूसरे से नाभिनालबद्ध—फसल होगी तो घर-परिवार चलेगा, नहीं होगी तो पेट भरना मुश्किल, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई दुश्वार, हारी-बीमारी का इलाज असम्भव। फिर किसानी भी तो सिर्फ मेहनत नहीं माँगती; उसमें भी पैसा चाहिए। पैसा जुटता है कर्ज से। इस तरह फर्ज से कर्ज तक एक ऐसा व्यूह बनता है जिसमें पड़ने के बाद किसान निरुपाय और अन्तत: आत्महंता हो जाता है। इस दुखान्त को यह उपन्यास पूरी सूक्ष्मता से दर्ज करता है और यह सोचने को विवश करता है कि क्या यह त्रासदी केवल किसानों की है अथवा एक समूची सभ्यता, एक समूचे समाज की? अत्यन्त समसामयिक और ज्वलन्त विषय पर एक अवश्य पठनीय कृति!
Tonhi
- Author Name:
Prabha Saras
- Book Type:

- Description: This is a book for children.
Shastriji Ke Prerak Prasang
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: "कथा-कहानियाँ सृष्टि के आरंभ से ही मनुष्य का मार्ग-दर्शन करती रही हैं। पंचतंत्र और हितोपदेश की कहानियाँ प्राचीन काल से हमारा मार्गदर्शन करती चली आ रही हैं। प्रत्येक कहानी के लिए कथावस्तु का होना अनिवार्य है, क्योंकि इसके अभाव में कहानी की रचना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कहानी में केवल मनोरंजन ही नहीं होता, उसमें कोई उद्देश्य और संदेश भी निहित होता है। जीवन में सादगी और सरलता का बहुत महत्त्व है। हमारी परंपरा में वर्णित है ‘सादा जीवन, उच्च विचार’। सादगी हमारे व्यक्तित्व को जो आभा प्रदान करती है, वह आडंबर या दिखावा नहीं। यह सादगी हमें आत्मविश्वास, शक्ति और आत्मबल देती है। इन्हीं जीवनमूल्य को समेटे, सादगी की महत्ता बताती प्रेरणाप्रद कहानियों का संकलन।"
Agyeya Ke Uddharan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

- Description: अज्ञेय का लेखन इतना विपुल और वैविध्यपूर्ण है कि उसमें से उद्धरणों के एक चयन की बात सोचते ही पहला सवाल तो उसकी क्रम-प्रक्रिया को लेकर ही सामने आया। लगभग सभी साहित्यिक विधाओं में उत्कृष्ट लेखन के साथ-साथ अज्ञेय ने मानव-जीवन और समाज से जुड़ी सभी समस्याओं पर भी स्वतन्त्र रूप से सम्यक् विचार किया है। अज्ञेय के लिए न केवल साहित्य बल्कि पूरा मानव-जीवन ही मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है। इस क्रम से आरम्भ करने पर सहज ही केन्द्रीय मूल्य स्वतन्त्रता और उनसे जुड़े सवालों को अलगे चरण में रख पाना उचित लगा और साहित्य क्योंकि मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है, अत: भाषा, साहित्य आदि से जुड़े चिन्तन से चयन किये जाने वाले उद्धरणों का क्रम भी तय हो गया। इस चयन से गुज़रते हुए पाठक को यह महसूस हो सकता है कि अज्ञेय जब किसी दार्शनिक या तर्कशास्त्रीय गुत्थी पर भी विचार करते हैं तो उनका चिन्तन अधिकांशत: किसी अकादेमिक दार्शनिक की तरह का नहीं, बल्कि एक संवेदनात्मक दृष्टि, या कहें कि कवि-दृष्टि से किया गया चिन्तन होता है। अज्ञेय का चिन्तन कवि-दृष्टि का चिन्तन है, अकादेमिक नहीं। शायद, इसलिए इस कवि-दृष्टि के विमर्शात्मक चिन्तन और कविताओं के बीज-संवेदन का अहसास भी सुधी पाठकों को हो सकेगा। पाठक यदि चयन की इन मोटी रेखाओं के सहारे अज्ञेय के चिन्तन और कवि-कर्म की विपुलता, विविधता और सूक्ष्मता में प्रवेश करने की प्रेरणा पा सकें, तो यही इस चयन की सार्थकता होगी। अज्ञेय के कवि-कर्म और चिन्तन के द्वन्द्वों-समाधानों और प्रक्रियाओं-निष्कर्षों में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी भी समय के लेखक-पाठक के लिए सदैव प्रासंगिक रहेगा। —प्रस्तावना से
Agnisakshi
- Author Name:
K.K.Nair +1
- Book Type:

- Description: Agnisakshi (meaning, With Fire As Witness) is a Malayalam novel written by Lalithambika Antharjanam. Originally serialised in Mathrubhumi Illustrated Weekly, it was published as a book by Current Books in 1976. It tells the story of a Nambudiri woman, who is drawn into the struggle for social and political emancipation but cannot easily shake off the chains of tradition that bind her. The novel was concerned with implied criticism of aspects of social structure and behaviour. Thethikutty (Devaki or Sumitarananda) is married to Unni Nambudiri of the well-known Brahmin family named Manampilly Illam. He is young, virtuous, and loving but too orthodox to be the husband of a woman with Thethikutty's views. Feeling frustrated, Thethikutty leaves him once and forever and reaches her paternal home. Unni lives the life of a piety, is branded as an eccentric and dies. Thethikutty, meanwhile, finds no peace anywhere. At last, in the Himalayas, she meets her old friend and Unni's half-sister, the sixty-year-old Mrs K.M.K. Nair (Thankam). She finds her unborn son in Mrs. Nair's son and hands over her wedding pendant to her daughter with the request to cherish it with due regard.
Dharkan
- Author Name:
Singurdur Palsson
- Book Type:

- Description: बीसवीं सदी के आठवें दशक में आइसलैंड के कवियों का एक ऐसा समर्थ और महत्त्वपूर्ण दल उभरकर सामने आया जिसने वहाँ के कविता संसार में भाषा, बिम्ब एवं शिल्प के स्तर पर बहुत कुछ बदला। सिगुरदुर पॉलसन इसी दल के कवियों में से एक थे। इस दल के कवि अपने आप को ‘पोयट्स लॉरिएट विदाउट लॉरेल’ अर्थात् ‘जयपत्र विहीन राजकवि’ कहते थे। अपने पहले काव्य-संग्रह 'पोयम्स प्ले एट सी-सा' से ही सिगुरदुर पॉलसन ने एक ऐसे सम्भावनाशील युवा कवि के रूप में ख्याति अर्जित की, जिसके पास शब्दों की असाधारण सम्पदा थी और उसके साथ ही थी उनसे खेलने की अप्रितम प्रतिभा। जीवन अपने सम्पूर्ण प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ उसके पास था जिसे वह ‘अभी’ में जीता था—अतीत और भविष्य से परे। पॉलसन की कविताओं में ताज़गी है, रचनात्मक ऊर्जा है, जीवन के प्रति अगाध अनुराग है। लेकिन इसके साथ ही है समाज में व्याप्त बुर्जुआ ठहराव के प्रति एक बेचैनी। वे उन लोगों से क़तई सहमत नहीं, जो पाप और दु:ख को, जीवन के सुखों को, जीवन के अस्तित्व का सार मानते हैं और जीवन में सुखों को नकारते हैं। सिगुरदुर पॉलसन की शिक्षा-दीक्षा पेरिस में हुई और कुछ-कुछ अन्तराल पर वे पन्द्रह वर्ष वहाँ रहे और नाटकों का अध्यापन करते रहे। पेरिस के साथ उनके युवा जीवन की विभिन्न स्मृतियाँ बहुत गहराई से जुड़ी हैं। यही वजह है कि उनकी कविताओं में पेरिस में बिताया गया समय बार-बार आकर जीवन्त हो जाता है।
The Owl, The River, The Valley
- Author Name:
Arupa Patangia Kalita +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: In Arupa Patangia Kalita’s stories, contemporary women in Assam take centerstage. The deeply lyrical and empathetic stories talk about issues like surrogacy, migration, living in a colonial legacy, employment, and history—all of which affect women in the region today. In Mitra Phukan’s nuanced translation, the region and its people come alive. A deeply compelling and satisfying collection for lovers of contemporary fiction, The Owl, the River, the Valley is a deeply compelling journey into Assam.
Duniya Anna Ki Nazar se
- Author Name:
Jostein Gaarder
- Book Type:

- Description: इस उपन्यास की कथा काल्पनिक है, लेकिन तथ्य, तर्क, विश्लेषण... सब वास्तविक है। यह मनोरंजक कहानी आपको दुनिया के अतीत, वर्तमान और भविष्य की वह सच्ची तस्वीर देती है, जिसे आप जीवन में देखते हैं और उपन्यास में महसूस करते हैं, इसलिए अंतिम पेज़ तक पहुँचते हुए आप बदल जाते हैं। इसकी कथा सिर्फ़ एक दिन की है। लेकिन इस एक दिन को एना अतीत और भविष्य से ऐसे देखती है कि हम अपने आत्मघाती व्यवहारों व भावी पीढ़ियों के प्रति अपनी जवाबदेहियों का साक्षात्कार कर लेते हैं। एक मनुष्य के रूप में अपने आत्मसाक्षात्कार का प्रभाव बहुत गहरा होता है। आप इस ग्रह के तमाम पारितंत्रों, जीव-जंतुओं और उनपर आसन्न संकटों के बारे में जानेंगे। आप अपने पैरों के नीचे की इस पृथ्वी को नई आँखों से देखेंगे। आसपास के पारिस्थितिक वैभव और उसके मूल्य को पहली बार महसूस करेंगे। यह किताब आपके ज्ञान और संवेदना का विस्तार करेगी। पृथ्वी के पारिस्थितिक संकट पर ढेरों किताबें पढ़ने से बेहतर है यह रुचिकर उपन्यास पढ़ना।
Laalbatti Ki Amritkanyaanyen
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: कुसुम खेमानी का यह उपन्यास ‘लालबत्ती की अमृतकन्याएँ’ कथावस्तु की दृष्टि से एक साहसिक क़दम माना जा सकता है क्योंकि यह वह इलाक़ा है जिस पर लिखने से हिन्दी लेखकों की क़लम प्राय: गुरेज करती है। फिर भी इस दिशा में कुछ उल्लेखनीय कृतियाँ तो देखने को मिलती ही हैं, यह उपन्यास उसी शृंखला की नवीनतम कड़ी है। यों उपन्यास कोलकाता के ‘सोनागाछी’ पर केन्द्रित है लेकिन यह लालबत्ती गली हर शहर और हर क़स्बे में होती है और अन्त:सलिला की तरह समाज के अन्तर में बहती रहती है। समाज इन स्त्रियों को विषकन्याएँ मानता है पर दरअसल ये समाज के भीतर छिपी गन्दगी को फैलने से रोकने के साथ ही उसका परिष्करण भी करती हैं और इस बिन्दु पर आकर ये ‘विषकन्याएँ’ अमृतकन्याओं में बदल जाती हैं। उपन्यास की कथा विष से अमृत की ओर बढ़ने की संघर्ष-गाथा है क्योंकि उपन्यास की पात्र वे स्त्रियाँ हैं, जिन्हें अमृत से वंचित कर ‘विष’ की ओर ढकेल दिया गया है। उपन्यास में इन स्त्रियों की रोज़-रोज़ की प्रताड़ना, अपमान और हत्या जैसे रोंगटे खड़े कर देनेवाले प्रसंगों का चित्रण कुसुम खेमानी ने जिस भाषाई कौशल और शिल्पगत दक्षता के साथ किया है, वह देखते ही बनता है। पहला पन्ना खोलते ही उपन्यास किसी रोचक फ़िल्म की तरह हमारे सामने खुलता चला जाता है। यह बतरस शैली डॉ. कुसुम खेमानी का अपना निजी और विशिष्ट कौशल है जो पाठकों को अन्त तक बाँधे रखता है। उपन्यास की कथा में सहारा देनेवाले हाथों का सन्दर्भ ही नहीं है बल्कि इन पतिता स्त्रियों द्वारा गिरकर ख़ुद उठने और सँभलने की कोशिशों का कलात्मक मंथन भी है। ‘लावण्यदेवी’, ‘जड़िया बाई’ और ‘गाथा रामभतेरी’ जैसे उपन्यासों से गुज़रने के बाद, निस्सन्देह यहाँ यह कहा जा सकता है कि इतनी ख़ूबियों से भरा-पूरा यह उपन्यास अगर किसी का हो सकता है, तो वह सिर्फ़ कुसुम खेमानी का हो सकता है। —एकान्त श्रीवास्
IAS Today
- Author Name:
Prof.. Vikas Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: लालच की दुनिया को वैराग्य की दुनिया से जोड़ते हुए, आईएएस टुडे एक गांधीवादी रोमेश की कहानी है, जो अपने प्रशिक्षण अवधि के दौरान त्रिशला वासु से शादी कर लेता है और बाद में अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं से अपराधों को जड़ से खत्म करने की कोशिश करता है। उसी दुनिया में टिन्नी भी है, जो कुलीन माता-पिता का बेटा है, जो एक रिंग लीडर बन जाता है और काले, पेनी, वल्लू और गन्नू के साथ अपना गिरोह बनाता है और कांति, रेवती और स्वाति के साथ एक कामुक जीवन जीता है। उसके पाप का पिटारा पहले से ही भरा हुआ है, क्या उसे अपने दुष्कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ेगा? मजबूत महिला पात्रों के साथ, उपन्यास पाठकों को प्रेम और वासना, हिंसा और अहिंसा, देहाती और शहरी जीवन के बीच संघर्ष प्रस्तुत करता है। अभी भी इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है कि क्या फैंसी एक धोखा देने वाली योगिनी है?
King Solomon Mines
- Author Name:
H. Rider Haggard
- Book Type:

- Description: तीन अनजान पुरुष, एक धनी और पराक्रमी योद्धा, दूसरा एक जहाज़ी कप्तान और तीसरा जो मामूली लेकिन बड़ा ही अनुभवी शिकारी था। जब ये तीनों एक भटके हुए साथी की खोज में उस सफ़र पर निकल पड़ते हैं जिसके रास्ते अनोखे, अद्भुत, चमत्कारी और भयावह अनुभवों से भरपूर थे, जो की उन्हें बड़ी कठिनाइयों और एक महायुद्ध के बाद सुलेमान के ख़ज़ाने तक ले जाती हैं। वह सुलेमान का खज़ाना जिसके कीमती रत्नों के भण्डार तक पहुंचने वाला, सदियों पुराने शाप से शापित हो जाता। तो क्या इतनी कठिनाइयों के बाद उन्हें उनका खोया हुआ साथी मिल पाता है? क्या वह उस खजाने तक पहुंच पाते हैं? क्या वह उस सदियों पुराने शाप से बच पाते हैं? या फिर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है? यह अद्भुत कहानी उनके उस सफर की है जिसे कभी कोई पूरा नहीं कर पाया था। क्या उनका अनुभव, साहस, समझदारी, संयम और सूझबूझ, उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने में सफल होता है?
Arrowsmith
- Author Name:
Sinclair Lewis
- Book Type:

- Description: Arrowsmith is an early major novel dealing with the culture of science. It was written in the period after the reforms of medical education flowing from the Flexner Report on Medical Education in the United States and Canada: A Report to the Carnegie Foundation for the Advancement of Teaching, 1910, which had called on medical schools in the United States to adhere to mainstream science in their teaching and research. Arrowsmith is a Nobel Award-winning novel by Vishwa Classic Books Translated into Hindi.
‘Nishank’ Ke Sahitya Mein Lokatattv
- Author Name:
Dr. Kapil Dev Panwar
- Book Type:

- Description: रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का साहित्य उत्तराखंड का दर्पण जैसा लगता है। उसमें प्रतिबिंबित हुआ है—पर्वतीय अंचल का इतिहास-विकास, संपूर्ण प्रकृति परिदृश्य, जन-जीवन के संस्कार, पर्व-त्योहार, आचार-विचार, व्यवहार, खान-पान, पहनावा, रहन-सहन, परंपराएँ, रीति-रिवाज अर्थात् संपूर्ण आंचलिक वैशिष्ट्य। कपिल देव पंवार ने लेखक ‘निशंक’ की कथा-कृतियों में अंकित घटनाओं और पात्रों के माध्यम से हिमालयी संस्कृति संधी एक सकारात्मक संदेश दूर-दूर तक पहुँचाया है। —प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित (सभापति, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग) श्री निशंक के कथा-साहित्य में लोक तत्त्वों की प्रधानता ही उनके कथा साहित्य का प्राणतत्त्व है, जिसके माध्यम से उत्तराखंड की समग्र संस्कृति, जीवन मूल्य, सामाजिक विसंगतियाँ, सामाजिक, परिवर्तन, स्त्री की वर्तमान स्थिति जैसे अनेक सामाजिक सरोकार पाठक की समूची चेतना पर अपना प्रभाव डालते हैं। यह कार्य लेखक की साहित्यिक मात्रा एवं रचना धर्मिता के विभिन्न सोपानों को उजागर करता है, जिसमें श्री निशंक के साहित्यिक अवदान व उसके महत्त्व से पाठक भली-भाँति परिचित हो सकता है। —प्रो. योजना रावत (हिंदी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़)
agedashtu nakshatra
- Author Name:
Sumangala
- Book Type:

- Description: ಅಗೆದಷ್ಟೂ ನಕ್ಷತ್ರ' ಭೂಮಿಯ ಜೊತೆಗಿನ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧವನ್ನು ಕುರಿತು ಆತ್ಮದ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿ ಮಾತನಾಡುವ ಅಪರೂಪದ ಕಾದಂಬರಿ. ಪತ್ನಿ ತೀರಿದ ಬಳಿಕ ಪ್ರೊಫೆಸರ್ಗೆ ಆತ್ಮೀಯರಾದ ಜಲಜ ಮೇಡಂ, ಮನೆಕೆಲಸದ ಸೀತಮ್ಮ, ಮದುವೆಯೇ ಆಗದೆ ಕುಟುಂಬದ ಸರ್ವಸದಸ್ಯರ ಸಂಸಾರದ ಸೇವೆಯಲ್ಲೇ ಸಾರ್ಥಕ್ಯ ಕಂಡ ಪದ್ದಜ್ಜಿ, ಮದುವೆಯಾಗಿ ಎರಡು ತಿಂಗಳಾದರೂ ಗಂಡನ ಸುಖ ಕಾಣದೆ ವಿಧವೆಯಾದ ರಾಜಿ ಹೀಗೆ ಸಂಬಂಧಗಳ ಆಕರ್ಷಣೆ– ವಿಕರ್ಷಣೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸುತ್ತಾ ಕಾದಂಬರಿ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತದೆ. ಕಾದಂಬರಿಯ ನಿಜವಾದ ಉತ್ಖನನ ಆರಂಭವಾಗುವುದು ಮಂಡ್ಯ ಜಿಲ್ಲೆಯಲ್ಲಿ ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಐವರು ರೈತ ಪಾತ್ರಗಳ ಪ್ರವೇಶದೊಂದಿಗೆ. ನಾಗರಿಕತೆ ಹುಟ್ಟುವುದಕ್ಕೂ ಮುನ್ನವೇ ಈ ಭೂಮಿ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧ ಹುಟ್ಟಿದೆ. 4000 ವರ್ಷಗಳ ಹಿಂದಿನ ನಾಗರಿಕತೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸಲು ಉತ್ಖನನ ನಡೆದ ಧೊಲಾವೀರಾ, ಲೋಥೆಲ್ ಮತ್ತು ರೈತರು ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಮಂಡ್ಯದ ಬಳಿಯ ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲಿ ಓಡಾಡಿರುವ ಲೇಖಕಿ, ಕಂಡುಕೊಂಡ ಭೂತಾಯಿಯ ಕಟು ಸತ್ಯಗಳ ಕುರಿತು ಈ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ವಿವರಗಳನ್ನು ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book