IAS/IPS Success Path
Author:
Dr. Ranjit Kumar SinghPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Self-help0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789354886706
Pages: 168
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Sunrays for Friday
- Author Name:
Priya S. Tandon +1
- Book Type:

- Description: From the time that Bhagwan Baba used to say, “My life is My message”, to the time He started saying, “Your life is My message”, the authors Priya and Sanjay Tandon have come a long way in the journey of self-improvement with devotion and love. On the way they have lit up the journey for others too by the Sunrays series of books, this one being the sixth one in the series. These books, each of which contains 52 Inspirational short stories are all about … Looking around and thanking Him, Looking forward and trusting Him, Looking beyond and serving Him, Looking within and loving Him, Looking through and being Him! Jai Sai Ram!
Jeetne Ki Zid : Law Of Attraction Se Kamyabi Payen
- Author Name:
Jack Canfield
- Book Type:

- Description: ‘द सीक्रेट’ की जबरदस्त सफलता के बाद यह पुस्तक आपको आसान शब्दों में बताती है कि कैसे आप आकर्षण के नियम का उपयोग कर अपना मनचाहा जीवन बना सकते हैं। यह पुस्तक न केवल यह बताती है कि आपको क्या मालूम होना चाहिए, बल्कि यह भी कि अपने जीवन में आप जो चाहते हैं, उसे आकर्षित करने के लिए आपको क्या करना होगा। विचार उत्पन्न करनेवाली यह पुस्तक आपको अपने सपनों, लक्ष्यों और इच्छाओं को स्पष्ट करने की दिशा में एकएक कदम आगे बढ़ाएगी। इस दौरान आपमें अपने बारे में एक अच्छी समझ पैदा होगी, जिसमें आप जानेंगे कि आप कौन हैं और आपने किस मकसद से जन्म लिया है। आपकी यात्रा अभी और यहीं से शुरू होती है। आप अपना जीवन बदल सकते हैं, अपनी जानकारी बढ़ा सकते हैं और एक कमाल के भविष्य की ओर जाने की क्षमता बढ़ा सकते हैं, जो प्यार, खुशी और प्रचुरता से भरा है।
Tenaliram Se Seekhen Samasyaon Ke Hal
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: हर व्यक्ति सफलता प्राप्त करना चाहता है, स्वयं को उत्कृष्टता के शिखर पर देखना चाहता है। मगर उत्कृष्टता के पर्वत पर पहुँचने के लिए एक-एक कदम उत्कृष्टता के साथ ही रखना पड़ता है । अगर लापरवाही से कदम बढ़ाया जाए तो फिसलने व गिरने का डर बना रहता है। उत्कृष्टता के शिखर तक पहुँचने के लिए अनिवार्य है कि पीछे छोड़नेवाले हर कदम को सर्वोत्तम बनाया जाए, ताकि वह न केवल दूसरों को मार्ग दिखा सके, बल्कि पीछे निशान भी छोड़ सके। उत्कृष्टता सदैव सकारात्मक परिणाम देती है। तेनालीराम एक ऐसे व्यक्ति थे, जो हर छोटे-बड़े काम को अपनी बुद्धि के साथ करते थे और कभी भी पीछे नहीं हटते थे। ज्ञान के चक्षु खोलने का कार्य शिक्षा करती है। तेनालीराम शिक्षित थे। उनकी शिक्षा ने भी उनके ज्ञान को बढ़ाया, जिस कारण वे हर कार्य को चतुराई से करके अपने शत्रुओं व प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते रहे। तेनालीराम केवल एक थे। उनके जैसा कोई नहीं बन सकता। मगर हाँ, उनकी कहानियों एवं उनके जीवन को जान कर कोई भी स्वयं को शिखर पर ले जा सकता है। हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए 'एक पठनीय पुस्तक ।
Swami Vivekananda Ke Success Siddhant
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद के सक्सेस सिद्धांत -- * हम जो बोते हैं, वो काटते हैं। हम स्वयं अपने भाग्य के विधाता हैं। हवा बह रही है, वे जहाज, जिनके पाल खुले हैं, इससे टकराते हैं और अपनी दिशा में आगे बढ़ते हैं, पर जिनके पाल बँधे हैं, हवा को नहीं पकड़ पाते। क्या यह हवा की गलती है ? * हमारा कर्तव्य है कि हम हर किसी को उसका उच्चतम आदर्श जीवन जीने के संघर्ष में प्रोत्साहित करें और साथ-ही-साथ उस आदर्श को सत्य के जितना निकट हो सके, लाने का प्रयास करें। * जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान् पर विश्वास नहीं कर सकते। भला हम भगवान् को खोजने कहाँ जा सकते हैं, अगर उसे अपने हृदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते। ब्रह्मांड की सारी शक्तियाँ पहले से हमारी हैं | वो हमीं हैं, जो अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है। * जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है, तब वह वास्तविक, भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है। एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सबकुछ भूल जाओ। स्वामी विवेकानंद अप्रतिम मेधा के धनी थे, जिन्होंने अल्पायु में ही मानव समाज को अपने ज्ञानकोष से समृद्ध किया। इस मंजूषा में प्रस्तुत हैं कुछ विचार-रत्न जो आपके सफल और सुखी भविष्य का पथ प्रशस्त करेंगे।
Transformation through ‘Thinking’ Positive
- Author Name:
Dr. Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Positive is one of the basic requisites for living a good and fulfilling life. With this book, I have tried to touch upon the idea of Thinking Positive and how it may lead to the development of a positive society, positive India and a positive universe as a whole. The book is intended to help employ a positive approach, not only in professional life but in day-to-day life as well. The intention to bring out this book is to disseminate positive thinking among the masses so that they can face the challenges of this competitive world happily and without stress. The book intends to take the reader to a journey to reinvent self to think in a positive manner in all circumstances. ‘A time has come to develop Generation (P3) i.e. Positive, Proactive & Progressive required for sustainable development of the country.’ —Dr. Ashutosh Karnatak
Sunrays For Tuesday
- Author Name:
Sanjay Tandon +1
- Book Type:

- Description: ‘सनरेज फॉर ट्यूजडे’ का अंग्रेजी प्रकाशन सन् 2006 में हुआ था। टंडन दंपती की यह तीसरी पुस्तक थी। अब सन् 2017 तक ये इन छह पुस्तकों का प्रकाशन कर चुके हैं—Sunrays for Sunday, Sunrays for Monday, Sunrays for Tuesday, Sunrays for Wednesday, Sunrays for Thursday & Sunrays for Friday. पहली दो पुस्तकें हिंदी व तेलुगु में भी उपलब्ध हैं। इन सभी पुस्तकों में प्रस्तुत कहानियाँ भगवान् श्री सत्य साईं बाबा के प्रवचनों पर आधारित मानवीय गुणों को सिखाने का एक सूक्ष्म व प्रबल साधन हैं। जो भी व्यक्ति अपने बच्चों को अच्छे गुण व संस्कार देना चाहता है, उसमें बहुत सहायक हो सकती हैं। इस पुस्तक का शीर्षक सूर्य की किरणों पर आधारित है, क्योंकि प्रेरणा सूर्य की किरणों की तरह होती है। समय-समय पर हम सब को प्रेरणा की जरूरत होती है। अच्छे आचरण को बनाने के लिए, संभवतः कुछ-न-कुछ मेहनत तो करनी ही पड़ती है और संयम भी रखना ही पड़ता है। इन कहानियों को पढ़कर, प्रेरणा व बल मिलता है, और अपने आप में सुधार लाने की इच्छा जाग्रत् होती है, क्योंकि जो कुछ भी हो, अंत में सभी को लौटकर परमधाम जाना है, और प्रभु तो अच्छे कर्म करनेवालों को ही मिलेंगे। वरना फिर एक बार जीवन-मरण के कालचक्र में फँस जाएँगे।
Prem : Khoj, Pahal Aur Paribhasha
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: जो व्यक्ति स्वयं को प्रेम करता है, वह एकान्त से दूर भागने के लिए बावरा नहीं बन जाता और इसीलिए वह अकेलेपन से पीड़ित भी नहीं होता। वह हमेशा अपने समय का उपयोग सार्थक, सर्जनात्मक उद्देश्यों के लिए करता है—उसे जहाँ-तहाँ समय बिताने की जरूरत नहीं रहती। वह व्यक्ति स्वयं अपना इतना अच्छा मित्र होता है कि उसे दूसरे मित्रों की जरूरत नहीं होती। इसीलिए स्वाभाविक रूप से कुसंगत करने की जगह वह खुद के साथ रहना पसन्द करता है।
Parwarish
- Author Name:
Dr.Abrar Multani +1
- Book Type:

- Description: सीखने सिखाने की रोमांचक यात्रा
Ahankar ko Karen Bye-Bye
- Author Name:
Rajesh Aggarwal
- Book Type:

- Description: "अहंकार रूपी शत्रु का विरोध सभी करेंगे, लेकिन जहाँ अपने भीतर छिपे बैठे अहंकार रूपी शत्रु को मारने की बात आएगी, सब बगलें झाँकने लगेंगे। क्योंकि किसी-न-किसी रूप में अहंकार रूपी शत्रु हम सभी के अंदर छिपा होता है और जब-तब मौका देखकर सिर उठा लिया करता है। इसका पूरी तरह दमन करना असंभव तो नहीं, लेकिन कठिन जरूर है। अहंकार का निषेध करना जरा भी कठिन नहीं है। बस सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर हम अपने अहंकार पर पूरी तरह काबू पा सकते हैं। हमारे धर्म-शास्त्रों में अहंकार और उससे उपजने वाले कष्ट-क्लेशों को अनेक कथा-कहानियों, वृत्तांतों, संस्मरणों के माध्यम से दिग्दर्शित किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में अहंकार से उपजनेवाली कुंठा, दुष्प्रभाव व अन्य बुराइयों का वर्णन और उनके निवारण के उपाय सुझाए गए हैं। अनेक पौराणिक कथाओं द्वारा भी अहंकार के निषेध के बारे में बताया गया है। अहंकार की विश्रांति हेतु यह एक उपयोगी पुस्तक है।"
Acres Of Diamonds
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: स्टीवर्ट यह नहीं जानते थे कि लोगों को किस चीज़ जरूरत थी, इसलिए उन्होंने ग़लत चीजें खरीद लीं, जो उनके पास बेकार पड़ी रहीं। लेकिन स्टीवर्ट ने इस घटना से अपने व्यावसायिक जीवन का सबसे महान सबक सीख लिया और कहा, "मैं भविष्य में कोई चीज़ तब तक नहीं खरीदूंगा, जब तक कि मैं यह व जान लूँ कि लोगों की जरूरत किस चीज की है। इसके बाद ही मैं अपना माल खरीदूँगा।" वे घर-घर जाकर लोगों से पूछने लगे कि उन्हें कौन सी चीजें पसंद हैं । जब उन्हें यह पता चल गया कि लोग क्या चाहते हैं, उन्होंने अपने बचे हुए साढ़े बासठ सेंट का निवेश ऐसी चीजों में किया, जिन्हें लोग खरीदना चाहते थे। अब वे एक "सही माँग" की पूर्ति कर रहे थे। मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि जिंदगी में आपका व्यवसाय या पद क्या है। मुझे इस बात की परवाह भी नहीं है कि आप वकील, डॉक्टर, हाउसकीपर, टीचर या कुछ और हैं। आप चाहे जो हाँ, सिद्धांत वही रहता है। हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि दुनिया को किस चीज़ की ज़रूरत है और फिर हमें उस आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए अपना निवेश करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको विश्चित रूप से सफलता मिलेगी। दोस्तो, इसी सिद्धांत पर चलकर ए. टी. स्टीवर्ट ने अपनी संपत्ति को साढ़े बासठ सेंट से चालीस मिलियन डॉलर तक पहुँचाया था।
Sapanon Ka Sarathi: (Visualise Your Success)
- Author Name:
Dr. Aniruddha Rawat +1
- Book Type:

- Description: रविंद्र कुमार बिहार के जिला बेगूसराय के एक छोटे से गाँव बसही में जनमे। उच्च शिक्षा के लिए राँची चले गए और आई.आई.टी. प्रवेश परीक्षा में चयनित हुए। उन्होंने मर्चेंट नेवी में प्रशिक्षण प्राप्त किया और शिपिंग क्षेत्र में सेवाएँ दीं। नौकरी छोडक़र कड़ी मेहनत से आई.ए.एस. अधिकारी बने। रविंद्र कुमार भारत के प्रथम व एकमात्र आई.ए.एस. अधिकारी हैं, जिन्होंने दो बार माउंट एवरेस्ट पर सफ लतम चढ़ाई की। रविंद्र कुमार ने सिक्किम, उत्तर प्रदेश तथा केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर सेवाएँ दीं। वर्तमान में जिलाधिकारी झाँसी के पद पर कार्यरत हैं। वे एक आशुकवि व लेखक हैं। अब तक उनकी सात कृतियाँ प्रकाशित हैं। अपनी कृति ‘एवरेस्ट : सपनों की उड़ान, सिफर से शिखर तक’ के लिए वर्ष 2020 में ‘अमृतलाल नागर पुरस्कार’ से सम्मानित। यह पुस्तक रविंद्र कुमार के जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं का लेखा-जोखा है। यह एक व्यक्ति के संघर्ष, दृढ़ संकल्प व सकारात्मक सोच से उपलब्धियों की ओर बढऩे की ऐसी कहानी है, जो युवा पीढ़ी को कुछ कर-गुजरने की प्रेरणा देती है।
Jack Ma Aur Alibaba Ki Apar Safalta Ke Rahasya
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: जैक मा ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक अलीबाबा के संस्थापक हैं और ई-पेमेंट पोर्टल अलीपे के बड़े हिस्सेदार हैं। मार्च 2022 के आँकड़ों के अनुसार 32.1 बिलियन डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ वे चीन के चौथे अमीर व्यक्ति हैं। अलीबाबा और जैक मा का पूरा व्यापार चीन से संचालित होता है और हमारे लिए यह जानना रोचक हो सकता है कि किस प्रकार अलीबाबा फेसबुक के मुकाबले अधिक मूल्यवान रहा है और ईबे तथा अमेजन की तुलना में अधिक सामान की डिलीवरी करता है। जैक मा शून्य से शुरू करके स्वनिर्मित अरबपति हैं। चीन के हांग्जो में जनमे जैक मा का परिवार मध्यम से भी निम्न दर्ज का रहा। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा उनका एक बड़ा भाई और एक छोटी बहन हैं। माता-पिता पारंपरिक संगीतकार-कथाकार थे, जो पाँच लोगों के परिवार के लिए मुश्किल से ही दो जून का खाना जुट पाते थे। जैक मा और अली बाबा की कहानी किसी मिथक से कम नहीं है। इसे पढ़ने से औपन्यासिक रस की अनुभूति होती है, जो रोमांचक है और प्रेरक भी। अपने परिश्रम, लगन, संघर्ष, निर्णय- क्षमता, दूरदृष्टि के बल पर जैक मा के शून्य से शिखर तक पहुँचने की प्रेरक कहानी, जो हर पाठक को जीवन में उत्कर्ष करने के लिए प्रेरित करेगी ।
Jaisa Manushya Sochta Hai
- Author Name:
James Allen
- Book Type:

- Description: "जैसा मनुष्य सोचता है" (As a Man Thinketh) - जेम्स एलन द्वारा लिखित, एक अद्भुत सोचने की शक्ति के महत्वपूर्ण ग्रंथ। यह पुस्तक एक व्यक्ति की मानसिक अवस्था को उसके सोचने के तरीके द्वारा व्यक्त करती है और विश्वास करती है कि मनुष्य की सोच उसके भविष्य को निर्मित करती है। इस पुस्तक में जेम्स एलन अपने सिद्धांतों के माध्यम से प्रदर्शित करते हैं कि एक व्यक्ति के विचारों में समझदारी और सकारात्मकता भरे अनुभवों का संग्रह होता है, जिससे वह अपने जीवन को समृद्ध और सफल बना सकता है। यह पुस्तक साधारण भाषा में लिखी गई है, जिससे पाठक आसानी से इसके सिद्धांतों को समझ और अपने जीवन में उन्हें अमल कर सकते हैं। "जैसा मनुष्य सोचता है" एक अनमोल पुस्तक है जो समझदार और सकारात्मक सोच के महत्व को साझा करती है, जिससे पाठक अपने जीवन के रूपरेखा में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यह उन व्यक्तियों के लिए एक आवश्यक पठन है जो अपने सपनों को प्राप्त करने और सफलता के मार्ग में अग्रसर होना चाहते हैं।
BUSINESS MEIN SUCCESS KI CHABI HAI TECHNOLOGY
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: "कारोबार को चलाने में तकनीक कमाल का काम करती है। आपका उद्यम चाहे किसी भी आकार का क्यों न हो, तकनीक के ऐसे ठोस व अप्रत्यक्ष फायदे होते हैं, जिनसे आप धन कमा सकते हैं और ग्राहकों की माँग के अनुसार सेवा दे सकते हैं। इस पुस्तक की कहानियाँ साबित करती हैं कि कैसे प्रत्येक उद्यमी ने अपना विस्तार करने और सबसे आगे बने रहने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया है। बिजनेस की बढ़ोतरी और उन्नति के लिए नई-नई तकनीकों के प्रयोग और उसके महत्त्व को रेखांकित करती पठनीय पुस्तक, जो सफलता के द्वार खोलेगी। "
Shreshtha Banne Ke Marg Par 7 Divine Laws
- Author Name:
Swami Mukundananda
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Safal Udyami kaise Banain
- Author Name:
Dinanath Jhunjhunwala
- Book Type:

-
Description:
किसी उद्योग अथवा उद्यम को स्थापित या आरम्भ करना सिर्फ़ धनार्जन की मशीनें लगाना नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा कर्म है जिसकी एक सीमा अगर व्यक्तियों की निजी समृद्धि को छूती है तो दूसरी अपने देश की सीमाओं को भी लाँघकर सम्पूर्ण मानवता के कल्याण तक जाती है।
धन का सृजन करना, उसे उद्योगों में निवेश करना, दूसरों के लिए रोज़गार की उत्पत्ति करना और अपने समाज को भौतिक सन्तुष्टि के अवसर उपलब्ध कराना, यह वह सूत्र है जो किसी भी उद्यमी को सफलता की राह पर ले जाता है। यह पुस्तक बताती है कि किसी भी उद्यमी की सफलता सिर्फ़ उसकी सफलता नहीं है, वह एक मानव-प्रयास की सफलता है। इस आदर्श को अपने व्यवहार में साकार करने के लिए हमें कुछ आधारभूत जानकारियाँ होना ज़रूरी है।
‘सफल उद्यमी कैसे बनें’ पुस्तक उन्हीं सब चीज़ों का ज्ञान हमें कराती है। प्रबन्धन वास्तव में क्या होता है, ग़रीब और अमीर की संज्ञाओं को हम कैसे समझें, अपने व्यक्तित्व का विकास कैसे करें, शिक्षा, परिवार और दाम्पत्य जीवन की किसी उद्यमी के जीवन में क्या भूमिका होती है, असली संकल्प-शक्ति क्या होती है, विक्रय-कला का क्या अभिप्राय है आदि बिन्दुओं की विस्तृत व्याख्या करते हुए यह पुस्तक हमें अपने देश के कुछ सफल उद्यमियों के जीवन की भी जानकारी देती है।
घनश्यामदास बिड़ला, धीरूभाई अंबानी, जय दयाल गोयनका सहित भारतीय उद्यमिता के कुछ और निर्माताओं के जीवन-दर्शन को भी लेखक बताता है।
उद्यमिता की कला और विज्ञान को समझने के लिए एक आवश्यक पुस्तक।
Sukhi, Saral, Safal Jeevan
- Author Name:
Dr. Vijay Mittal
- Book Type:

- Description: हमारा जीवन कैसा होना चाहिए? वैवाहिक जीवन कैसे जिएं? अच्छे माँ-बाप कैसे बनें? अपनी संतान की परवरिश कैसे करें? अन्य लोगों से, परिजनों से कैसा व्यवहार रखें? जिंदगी के प्रति हमारा दृष्टिकोण कैसा हो? हर इंसान स्वस्थ रहना चाहता है, सुख-शांति से जीवन व्यतीत करना चाहता है तथा अपने कार्यक्षेत्र में सफलता की ऊँचाइयों को छूना चाहता है | पर्याप्त मात्रा में धन अर्जित करना चाहता है, ताकि अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताएँ पूरी कर सके; समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बना सके| इस पुस्तक के द्वारा यही प्रयास किया गया है कि आप अपनी पसंद व क्षमता अनुसार किस प्रकार सुखी और सफल जीवन जी सकते हैं तथा मानसिक तनाव से दूर रहकर सार्थक जीवन की कामना फलीभूत कर सकते हैं| जीवन में सकारात्मकता, सार्थकता, संतोष और आनंद की अनुभूति करवा सकने की क्षमता रखनेवाली अत्यंत पठनीय कृति|
The Triangulation of Success: Secrets to Multi-Organization Successes
- Author Name:
Dr. Timothy Low
- Book Type:

- Description: The Triangulation of Success Why certain leaders are able to consistently pull off success after success? How did they get their teams to work together in unison? It's all about how the service of the leader impacts the organization, flowing from the top-level management to the staff member on the ground level. Dr. Timothy Low distills decades of leadership experience as the CEO of large organizations into key lessons that have been proven time and again to create and perpetuate success in organizations across the globe. THE TRIANGULATION OF SUCCESS DR. TIMOTHY LOW: SECRETS TO MULTI-ORGANIZATION SUCCESSES Value Creation for employees, customers & shareholders 1. Inspire with urgency 2. Assemble the ensemble 3. Share your vision 4. Attract talents 5. Empowering the team 6. Recognize & reward 7. Branding & award-winning 8. Excel & surpass 9. Achieving ever greater heights
Invisible To Influential
- Author Name:
Jitender Girdhar
- Book Type:

- Description: "Invisible to Influential" is your essential guide to mastering personal branding in today's dynamic world. As connections span the globe and opportunities arise unexpectedly, personal branding has become essential for shaping lives and careers. No longer limited to celebrities, it's about communicating your essence – values, strengths, passions, and stories – to stand out in a crowded digital arena. Across three volumes, this book is your companion, offering fundamental principles, specialized applications, and nuanced insights tailored for professionals, students, and introverts alike. Each chapter invites reflection, with thought-provoking questions to solidify understanding and drive personal growth. Whether establishing yourself, preparing for the future, or amplifying your influence, this journey from invisibility to influence empowers you to leave a lasting legacy. Your personal brand isn't just a projection; it's an invitation to connect, share, and inspire
Satya-Vrat Katha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

-
Description:
यह प्रबन्धन का युग है। हर क्षेत्र में हर बात में प्रबन्धन है। जीवन में सफलता अर्जित करने के जितने सूत्र हैं, उनमें से एक प्रमुख है सत्य और सत्य का भी अपना प्रबन्धन होता है। वैसे तो ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ बहुत प्राचीन है लेकिन इसमें प्रबन्धन के जो सूत्र आए हैं, वे बिलकुल नवीन हैं, आज के लिए उपयोगी हैं और हर क्षेत्र में सफलता को सुनिश्चित करते हैं। इस कथा में पाँच अध्याय हैं और प्रत्येक में प्रबन्धन के गूढ़ सूत्र हैं। पहले अध्याय में सेवा प्रबन्धन, दूसरे में सम्पत्ति प्रबन्धन, तीसरे में सन्तान प्रबन्धन, चौथे में संघर्ष प्रबन्धन और पाँचवें में संस्कार प्रबन्धन को देखा जा सकता है।
हम देख रहे हैं कि वर्षों से अनेक परिवारों में, कई स्थानों पर ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ हो रही है। हमने ही इसको एक पारम्परिक, पारिवारिक और सामान्य-सा धार्मिक आयोजन बना दिया है। या तो हम स्वयं कथा करते हैं या किसी विद्वान् से करवाते हैं। पंडित जी आते हैं, संस्कृत या हिन्दी में कथा करते हैं। घर की महिलाएँ रसोईघर में प्रसाद बनाने में व्यस्त रहती हैं। बच्चे इस दिन जितना हो सके उपद्रव कर लेते हैं। यजमान या तो फ़ोन सुनेंगे या कौन आया, कौन नहीं आया यह सब देखने में ही उनका समय बीत जाता है। कथा आरम्भ होती है, कथा समाप्त हो जाती है। हमने इसको एकत्र साधारण-सा आयोजन बना दिया है। यह कथा ऐसी सामान्य कथा नहीं है। इस कथा के पीछे भाव यह है कि जीवन में ‘सत्य’ उतरे। इस कथा में दो प्रमुख विषय हैं। एक है संकल्प की विस्मृति और दूसरा है प्रसाद का अपमान। संकल्प की विस्मृति और प्रसाद का अपमान ये दो थीम हैं, जिनके आसपास यह कथा चलती है। संकल्प, जीवन में सत्य उतारने का। इसका प्रसाद क्या है? क्या पंजीरी या शुद्ध घी में बना हुआ हलवा...? वास्तव में ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ का प्रसाद है ‘सत्य’।
तो जीवन में जो भी सत्य को विस्मृत करेगा, जब-जब भी उसको भूल जाएगा, तब-तब परेशानी में पड़ेगा। जीवन में जब-जब भी हम सत्य के प्रसाद का अपमान करेंगे यानी सत्य का अपमान करेंगे, तब-तब हम अपने-आप को संकट में पाएँगे। इस कथा में जो प्रसंग आए हैं यदि उनके भाव को ठीक से समझा जाए तो स्पष्ट सन्देश निकलकर आता है कि यह सत्य के अन्वेषण की कथा है। इसमें विशेषता है कि सत्य के साथ नारायण जोड़े गए हैं। सत्य को नारायण का भगवान् का टेका, सहारा, आधार और बल दिया गया है।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...