Gudiya Rang Bharegi : Gudiya Aur Dada
(0)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788119835935
-
Pages28
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Gudiya Rang Bharegi : Gudiya Ke Khel
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Gonu Jha Ki Anokhi Duniya
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
मिथिलांचल में गोनू झा के किस्से उसी तरह प्रचलित हैं जैसे मछली और मखाना! कहते हैं कि बिना मछली और मखाना के मिथिलांचल में कोई शुभ कार्य नहीं होता और बिना गोनू झा के किस्सों के कोई जलसा सम्पन्न नहीं होता।
मिथिलांचल में पाँच सौ साल पहले अज्ञान भी था और अभाव भी। चोरी, ठगी आदि के किस्सों से इस बात का अन्दाज सहज ही लग जाता है। साधु-महात्माओं के किस्से भी गोनू झा के किस्सों के साथ-साथ चलते हैं। इन किस्सों से पता चलता है कि मिथिलांचल के तत्कालीन समाज में अन्धविश्वासों का व्यापक प्रभाव था। जादू, टोना-टोटका आदि के सहारे लोग अपनी शक्ति और सामर्थ्य बढ़ाने का प्रयास करते थे।
कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि गोनू झा के जीवनकाल की घटनाओं के साथ ही विभिन्न काल-खंडों में उनके किस्सों में नए किस्से भी जुड़ते गए हैं जिसके कारण पाँच शताब्दियों के बाद भी ये किस्से नयापन लिये हमारे सामने आ रहे हैं और आते ही जा रहे हैं। ये किस्से रोचक हैं, मनोरंजक हैं और ज्ञानवर्द्धक भी। लगन, मेहनत, धैर्य, वाक्पटुता, अवसर की समझ जैसे कई गुण इन किस्सों में पिरोए गए हैं, जो अनजाने ही पाठकों के मन में घर कर जाते हैं।
Akbar Birbal Ki Nok Jhonk
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
अकबर और बीरबल के व्यंग्य-विनोद से सजी कहानियों का यह संग्रह जीवन की कठिनतम परिस्थितियों में भी सूझ का दामन थामे रहने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की प्रेरणा देने का माद्दा रखता है। अकबर-बीरबल की चुहल-भरी इन कहानियों में जीवन की अठखेलियाँ हैं तो समय का विद्रूप भी। लोभ, ईर्ष्या और स्वार्थ की अचम्भित कर देनेवाली अनेक घटनाओं से अप्रभावित रह सकने के सूझ-भरे दृष्टिकोणों का हैरतअंगेज चित्रण भी इस संग्रह की कहानियाँ करती हैं। सच कहा जाए तो अकबर और बीरबल के बीच चलनेवाली नोक-झोंक में जीवन के गूढ़ रहस्य पैवस्त हैं जो पाठक को हौसला भी देते हैं, और गुदगुदाते भी हैं। ये कहानियाँ हँसी का दामन थामे हुए चलना सिखाती हैं और बताती हैं कि उन्मुक्त परिहास का असर किस तरह स्थायित्व ग्रहण कर लेता है। संग्रह की कहानियों के विषय-वैविध्य लुभाते हैं। जीवन-व्यापार की समस्त विसंगतियों और विडम्बनाओं के साथ सहज हास्य को सहेजती-बटोरती चलती ये कहानियाँ जीवन के गूढ़ रहस्यों को खोलती हैं।
Mulla Naseeruddin Ki Anokhi Duniya
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
मुल्ला नसीरुद्दीन की कहानियों का मतलब है—ऐसी कहानियाँ जिनमें उलझनों के बीच भी जीवन के आनन्द, आह्लाद और मनोरंजन की त्रिवेणी प्रवाहित हो। मुल्ला नसीरुद्दीन में वह सब कुछ है जो आज के जीवन में होता है। ज़िन्दगी जीने की जद्दोजहद, तिकड़म, जालसाजी, उलट-फेर, वर्चस्व का संघर्ष, मूर्खता, चतुराई और ऐसा बहुत-कुछ समेटे इन कहानियों की तासीर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है तथा उदासी के गहन पलों में भी मनुष्य में जिजीविषा उत्पन्न करती है। यही इन कहानियों की विशेषता है कि सदियों से ये कहानियाँ जीवन्त हैं। मुल्ला नसीरुद्दीन की इन कहानियों के प्रशंसक जिस तरह हमारे देश में हैं, उसी तरह विश्व के अनेक देशों में भी हैं। मुल्ला नसीरुद्दीन एक आला इनसान था जो इस दुनिया को बुद्धिमत्ता, वाक्चातुर्य, मनोरंजन और हास्य-विनोद की तरकीबें सिखाने के लिए आया था। अपने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वह गाँव-दर-गाँव, शहर-दर-शहर होता हुआ एक देश से दूसरे देश घूमता रहा और अपने उद्देश्य की सार्थकता के लिए अपने पीछे ढेरों क़िस्से छोड़ गया।
Akbar Birbal Ki Anokhi Duniya
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
अकबर विनोदप्रिय शासक था। मनोरंजन और ज़िन्दादिली का मुरीद। बीरबल का बुद्धिबल तीव्र था। वह समझ लेता था कि बादशाह अकबर की किस भंगिमा का क्या अर्थ है, और बीरबल अकबर की भंगिमा के अनुरूप अपने आपको ढाल लेता था। इसी विशेषता के कारण बीरबल अकबर का सखा बन गया था। अपनी तेज बुद्धि, मनोरंजक बातें, सूझ-पूर्ण ढंग से समस्याओं को सुलझाने और समयानुकूल निर्णय लेने की दक्षता के कारण बीरबल ने अकबर के दरबार में ही नहीं, बल्कि उसके जीवन और मन में भी स्थान बना लिया था। समय के साथ बीरबल और अकबर के क़िस्से मशहूर होने लगे। अपनी रोचकता, मनोरंजन की क्षमता और हाज़िरजवाबी की मिसाल होने के कारण इन क़िस्सों ने तब से लेकर अब तक की लम्बी यात्रा की है और आज भी रोचकता और आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। अकबर और बीरबल के विविध प्रसंगों को लेकर कही गई ये कहानियाँ जहाँ पाठकों का मनोरंजन करती हैं, वहीं उन्हें समयानुकूल आचरण करने के लिए प्रेरित भी करती हैं।
Shekhchilli Ki Anokhi Duniya
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
शेखचिल्ली एक ऐसा कथा-नायक है जो आमलोक-जीवन के संघर्षों से बार-बार उबरता है और बार-बार उन्हीं संघर्षों में जुत जाता है। उसमें ईमानदारी है, निष्ठा है, मर्यादा है, परिस्थितिजन्य विवेक है, लगन और उत्साह है और इन सबसे बड़ी बात यह भी है कि वह अपने वर्तमान में जीता है। अतीत की स्मृतियों को उलीचता हुआ, वर्तमान की राह बनाता हुआ यह पात्र कभी भविष्य की चिन्ता में डूबता-उतराता नहीं है। जीवन के उतार-चढ़ाव में संयत रहते हुए मनमौजी जीवन जीता हुआ शेखचिल्ली कई बार हमें मूर्ख या बेवकूफ़ प्रतीत होता है, किन्तु उसकी अजीबो-ग़रीब हरकतों में समय की ऐसी समझ समाई रहती है कि पाठक उसकी सराहना किए बिना नहीं रह सकता। ये कहानियाँ शेखचिल्ली की कारस्तानियों का मनोरंजक विस्तार हैं। इस संग्रह में शेखचिल्ली की अलग-अलग कहानियाँ किसी माला में गूँथे गए मनकों की तरह पिरोई गई हैं। इस कथा-संग्रह की विशेषता है कि शेखचिल्ली के जीवन के कालखंडों को दर्शाती कथाओं को इसमें इस तरह रखा गया है कि उनका अलग अस्तित्व बना रहे और उसके जीवन की विकास-यात्रा की निरन्तरता का भी पता चलता रहे। आज भी उसकी कहानियाँ जहाँ हमें हँसाती हैं, वहीं जुल्म का सामना करने का साहस भी प्रदान करती हैं। रोचक और सरल भाषा में लिखी गई ये कहानियाँ पाठकों का भरपूर मनोरंजन करने का वादा करती हैं और दावा भी कि कोई है जो इन्हें पढ़कर हँसे बिना रह सके!
Tenaliram Ki Anokhi Duniya
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
दक्षिण भारत के गुंटूर ज़िले के गली पाडु नामक क़स्बे में एक सामान्य गृहस्थ के घर में तेनालीराम का जन्म हुआ था। उसके माता-पिता बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे जिसके कारण उन्होंने अपने पुत्र का नाम रामलिंगम रखा। तेनालीराम यानी रामलिंगम अभी बहुत छोटा था, तभी उसके पिता का निधन हो गया। रामलिंगम की माता पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वे अपनी ससुराल ‘गली पाडु’ से अपने भाई के पास लौट आईं। उनका भाई ‘तेनाली’ नामक क़स्बे में रहता था। तेनाली में रामलिंगम सामान्य बच्चों की तरह ही खेलता-पढ़ता हुआ बड़ा होने लगा। उसे गुरु के पास शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा गया, उस समय किसी ने सोचा न था कि अपनी मेधा के बल पर तेनालीराम ऐसी ख्याति अर्जित करेगा कि सदियों, सहस्त्राब्दियों तक लोग उसकी बुद्धि, न्यायप्रियता और हाज़िर जवाबी की कहानियाँ कहते रहेंगे। अपनी कुशाग्रबुद्धि और मिलनसारिता के गुणों के कारण तेनालीराम बचपन में ही लोगों के आकर्षण का केन्द्र हो गए थे। मूल नाम रामलिंगम तो था ही, गुरुकुल में उसे तेनाली वाला रामलिंगम कहा जाने लगा और बाद में यही तेनालीराम बन गए। तेनालीराम के बुद्धि-बल को लेकर इतनी किंवदन्तियाँ हैं जिनसे लगता है कि तेनालीराम जैसा कुशाग्र व्यक्ति दक्षिण भारत में न उनके पहले जन्मा था और न बाद में।
Gopal Bhand Ki Anokhi Duniya
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
प्राचीन काल में बंगाल में एक राज्य था—कृष्णनगर। इस राज्य के लोग शान्ति-प्रिय थे। कला-संस्कृति के प्रति इस राज्य के लोगों का गहरा लगाव था। कृष्णनगर पर ऐसे तो अनेक शासकों ने राज्य किया किन्तु जो प्रसिद्धि राजा कृष्णचन्द्र राय ने पाई, उसकी अन्य किसी से तुलना नहीं की जा सकती। राजा कृष्णचन्द्र राय सहृदय प्रजापालक, हास-परिहास में रुचि लेनेवाले न्यायप्रिय शासक थे। उनके शासनकाल में कृष्णनगर की प्रजा हर तरह से सुखी थी क्योंकि राजा कृष्णचन्द्र राय प्रजा के दु:ख से दु:खी, प्रजा के सुख से सुखी होते थे। आमोदप्रिय होने के कारण महाराज कृष्णचन्द्र राय के दरबार में विभिन्न कलाओं के विद्वानों को सम्मानजनक स्थान प्राप्त था, उनके दरबार में गोपाल नाम का एक युवक ‘विदूषक’ के रूप में शामिल किया गया। गोपाल की तीव्र मेधाशक्ति, वाक्पटुता और परिस्थितिजन्य विवेक से कार्य करने की विशिष्ट क्षमता ने जल्दी ही उसे राजा कृष्णचन्द्र राय के दरबार का ख़ास अंग बना दिया। विचित्रतापूर्ण सवालों को हल करने में गोपाल की चतुराई काम आती थी। इस कारण अपने जीवनकाल में ही गोपाल किंवदन्ती बन गया था। आज भी बंगाल के गाँवों में लोगों को गोपाल भाँड़ की चुटीली कहानियाँ कहते-सुनते देखा जा सकता है। इन कहानियों में व्यंग्य है, हास्य है, रोचकता है, चतुराई है, न्याय है और है सबको गुदगुदा देनेवाली शक्ति।
Radhakrishna Nobel Puraskar Kosh : 1901-2016
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
'मेरा डायनामाइट दुनिया में शान्ति के लिए होनेवाले हज़ारों सम्मेलनों से भी जल्दी शान्ति ला देगा।'
—अल्फ़्रेड नोबेल
डायनामाइट का आविष्कार करनेवाले 'पागल वैज्ञानिक' ने जब अपनी वसीयत में एक ऐसी संस्था स्थापित करने की बात कही, जिससे 'उन लोगों को पुरस्कार (राशि) बाँटे जाएँ, जिन्होंने मानव जाति के लिए अपनी सेवाएँ प्रदान की हों', तो यक़ीनन उनका सपना विश्व शान्ति ही था। लेकिन इसके बावजूद विवाद लगातार सामने आते रहे। सोवियत रूस की सरकार ने सखारोव को 'शान्ति पुरस्कार' दिए जाने का विरोध जताया, तो चीन ने दलाई लामा को पुरस्कार दिए जाने पर। फिर भी नोबेल पुरस्कारों की स्वीकार्यता या इनके महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता। सौ वर्षों से भी अधिक समय से इन पुरस्कारों की निरन्तरता अपने-आपमें एक अद्भुत करिश्मा है।
'नोबेल पुरस्कार कोश' का उद्देश्य है नोबेल पुरस्कारों के सम्बन्ध में पाठकों को पर्याप्त और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराना। इस कोश में नोबेल पुरस्कारों के संस्थापक अल्फ़्रेड नोबेल की वसीयत के साथ ही उससे जुड़े विवादों व अन्य तथ्यों पर भी प्रकाश डाला गया है। रसायन व भौतिकी, साहित्य, चिकित्सा, शान्ति और अर्थशास्त्र के लिए दिए जानेवाले ‘नोबेल पुरस्कार’ के 1901 से 2016 तक के विजेताओं के नाम, परिचय के साथ पुरस्कार के मद्देनज़र उनके कार्य का विस्तृत ब्यौरा इस कोश में संकलित हैं। पुरस्कार विजेताओं की सूची के साथ ही पुरस्कृत संस्थाएँ, ‘नोबेल पुरस्कार’ से सम्मानित महिलाएँ, दो बार पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, एक ही परिवार के पुरस्कृत विजेताओं, मरणोपरान्त पुरस्कार प्राप्त करनेवालों, पुरस्कार लेने से मना करनेवालों इत्यादि की भी विस्तृत व प्रामाणिक जानकारी इस कोश में उपलब्ध कराई गई है।
इससे पहले ‘नोबेल पुरस्कार’ के बारे में इतनी अधिक और परिपूर्ण जानकारी देनेवाला कोई कोश हिन्दी में उपलब्ध नहीं था। इस दिशा में यह अपने-आपमें बहुत बड़ा प्रयास है। 116 वर्षों के अनूठे इतिहास को सँजोए यह कोश पाठकों के लिए संग्रहणीय है।
Ek Chor Ki Chaudah Raatein
- Author Name:
Arun Kamal +1
- Book Type:

- Description:
प्रसिद्ध लेखक अरुण कमल ने युवा वयस्कों के लिए एक चोर की कहानी लिखी है। यह चोर बनने की पहली चौदह रातों की उसकी यात्रा है। इन रातों में उसका सामना शिक्षित-अशिक्षित, अमीर-गरीब कई लोगों से होता है। मजबूत उपपाठ के साथ पढ़ने में आसान भाषा में लिखी गई कहानी पढ़ने के लिए आकर्षक बनाती है। अतनु रॉय के चित्र पुस्तक और इसके डिज़ाइन को समृद्ध करते हैं। उनके रंगों का प्रयोग और उनकी रचना उल्लेखनीय है। पाठकों को उनकी कलाकृति रमणीय लगेगी। Age group 9-12 years
Titehari Ka Bachcha
- Author Name:
Bhargav Kulkarni
- Book Type:

- Description:
ये कहानियां अनसुनी हैं. हम उन्हें सुन सकते हैं लेकिन हमने सुना नहीं है। इसी तरह, उनके लेखक भी अनसुने, अनदेखे हैं। उनमें से एक कचरा बीनने वाला है। कोई जंगल में चिरौंजी, महुआ चुनता है। उनकी कमाई से ही वहां परिवार का गुजारा होता है. उनसे मिलने के लिए सहानुभूति या दया का चश्मा उतार दें, ताकि आप बराबरी से मिल सकें। तब आप जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण, जीवन के प्रति उनका प्रेम और उनका दृष्टिकोण देखेंगे। हो सकता है कि आप वर्षों तक काम न करें, फिर भी आपको भोजन के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी...इन लेखकों से मिलने के लिए खुद को इस सुरक्षित आवरण से मुक्त कर लें। देखिये उनके उतार-चढ़ाव, शाखों पर झूलती जिंदगी। इस पुस्तक का चित्रण युवा कलाकार भार्गव कुलकर्णी ने किया है। ये दृष्टांत न केवल उनके जीवन जगत को समझने में मदद करेंगे बल्कि आप स्वयं को भी पहचान सकेंगे। इन चित्रों में हमारे जीवन की झलक देखी जा सकती है।
Mitti Ka Itra
- Author Name:
Dileep Chinchalkar
- Book Type:

- Description:
मिट्टी का इत्र कहानी संग्रह एक गुदडी की तरह अलग-अलग रंगों और सुरों की कहानियों को जोड़ता है। दिलीप चिंचालकर की उत्सुकता और जिज्ञासा हर कहानी के ज़रिए हमें उत्साहित और प्रेरित करती है। बचपन के अनुभव, रोज़मर्रा की जिन्दगी, बड़ी हस्तियों से मुलाक़ात, कलाकारों की कहानियाँ , जानवरों के किस्से, क्या नहीं है इस किताब में! हर कहानी हमें सैर पर ले चलती है और पूरी किताब पढ़ने के बाद आपको लगेगा कि आप दुनिया की सैर कर आए! इस किताब को अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ पढ़ें और दुनिया की महक बांटे, मिट्टी के इत्र के साथ। Age 12+
Ek Chuppi Jagah
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

- Description:
लकीर कहीं होती है...जिसे पेंसिल या कलम से खींचकर हम बुलाते हैं। मिटाते हैं तो चली जाती है लकीर कहाँ रहती है? उसे कहाँ ढूँढ़ें? चलो, उस गाँव चलते हैं... जहाँ मिटाने पर लकीर लौट जाती है... A delightfully long story with a mix of magic and reality. Bolu speaks when he walks. When not walking, he becomes quiet. If someone tells him, Be Quiet', Bolu will first stop talking and then he will stop walking. If someone tells him, "Stop". He will stop walking, then he will stop talking. He is like a Patrangi that talks only while flying. She is quiet when perched. She must get doubly tired when speaking and flying. So, she rests doubly...by sitting and quieting down. Vinod ji constructs a comprehensive world. He constructs his own language. When you read him, you will feel as if you are listening for the first time. As it is said in this manner for the first time. Illustrator Taposhi Ghoshal fills the magical reality with magic.
Panch Pairon Wali Hathi
- Author Name:
Piyush Sekseriya
- Book Type:

- Description:
ये कुदरत से प्रेम की कहानियाँ हैं। पीयूष सेकसेरिया कहते हैं कि जंगल, पेड़-पौधे, जानवरी, पक्षी, कीट-पतंगों, नदी, पहाड़, रेत-मिट्टी और लोगों में कुछ ऐसा है कि मैं उन तक बार-बार लौटता हूँ। एक अजब सी खुशी है जो उनको देखने, सुनने, सूँघने, छूने से मिलती है। ‘पाँच पैरों वाली हाथी’ से उन्होंने इन खुशियों को सबके साथ बाँटा है। किताब की रचनाएँ कल्पनाओं से अधिक सरस और रोमांचक हैं।
Magarmachcho Ka Basera
- Author Name:
Jasbir Bhullar +1
- Book Type:

- Description:
जसबीर भुल्लर एक प्रसिद्ध पंजाबी लेखक और कुशल कहानीकार हैं। यह उपन्यास दो मगरमच्छों के बारे में है। वे दोनों एक नदी में रहते हैं जिसमें विनाशकारी बाढ़ आई थी जिसने उन्हें अलग कर दिया था। नदी ही उनके लिए सबकुछ थी. इसका पानी उनकी नाव थी, जो उन्हें कहीं भी ले जाने के लिए हमेशा तैयार रहती थी। इससे उन्हें वह भोजन मिला जो उन्हें पसंद था। यदि वह पानी में अपनी पूँछ हिलाती तो अद्भुत ध्वनि उत्पन्न होती। बाढ़ के बाद मगरमच्छ ज़मीन पर आ गए। इस विपरीत परिस्थिति ने उन्हें व्यथित कर दिया था...यह आश्चर्यजनक है कि तथ्य और कल्पना को कितनी खूबसूरती से एक साथ बुना गया है। ऐसा लगता है मानो वह उनके साथ रहा हो और यह सब देखा हो। आप इसे एक बार में ही ख़त्म कर देंगे. अतनु रॉय के चित्र आपको किराली मगरमच्छ से परिचित कराएंगे। यह आपको जंगल में ले जाएगा जहां कहानी सेट है। इस कहानी को पढ़ने के बाद आप जरूर पूछेंगे कि क्या हमारे पास जसबीर भुल्लर की कोई और किताब है।
Piu Aur Patangu
- Author Name:
Sorit Gupto
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sappu Ke Dost
- Author Name:
Swayam Prakash +1
- Book Type:

- Description:
सप्पू के कई दोस्त हैं. उनमें से एक फुटबॉल खेलता है. उनके पिता की असामयिक मृत्यु हो गई, इसलिए अब वह रेहड़ी पर सब्जी बेचते हैं। न तो वह फुटबॉल छोड़ सका और न ही सप्पू से अपनी दोस्ती. साथ ही वो तीन दोस्त भी, जिन्होंने कुत्ते की तलाश में दिन-रात एक कर दिया। दोस्ती के बारे में 11 कहानियाँ, साथ में फिल्म देखने के बारे में, साथ में यात्रा करने के बारे में, एक-दूसरे को चिढ़ाने के बारे में और साथ में शोक मनाने के बारे में भी। ये कहानियाँ आपको आपके बचपन के दोस्तों की याद दिलाती रहेंगी...और आप भी बचपन में सप्पू जैसे ही थे ना? तो, यह पुस्तक आपको न केवल आपके दोस्तों से, बल्कि स्वयं से भी पुनः परिचित कराएगी। आपके बचपन और आपके दोस्तों की बहुत सारी कहानियाँ आपके पास वापस आएँगी... इन कहानियों में आपको सभी सामाजिक-आर्थिक वर्गों और धर्मों के बच्चे मिलेंगे। लोग, बाज़ार, घर, स्कूल, ट्रेन- इन कहानियों में सब कुछ है। इन कहानियों के पिछले संग्रह के लिए स्वयं प्रकाश जी को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। इन कहानियों का चित्रण प्रसिद्ध कलाकार एलन शॉ द्वारा किया गया है। बर्लिन में अपनी खिड़की से, वह सप्पू और उसके दोस्तों की तस्वीरें खींच सकता था और उन्हें चित्रित कर सकता था। अगर वह उससे मिल सकता है...तो आप क्यों नहीं?
Ek Bate Baarah
- Author Name:
Sanju Jain +1
- Book Type:

- Description:
मैं नदी के आत्मीय की तरह नदी के पास जाता था।उसकी पीठ पर हाथ रखना चाहता था। नदी की पीठ पर हाथ रखने की जगह मेरे हाथ मेरी पीठ पर पहुँच जाते थे। तब मुझे पता चलता था कि मेरी पीठ के बीचोंबीच एक नदी का निशान है। हर व्यक्ति की पीठ के बीचोंबीच एक नदी का निशान है। नाधी से ही तो हमारी रीढ़ बनी है। पर नदी ने इतनी ज़रूरी बात पीठ पीछे क्यों कही?
Bantu Batoley Ki Karamati Kursi
- Author Name:
Rajesh Joshi +1
- Book Type:

- Description:
बन्तू के घर एक कुर्सी है। वह कहानियाँ सुनाती है इसलिए करामाती तो है ही। पर एक कुर्सी को कहानियाँ सुनाने की ज़रूरत क्यों पड़ीॽ ये कहानियाँ उसे किसी से मिली हैं या कुर्सी ने खुद बुनी हैंॽ प्रसिध्द कवि राजेश जोशी का यह उपन्यास पाठकों को करामात की तह तक ले जाता है। रहस्य जानने की इस यात्रा के रास्ते दिलचस्प और अनूठे हैं। Age 12+
Teesra Dost
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

- Description:
उसी की चप्पल पहन कर मैं उसे ढूँढने निकला। मैं अपने मन से और चप्पल के मन से चल रहा था कि चप्पल मुझे वहाँ पहुँचा देगी जहाँ वह जाता है। विनोद कुमार शुक्ला की कहानी दो दोस्तों के बारे में है जो एक साथ स्कूल जाते हैं, एक साथ खाना खाते हैं, एक दिन तक एक-दूसरे के साथ पूरा दिन बिताते हैं... यह कहानी दोस्ती पर है और यह करुणापूर्वक बच्चों की स्थान की जरूरतों और एक-दूसरे को बिना शर्त स्वीकार करने पर प्रकाश डालती है। अतनु रॉय के चित्रण कहानी को समृद्ध बनाते हैं। इसके रंग और रूप दोस्ती में महसूस होने वाली गर्माहट को उजागर करते हैं। Age group 9-12 years
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book