Din Banne Ke Liye
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बाल और किशोर पाठकों के लिए सुप्रसिद्ध कथाकार संजीव का अनन्य उपहार है—‘दिन बनने के लिए’। इस संग्रह की कहानियाँ जितनी मनोरंजक हैं उतनी ही विचारपरक। ये हमारे आसपास जड़ जमाये बैठे अन्धविश्वासों और रूढ़िवादी परम्पराओं की निरर्थकता को चुटीले ढंग से उजागर करती हैं, तार्किक-वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं और समाज के वास्तविक उन्नायकों से परिचित कराती हैं। निश्चय ही इन कहानियों का एक स्पष्ट सन्देश है, जो इस पुस्तक के नाम से भी ज़ाहिर होता है : दिन बनने के लिए तिमिर को भरकर अंक जलो! फिर भी ये उपदेश देने की बोझिल मुद्रा से मुक्त हैं और कहीं भी सरसता से दूर नहीं जातीं। वास्तव में ये कहानियाँ सचाई का साक्षात्कार कराती हैं और उस सोच को सम्बल देती हैं जो पाठकों को लकीर का फ़कीर बनाने के बजाय जायज़ सवाल उठाने के लिए उकसाता है। बेहद पठनीय और संग्रहणीय
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बाल और किशोर पाठकों के लिए सुप्रसिद्ध कथाकार संजीव का अनन्य उपहार है—‘दिन बनने के लिए’। इस संग्रह की कहानियाँ जितनी मनोरंजक हैं उतनी ही विचारपरक। ये हमारे आसपास जड़ जमाये बैठे अन्धविश्वासों और रूढ़िवादी परम्पराओं की निरर्थकता को चुटीले ढंग से उजागर करती हैं, तार्किक-वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं और समाज के वास्तविक उन्नायकों से परिचित कराती हैं।
निश्चय ही इन कहानियों का एक स्पष्ट सन्देश है, जो इस पुस्तक के नाम से भी ज़ाहिर होता है : दिन बनने के लिए तिमिर को भरकर अंक जलो! फिर भी ये उपदेश देने की बोझिल मुद्रा से मुक्त हैं और कहीं भी सरसता से दूर नहीं जातीं। वास्तव में ये कहानियाँ सचाई का साक्षात्कार कराती हैं और उस सोच को सम्बल देती हैं जो पाठकों को लकीर का फ़कीर बनाने के बजाय जायज़ सवाल उठाने के लिए उकसाता है।
बेहद पठनीय और संग्रहणीय
Book Details
-
ISBN9789360867416
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Ek Chor Ki Chaudah Raatein
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Arun Kamal +1
- Book Type:

- Description:
प्रसिद्ध लेखक अरुण कमल ने युवा वयस्कों के लिए एक चोर की कहानी लिखी है। यह चोर बनने की पहली चौदह रातों की उसकी यात्रा है। इन रातों में उसका सामना शिक्षित-अशिक्षित, अमीर-गरीब कई लोगों से होता है। मजबूत उपपाठ के साथ पढ़ने में आसान भाषा में लिखी गई कहानी पढ़ने के लिए आकर्षक बनाती है। अतनु रॉय के चित्र पुस्तक और इसके डिज़ाइन को समृद्ध करते हैं। उनके रंगों का प्रयोग और उनकी रचना उल्लेखनीय है। पाठकों को उनकी कलाकृति रमणीय लगेगी। Age group 9-12 years
Ek Chuppi Jagah
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

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लकीर कहीं होती है...जिसे पेंसिल या कलम से खींचकर हम बुलाते हैं। मिटाते हैं तो चली जाती है लकीर कहाँ रहती है? उसे कहाँ ढूँढ़ें? चलो, उस गाँव चलते हैं... जहाँ मिटाने पर लकीर लौट जाती है... A delightfully long story with a mix of magic and reality. Bolu speaks when he walks. When not walking, he becomes quiet. If someone tells him, Be Quiet', Bolu will first stop talking and then he will stop walking. If someone tells him, "Stop". He will stop walking, then he will stop talking. He is like a Patrangi that talks only while flying. She is quiet when perched. She must get doubly tired when speaking and flying. So, she rests doubly...by sitting and quieting down. Vinod ji constructs a comprehensive world. He constructs his own language. When you read him, you will feel as if you are listening for the first time. As it is said in this manner for the first time. Illustrator Taposhi Ghoshal fills the magical reality with magic.
Titehari Ka Bachcha
- Author Name:
Bhargav Kulkarni
- Book Type:

- Description:
ये कहानियां अनसुनी हैं. हम उन्हें सुन सकते हैं लेकिन हमने सुना नहीं है। इसी तरह, उनके लेखक भी अनसुने, अनदेखे हैं। उनमें से एक कचरा बीनने वाला है। कोई जंगल में चिरौंजी, महुआ चुनता है। उनकी कमाई से ही वहां परिवार का गुजारा होता है. उनसे मिलने के लिए सहानुभूति या दया का चश्मा उतार दें, ताकि आप बराबरी से मिल सकें। तब आप जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण, जीवन के प्रति उनका प्रेम और उनका दृष्टिकोण देखेंगे। हो सकता है कि आप वर्षों तक काम न करें, फिर भी आपको भोजन के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी...इन लेखकों से मिलने के लिए खुद को इस सुरक्षित आवरण से मुक्त कर लें। देखिये उनके उतार-चढ़ाव, शाखों पर झूलती जिंदगी। इस पुस्तक का चित्रण युवा कलाकार भार्गव कुलकर्णी ने किया है। ये दृष्टांत न केवल उनके जीवन जगत को समझने में मदद करेंगे बल्कि आप स्वयं को भी पहचान सकेंगे। इन चित्रों में हमारे जीवन की झलक देखी जा सकती है।
Mitti Ka Itra
- Author Name:
Dileep Chinchalkar
- Book Type:

- Description:
मिट्टी का इत्र कहानी संग्रह एक गुदडी की तरह अलग-अलग रंगों और सुरों की कहानियों को जोड़ता है। दिलीप चिंचालकर की उत्सुकता और जिज्ञासा हर कहानी के ज़रिए हमें उत्साहित और प्रेरित करती है। बचपन के अनुभव, रोज़मर्रा की जिन्दगी, बड़ी हस्तियों से मुलाक़ात, कलाकारों की कहानियाँ , जानवरों के किस्से, क्या नहीं है इस किताब में! हर कहानी हमें सैर पर ले चलती है और पूरी किताब पढ़ने के बाद आपको लगेगा कि आप दुनिया की सैर कर आए! इस किताब को अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ पढ़ें और दुनिया की महक बांटे, मिट्टी के इत्र के साथ। Age 12+
Panch Pairon Wali Hathi
- Author Name:
Piyush Sekseriya
- Book Type:

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ये कुदरत से प्रेम की कहानियाँ हैं। पीयूष सेकसेरिया कहते हैं कि जंगल, पेड़-पौधे, जानवरी, पक्षी, कीट-पतंगों, नदी, पहाड़, रेत-मिट्टी और लोगों में कुछ ऐसा है कि मैं उन तक बार-बार लौटता हूँ। एक अजब सी खुशी है जो उनको देखने, सुनने, सूँघने, छूने से मिलती है। ‘पाँच पैरों वाली हाथी’ से उन्होंने इन खुशियों को सबके साथ बाँटा है। किताब की रचनाएँ कल्पनाओं से अधिक सरस और रोमांचक हैं।
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