Pratibimba
(0)
Author:
Ashutosh ChaturvediPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Society-social-sciences₹
600
₹ 480 (20% off)
Available
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आशुतोष चतुर्वेदी झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के अग्रणी समाचार-पत्र ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक हैं। हर सोमवार को उनका लेख संपादकीय पेज पर प्रकाशित होता है। यह पुस्तक उनके ऐसे प्रभावी लेखों का संकलन है, जिसमें उन्होंने खेल, आर्थिक व सामाजिक, भारत और पड़ोसी देशों की राजनीति तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर अपनी कलम चलाई है। उनके लेखों में विषयों की विविधता और व्यापक अनुभव की झलक साफ नजर आती है।
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आशुतोष चतुर्वेदी झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के अग्रणी समाचार-पत्र ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक हैं। हर सोमवार को उनका लेख संपादकीय पेज पर प्रकाशित होता है। यह पुस्तक उनके ऐसे प्रभावी लेखों का संकलन है, जिसमें उन्होंने खेल, आर्थिक व सामाजिक, भारत और पड़ोसी देशों की राजनीति तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर अपनी कलम चलाई है। उनके लेखों में विषयों की विविधता और व्यापक अनुभव की झलक साफ नजर आती है।
Book Details
-
ISBN9788194510994
-
Pages320
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व स्तर पर भारत के नेतृत्व को लेकर जो प्रशंसा की जाती है और हम ख़ुद भी जो सारे विश्व को पीछे छोड़ देने का दम भरते हैं, वह पूरी तरह से दिवास्वप्न है। वास्तविकता यह है कि हम इन दोनों ही क्षेत्रों में सिर्फ़ उपभोक्ता हैं, उत्पादक नहीं। हम अपने यहाँ इन ऊर्जाओं के लिए बस मार्केट बना रहे हैं। यही सच्चाई है। पुस्तक देश-विदेश के तमाम वैकल्पिक ऊर्जा सम्बन्धी आँकड़ों का तार्किक विश्लेषण कर, तकनीकी विशेषज्ञों के समय-समय पर व्यक्त मतों का निहितार्थ निकालते हुए, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे विकसित देशों के विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों एवं वर्ल्ड बैंक आदि से प्राप्त जानकारियों एवं अनुभवों के निष्कर्ष के आधार पर राष्ट्रहित में लिखी गई है। इस पुस्तक का उद्देश्य है सरकार और जनसाधारण तक यह सन्देश पहुँचाना कि हमें अपने ढंग से वैकल्पिक ऊर्जा के उत्पादन और संरक्षण का प्रयास करना चाहिए।
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