Bagh Ka Bhagyafal Aur Anya Kahaniya | बाघ का भाग्यफल और अन्य कहानियाँ

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मैदे के शरीर वाले लोगों ने बाघों को अपने जैसा परजीवी बना डाला है और एक मैदा साहस का व्यापार करने के लिए अपनी जेब में बाघ का गू लिए जंगलों में भटक रहा है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गूगल में नौकरी मिलती है, सिर में माउस की क्लिक-क्लिक गूँजने लगती है, हर धातुई आवाज के साथ एक चिंगारी छू जाने की जलन होती है जो कॉर्पोरेट दास बन जाने की निशानी है। प्राइमरी स्कूल के एक ओबीसी और एक मुसहर दोस्त की मुलाक़ात बीसियों साल बाद एक विवाह में होती है जहाँ एक कछुआ समाज को अपनी पीठ पर लादे घूम रहा है। यूनिवर्सिटी में एक प्रगतिशील लड़की है जिसे बाइक की टंकी देखकर हंसी आती है, एक गेरूआधारी लड़का है जो लेडीज़ पर्स देखकर सुध-बुध भूल जाता है लेकिन इसी एक बिंदु पर उनके विपरीत विचारों के हृदय मिलते हैं। एक व्हाटसैप अंकल के बच्चे, बाप के बदल जाने से इस कदर सदमे में हैं कि हमेशा के लिए घर छोड़ जाते हैं। भाषा बहुत दिनों तक मकड़ी की तरह जाला लगाकर इंतज़ार करती रही। एक के बाद एक "न्यू इंडिया" के जंगल, कारपोरेट के टॉवर, गाँव, यूनिवर्सिटी और रेलवे स्टेशन आकर फँसे तब जाकर यह कथा-संग्रह बना।

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ISBN
9789373176994
Pages
176
Avg Reading Time
6 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

Piracy Free

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About the Book

मैदे के शरीर वाले लोगों ने बाघों को अपने जैसा परजीवी बना डाला है और एक मैदा साहस का व्यापार करने के लिए अपनी जेब में बाघ का गू लिए जंगलों में भटक रहा है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गूगल में नौकरी मिलती है, सिर में माउस की क्लिक-क्लिक गूँजने लगती है, हर धातुई आवाज के साथ एक चिंगारी छू जाने की जलन होती है जो कॉर्पोरेट दास बन जाने की निशानी है। प्राइमरी स्कूल के एक ओबीसी और एक मुसहर दोस्त की मुलाक़ात बीसियों साल बाद एक विवाह में होती है जहाँ एक कछुआ समाज को अपनी पीठ पर लादे घूम रहा है। यूनिवर्सिटी में एक प्रगतिशील लड़की है जिसे बाइक की टंकी देखकर हंसी आती है, एक गेरूआधारी लड़का है जो लेडीज़ पर्स देखकर सुध-बुध भूल जाता है लेकिन इसी एक बिंदु पर उनके विपरीत विचारों के हृदय मिलते हैं। एक व्हाटसैप अंकल के बच्चे, बाप के बदल जाने से इस कदर सदमे में हैं कि हमेशा के लिए घर छोड़ जाते हैं। भाषा बहुत दिनों तक मकड़ी की तरह जाला लगाकर इंतज़ार करती रही। एक के बाद एक "न्यू इंडिया" के जंगल, कारपोरेट के टॉवर, गाँव, यूनिवर्सिटी और रेलवे स्टेशन आकर फँसे तब जाकर यह कथा-संग्रह बना।

Book Details

  • ISBN
    9789373176994
  • Pages
    176
  • Avg Reading Time
    6 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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