Suno Kishori
Author:
Smt. Asha Rani VohraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Self-help0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
आज की आपाधापीवाली जिंदगी में प्रतियोगिताएँ बहुत बढ़ गई हैं। शिक्षा व कैरियर के साथ लड़कियों के पास घर के काम-काज के लिए समय का अभाव है। दूसरी ओर घरेलू श्रम महँगा हो गया है। इन परिस्थितियों में अपनी किशोरी बेटी को ‘अपने हाथ जगन्नाथ’ का गुर सिखाना होगा। सपनों की दुनिया से बाहर के कटु यथार्थों से भी उसे परिचित कराना होगा कि वय:संधिकाल में वह भावना के प्रवाह में बहकर अपनी अस्मिता के तटबंधों के प्रति बेखबर न रह जाए, उसके भीतर कुछ बनने, कुछ कर दिखाने की तमन्ना जागे।
प्रसिद्ध लेखिका आशारानी व्होरा ने अपनी इस कृति में लेखन की नवीनतम पत्र-शैली में किशोर वय के विशेष प्रशिक्षण के लिए किशोरियों के साथ उनके स्तर पर संवाद स्थापित किया है। उनकी शंकाओं, प्रश्नों एवं दुश्चिंताओं का समाधान एक माँ, एक अंतरंग सहेली और मार्ग-निर्देशिका के रूप में किया है। किशोरियों के हृदय में झाँककर, मित्रवत् उन्हें विश्वास में लेकर उचित-अनुचित, करणीय-अकरणीय का बोध कराया है।
यह पुस्तक किशोरियों को उनकी देखभाल, सुरक्षा तथा जीवनोपयोगी शिक्षा देने के साथ ही उनका भरपूर मार्गदर्शन भी करेगी तथा उनमें निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगी।
ISBN: 9789386001719
Pages: 140
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
ATMADRISHTI
- Author Name:
Mehrunnisa Parvez
- Book Type:

- Description: "जानी-मानी कथाकार एवं ‘समर लोक’ साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका की संपादक। रचना-संसार : आँखों की देहलीज, उसका घर, कोरजा, अकेला पलाश, समरांगण, पासंग (उपन्यास); आदम और हव्वा, उसका घर, गलत पुरुष, फाल्गुनी, अंतिम चढ़ाई, सोने का बेसर, अयोध्या से वापसी, ढहता कुतुबमीनार, रिश्ते, अम्माँ, समर, मेरी बस्तर की कहानियाँ तथा लाल गुलाब (कहानी-संग्रह)। पुरस्कार-सम्मान : ‘पद्मश्री’, ‘अखिल भारतीय महाराज वीरसिंह जूदेव’, ‘सुभद्राकुमारी चौहान’, ‘साहित्य भूषण सम्मान’, ‘भारतभूषण सम्मान’ एवं ‘रामेश्वर गुरु पुरस्कार’। लंबी कहानी ‘जूठन’ तथा ‘सोने का बेसर’ पर धारावाहिक प्रसारित। वेश्यावृत्ति जैसे सामाजिक अभिशाप पर टेलीफिल्म ‘लाजो बिटिया’ और स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित लोकप्रिय धारावाहिक ‘वीरांगना रानी अवंतिबाई’ का स्वयं निर्माण एवं निर्देशन किया। लंदन, फ्रांस, रूस आदि का भ्रमण कर कई सम्मेलनों में भाग लिया। साहित्य एवं समाज-सेवा में निरंतर सक्रिय। अंग्रेजी, उर्दू, मलयालम, पंजाबी, गुजराती, ओडि़या, मराठी आदि भाषाओं में कृतियाँ अनूदित। देश के विश्वविद्यालयों में इनके साहित्य पर पी-एच.डी.। सामाजिक समस्याओं पर कहानियाँ तथा साक्षात्कार दूरदर्शन एवं अन्य बहुआयामी माध्यमों से प्रसारित हुए हैं। "
Neev Ke Patthar Kamyabi Aur Khushi Ke
- Author Name:
James Allen
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Gusse Ka Software Aur Operating System
- Author Name:
Manoj Srivastav +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Beyond the Doors of Chaos
- Author Name:
Ghafeetho Abrahams
- Book Type:

- Description: Have you spent a large part of your life thinking of excuses for why you are not happy and why you are not achieving your goals? “I don’t have the money” “I don’t have support” “I have no idea what I want” “I don’t think I can do it” Did you hear them all right? Ghafeetho tells you that it is time to pull yourself together and create a fantastic life by just implementing a few things. Her voice is one that you can relate to. Whether you have reached rock bottom, just feeling a little demotivated or simply feeling a little lost. This book helps you get back on track. This book serves as a guide, to help you step by step regain your spark for life and help you create a vision for your future. The action steps in this book can be used over and over again as you face an ordeal in the future. This book helps create your second chance to a better and more fulfilling you!
Utkrishta Prabandhan Ke Roop
- Author Name:
Suresh Kant
- Book Type:

-
Description:
प्रबन्धन आत्म-विकास की एक सतत प्रक्रिया है। अपने को व्यवस्थित-प्रबन्धित किए बिना आदमी दूसरों को व्यवस्थित-प्रबन्धित करने में सफल नहीं हो सकता, चाहे वे दूसरे लोग घर के सदस्य हों या दफ़्तर अथवा कारोबार के। इस प्रकार आत्म-विकास ही घर-दफ़्तर, दोनों की उन्नति का मूल है। इस लिहाज़ से देखें, तो प्रबन्धन का ताल्लुक़ कम्पनी-जगत के लोगों से ही नहीं, मनुष्य मात्र से है। वह इनसान को बेहतर इनसान बनाने की कला है, क्योंकि बेहतर इनसान ही बेहतर कर्मचारी, अधिकारी, प्रबन्धक या कारोबारी हो सकता है।
‘उत्कृष्ट प्रबन्धन के रूप’ को विषयानुसार चार उपखंडों में विभाजित किया गया है : स्व-प्रबन्धन, नेतृत्व-कला, औद्योगिक सम्बन्ध तथा कॉरपोरेट-संस्कृति। प्रबन्धन कौशल के विशेषज्ञ लेखक ने इस पुस्तक में आत्मसम्मान, वैचारिक स्पष्टता, सफलता और विफलता की अवधारणा, व्यावसायिक निर्णय-प्रक्रिया में धैर्य और प्राथमिकता-क्रम की अहमियत, रचनात्मक दृष्टिकोण, प्रबन्धन के मानवीय पहलू, कर्मचारियों में सकारात्मक नज़रिया तथा प्रतिभा का सदुपयोग आदि बिन्दुओं पर व्यावहारिक कोण से विचार किया है।
प्रबन्धन के विद्यार्थियों और आम पाठकों के लिए एक मार्गदर्शक पुस्तक।
Acres Of Diamonds
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: स्टीवर्ट यह नहीं जानते थे कि लोगों को किस चीज़ जरूरत थी, इसलिए उन्होंने ग़लत चीजें खरीद लीं, जो उनके पास बेकार पड़ी रहीं। लेकिन स्टीवर्ट ने इस घटना से अपने व्यावसायिक जीवन का सबसे महान सबक सीख लिया और कहा, "मैं भविष्य में कोई चीज़ तब तक नहीं खरीदूंगा, जब तक कि मैं यह व जान लूँ कि लोगों की जरूरत किस चीज की है। इसके बाद ही मैं अपना माल खरीदूँगा।" वे घर-घर जाकर लोगों से पूछने लगे कि उन्हें कौन सी चीजें पसंद हैं । जब उन्हें यह पता चल गया कि लोग क्या चाहते हैं, उन्होंने अपने बचे हुए साढ़े बासठ सेंट का निवेश ऐसी चीजों में किया, जिन्हें लोग खरीदना चाहते थे। अब वे एक "सही माँग" की पूर्ति कर रहे थे। मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि जिंदगी में आपका व्यवसाय या पद क्या है। मुझे इस बात की परवाह भी नहीं है कि आप वकील, डॉक्टर, हाउसकीपर, टीचर या कुछ और हैं। आप चाहे जो हाँ, सिद्धांत वही रहता है। हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि दुनिया को किस चीज़ की ज़रूरत है और फिर हमें उस आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए अपना निवेश करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको विश्चित रूप से सफलता मिलेगी। दोस्तो, इसी सिद्धांत पर चलकर ए. टी. स्टीवर्ट ने अपनी संपत्ति को साढ़े बासठ सेंट से चालीस मिलियन डॉलर तक पहुँचाया था।
Bhavnaon Ke Toofan Mein Bhi Mahak Sakati Hai Yeh Jindagi !
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: हम जिन भावनाओं को महसूस करते हैं उनसे कभी अपराधबोध अनुभव करने की जरूरत नहीं है, ऐसी भावनाओं का अनुभव तो सभी करते हैं। जब कभी हम अत्यन्त नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करते हैं, तो भीतर-ही-भीतर खूब क्षोभ महसूस करते हैं। वास्तव में यह क्षोभ उसी मान्यता से जन्म लेता है कि हममें नकारात्मक भावनाएँ नहीं उठनी चाहिए, ऐसी नकारात्मक भावनाएँ पैदा होना बहुत बुरी बात है।
Classroom ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: मेरी बेटी बेहतर विकल्पों के लिए बाहर चली गई है, मेरी पत्नी अपने कॅरियर में व्यस्त है तो खाना अब पहले की तरह ‘स्वादिष्ट’ नहीं रहा, जिसमें प्रेम, लगाव, देखभाल करनेवाले शब्दों के साथ पूछताछ होती थी। सबसे बढ़कर वह वात्सल्य होता, जो इस धरती पर तो केवल माँ ही दे सकती है, खासतौर पर अपने बच्चों को। जब भी किसी दिन मैं अकेला भोजन के लिए बैठता हूँ तो मेरे कानों में माँ के शब्द गूँजते, ‘क्या तुम कुछ और खाओगे,’ ‘आज तुमने क्या खाया है,’ और मैं मूर्खों की तरह चारों ओर देखता हूँ, जबकि मुझे अच्छी तरह मालूम है कि ऐसे पूछनेवाला आस-पास कोई नहीं है। भीतर कहीं हूक सी उठती है कि कोई यह पूछनेवाला नहीं है। साफ कहूँ तो अब उन शब्दों में संगीत सुनाई देता है, फिर चाहे आँखें भीग ही क्यों न आई हों। कभी-कभी तो मैं अकेले खाने से घबराने लगता हूँ। शायद इसलिए बडे़-बुजुर्ग कहते हैं कि पूरे परिवार को कम-से-कम एक बार भोजन साथ लेना चाहिए। —इसी पुस्तक से क्लासरूम की ये प्रेरक कहानियाँ हमारे आस-पास तथा दैनिक जीवन से संबंधित हैं। कुछ नया करने की प्रेरणा देनेवाली कहानियाँ।
Positive Thinking
- Author Name:
Napoleon Hill +1
- Book Type:

- Description: पॉजिटिव थिंकिंग (सकारात्मक नहीं हो सकता। यही सोच आपकी सफलता के द्वार खोलने की क्षमता रखती है। यह पुस्तक नकारात्मकता को छोड़कर खुले मन से सोचने की प्रेरणा देती है। इसकी सहायता से आप अपना जीवन बदल सकते हैं। इसमें आपकी सफलता के सूत्र संकलित हैं—पी.एम.ए.— पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड (सकारात्मक मानसिक भाव)। जब आप इस पुस्तक में सरल और स्पष्ट रूप से रेखांकित व्यावहारिक सिद्धांतों का अनुपालन करेंगे तो आप भी पी.एम.ए प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। तो आइए, ऊँची उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाइए और अपनी प्रबल इच्छाशक्ति और संकल्पशीलता से प्रेरित होकर सफलता के नए शिखर छुइए।
Jeene Ka Naam Zindagi
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: "‘जीने का नाम जिंदगी’ उनके लिए एक जरूरी किताब मात्र ही नहीं है, बल्कि एक ऐसी पगडंडी है, जिस पर चलकर और अपने हृदय में उन मानवीय गुणों को आत्मसात् कर वे स्वयं एक बेहतर मनुष्य ही नहीं बनेंगे, बल्कि मनुष्यता की परिभाषा को भी अपने जीवन में जी सकेंगे, जिसका बहुत बड़ा दायित्व उनके ऊपर है। यह कहने में संकोच नहीं कि सरलता से बुनी गई अपनी कहानियों के माध्यम से ‘निशंक’ जी के भीतर का सृजनकर्ता अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को जिस तरह से अपनी रचनाओं में अंकित कर लोगों के भीतर दर्द पैदा करता है, वह आसान काम नहीं है; क्योंकि आसान काम ही बहुत मुश्किल होता है। मैं उनकी कुछ कहानियों से बहुत प्रभावित हुई हूँ, जिनका प्रभाव मेरे भीतर को बहुत कुछ सौंप गया है और जो मेरे मर्म में गहरी धँसी कील-सा धँस गया है। इसकी पीड़ा से मैं अब तक मुक्त नहीं हो पाई हूँ। —चित्रा मुद्गल "
Courage To Dream (My UPSC Success Story Can Be Yours Too)
- Author Name:
Surendra Mohan
- Book Type:

- Description: Courage to Dream' is not just a proud saga of passing the Civil Services Examination, it is a salute to the perseverance that makes man the best creature in the universe. 'Courage to Dream' is that perseverance which gives man the inspiration and courage to take up an insurmountable challenge. 'Courage to Dream' is a reality that has been experienced even before it became a piece of literature; and if someone finds a literary value in penning down such reality, then I shall consider myself blessed. In this book, there is love as well as yearning; there is struggle as well as success; there is shrewdness as well as innocence; there are roses as well as thorns. I could not save myself from getting brushed by the rarest colours of the life. The purpose of writing this book is not to glorify any person. Its purpose is to motivate the youth towards their path of duty with full dedication. If, after reading this book, even a single youth gets inspired to walk towards their dreams amid unfavourable circumstances, then I shall believe that I have succeeded in my purpose.
Man Mein Hai Vishwas
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Safalta 360 Degree | Easy Way To Live Life Motivational Book in Hindi
- Author Name:
Rajesh Yadav
- Book Type:

- Description: जीवन में सभी सफल होना चाहते हैं और सबके लिए अपनी-अपनी सफलता के अलग-अलग मायने होते हैं, जो उचित अनुचित भी हो सकते हैं। अगर सफलता के सही मायने, सही तरीके अपनाए जाएँ तो ही जीवन सार्थक हो सकेगा- नहीं तो बहती नदी की धारा और बीते समय को कोई नहीं रोक सकेगा। इस पुस्तक का उद्देश्य अपने पाठकों से अपने अनुभव, अपनी समझ और अपनी विचारधारा से जोड़ने का है। भाषा बिल्कुल सामान्य और साधारण भाषा में होने के कारण पुस्तक की विषयवस्तु सीधे दिल में उतर जाती है। इस पुस्तक में सफलता के अनेक पहलू, उन्हें प्राप्त करने के सही तरीके, व्यक्तित्व विकास, उत्कृष्ट समाज-निर्माण और सुंदर संबंधों की प्राप्ति पर आकर्षक रूप से प्रकाश डाला गया है। आप जैसे-जैसे पृष्ठों को पढ़ते जाएँगे, समझते जाएँगे और जीवन में उतारते जाएँगे तो अवश्य ही सार्थकता, संपन्नता, सरलता और स्वास्थ्य को पा लेंगे। इस पुस्तक के कुछ ऐसे विचार पाठकों के भीतर घर कर गए तो वे विचारों की सेना का निर्माण कर सकते हैं, जो आपको आपकी अनुचित शारीरिक आदतों, अनुपयोगी मान्यताओं और निरर्थक सोच-विचारों को बाहर कर एक लक्ष्यवान, स्वाभाविक जीवन जीने के लिए प्रेरित कर सकेंगे। आप अपने भीतर आशा की चिनगारी जला लें, आत्मविश्वास का अंगारा डालें और जीवन में सफलता की ज्वाला को दहकने दें। सफलता प्राप्त करने के व्यावहारिक गुरुमंत्र देकर सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक एक उपयोगी पुस्तक।
Gairsarkari Sangthan
- Author Name:
Rajendra Chadrakant Ray
- Book Type:

-
Description:
भारत सहित पूरे संसार में ग़ैर-सरकारी संगठनों का एक आन्दोलन ही इन दिनों सक्रिय है। इस माध्यम से सजग नागरिकों के द्वारा अपने समुदाय और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने में एक इतिहास ही रच दिया गया है।
पर ग़ैर-सरकारी संगठन का निर्माण कर लेना जितना सरल है, उसका निर्वाह करना उसकी तुलना में कहीं अधिक जटिल है। सामान्य तौर पर सरकारें ग़ैर-सरकारी संगठनों के साथ काम करने को उत्सुक रहती हैं, परन्तु भारत जैसे देश में नौकरशाही इनसे अप्रसन्न ही बनी रहती है। राजनैतिक प्रतिरोध भी कुछ कम नहीं होता।
तब भी एक बेहतर सोच लेकर चलनेवाले लोगों के लिए काम करने और नतीजे निकाल लाने की सम्भावना कुछ कम नहीं है। आख़िर वे कौन से तत्त्व हैं, जो एक समर्पित ग़ैर-सरकारी संगठन की वास्तविक पूँजी होते हैं। ऐसे ही सवालों से जूझती है यह पुस्तक।
Zindagi Itni Sasti Kyon Hai
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: दवा कंपनियों ने मीडिया, टेलीविज़न और प्रचारतंत्र से चिंता तनाव और डिप्रेशन से लगभग सभी को पीड़ित घोषित कर दिया है तथा इसका उपचार दवाइयों को बताने में सफल हो चुकी है। कारण कुछ भी हो और उपचार एक ही तरह का ये तो चिकित्सा के सिद्धांत के विपरीत है। जानिए की हमने ज़िंदगी को इतनी सस्ती क्यों बना दिया है।
Thalua Club and Phir Nirasha Kyon?
- Author Name:
Babu Gulab Rai
- Book Type:

- Description: साहित्यकारों के विचार ‘‘पहली ही भेंट में उनके प्रति मेरे मन में जो आदर उत्पन्न हुआ था, वह निरंतर बढ़ता ही गया। उनमें दार्शनिकता की गंभीरता थी, परंतु वे शुष्क नहीं थे। उनमें हास्य-विनोद पर्याप्त मात्रा में था, किंतु यह बड़ी बात थी कि वे औरों पर नहीं, अपने ऊपर हँस लेते थे।’’ —राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ‘‘बाबूजी ने हिंदी के क्षेत्र में जो बहुमुखी कार्य किया, वह स्वयं अपना प्रमाण है। प्रशंसा नहीं, वस्तुस्थिति है कि उनके चिंतन, मनन और गंभीर अध्ययन के रक्त-निर्मित गारे से हिंदी-भारती के मंदिर का बहुत सा भाग प्रस्तुत हो सका है।’’ —पं. उदयशंकर भट्ट ‘‘आदरणीय भाई बाबू गुलाब रायजी हिंदी के उन साधक पुत्रों में से थे, जिनके जीवन और साहित्य में कोई अंतर नहीं रहा। तप उनका संबल और सत्य स्वभाव बन गया था। उन जैसे निष्ठावान, सरल और जागरूक साहित्यकार बिरले ही मिलेंगे। उन्होंने अपने जीवन की सारी अग्नि परीक्षाएँ हँसते-हँसते पार की थीं। उनका साहित्य सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरक बना रहेगा।’’ —महादेवी वर्मा ‘‘गुलाब रायजी आदर्श और मर्यादावादी पद्धति के दृढ समालोचक थे। भारतीय कवि-कर्म का उन्हें भलीभाँति बोध था। विवेचना का जो दीपक वे जला गए, उसमें उनके अन्य सहकर्मी बराबर तेल देते चले जा रहे हैं और उसकी लौ और प्रखर होती जा रही है। हम जो अनुभव करते हैं—जो आस्वादन करते हैं, वही हमारा जीवन है।’’ —पं. लक्ष्मीनारायण मिश्र ‘‘अपने में खोए हुए, दुनिया को अधखुली आँखों से देखते हुए, प्रकाशकों को साहित्यिक आलंबन, साहित्यकारों को हास्यरस के आलंबन, ललित-निबंधकार, बड़ों के बंधु और छोटों के सखा बाबू गुलाब राय को शत प्रणाम!’’ —डॉ. रामविलास शर्मा
The Leader In You
- Author Name:
Dale Carnegie
- Rating:
- Book Type:

- Description: To be a successful leader, one needs to not only carry out good work but also, present his or her thoughts effectively like a great speaker. Great leaders always hold faith in their deeds and decisions. They understand the value and power of their words. Deep understanding of human psychology enables Dale Carnegie to guide his readers choose right and fruitful alternatives in life. The present book, The Leader In You, equips the readers with the skills of delivering effective and enthusiastic speeches, and plays an important role in the process of making them great leaders.
Sakaratmak Soch
- Author Name:
C. S. Mishra
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक के मूल स्वरूप में ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ की संजीवनी से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हेतु परस्परता की कड़ी को ‘प्रबन्धन’ की चाबी से जोड़ने का अभूतपूर्व सोपान तैयार किया गया है।
आप पर सदैव के लिए, आपके अतीत का बोझ नहीं लादा जा सकता है। आपको यह विकल्प उपलब्ध है कि आप नकारात्मकता को पीछे छोड़ दें और सकारात्मकता को अपने साथ लेकर आगे चलें और यह अच्छा ही है कि कड़वी स्मृतियों को पीछे छोड़ दिया जाए। बोझ का नकारात्मक आकार असुरक्षा, निम्न आत्मसम्मान, भय, क्रोध, संशय आदि है। कभी-कभी वे आपके अवचेतन मन में इतने गहरे दबे हुए होते हैं कि उन्हें समूल उखाड़ फेंकना बड़ा कठिन होता है। यदि आप नकारात्मक दृष्टिकोण का बोझ उठाए चलते हैं, तो आपके ऐसा सोचने की प्रबल सम्भावना है कि अतीत में जो कुछ आपके साथ हुआ है, भविष्य में भी वैसा ही होगा। आज के चुनौती-भरे संसार में यह महत्त्वपूर्ण है कि आप में उत्साह हो और इससे भी ऊपर अपने जीवन के सभी पहलुओं के विषय में आपमें सकारात्मक चिन्तन हो। विचार-प्रबन्धन, अपने नकारात्मक चिन्तन को सकारात्मक चिन्तन में बदल देने के अलावा और कुछ नहीं है। यदि आपने नकारात्मक भावों और विचारों पर विजय पाने के लिए स्वयं को तैयार करने का निर्णय कर लिया है, तो इसके लिए समझो, आपने एक सही पुस्तक का चयन कर लिया है।
यह पुस्तक आपको अपने विचारों को नकारात्मक से हटकर सकारात्मक विचारों में परिवर्तित करने और उनका अच्छा प्रबन्धन करने के अनेक तरीक़े एवं भरपूर साधन प्रदान करती है।
Angrezi-Hindi Shabdon Ka Theek Prayog
- Author Name:
Dr. K.C. Bhatia
- Book Type:

- Description: "राजभाषा अधिनियम सन् 1963 के अनुसार, भारत सरकार में व्यापक रूप से द्विभाषा-हिंदी तथा अंग्रेजी-नीति का परिपालन अनिवार्य हो गया है । प्रत्येक भाषा में ऐसे अनेक मिलते-जुलते शब्द होते हैं जिनको पर्याय समझ लिया जाता है । ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो गया है कि इन मिलते-जुलते शब्दों की स्पष्ट संकल्पना, अंग्रेजी-हिंदी दोनों में, हो । साहित्यपरक शब्दों पर तो ऐसा कार्य हुआ है, पर दिन-प्रतिदिन प्रयोग में आनेवाले शब्दों के सूक्ष्म अर्थभेद 7 अर्थच्छटाएँ स्पष्ट हों, ऐसा प्रयास नहीं हुआ था । प्रयोग और संदर्भ- भेद से ही अर्थ- भेद निश्चित होता है । इस प्रक्रिया से शब्दों के ठीक प्रयोग की ओर प्रयोगकर्ता उन्मुख हो सकेंगे और शब्दों क अर्थो के सूक्ष्म अंतर को भी समझने का प्रयास कर सकेंगे । प्रकारांतर से इस कार्य से यह बात भी स्वयं सिद्ध हो जाती है कि अंग्रेजी की तुलना में हिंदी की अभिव्यंजना-शक्ति किसी भी प्रकार कम नहीं है । विश्वास है कि व्यावहारिक क्षेत्र में इस पुस्तक का विशेष उपयोग होगा ।"
Jeevan Prabandhan : Kripa Karahu Guru Dev Ki Naain
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Rating:
- Book Type:

-
Description:
करोड़ों लोगों के लिए ‘श्रीहनुमान चालीसा’ नित्य परायण का साधन है। कइयों को यह कण्ठस्थ है पर अधिकांश ने यह जानने का प्रयत्न नहीं किया होगा कि इन पंक्तियों का गूढ़ अर्थ क्या है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपना सारा साहित्य प्रभु को साक्षात् सामने रखकर लिखा है। उनका सारा सृजन एक तरह से वार्तालाप है। श्रीहनुमान जी से उनकी ऐसी ही एक निजी बातचीत का एक लोकप्रिय जनस्वीकृत नाम है ‘श्रीहनुमान चालीसा।'
आज के मानव के लिए अच्छा, सहज, सरल और सफल जीवन जीने के सारे संकेत हैं इस चालीसा में। ज्ञान के सागर में डुबकी लगाकर, भक्ति के मार्ग पर चलते हुए, निष्काम कार्य–योग को कैसे साधा जाए, जीवन में इसका सन्तुलन बनाती है ‘श्रीहनुमान चालीसा’।
जिसे पढ़ने के बाद यह समझ में आ जाता है कि श्रीहनुमान जीवन–प्रबन्धन के गुरु हैं।
जीवन–प्रबन्धन का आधार है स्वभाव और व्यवहार। आज के समय में बच्चों को जो सिखाया जा रहा है, युवा जिस पर चल रहे हैं, प्रौढ़ जिसे जी रहे हैं और वृद्धावस्था जिसमें अपना जीवन काट रही है, वह समूचा प्रबन्धन ‘व्यवहार’ पर आधारित है। जबकि जीवन–प्रबन्धन के मामले में ‘श्रीहनुमान चालीसा’ ‘स्वभाव’ पर जोर देती है।
व्यवहार से स्वभाव बनना आज के समय की रीत है, जबकि होना चाहिए स्वभाव से व्यवहार बने। जिसका स्वभाव सधा है, उसका हर व्यवहार सर्वप्रिय और सर्वस्वीकृत होता है। स्वभाव को कैसे साधा जाए, ऐसे जीवन–प्रबन्धन के सारे सूत्र हैं ‘श्रीहनुमान चालीसा’ की प्रत्येक पंक्ति में...
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book