Vriddhvastha Mein Sukhi Jeevan
(0)
₹
200
160 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती, अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है, जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है, वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान, सुख क्या है और कहाँ?, जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें, जिनकी हमें जरूरत नहीं है, जो हानिकारक हैं। पान, पान मसाला, खैनी, शराब, मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं, अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है, अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब, क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है, सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं। "
Read moreAbout the Book
"बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती, अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है, जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है।
बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है।
प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है, वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान, सुख क्या है और कहाँ?, जल ही जीवन है आदि।
स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें, जिनकी हमें जरूरत नहीं है, जो हानिकारक हैं। पान, पान मसाला, खैनी, शराब, मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं, अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े?
यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है, अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब, क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है, सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं।
"
Book Details
-
ISBN9789382898825
-
Pages112
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Badaladare Yochane Nimmade Geluvu
- Author Name:
Dr. Naga H. Hubli
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಬದುಕನ್ನು ಗೆಲ್ಲುವ ಕುರಿತಂತೆ ಸಾಕಷ್ಟು ಪುಸ್ತಕಗಳು ನಮ್ಮ ನಡುವೆ ಬಂದು ಹೋಗಿವೆ, ಬರುತ್ತಲೂ ಇವೆ. ಅತ್ಮೀಯರಾದ ಡಾ. ನಾಗ ಎಚ್ ಹುಬ್ಳಿ ಅವರ ಬದುಕನ್ನು ಗೆಲ್ಲುವ ಕಲೆಗೆ ಕನ್ನಡಿ ಹಿಡಿಯುವುದರ ಜೊತೆಗೆ, ಕುಸಿದ ಮನಸ್ಸುಗಳಿಗೆ ಕಾಯಕಲ್ಪ ನೀಡುವ ಕೆಲಸವನ್ನೂ ಮಾಡಿದೆ. ಬದುಕು ವೈಚಿತ್ರಗಳ ಗಡು, ಇಲ್ಲ ನಾವು ಧನಾತ್ಮಕ ಅಂಶಗಳಿಗೇ ಜೋತು ಬೀಳಲಾಗುವುದಿಲ್ಲ ಋಣಾತ್ಮಕತೆಯನ್ನು ಹೇರಿಕೊಂಡು ಮುಂದೆ ಸಾಗುವ ಕೌಶಲವನ್ನು ಬದುಕು ಬಿಡುತ್ತದೆ. ಈ ಅನಿವಾರ್ಯತೆಯನ್ನು ಅರ್ಥಮಾಡಿಕೊಳ್ಳದ ಮನಸ್ಸುಗಳು ಅಡಿತಪ್ಪುವ ಅಪಾಯವನ್ನು ನಾವು ನೋಡುತ್ತಲೇ ಇದ್ದೇವೆ. ಆ ಬಗೆಯ ಪತನಕ್ಕೆ ಸಕಾಲಿಕವಾದ ಮಾರ್ಗದರ್ಶನದ ಕೊರತೆ ನಿಮಿತ್ತವಾಗುವುದೂ ಇದೆ. ಲೇಖಕರು ಅಂಥ ಅಂಶಗಳ ಮೇಲೆಲ್ಲ ಕ್ಷಕಿರಣ ಬೀರಿ ತಿದ್ದುವಿಕೆಗೆ ನಾವು ಒಡ್ಡಿಕೊಂಡು ಬದುಕು ಸಹನೀಯವಾಗುವುದು ಹೇಗೆ ಅರಳುವುದು ಹೇಗೆ ಎಂಬುದನ್ನು ಉದಾಹರಣೆ ಸಹಿತವಾಗಿ ಹೇಳಿದ್ದಾರೆ. ಈ ಹೊತ್ತಗೆಯಲ್ಲಿ ನಾಗ ಎಚ್ ಹುಬ್ಳಿ ಅವರು ಬೋಧಕರೂ ಆಗಿರುವುದರಿಂದಾಗಿ ವಿಷಯ ಮಂಡನೆಯ ಕಲೆ ಅವರಿಗೆ ಸಿದ್ಧಿಸಿದೆ, ಬೋಧಕರೊಬ್ಬರು ಲೇಖಕರೂ ಆಗುವ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಸಾಹಿತ್ಯಕ್ಕೆ ಸಂದಾಯವಾಗುವ ಲಾಭಗಳು ಹಲವಿವೆ. 'ಪ್ರಸ್ತುತಿ' ಅದರಲ್ಲೊಂದು. ನಮ್ಮ ಪಠ್ಯಪುಸ್ತಕಗಳಲ್ಲೂ ಈ ತರದ ಬರಹಗಳು ಅಳವಡಿಕೆಯಾಗಬೇಕಾದ ಅವಶ್ಯಕತೆ ಇದೆ. ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಹಂತದಲ್ಲೇ ಮಕ್ಕಳಿಗೆ ಬದುಕನ್ನು ಎದುರಿಸುವ ಕಲೆಯನ್ನು ಕಲಿಸಿಕೊಡುವುದು ಎಂದರೆ, ಅವರ ಭವಿಷ್ಯಕ್ಕೆ ಎರಡೆರಡು ರಕ್ಷಾಕವಚಗಳನ್ನು ಹೆಣೆದುಕೊಟ್ಟಂತೆಯೇ ಸರಿ ನಾಗ ಎಚ್, ಹುಬ್ಳಿ ಅವರ ಈ ಕೃತಿಯಾಗಲೀ, ಕೃತಿಯ ಭಾಗಗಳಾಗಲೀ ಮೇಲೆ ಹೇಳಿದ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಆಶಯಗಳಿಗೆ ಸಲ್ಲುವಂತಾಗಲಿ. - 'ಎನ್ನೇಬಿ' ಮೊಗ್ರಾಲ್ ಪುತ್ತೂರು - ಸಂಪಾದಕರು ಮಂಗಳ ವಾರಪತ್ರಿಕೆ
Personality Development Digest
- Author Name:
Prof. P. K. Arya
- Book Type:

- Description: दरअसल, यह इनसानी फितरत है कि वह खुद को ही सबसे आगे रखने में लगा रहता है—मैं ऐसा हूँ, मुझे यह अच्छा लगता है, मैं ये करता हूँ...इत्यादि। पर आप इससे कुछ अलग करिए—‘मैं’ से पहले ‘आप’ को रखिए। जैसे कि आप कैसे हैं, आपको क्या अच्छा लगता है, आप क्या करते हैं? ऐसा करने से लोग आपको पसंद करेंगे। सिर्फ बड़े नामचीन लोग ही नहीं, आम आदमी भी ध्यान चाहता है। जब आप एक आम आदमी के श्रोता बनते हैं तो आप उसके लिए खास बन जाते हैं। और जब आप बहुत से लोगों के साथ ऐसा करते हैं तो आप बहुत से लोगों के लिए खास बन जाते हैं। इस प्रक्रिया में आप ‘परसन’ से बढ़कर एक पर्सनैलिटी बन जाते हैं—एक ऐसी पर्सनैलिटी, जिसे सभी पसंद करते हैं, जिसका व्यक्तित्व सभी को प्रभावित करता है। असल में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समय-समय पर कुछ चीजें जुड़ती रहती हैं और कुछ चीजें हटती हैं। ऐसी बहुत सी चीजें हैं, जो आपकी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में मददगार होती हैं। अपने लक्ष्य पर दृष्टि रखिए। शिष्टाचार, आत्मविश्वास, समय-प्रबंधन, सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति से आप सफलता पाएँगे, आपको खुशियाँ मिलेंगी, आप नेतृत्व करेंगे और लोग आपकी पर्सनैलिटी का अनुसरण करेंगे। आपकी पूरी पर्सनैलिटी को चार चाँद लगाने वाली रोजमर्रा की वे बातें, जिन्हें आप आसानी से कर सकते हैं और सफलता व लोकप्रियता के शिखर को छू सकते हैं।
Transformation through ‘Thinking’ Positive
- Author Name:
Dr. Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Positive is one of the basic requisites for living a good and fulfilling life. With this book, I have tried to touch upon the idea of Thinking Positive and how it may lead to the development of a positive society, positive India and a positive universe as a whole. The book is intended to help employ a positive approach, not only in professional life but in day-to-day life as well. The intention to bring out this book is to disseminate positive thinking among the masses so that they can face the challenges of this competitive world happily and without stress. The book intends to take the reader to a journey to reinvent self to think in a positive manner in all circumstances. ‘A time has come to develop Generation (P3) i.e. Positive, Proactive & Progressive required for sustainable development of the country.’ —Dr. Ashutosh Karnatak
Acres Of Diamonds
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: स्टीवर्ट यह नहीं जानते थे कि लोगों को किस चीज़ जरूरत थी, इसलिए उन्होंने ग़लत चीजें खरीद लीं, जो उनके पास बेकार पड़ी रहीं। लेकिन स्टीवर्ट ने इस घटना से अपने व्यावसायिक जीवन का सबसे महान सबक सीख लिया और कहा, "मैं भविष्य में कोई चीज़ तब तक नहीं खरीदूंगा, जब तक कि मैं यह व जान लूँ कि लोगों की जरूरत किस चीज की है। इसके बाद ही मैं अपना माल खरीदूँगा।" वे घर-घर जाकर लोगों से पूछने लगे कि उन्हें कौन सी चीजें पसंद हैं । जब उन्हें यह पता चल गया कि लोग क्या चाहते हैं, उन्होंने अपने बचे हुए साढ़े बासठ सेंट का निवेश ऐसी चीजों में किया, जिन्हें लोग खरीदना चाहते थे। अब वे एक "सही माँग" की पूर्ति कर रहे थे। मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि जिंदगी में आपका व्यवसाय या पद क्या है। मुझे इस बात की परवाह भी नहीं है कि आप वकील, डॉक्टर, हाउसकीपर, टीचर या कुछ और हैं। आप चाहे जो हाँ, सिद्धांत वही रहता है। हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि दुनिया को किस चीज़ की ज़रूरत है और फिर हमें उस आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए अपना निवेश करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको विश्चित रूप से सफलता मिलेगी। दोस्तो, इसी सिद्धांत पर चलकर ए. टी. स्टीवर्ट ने अपनी संपत्ति को साढ़े बासठ सेंट से चालीस मिलियन डॉलर तक पहुँचाया था।
Har Patha Vijay Patha
- Author Name:
Judith Williamson +1
- Book Type:

- Description: किसी भी स्वप्न को साकार करने के लिए मनुष्य को यह विश्वास करना पड़ेगा कि असंभव को पार किया जा सकता है। श्रद्धा उपलब्धि की पहली आवश्यकता है और उस श्रद्धा को अटल बनाए रखना दूसरी आवश्यकता। जब आप श्रद्धा से आगे बढ़ते हैं तो आप भविष्य में कदम रख देते हैं। यह सिद्धांत अत्यंत प्रभावकारी है, यदि मनुष्य उद्देश्य व योजना से अपने कार्य में आगे बढ़े। यदि हमारा भरोसा उत्तम आकार लेगा तो कार्य का निष्पादन निस्संदेह अच्छा ही होगा। ऐसा करने पर हमारे द्वारा कल्पित स्वप्न की ओर बढ़ना निश्चित है। विश्वास वह अक्सीर है, जो हमारी अपेक्षाओं के अनुरूप ही कार्य करती है। वह ऐसी सुगंध है, जो विश्वास रूपी बोतल खोलने पर चारों तरफ फैलकर वातावरण को सुगंधित कर देती है और हमारे प्रयासों के नतीजों से स्वप्न साकार कर देती है। जीवन में विजय पथ पर अग्रसर होने के लिए आवश्यक और व्यावहारिक गुरुमंत्र बताती पठनीय एवं रोचक पुस्तक।
Super Personality Aur Unlimited Safalata
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: जीवन में अपेक्षित सफलता के लिए व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास बेहद जरूरी है। ज्यादातर लोग व्यक्तित्व का अभिप्राय व्यक्ति के बाहरी पक्ष के आकर्षण से समझते हैं; लेकिन ऐसा नहीं है। व्यक्तित्व—बाहरी और भीतरी— सर्वांगीण विकास का नाम है। व्यक्तित्व-निर्माण का प्रश्न प्रत्येक व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत सवाल है। इसका किसी दूसरे व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। दूसरा कोई भी व्यक्ति आपके मन तथा व्यक्तित्व को बलवान एवं दृढ़ नहीं बना सकता। कोई भी व्यक्ति आपको दुर्बल से शक्ति-संपन्न, असफल से सफल और कुछ नहीं से सब कुछ नहीं बना सकता। आप स्वयं ही सबकुछ बन सकते हैं और आप में वह सब करने की शक्ति व सामर्थ्य मौजूद है। व्यक्तित्व-विकास के प्रति निरंतर सजग रहकर आप सफलता व उपलब्धियों के क्षितिज पर अपने वर्चस्व के सुनहरे हस्ताक्षर दर्ज करा सकते हैं। व्यक्तित्व में श्रेष्ठता से आपका, आपके परिवार व संपर्क-क्षेत्र का तो भला होगा ही, आप और बेहतर, सुंदर व सभ्य समाज निर्मित करने में अपना बेशकीमती योगदान देंगे। श्रेष्ठ और सक्षम मनुष्यों से भरी-पूरी दुनिया अनेक मायनों में स्वर्ग होगी। सुपर पर्सनैलिटी विकसित कर अनलिमिटेड सफलता प्राप्त करने की एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है यह पुस्तक।
Positive Thinking
- Author Name:
Napoleon Hill +1
- Book Type:

- Description: पॉजिटिव थिंकिंग (सकारात्मक नहीं हो सकता। यही सोच आपकी सफलता के द्वार खोलने की क्षमता रखती है। यह पुस्तक नकारात्मकता को छोड़कर खुले मन से सोचने की प्रेरणा देती है। इसकी सहायता से आप अपना जीवन बदल सकते हैं। इसमें आपकी सफलता के सूत्र संकलित हैं—पी.एम.ए.— पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड (सकारात्मक मानसिक भाव)। जब आप इस पुस्तक में सरल और स्पष्ट रूप से रेखांकित व्यावहारिक सिद्धांतों का अनुपालन करेंगे तो आप भी पी.एम.ए प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। तो आइए, ऊँची उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाइए और अपनी प्रबल इच्छाशक्ति और संकल्पशीलता से प्रेरित होकर सफलता के नए शिखर छुइए।
Investonomy
- Author Name:
Pranjal Kamra
- Book Type:

- Description: Are you inspired by billionaires around the world but think becoming a billionaire is too far out of your reach? Are you confused about the behaviour of the stock market and the implications of investing in it? Are you actually scared of investing in the stock market? If yes, then Investonomy is a must-read for you! Investonomy not only explains modern value investing principles but also unveils certain secrets of the stock market. It busts popular myths and misconceptions as well. A thorough reading of this book will enable you to chart your own investment plans, and soon, you'll be all set for your personal wealth-creation journey through equity investment. Investonomy is an initiative to empower existing, as well as potential, investors like you.
Magic Seeds for Success
- Author Name:
Judith Williamson +1
- Book Type:

- Description: Judith Williamson is the ideal author to take Napoleon Hill’s writings and create reflections for her readers. When I first read the manuscript that you now have in your hands, I felt like I was back in the classroom and the course was Dr. Hill’s Science of Success. It has been said that when the student is ready, the teacher will appear. Both you and I know that the answers we seek are within each of us, but it often takes someone else to show us the direction in which to proceed. If you are a student of life and desire to be more successful, then by all means let Dr. Hill and Judith Williamson be your teachers. It is not the accumulation of what you read that matters, but what you use. It only takes a few weeks of repeating the same act until it becomes a habit—either a good habit or a bad one. I know you have probably heard the saying, “we first make our habits and then our habits make us.” Just as millions of other Napoleon Hill readers have done for nearly one hundred years, the message you are to receive, if you are ready to receive it, is that there is a roadmap to success. You can attain the success in life most people only dream of attaining. But, first you must follow in the footsteps of those who have achieved their goals. Enjoy the journey.
Atmadeep Banen
- Author Name:
Manoj Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Power Of Your Subconscious Mind By Joseph Murphy
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: What if you could reprogram your mind for success, happiness, and fulfilment? The Power of the Subconscious Mind reveals the astonishing influence of your thoughts on your reality. Backed by scientific insights and timeless wisdom, this book explores how you can harness your subconscious to overcome obstacles, attract opportunities, and achieve your dreams. Through practical techniques, real-life examples, and transformative exercises, you'll discover how to: ✓ Rewire negative thought patterns ✓ Manifest success, love, and prosperity ✓ Heal emotional and physical challenges ✓ Cultivate unshakable confidence and inner peace Your mind is more powerful than you think Unlock its potential and create the life you desire!
Prabandhan Ke Gurumantra
- Author Name:
Suresh Kant
- Book Type:

-
Description:
प्रबन्धन आत्म-विकास की एक सतत प्रक्रिया है। अपने को व्यवस्थित-प्रबन्धित किए बिना आदमी दूसरों को व्यवस्थित-प्रबन्धित करने में सफल नहीं हो सकता, चाहे वे दूसरे लोग घर के सदस्य हों या दफ़्तर अथवा कारोबार के। इस प्रकार आत्म-विकास ही घर-दफ़्तर, दोनों की उन्नति का मूल है। इस लिहाज़ से देखें, तो प्रबन्धन का ताल्लुक़ कम्पनी-जगत के लोगों से ही नहीं, मनुष्य मात्र से है। वह इनसान को बेहतर बनाने की कला है, क्योंकि बेहतर इनसान ही बेहतर कर्मचारी, अधिकारी, प्रबन्धक या कारोबारी हो सकता है।
‘प्रबन्धन के गुरुमंत्र’ में विद्वान् लेखक ने ‘व्यक्तिगत विकास’, ‘औद्योगिक सम्बन्ध’ और ‘निर्णयकारिता’ पर विभिन्न आयामों से विचार किया है। लेखक के अनुसार अपनी क्षमताओं की पहचान, अच्छी आदतों का विकास, निरन्तर ज्ञान-वृद्धि और अनुशासन ऐसे मूल्य हैं जिन पर चलकर आप एक सफल प्रबन्धक बन सकते हैं। कर्मचारी को प्रतिबद्ध कैसे बनाया जाए, असहमति को कैसे सुफलदायक बनाया जा सकता है और अनिर्णय किस तरह घातक हो सकता है, इन बिन्दुओं पर भी इस पुस्तक में विचार किया गया है।
प्रबन्धकीय कौशल व क्षमता के विकास हेतु अवश्यमेव पढ़ी जानेवाली पुस्तक।
25 Success Business Stories
- Author Name:
Prakash Iyer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Greatest Speeches of India
- Author Name:
Ram Kumar
- Book Type:

- Description: We present here, a collection of 25 great speeches made by some of the tallest Indian personalities. Many of these personalities are men and women who have made invaluable contributions to our coming together as a nation of people and are the pride and honour of the country. These are people who have made a great impact on the lives around them and thus their words are the gems which had the power to evoke the courage and emotion in people and inspire them to make history. The power of a great speech, especially when everyone listens is something that sets the wheels of history in motion to many great events that changed the face of our known world. Some of these are from the era of the struggle for Indian independence from the colonial rule such as, Subhas Chandra Bose, Dr. B.R. Ambedkar, Mahatma Gandhi and Jawaharlal Nehru to mention a few. Polar contemporaries such as Nathuram Godse, Vinayak Damodar Savarkar also make an appearance in this collection to present a different perspective. In today’s times, Ratan Tata, N.R. Narayana Murthy, Kiran Bedi, Sachin Tendulkar are defining trailblazers in their own fields. The quality of a great speech is not only the wisdom that comes from the experience of their unique lives but the timelessness of these words which work their magic anytime you hear or read it.
Uske Pankhon Ki Udaan
- Author Name:
Swati Lahoti
- Book Type:

- Description: ‘IIT-JEE की तैयारी करना आसान नहीं है, यह अच्छे-अच्छों के छक्के छुड़ा देता है। ऐसे में बड़ा स्वाभाविक है कि आप दबाव में आ जाएँ, अपनी काबिलियत पर शक करने लगें या फिर हताश हो जाएँ। यह किताब आपको बताती है कि आप फिर से पटरी पर कैसे आ सकते हैं, कि कैसे परिवार के सदस्य, खासकर माँएँ इस दौरान अपने बच्चों के लिए मददगार हो सकती हैं। ‘उसके पंखों की उड़ान’ यह साबित करती है कि अगर आप कुछ हासिल करना चाहते हैं तो उसे पाने के लिए दिलोजान से जुट जाइए। मुमकिन है कि छोटी-मोटी खरोंचें आप के हिस्से में आएँ, लेकिन कामयाबी आपके कदम चूमेगी, यह तय है।’’ —नीतेश तिवारी डायरेक्टर, दंगल, IIT, बॉम्बे, 1996 ‘‘जैसा कि सब जानते हैं IIT-JEE सबसे मुश्किल प्रवेश-परीक्षाओं में से एक है, टीचर्स को मालूम है कि कैसे पढ़ाना है, स्टूडेंट भी जानता है कि कैसे पढ़ना है। लेकिन माता-पिता नहीं जानते कि इस मुश्किल सफर में अपने बच्चे को कैसे सपोर्ट करना है। तैयारी के दौरान, कई बार अच्छे-अच्छे छात्र भी हिम्मत हार बैठते हैं। मेरा मानना है कि इस किताब को पढ़ने के बाद माता-पिता अपने बच्चे को सही तरीके से सपोर्ट कर पाएँगे, जिससे बच्चे हौसलामंद रहकर अच्छी पढ़ाई कर सकते हैं। यह किताब अभिभावकों का नजरिया बदल देगी।’’ —प्रवीण त्यागी डायरेक्टर, IITians’ PACE, IIT, दिल्ली, 1997
Kushal Prabandhan Ke Sootra
- Author Name:
Suresh Kant
- Book Type:

-
Description:
‘कुशल प्रबन्धन के सूत्र’ पर सुरेश कांत के दैनिक ‘अमर उजाला कारोबार’ में हर मंगलवार को प्रकाशित होनेवाले लोकप्रिय साप्ताहिक प्रबन्धन–कॉलम में छपे लेखों में से 40 चुने हुए लेखों का संकलन है। इन लेखों में हिन्दी में पहली बार प्रबन्धन के विभिन्न पहलुओं पर अत्यन्त रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रकाश डाला गया है। स्व–प्रबन्धन, कर्मचारी–प्रबन्धन, कार्यालय–प्रबन्धन, समय–प्रबन्धन, व्यक्तित्व–विकास, औद्योगिक सम्बन्ध, नेतृत्व–कला, कौशल–विकास आदि सभी पक्षों पर इनमें इतने सरल, सुबोध और आकर्षक तरीक़े से चर्चा की गई है कि पाठक लेखक के साथ बह चलता है। प्रबन्धन उसके लिए पराया अथवा दुरूह विषय नहीं रह जाता।
प्रबन्धन लेखक की नज़र में व्यक्तित्व के सतत विकास और जीवन में निरन्तर प्रगति की प्रक्रिया है। आदमी अपना ही परिष्कार न कर सके, अपने घर–परिवार की ही उन्नति न कर सके, तो वह कारोबार या दफ़्तर की प्रगति कैसे सुनिश्चित कर सकेगा? वह अपने को ही न सँभाल सके, तो दूसरों को—कर्मचारियों, ग्राहकों आदि को—क्या सँभाल सकेगा? अच्छा आदमी ही अच्छा कर्मचारी, अधिकारी या प्रबन्धक हो सकता है। अत: प्रबन्धन छात्रों, शोधार्थियों, कारोबारियों, कर्मचारियों–अधिकारियों अथवा प्रबन्धकों से ही ताल्लुक़ नहीं रखता, आम आदमी से भी ताल्लुक़ रखता है। वह कम्पनी–जगत के ही मतलब की चीज़ नहीं, मनुष्य मात्र के मतलब की चीज़ है। वह आदमी को बेहतर आदमी बनाने की कला है।
सुरेश कांत ने अपना लक्ष्य–समूह कॉरपोरेट–दुनिया के आदमी को ही नहीं, पूरी दुनिया के हर आदमी को मानकर इस विषय की प्रस्तुति की है। एक सफल, सिद्धहस्त रचनाकार होने के कारण वे इस विषय में लालित्य भरने में कामयाब रहे हैं। अपने विशद अध्ययन, गहरे ज्ञान और असरदार लेखन–शैली के बल पर वह इस विषय को हिन्दी में जन–जन में लोकप्रिय बनाने में सफल रहे हैं।
आप चाहे कोई भी हों, इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप वही नहीं रह जाएँगे, जो आप इसे पढ़ने से पहले थे। एक बहुत ही ज़रूरी और महत्त्वपूर्ण पुस्तक।
Na Kehne Ki Kala "न कहने की कला"
- Author Name:
Damon Zahariades
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sewa Paramo Dharmah : Sant Ishwar Sadhako Ki Gaurav Gatha
- Author Name:
Vrinda Khanna
- Book Type:

- Description: समाज के प्रति अगाध समर्पण के क्रम में संत ईश्वर फाउंडेशन की स्थापना 22 नवंबर, 2013 को स्मृतिशेष श्री खैरातीलालजी के द्वारा हुई। खैरातीलालजी ने इस फाउंडेशन का नामकरण उस मूल आधार पर किया, जहाँ से उनमें समाज व राष्ट्र की सेवा के भावों का बीजारोपण हुआ था। खैरातीलालजी के पिताजी का नाम श्री संतराम खन्ना व माताजी का नाम श्रीमती ईश्वरी देवी था, जिनके नाम पर ही फाउंडेशन का नामकरण संत ईश्वर फाउंडेशन के रूप में सार्थक हुआ है। 'संत ईश्वर फाउंडेशन' सामाजिक एकता, सामाजिक समरसता, सार्वभौम शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण के साथ ही गाँवों और दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत शिक्षा से वंचित साधनहीन गरीब लोगों के विकास के लिए एक संकल्पित न्यास है। उपर्युक्त संकल्पों को सहज रूप से पूर्ण करने के लिए संत ईश्वर फाउंडेशन, राष्ट्रीय सेवा भारती से संबद्ध होकर 'संत ईश्वर सम्मान' कार्यक्रम तथा “विद्या भारती' के साथ संबद्ध होकर जम्मू एवं कश्मीर में शिक्षण संस्थानों के कार्यों द्वारा अपने सेवा अभियानों को और अधिक गति प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयत्नशील है।
Smart Phone Ka Smart Istemal
- Author Name:
Sushrut Kulkarni
- Book Type:

- Description: श्री मान और श्रीमती देशमुख ने अपने बेटे की जिद की खातिर स्मार्ट फोन ले तो लिया, पर वे इसका पूरा उपयोग इस डर से नहीं कर पा रहे थे कि कहीं उनका फोन खराब न हो जाए। लेकिन थोड़े ही दिनों में श्रीमती और श्री देशमुख न केवल स्मार्ट फोन चलाने में माहिर हो गए, बल्कि आत्मविश्वास के साथ फोटो खींचकर वाट्सअप भी करने लगे। और तो और, मनचाहे गेम्स, ऐप्स भी डाउनलोड करने लगे। दोस्तो, यह कमाल कर दिखाया ‘स्मार्ट फोन का स्मार्ट इस्तेमाल’ पुस्तक ने! इस पुस्तक ने उन्हें नीचे दी हुई जानकारियाँ सचित्र समझाईं— • बॉक्स में मिला हुआ नया स्मार्ट फोन कैसे चालू करें? • कॉण्टेक्ट कैसे सेव करें और ग्रुप कैसे बनाएँ? • एस.एम.एस., ग्रुप एस.एम.एस. कैसे किए जाएँ? • किसी कार्यक्रम को देखने से पूर्व फोन सायलेंट कैसे करें? • इ-मेल कैसे भेजें? उससे फाइल कैसे जोड़ी जाए? • वीडियो या फोटो कैसे खींचें, और शेयर कैसे करें? • वॉलपेपर, थीम्स कैसे बदलें? • ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करें? और भी बहुत कुछ... इस पुस्तक में दी हुई छोटी-छोटी पर महत्त्वपूर्ण बातें सीख-जानकर देशमुख दंपती बेझिझक अपने स्मार्ट फोन की सारी सुविधाओं का उपयोग करने लगे। तो आइए, आप भी उनके जैसे ही ‘स्मार्ट फोन का स्मार्ट इस्तेमाल’ की उँगली पकड़कर स्मार्ट बनिए! स्टीफन नैप एक साहित्यकार, लेखक, दार्शनिक, अध्यात्मविद्, देशाटन-प्रेमी, फोटोग्राफर और लेक्चरर हैं। उन्होंने वैदिक दर्शन के गहन और सच्चे आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार करने के लिए निरंतर रूप से कार्य किया है। उनके कार्यों का मुख्य उद्देश्य भारत के आध्यात्मिक दर्शन और वैदिक संस्कृति के उत्कृष्ट ज्ञान को सरल और सटीक तरीके से समझाकर उनकी व्याख्या उपलब्ध कराना है, जिसके पास मानवता को देने के लिए बहुत कुछ है। अपने इस इरादे में वह अब तक सफल दिख रहे हैं। अनेक पाठकों ने इस बात के लिए उनकी प्रशंसा कि है कि जो बात समझ से परे और असीम लगती है, उनकी जटिलताओं को वह बड़ी सरलता से समझा देते हैं।
Toyota Success Story
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book