The Go-giver
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
गो-गिवर आमतौर पर बड़े लाभ अर्जित करते हैं; क्योंकि वे अपने ग्राहकों को प्रचुरता में मूल्य और एक शानदार अनुभव प्रदान करते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आप अपना प्रमुख ध्यान कहाँ रखते हैं? यदि आपका ध्यान लाभ पर पहले है तो शायद आप बड़ा मूल्य प्रदान करने के विभिन्न अवसर खो देंगे। जब आपका ध्यान आपके ग्राहकों के अनुभव पर होता है तो परिणाम स्वस्थ लाभ के रूप में मिलता है। एक देने वाली भावना आत्म-बलिदान, दूसरे पर निर्भरता या बलिदान की भावना नहीं होती। दूसरों के हितों को अपने से पहले रखने का, दूसरे व्य€त के बारे में अपनी जीत बनाना, जैसा कि सैम कहते हैं, यानी अपनी स्वयं की आवश्यकताओं और रुचियों को नकारना नहीं है। इसका मतलब यह भरोसा करना है कि जब आप दूसरों पर ध्यान देंगे तो आपकी आवश्यकताओं का ध्यान भी रखा जाएगा।
Read moreAbout the Book
गो-गिवर आमतौर पर बड़े लाभ अर्जित करते हैं; क्योंकि वे अपने ग्राहकों को प्रचुरता में मूल्य और एक शानदार अनुभव प्रदान करते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आप अपना प्रमुख ध्यान कहाँ रखते हैं? यदि आपका ध्यान लाभ पर पहले है तो शायद आप बड़ा मूल्य प्रदान करने के विभिन्न अवसर खो देंगे। जब आपका ध्यान आपके ग्राहकों के अनुभव पर होता है तो परिणाम स्वस्थ लाभ के रूप में मिलता है।
एक देने वाली भावना आत्म-बलिदान, दूसरे पर निर्भरता या बलिदान की भावना नहीं होती। दूसरों के हितों को अपने से पहले रखने का, दूसरे व्य€त के बारे में अपनी जीत बनाना, जैसा कि सैम कहते हैं, यानी अपनी स्वयं की आवश्यकताओं और रुचियों को नकारना नहीं है। इसका मतलब यह भरोसा करना है कि जब आप दूसरों पर ध्यान देंगे तो आपकी आवश्यकताओं का ध्यान भी रखा जाएगा।
Book Details
-
ISBN9789355215444
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Safal Aur Ameer Banane Ke 16 Secrets
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: " यदि आप अपने लिए सही समय के आने तक इंतजार करेंगे तो समय कभी सही नहीं होगा। आपके पास जो है, उसी से बेहतरीन काम करें; जब जरूरत बढ़ेगी तो बाकी के साधन भी जुट जाएँगे। यदि आपको लगता है कि आप कर सकते हैं तो आप कर लेंगे। अमीरी और गरीबी दोनों ही सोच से पैदा होते हैं। आप जो सोचते हैं, काफी हद तक वही आपकी दुनिया होती है। इस धरती पर कोई भी आपसे अपनी इच्छा के अनुसार सोचने के अधिकार को छीन नहीं सकता। इस कारण, आपका भाग्य सदैव आपके प्रभावी विचारों की प्रकृति से जुड़ा रहता है। न कर्ज लीजिए, न दीजिए; क्योंकि इससे कर्ज व दोस्ती दोनों डूब जाती हैं और कर्ज लेने से परिश्रम की धार कुंद हो जाती है। —इसी पुस्तक से विश्वप्रसिद्ध लेखक नेपोलियन हिल की प्रभावी लेखनी के ये विचार-रत्न आपकी सोच को सकारात्मक करके आपके अमीर होने के पथ को प्रशस्त करेंगे। यह छोटी सी पुस्तक सफलता के हर पहलू की छानबीन करेगी, जो पैसों और सांसारिक साधनों से बना होता है। इसके साथ ही यह पुस्तक सफलता के लिए आवश्यक कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण तत्त्वों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी, जैसे कि परिवार, दोस्त और अच्छी सेहत। "
Antharveekshane
- Author Name:
Poornima Hegade
- Book Type:

- Description: Antarveekshane (Geetha Kathayaana)
Ghar baithe Paisa Kamayen
- Author Name:
Shikha Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tenaliram Se Seekhen Samasyaon Ke Hal
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: हर व्यक्ति सफलता प्राप्त करना चाहता है, स्वयं को उत्कृष्टता के शिखर पर देखना चाहता है। मगर उत्कृष्टता के पर्वत पर पहुँचने के लिए एक-एक कदम उत्कृष्टता के साथ ही रखना पड़ता है । अगर लापरवाही से कदम बढ़ाया जाए तो फिसलने व गिरने का डर बना रहता है। उत्कृष्टता के शिखर तक पहुँचने के लिए अनिवार्य है कि पीछे छोड़नेवाले हर कदम को सर्वोत्तम बनाया जाए, ताकि वह न केवल दूसरों को मार्ग दिखा सके, बल्कि पीछे निशान भी छोड़ सके। उत्कृष्टता सदैव सकारात्मक परिणाम देती है। तेनालीराम एक ऐसे व्यक्ति थे, जो हर छोटे-बड़े काम को अपनी बुद्धि के साथ करते थे और कभी भी पीछे नहीं हटते थे। ज्ञान के चक्षु खोलने का कार्य शिक्षा करती है। तेनालीराम शिक्षित थे। उनकी शिक्षा ने भी उनके ज्ञान को बढ़ाया, जिस कारण वे हर कार्य को चतुराई से करके अपने शत्रुओं व प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते रहे। तेनालीराम केवल एक थे। उनके जैसा कोई नहीं बन सकता। मगर हाँ, उनकी कहानियों एवं उनके जीवन को जान कर कोई भी स्वयं को शिखर पर ले जा सकता है। हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए 'एक पठनीय पुस्तक ।
Aap Swayam Ko Badal Sakte Hain
- Author Name:
Raj Rishi Sharma
- Book Type:

- Description: कुछ क्षण ! कई बार कुछ क्षण ही मनुष्य के लिए पर्याप्त होते हैं उस की सोच, उसकी विचारधारा एवं उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को परिवर्तित कर देने के लिए। कुछ क्षण ही पर्याप्त होते हैं, जिनमें इतिहास ही परिवर्तित हो जाता है। इनका महत्व समझते हुए ही इनको हम व्यर्थ नहीं जाने देना चाहते। इनका समुचित उपयोग करते हुए कुछ ऐसा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि पाठकों की सोच व विचारधारा में अपेक्षित परिवर्तन हो सके। थोड़े से समय में ही उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आ जाए। समय एवं परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य मात्र में आमूल चूल परिवर्तन तो आते ही हैं। किन्तु अधिकांश इनमें समय लगता है तथा ऐसे परिवर्तन धीरे धीरे ही आते हैं अथवा उसके आने में कभी कभी बहुत ही समय लगता है। इस पर भी कभी कभी ऎसी बातों का समुचित प्रभाव होने के उपरांत भी व्यक्ति में संभावित परिवर्तन नहीं आ पाते। फिर भी इस सब के उपरांत भी इस बात की संभावना को कभी भी अस्वीकार नहीं किया जा सकता कि घटना या परिस्थिति कैसी भी हो, उसका मनुष्य के जीवन पर यथोचित प्रभाव होता ही है। तो फिर चाहे ऎसी परिस्थिति या ऐसे क्षणों का जो भी प्रभाव होता है, विशेषता सकारात्मक। हमारा विश्वास है कि जैसे जैसे पाठक इस पुस्तक को पढते जाएंगे, उनकी सोच या विचारधारा में परिवर्तन आता चला जाएगा तथा उनमें सकारात्मक प्रभाव तथा उसके अनुरूप परिवर्तित भी होता चला जाएगा।
Tejaswi Man
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: "मैं यह पुस्तक इसलिए लिख रहा हूँ ताकि मेरे युवा पाठक उस आवाज को सुन सकें, जो कह रही है-' आगे बढ़ो ' । अपने नेतृत्व को हमें समृद्धि की ओर ले जाना चाहिए । रचनात्मक विचारोंवाले युवा भारतीयों के विचार स्वीकृति की बाट जोहते-जोहते मुरझाने नहीं चाहिए । जैसाकि कहा गया है-चितन पूँजी है, उद्यम जरिया है और कड़ी मेहनत समाधान है । युवा पीढ़ी ही देश की पूँजी है । जब बच्चे बड़े हो रहे होते हैं तो उनके आदर्श उस काल के सफल व्यक्तित्व ही हो सकते हैं । माता-पिता और प्राथमिक कक्षाओं के अध्यापक आदर्श के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं । बच्चे के बड़े होने पर राजनीति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत् से जुड़े योग्य तथा विशिष्ट नेता उनके आदर्श बन सकते हैं । -इसी पुस्तक से भारत के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम डॉ. ए.पीजे. अब्दुल कलाम ने आनेवाले वर्षों में भारत को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का स्वप्न देखा है; और इसे साकार करने की संभावना उन्हें भारत की युवा शक्ति में नजर आती है । हम बच्चों- युवाओं को प्रेरित कर उन्हें शक्ति-संपन्न भारत की नींव बना सकें, यही इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य है । प्रत्येक चिंतनशील भारतीय के लिए पठनीय पुस्तक । "
Ichchha Shakti
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: "इच्छाशक्ति मनुष्य की वह अप्रतिम शक्ति है, जो पहाड़ों के सीने चीरकर उनमें से नदियाँ बहा सकती है। इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं, जो मनुष्य की इच्छाशक्ति का गुणगान करते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में इनकी विस्तार से चर्चा है। दरअसल, हमारे छोटे-से-छोटे और बड़े-से-बड़े सभी कार्यों के क्रियान्वयन में इच्छाशक्ति की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इच्छाशक्ति के अभाव में हम मेज पर रखा एक गिलास पानी तक उठाकर नहीं पी सकते, फिर बड़े कार्यों की तो बात ही क्या। इच्छाशक्ति के पैदा होते ही हमारे शरीर की सोई पड़ी अनेक शक्तियाँ चैतन्य हो जाती हैं और वे सब एक सामूहिक शक्ति में बदलकर हमें अपने अभीष्ट से मिला देती हैं। प्रस्तुत पुस्तक सोई हुई इच्छाशक्ति को जगाकर लक्ष्य-प्राप्ति, सफलता और जीवन के तमाम अभीष्ट पाने का मार्ग बताती है। "
Divya Sambandhon Ka Mahattva
- Author Name:
Aruna Ladva
- Book Type:

- Description: संबंधों को हम किस प्रकार निभाते हैं, इस विषय को गहराई से व्यक्त करती है यह पुस्तक। क्या हम उनके प्रति मददगार और उदार हैं या स्वार्थवश केवल लाभ उठाते हैं? किस प्रकार हम अपने संबंधों में संतुष्ट और परिणामदर्शी बन सकते हैं? क्या होता है, जब बातें हमारे मुताबिक नहीं होतीं या समस्याओं से हमारा सामना होता है? जैसे ही मैंने जीवन और संबंधों के प्रति इस पद्धति का अभ्यास किया तो मैंने महसूस किया कि अब मैं दूसरों को कम दोषी ठहराती थी और अपनी प्रतिक्रियाओं व भावनाओं को और भी कारगर तरीके से सँभाल पाती थी। ऐसा करने से छोटी उम्र से ही एक आत्मविश्वास और आंतरिक ज्ञान की भावना पैदा हुई। यह पुस्तक किसी भी प्रकार से निश्चित मार्ग-प्रदर्शक नहीं है; बल्कि यह मेरे कुछ विचारों, अवलोकनों और अनुभवों का संकलन है, जो मेरी व्यक्तिगत यात्रा में एकत्र हुए हैं। संभवतः इनमें से कुछ आपको अपने जीवन से संबंधित प्रतीत होंगे।
Teachers
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: ‘टीचर’ मतलब—शिक्षक! यह शब्द ही हमें मनुष्य को सांस्कारिक और बौद्धिक राह पर ले जानेवाला दिखता है। शिक्षक सिर्फ तनख्वाह लेकर विषयों को पढ़ानेवाला कोई व्यक्तित्व नहीं है, बल्कि व्यक्ति के जीवन की हर समस्या का समाधान एवं मनुष्यत्व का पाठ पढ़ानेवाला एक महान् व्यक्तित्व है। इस पुस्तक में प्रसिद्ध समाजधर्मी संजय राय ‘शेरपुरिया’ ने एक शिक्षक के जीवन में आवश्यक साकारित गुणों का विवरण दिया है, जो व्यक्ति को एक श्रेष्ठ व्यक्तित्व में बदल सकते हैं।
Super Child
- Author Name:
Rohit Mehra (Irs)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Vivekananda Se Seekhen Leadership Ke Gurumantra
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद युगप्रवर्तक थे। पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े भारतवर्ष की स्वाधीनता के लिए उन्होंने निराश समाज को जाग्रत किया; उसकी पराजित मनस्थिति को संबल दिया। उनके विचार जटिल थे और तत्समय की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित थे। तत्कालीन समाज पतन की ओर अग्रसर था और तरह-तरह के अंधविश्वासों में जकड़ा हुआ था। विवेकानंद इससे दुःखी और परेशान थे। अंग्रेज औपनिवेशिक शासन के कुप्रभावों से भी वे अनजान नहीं थे। विवेकानंद का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए संघर्ष को आध्यात्मिक आधार दिया और नैतिक व सामाजिक दृष्टि से हिंदू समाज के उत्थान के लिए काम किया। यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद के नेतृत्वकर्ता के अप्रतिम विचारों का मणिरत्न है। इसका अध्ययन कर हर वर्ग के पाठक अपनी आत्मिक, आध्यात्मिक एवं वैयक्तित्व उन्नति का पथ प्रशस्त कर सकते हैं और जीवन में सुख-संतोष-सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
Mujhe Banna Hai Super Ameer
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ab Hamen Badalna Hoga
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: "विगत वर्षों में हमारे अधिकतर आई.टी. कार्यालय निश्चित स्थान पर 9 से 5 के परंपरागत काम के ढर्रे से काफी आगे निकलकर मोबाइल वर्क प्लेस और सुविधानुसार समय तक पहुँच गए हैं। रिक्रूटमेंट और परफॉर्मेंस रेटिंग स्वचालित हो चुके हैं। हाजिरी मोबाइल या हस्तचालित उपकरणों के जरिए होने लगी है। अगर 10 सालों में हम निश्चित स्थान के कार्यस्थल से चलते-फिरते कार्यस्थल तक का सफर तय कर चुके हैं तो कल्पना कीजिए, अगले पाँच सालों में और क्या हो जाएगा! बड़ी कंपनियाँ नई कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा महसूस करने लगी हैं और नई कंपनियाँ कुछ बड़ी सड़कों या मॉल की खुदरा दुकानों की तरह खुल रही हैं। जागने से सोने तक का सबकुछ बदलने ही वाला है और अगर हम इस बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे तो प्रतिस्पर्धा में टिक पाना हमारे लिए कठिन होगा। अत: ऐसे परिवेश में हमें अपने आपको बदलना होगा। क्यों और कैसे बदलना होगा—यह इस पुस्तक में बताया गया है। बदलाव के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और सही सोच विकसित करनेवाली एक व्यावहारिक पुस्तक। "
20 Super Women
- Author Name:
Prachi Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Murder Procrastination
- Author Name:
Sanjay Kumar Agarwal
- Rating:
- Book Type:

- Description: This is a unique book of its kind dealing with Procrastination at its core. This book revolves around understanding the brain’s mechanism behind ‘why’ & ‘where’ we procrastinate and how we can use the power of our subconscious mind to overcome inner procrastination — the silent killer. The author has also shared how to use the ‘GOPTA Mindset’ to overcome the unresourceful tendency of procrastination and install the anti-virus of 3 Stage ‘Prioritisation System’ in your subconscious mind so that you enhance your productivity and boost your profitability in whatever you do. The author has explained the chemistry of the brain related to procrastination and how you can utilize the power of your subconscious mind to overcome procrastination so that you move towards the life of your dreams at a faster pace. He has dealt in detail with the factors behind procrastination and strategy to overcome each of them separately.
Satya-Vrat Katha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

-
Description:
यह प्रबन्धन का युग है। हर क्षेत्र में हर बात में प्रबन्धन है। जीवन में सफलता अर्जित करने के जितने सूत्र हैं, उनमें से एक प्रमुख है सत्य और सत्य का भी अपना प्रबन्धन होता है। वैसे तो ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ बहुत प्राचीन है लेकिन इसमें प्रबन्धन के जो सूत्र आए हैं, वे बिलकुल नवीन हैं, आज के लिए उपयोगी हैं और हर क्षेत्र में सफलता को सुनिश्चित करते हैं। इस कथा में पाँच अध्याय हैं और प्रत्येक में प्रबन्धन के गूढ़ सूत्र हैं। पहले अध्याय में सेवा प्रबन्धन, दूसरे में सम्पत्ति प्रबन्धन, तीसरे में सन्तान प्रबन्धन, चौथे में संघर्ष प्रबन्धन और पाँचवें में संस्कार प्रबन्धन को देखा जा सकता है।
हम देख रहे हैं कि वर्षों से अनेक परिवारों में, कई स्थानों पर ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ हो रही है। हमने ही इसको एक पारम्परिक, पारिवारिक और सामान्य-सा धार्मिक आयोजन बना दिया है। या तो हम स्वयं कथा करते हैं या किसी विद्वान् से करवाते हैं। पंडित जी आते हैं, संस्कृत या हिन्दी में कथा करते हैं। घर की महिलाएँ रसोईघर में प्रसाद बनाने में व्यस्त रहती हैं। बच्चे इस दिन जितना हो सके उपद्रव कर लेते हैं। यजमान या तो फ़ोन सुनेंगे या कौन आया, कौन नहीं आया यह सब देखने में ही उनका समय बीत जाता है। कथा आरम्भ होती है, कथा समाप्त हो जाती है। हमने इसको एकत्र साधारण-सा आयोजन बना दिया है। यह कथा ऐसी सामान्य कथा नहीं है। इस कथा के पीछे भाव यह है कि जीवन में ‘सत्य’ उतरे। इस कथा में दो प्रमुख विषय हैं। एक है संकल्प की विस्मृति और दूसरा है प्रसाद का अपमान। संकल्प की विस्मृति और प्रसाद का अपमान ये दो थीम हैं, जिनके आसपास यह कथा चलती है। संकल्प, जीवन में सत्य उतारने का। इसका प्रसाद क्या है? क्या पंजीरी या शुद्ध घी में बना हुआ हलवा...? वास्तव में ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ का प्रसाद है ‘सत्य’।
तो जीवन में जो भी सत्य को विस्मृत करेगा, जब-जब भी उसको भूल जाएगा, तब-तब परेशानी में पड़ेगा। जीवन में जब-जब भी हम सत्य के प्रसाद का अपमान करेंगे यानी सत्य का अपमान करेंगे, तब-तब हम अपने-आप को संकट में पाएँगे। इस कथा में जो प्रसंग आए हैं यदि उनके भाव को ठीक से समझा जाए तो स्पष्ट सन्देश निकलकर आता है कि यह सत्य के अन्वेषण की कथा है। इसमें विशेषता है कि सत्य के साथ नारायण जोड़े गए हैं। सत्य को नारायण का भगवान् का टेका, सहारा, आधार और बल दिया गया है।
Saal Mein 1000 Productive Ghante Kaise Badhayen
- Author Name:
Sanjay Kumar Agarwal
- Book Type:

- Description: यह अपनी तरह की अनूठी पुस्तक है, जो कि ‘समय प्रबंधन’ और ‘लक्ष्य निर्धारण’, दोनों के कौशल विस्तार से समझाती है। यह पुस्तक तीन प्रमुख अवधारणाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। पहली अवधारणा ‘नकारात्मकता’ से ‘सकारात्मकता’ की ओर बढ़ने के बारे में है, चाहे वह आपके विचार, कार्य, व्यवहार, भाषा या समय-उपयोग के पैटर्न आदि के स्तर पर हो। दूसरी अवधारणा अवचेतन मन की असीम शक्तियों को समझकर अपने सपनों के जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रभावी रूप से इसका इस्तेमाल करना है और तीसरी अवधारणा ‘कर्म सिद्धांत’ को समझने और इसके लाभों का दोहन अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने के बारे में है। लेखक ने खुलासा किया है कि कैसे GOPTATM ‘लक्ष्योन्मुख सकारात्मक सोच एवं कार्य’ का उपयोग करके प्रतिदिन 3 उत्पादक घंटे प्राप्त कर सकते हैं (प्रतिवर्ष लगभग 1000 उत्पादक घंटे), जो आप जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने में इस्तेमाल कर सकते हैं।
Prasannata
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: "प्रसन्नता मनुष्य का एक ऐसा गुण है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी उसे सहज, सरल, सामान्य और रचनात्मक बनाए रखता है। चेहरे पर मौजूद प्रसन्नता व्यक्ति विशेष का तो दर्द कम करती ही है, उसके संपर्क में आनेवाले व्यक्ति के दुःख-दर्द भी हर लेती है। जीवन की एक सचाई से सभी परिचित हैं कि मौजूदा परिस्थितियों का सामना हमें करना ही होगा—अब यह हम पर है कि हम हँसकर करें या रोकर। प्रस्तुत पुस्तक यही सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी प्रसन्न कैसे रहा जाए। जो महत्त्व भोजन में नमक का है, वही जीवन में प्रसन्नता का। प्रसन्नचित्तता से बड़ी-से-बड़ी समस्याओं का हल आसानी से निकाला जा सकता है। तनामुक्त रहने, प्रसन्न और प्रफुल्लित रहने के व्यावहारिक सूत्र बताती एक जीवनोपयोगी पुस्तक। "
Jaisa Manushya Sochta Hai
- Author Name:
James Allen
- Book Type:

- Description: "जैसा मनुष्य सोचता है" (As a Man Thinketh) - जेम्स एलन द्वारा लिखित, एक अद्भुत सोचने की शक्ति के महत्वपूर्ण ग्रंथ। यह पुस्तक एक व्यक्ति की मानसिक अवस्था को उसके सोचने के तरीके द्वारा व्यक्त करती है और विश्वास करती है कि मनुष्य की सोच उसके भविष्य को निर्मित करती है। इस पुस्तक में जेम्स एलन अपने सिद्धांतों के माध्यम से प्रदर्शित करते हैं कि एक व्यक्ति के विचारों में समझदारी और सकारात्मकता भरे अनुभवों का संग्रह होता है, जिससे वह अपने जीवन को समृद्ध और सफल बना सकता है। यह पुस्तक साधारण भाषा में लिखी गई है, जिससे पाठक आसानी से इसके सिद्धांतों को समझ और अपने जीवन में उन्हें अमल कर सकते हैं। "जैसा मनुष्य सोचता है" एक अनमोल पुस्तक है जो समझदार और सकारात्मक सोच के महत्व को साझा करती है, जिससे पाठक अपने जीवन के रूपरेखा में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यह उन व्यक्तियों के लिए एक आवश्यक पठन है जो अपने सपनों को प्राप्त करने और सफलता के मार्ग में अग्रसर होना चाहते हैं।
Narrative Ka Mayajaal Paperback
- Author Name:
Balbir Punj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book