Prasiddh Vaigyanik Aur Unke Aavishkaar
Author:
SurjeetPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Self-help0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
प्रस्तुत पुस्तक में उन्हीं साहसी, धुन के धनी लोगों की सच्ची कहानियाँ पेश हैं और इस उद्देश्य से प्रस्तुत की जा रही हैं कि उन्हें पढ़ने के बाद तुम्हारे मन में भी अपने राष्ट और देश से प्रेम उत्पन्न हो और तुम यह प्रतिज्ञा कर लो कि उन लोगों की तरह तुम भी कोई ऐसा कारनामा करोगे जो तुम्हारे देश और राष्ट्र के लिए लाभदायक सिद्ध हो। इस प्रकार राष्ट्र का बच्चा-बच्चा तुम पर और तुम्हारे कारनामों पर गर्व करेगा और तुम्हारा नाम सदैव के लिए जीवित हो जाएगा।
ISBN: 9789386001498
Pages: 80
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
NAUKARI NAHIN, BUSINESS IDEA DHOONDHO
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: "आज कहीं नौकरी करने की तुलना में स्वतंत्र कर्मी बनना बल्कि अपने खुद का बिजनेस शुरू करना आसान है। इसकेलिए आपकी लगन, मेहनत, दूरदर्शिता, निर्णय-क्षमता और नए-नए आइडिया ही सफलता का मार्ग खोलेंगे, इसलिए ‘नौकरी नहीं, बिजनेस आइडिया’ आपके स्वर्णिम भविष्य का आधार है। प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु एवं वक्ता श्री एन. रघुरामन के दीर्घ अनुभव से उपजे ये फंडे आपको नई ऊर्जा देंगे और आपका आत्मविश्वास जाग्रत् करेंगे— जीवन में किसी क्षेत्र में सच्ची रुचि जागती है, तो अवसर दरवाजे खटखटाते हैं। कुछ के जीवन में जल्दी तो कुछ के देर से। बिजनेस और भरोसा भी साथ-साथ चल सकते हैं। बस इसके लिए सही तालमेल बैठाने की जरूरत है। अपने दरवाजे पर बड़े अवसरों की दस्तक का इंतजार मत कीजिए, छोटी पहल करके उनकी तलाश कीजिए। वे आपके लिए बड़े दरवाजे खोल देंगी। जब आप क्वालिटी से समझौता करते हैं तो कोई भी बिजनेस क्यों न हो, वह ग्राहकों की उदासीनता का शिकार होने लगता है। "
31 Habits of Winning
- Author Name:
Deepak Anand
- Book Type:

- Description: 31 Habits ऑफ Winning' पुस्तक प्रमुख आदतों को विकसित करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका है, जो जीवन में सफलता और संतुष्टि की ओर ले जा सकती है। पुस्तक में लक्ष्य निर्धारित करने तथा समय को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने से लेकर अनुकूलन करने और सकारात्मक रिश्तों को बढ़ावा देने तक विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। प्रत्येक अध्याय को पाठकों को अपने जीवन में इन आदतों को विकसित करने में मदद करने के लिए विस्तृत अंतर्दृष्टि, व्यावहारिक सुझाव और प्रेरणादायक कहानियाँ प्रदान करते हुए रचित किया गया है। यह पुस्तक आत्म-अनुशासन, प्रतिकूल परिस्थितियों में अनुकूलन और समय प्रबंधन की कला जैसे विषयों पर भी प्रकाश डालती है, जो पाठकों को उनके दैनिक जीवन में लागू करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ प्रदान करती है। यह निरंतर सुधार के महत्त्व पर जोर देती है, पाठकों को प्रतिक्रिया लेने, एक मजबूत कार्यनीति विकसित करने तथा स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करती है। आप अपने रिश्तों को बेहतर बनाना चाहते हों, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हों या बस एक अधिक संतुष्टिदायक जीवन जीना चाहते हों तो '31 Habits ऑफ Winning' में इन आदतों को विकसित करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका दी गई है।
Kar Vijay Har Shikhar
- Author Name:
Premlata Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Atalji Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description: "एक दोपहर अटलजी और दीनदयालजी जमीन पर चटाई बिछाकर लेट गए। वहीं सिराहने कुछ ईंटें रखी हुई थीं। दोनों ने उन्हीं ईंटों को तकिए की तरह अपने सिर के नीचे लगा लिया। उस समय भारत प्रेस के हिसाब-किताब का काम श्री राधेश्याम कपूरजी देखा करते थे। वैसे तो उनकी अमीनाबाद में अपनी दुकान भी थी, लेकिन वे उसमें कम ही बैठते, क्योंकि उनका दिल तो भारत प्रेस में ही लगा रहता था।...तो अचानक वे आ गए और दोनों को ऐसे सोता देख द्रवित हो उठे, जबकि सच तो यह है कि अटलजी और दीनदयालजी को किसी भी प्रकार का कोई कष्ट महसूस ही नहीं हुआ था, वे दोनों तो थकान के बाद की नींद का आनंद ले रहे थे। बाद में तो यह अकसर ही होने लगा। कोई भी सोता तो उन्हीं ईंटों का तकिया लगा लेता। उन दिनों संघ की शाखा में रोज कबड्डी खेली जाती थी। अटलजी को भी कबड्डी खेलना बड़ा अच्छा लगता था, लेकिन वे ठीक से खेल ही नहीं पाते थे। खेल के नियम तो सारे जानते थे, लेकिन दरअसल कारण यह था कि उन दिनों वे बहुत दुबले-पतले हुआ करते थे, इसलिए वे जिसके भी पाले में आते, उस पाले के स्वयंसेवक अपना सिर पकड़ लेते। —इसी संग्रह से भारत रत्न अटलजी जननायक थे, कवि-साहित्यकार थे, सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता लिये संवेदना से भरपूर एक महान् विभूति थे। उनकी स्मृतियाँ सँजोने का एक विनम्र उपक्रम है यह पुस्तक, जो पाठकों को प्रेरित करेगी। "
Sakaratmak Soch
- Author Name:
C. S. Mishra
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक के मूल स्वरूप में ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ की संजीवनी से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हेतु परस्परता की कड़ी को ‘प्रबन्धन’ की चाबी से जोड़ने का अभूतपूर्व सोपान तैयार किया गया है।
आप पर सदैव के लिए, आपके अतीत का बोझ नहीं लादा जा सकता है। आपको यह विकल्प उपलब्ध है कि आप नकारात्मकता को पीछे छोड़ दें और सकारात्मकता को अपने साथ लेकर आगे चलें और यह अच्छा ही है कि कड़वी स्मृतियों को पीछे छोड़ दिया जाए। बोझ का नकारात्मक आकार असुरक्षा, निम्न आत्मसम्मान, भय, क्रोध, संशय आदि है। कभी-कभी वे आपके अवचेतन मन में इतने गहरे दबे हुए होते हैं कि उन्हें समूल उखाड़ फेंकना बड़ा कठिन होता है। यदि आप नकारात्मक दृष्टिकोण का बोझ उठाए चलते हैं, तो आपके ऐसा सोचने की प्रबल सम्भावना है कि अतीत में जो कुछ आपके साथ हुआ है, भविष्य में भी वैसा ही होगा। आज के चुनौती-भरे संसार में यह महत्त्वपूर्ण है कि आप में उत्साह हो और इससे भी ऊपर अपने जीवन के सभी पहलुओं के विषय में आपमें सकारात्मक चिन्तन हो। विचार-प्रबन्धन, अपने नकारात्मक चिन्तन को सकारात्मक चिन्तन में बदल देने के अलावा और कुछ नहीं है। यदि आपने नकारात्मक भावों और विचारों पर विजय पाने के लिए स्वयं को तैयार करने का निर्णय कर लिया है, तो इसके लिए समझो, आपने एक सही पुस्तक का चयन कर लिया है।
यह पुस्तक आपको अपने विचारों को नकारात्मक से हटकर सकारात्मक विचारों में परिवर्तित करने और उनका अच्छा प्रबन्धन करने के अनेक तरीक़े एवं भरपूर साधन प्रदान करती है।
Asafalata ki Aisi Ki Taisi
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: अच्छा मनुष्य बनने के अंक क्यों नहीं? परीक्षा केवल गणित, विज्ञान, भाषाओं इत्यादि की ही क्यों ली जाती है? और नागरिकशास्त्र जैसे विषय की परीक्षा भी लिखित ही ली जाती है। बच्चे जीवन में कितना ग्रहण करते हैं, क्या वह महत्त्वपूर्ण नहीं है? विद्यार्थी कितने ईमानदार हैं, निःस्वार्थी हैं, साहसी हैं, स्वच्छताप्रिय हैं...क्या ये सब महत्त्वपूर्ण नहीं है? इन बातों का कोई नाम नहीं लेता, ऐसा क्यों? कोई विद्यार्थी स्वार्थी हो, अपशब्द बोलता हो, बुरा व्यवहार करता हो, परन्तु कुछ भी करके सबसे अधिक अंक प्राप्त कर ले, तो उसे शाबाशी मिले। इसके विपरीत कोई दूसरा विद्यार्थी गुणवान हो, सेवाभावी हो, सदैव अच्छा आचरण करता हो, परन्तु वह मध्यम दर्जे के अंक ही ला पाए, तो वह निम्न स्तर का कैसे हो गया?
Classroom ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: मेरी बेटी बेहतर विकल्पों के लिए बाहर चली गई है, मेरी पत्नी अपने कॅरियर में व्यस्त है तो खाना अब पहले की तरह ‘स्वादिष्ट’ नहीं रहा, जिसमें प्रेम, लगाव, देखभाल करनेवाले शब्दों के साथ पूछताछ होती थी। सबसे बढ़कर वह वात्सल्य होता, जो इस धरती पर तो केवल माँ ही दे सकती है, खासतौर पर अपने बच्चों को। जब भी किसी दिन मैं अकेला भोजन के लिए बैठता हूँ तो मेरे कानों में माँ के शब्द गूँजते, ‘क्या तुम कुछ और खाओगे,’ ‘आज तुमने क्या खाया है,’ और मैं मूर्खों की तरह चारों ओर देखता हूँ, जबकि मुझे अच्छी तरह मालूम है कि ऐसे पूछनेवाला आस-पास कोई नहीं है। भीतर कहीं हूक सी उठती है कि कोई यह पूछनेवाला नहीं है। साफ कहूँ तो अब उन शब्दों में संगीत सुनाई देता है, फिर चाहे आँखें भीग ही क्यों न आई हों। कभी-कभी तो मैं अकेले खाने से घबराने लगता हूँ। शायद इसलिए बडे़-बुजुर्ग कहते हैं कि पूरे परिवार को कम-से-कम एक बार भोजन साथ लेना चाहिए। —इसी पुस्तक से क्लासरूम की ये प्रेरक कहानियाँ हमारे आस-पास तथा दैनिक जीवन से संबंधित हैं। कुछ नया करने की प्रेरणा देनेवाली कहानियाँ।
Diya Nahin to Kya Jiya
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: Diya Nahin to Kya Jiya
Saavu
- Author Name:
Supreeth K N
- Book Type:

- Description: Novel based on death. ಇಂದ್ರಿಯಗಳಿಂದಾಚೆ ಯೋಚಿಸದ ಹೊರತು; 'ನಾನು ಯಾರು?' ಎಂದು ಅರಿವಾಗುವುದಿಲ್ಲ. 'ನಾನು ಯಾರು?' ಎಂದು ಅರಿವಾಗದ ಹೊರತು, 'ಸಾವು' ಅರ್ಥವಾಗುವುದಿಲ್ಲ. 'ನೀನು ಯಾರು?' ಎನ್ನುವ ಅರಿವು ನಿನಗಿದೆಯಾ?
Secrets of Leadership
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: कार्य समूह (टीम) के बिना नेतृत्वकर्ता का कोई अस्तित्व नहीं है। दोनों एक साथ मिलकर समूह के भीतर पारस्परिक संबंध की रचना करते हैं। और समूह की सफलता इस बात निर्भर करती है कि दोनों—नेतृत्वकर्ता व कार्य समूह—कैसे एक साथ मिलकर काम कर पाते हैं। लेकिन ऐसा तब हो पाता है, जब कार्य-स्थल में नेतृत्वकर्ता व कार्यकर्ता के बीच का अस्वाभाविक असुरक्षा भाव खत्म हो जाता है और स्वाभाविक ‘मानवीय सुरक्षा-चक्र’ (ह्यूमन सेफ्टी सर्किल) का निर्माण होता है। फिर कार्य समूह के सदस्य एक-दूसरे पर भरोसा करने लगते हैं। उनके बीच आपसी सहानुभूति बढ़ती है। वे एक-दूसरे के लिए कुछ करने को तैयार हो जाते हैं और उनके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह पाता है। यही है नेतृत्व का मानव-विज्ञान (ह्यूमन साइंस)। मानव विज्ञान यानी मानवीय मूल्यों पर आधारित नेतृत्व करनेवालों को बहुत अच्छी तरह से पता होता है कि स्वयं के ऊपर दूसरों की जरूरतों व हितों को स्थान देने की इच्छा ही नेतृत्व का सच्चा मूल्य है। व्यक्तित्व को तराश-निखारकर लीडरशिप के गुणों का विकास करनेवाली एक पठनीय पुस्तक, जो आपके भीतर के लीडर को सामने लाएगी।
Bhavnaon Ke Toofan Mein Bhi Mahak Sakati Hai Yeh Jindagi !
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: हम जिन भावनाओं को महसूस करते हैं उनसे कभी अपराधबोध अनुभव करने की जरूरत नहीं है, ऐसी भावनाओं का अनुभव तो सभी करते हैं। जब कभी हम अत्यन्त नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करते हैं, तो भीतर-ही-भीतर खूब क्षोभ महसूस करते हैं। वास्तव में यह क्षोभ उसी मान्यता से जन्म लेता है कि हममें नकारात्मक भावनाएँ नहीं उठनी चाहिए, ऐसी नकारात्मक भावनाएँ पैदा होना बहुत बुरी बात है।
Mutthi Mein Jeet
- Author Name:
C. S. Mishra
- Book Type:

-
Description:
आज की नकारात्मक समाजार्थिक परिस्थितियों और कम अवसरों के बरक्स बढ़ती स्पर्द्धा के बीच ख़ासकर हमारे युवाओं के सामने सफल जीवन की आकांक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। हताशा एक सामान्य सामाजिक स्थिति है और हर आनेवाली पीढ़ी उसके सामने और ज़्यादा असहाय दिखाई देती है।
इसीलिए ऐसे संस्थानों, लोगों और पुस्तकों की बाढ़ आ गई है जो युवाओं को तरह-तरह से सफल होने के सूत्र थमाते रहते हैं; व्यक्तित्व-विकास के नाम पर उन्हें अधकचरी और भ्रामक सामग्री देते रहते हैं।
यह पुस्तक इस पूरे घटाटोप में एक अनूठी पद्धति के साथ सामने आती है और युवाओं को सफलता के वास्तविक अर्थ समझाते हुए इस तरह निर्देशित करती है कि वे धनार्जन को ही सफलता न मानें, बल्कि अपने वजूद की सम्पूर्ण उपलब्धि के रूप में उसे देखें।
'श्रेयस्कर लक्ष्यों की उत्तरोत्तर प्राप्ति ही सफलता है'—अर्ल नाइटिंगेल की इस परिभाषा को आधार बनाते हुए यह किताब सरलता से हमारी सोच, हमारे संस्कार और विचार-शैली को मनोवैज्ञानिक ढंग से एक अलग धरातल पर ले जाती है।
उपसंहार में स्वयं के मूल्यांकन की एक सरल प्रणाली इसे और मूल्यवान बनाती है।
Google Success Story
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Join Happy Couples Club
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: A disease called ‘Paris Syndrome’ is common among Japanese tourists. Symptoms of this disease appear as depression and nausea in the patient. The cause of this disease is their disappointment that they didn’t find Paris as beautiful and romantic as they expected it to be. The thoughts of disappointment cause emotional turbulence in them; in other words their brain refuses to accept that Paris is not as beautiful and romantic, or their high expectations from Paris remain unmet and unfulfilled. This sense of disappointment and unfulfilled expectations make the tourists patients of ‘The Paris Syndrome’. They can avoid this disease if only they learn to accept the reality of Paris. Romantic relationships and marriage thereafter leave couples disillusioned big time and the reality of marriage hits them hard. They get shocked by the experience of a life that is not all rosy and romantic after marriage as they had expected it to be. The concepts of ‘Prince Charming’ and ‘Dream Girl’ start appearing like a fairy tale to them. Across the world, nearly 50% of marriages end in divorce, and after that people either remain single all their lives fearing new beginnings or start their search for a new partner repeating the same cycle of relationship, marriage, conflict and divorce. Success rate of marriages on the basis of love is really low. People often stay in marriages for their own compelling reasons such as kids, social background, fear of new risks etc. But love can be kept alive even after marriage, only with the simple acceptance of the fact that “Men and Women are different from each other”. Physically, psychologically, mentally, biologically, men and women are different on all levels. Neither men are superior to women, nor are women better than men. This book intends to elaborate on this simple fact and strengthen your love relationship by bringing peace and harmony to it. Get ready to reignite the romance in your life and relationship.
Zero Se Gold Medalist
- Author Name:
B.P. Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक ऐसे छात्र के जीवन का निचोड़ है, जो बचपन में बेहद शरारती था और किसी भी चीज के प्रति गंभीर नहीं था। उसका एकमात्र काम दोस्तों के साथ खेलना-कूदना, भाग-दौड़ और बेवजह टाइम पास करना था; पढ़ाई से उसका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। शुरुआती कक्षाओं में जैसे-तैसे बस पास होता गया। दसवीं में थर्ड डिविजन से पास हो पाया, पर ग्यारहवीं में फेल हुआ तथा बारहवीं सेकेंड डिविजन से पास की। फिर स्नातक के पहले सेमेस्टर के बाद से उसके साथ कुछ ऐसी घटनाएँ हुईं, जिससे वह क्लास में मेधावी छात्रों में स्थान बनाने लगा। जो शिक्षक अभी तक उसे कमजोर और सामान्य छात्र मान रहे थे, अब वे ही शिक्षक उसके प्रति अपना रवैया बदल चुके थे। सभी उसे बेहद गंभीरता से लेने लगे थे। वह सभी शिक्षकों की दृष्टि में बेहतरीन छात्र साबित होने लगा और आगे चलकर अपने विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट बनकर निकला। फिर कई प्रतियोगी परीक्षाएँ भी पास कीं। अतः यह पुस्तक उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो यह नहीं जानते कि विद्यार्थी जीवन को कैसे सफल बनाया जाए? जब एक ऐसा छात्र, जिसका विद्यार्थी जीवन में शुरुआती कई वर्षों तक पढ़ाई से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था, यदि वह छात्र गोल्ड मेडलिस्ट बन सकता है तो फिर आप क्यों नहीं? छात्र-जीवन में सफलता प्राप्त करने के व्यावहारिक और कारगर टिप्स बतानेवाली अत्यंत पठनीय प्रेरक पुस्तक।
Leap of Faith
- Author Name:
Sumer Sethi
- Book Type:

- Description: The book is another master piece by the dynamic writer. It compels the reader to sit back and think about the phenomenon called ‘life’. It stirs the reader's mind with a great deal of positivity. It is subtle yet stimulating. The chapters outline the complete process of life and actions. The reader would experience relief from the complex process of thinking. It would have an undiminishing impact on readers' minds. It requires a great deal of intelligence to interpret stimuli into words. The art is to perceive signals/hints in the right way, act to amplify your efforts, and live life with passion. The author has a great way of saying that life is swift, realise its potential. We live in a world where time is the most significant constraint. So we need to live by making the right decisions. And such decisions should be quick and correct. Never lose faith in ourselves and live it with a purpose. That is the true meaning of life.
Mind Management
- Author Name:
Anandmurti Gurumaa
- Book Type:

- Description: आनन्दमूर्ति गुरुमाँ संपूर्णता की परिभाषा हैं। स्वयं प्रेम, करुणा, आनंद और दयालुता का प्रत्यक्षीकरण होने के साथ-साथ आधुनिक दृष्टिकोण से सुसज्जित आपके ज्ञानपूर्ण प्रवचन हर जिज्ञासु के लिए अध्यात्म के नवीन मार्ग खोल देते हैं। आपकी ओजपूर्ण आभा के परिणामस्वरूप सहज ही आंतरिक शांति व आत्मानुभूति का वातावरण तैयार हो जाता है। आपका प्रेमभरा व्यक्तित्व व आपके द्वारा दिए गए जीवन को सुंदरतम ढंग से जीने के सूत्र, हर मानव को प्रेम व अध्यात्म की ज्ञान ऊर्जा से आपूरित कर देते हैं।
Har Din 24 Ghante Kaise Jiyen
- Author Name:
Arnold Bennett
- Book Type:

- Description: समय की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे आप एडवांस में बरबाद नहीं करते। अगला वर्ष, अगला दिन, अगला घंटा आपके उपयोग के लिए तत्पर है--संपूर्णता में बिना किसी रुकावट के। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप जीवन में एक क्षण भी व्यर्थ न करें। आप चाहें तो हर क्षण, हर घंटे एक नए अध्याय का सूत्रपात कर सकते हैं। एक घंटे, डेढ़ घंटे, यहाँ तक कि दो घंटे पहले उठ जाएँ और अगर जागना संभव न हो तो रात को जल्दी सो जाएँ। जहाँ तक बेहद मुश्किल कामों की बात है, तो जो काम आप शाम के दो घंटे में करेंगे, वही सुबह एक घंटे में हो जाएगा। आपको रोजाना के इस चौबीस घंटे को ही जीना है। इसी से आपको स्वास्थ्य, सुख, संपत्ति, संतुष्टि, सम्मान और अपनी अमर आत्मा के उत्थान को हासिल करना है। इसका उचित इस्तेमाल, इसका सबसे प्रभावी उपयोग बेहद जरूरी विषय और सबसे रोमांचक वास्तविकता भी है। सबकुछ इसी पर निर्भर है। आपकी खुशी, मुश्किल से हासिल होनेवाली दौलत, जिसे मुट्ठी में करने की कोशिश आप सभी कर रहे हैं, साथियो, वह इस पर ही निर्भर करती है।>इसी पुस्तक से समय के सदुपयोग और अपनी दिनचर्या को निर्धारित करने के विषय में व्यावहारिक सूत्र बताती यह पुस्तक आपको जीवन जीने और आनंदित रहने की एक नई दृष्टि देगी |
Startup Success Stories
- Author Name:
Neeti Jain +1
- Book Type:

- Description: उद्यमी—हिंदी पट्टी से लेकर इवी लीग, बी स्कूलों और एक कॉलेज छोड़ देनेवाला—जो इस बात से वाकिफ थे कि उनका विचार एक बेहतर मूल्य प्रस्ताव दे सकता है, जो कि मौजूदा उत्पादों और सेवाओं से लाख गुना बेहतर साबित होगा। सामान्य लोगों की असामान्य दास्ताँ ये किसी भी तरह से सुपर हीरो या विलक्षण लोग नहीं हैं और बेहद धनाढ्य परिवारों से ताल्लुक भी नहीं रखते हैं या किस्मतवाले भी नहीं हैं बल्कि ये आम इनसान हैं, जो गलतियाँ करते हैं, धोखे खाते हैं और झटके सहते हैं, और इन सब विपरीत हालातों से लड़ते हैं तथा विजेता बनकर उभरते हैं। हर कहानी भिन्न क्षेत्र से संबंध रखती है और अलग चेहरा प्रस्तुत करती है; हालाँकि सभी की आत्मा एक समान ही रहती है, काल्पनिक चीजों को हकीकत में बदलने की क्षमता, आस्था, लगन, जोखिम उठाने की इच्छा, कठोर परिश्रम, लगन और टीम बनाने की क्षमता ही हर कहानी के मूल में निहित है।
Ghogho Rani Kitta Paani
- Author Name:
Shaligram
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत रचना रिपोर्ताजीय शैली की कलात्मक कृति है, जो अपनी कथा तथा उपकथाओं के छोटे-छोटे द्वीप बनाती आधुनिक तथा पौराणिक बिंबों का आदर्शोन्मुख वृत्त-चित्र उपस्थित करती है। रचना के अंतिम भाग में लोककथाओं के नायक अपने-अपने सुकर्मों की ध्वजा उठाए समाज के सिरमौर बने हुए हैं, जिसमें लोकनायक, लोरिक तथा लोकदेवता विशुराउत, कारूखिरहरि एवं दीनाभदरी के नाम शुमार में आते हैं, जिन्हें लेखक ने अपनी भाषिक पकड़ से बेहद रोचक बना दिया है। प्रस्तुत रचना में किस्सागोई तो है ही, लोकजीवन के विविध रंगों के साथ-साथ रागात्मक संवेदना भी उपस्थित है। रचना के प्रथम भाग में कोसी नदी के उद्गम, जल-ग्रहण क्षेत्र, प्रवाह मार्ग, इसकी विध्वंसक परिवर्तनशीलता, विभिन्न धाराएँ, गंगा में संगमन इत्यादि भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्थितियों के रेखांकन के साथ-साथ इसकी विनाशलीला का भी विस्तार से वर्णन है। कोसी क्षेत्र संगीत-कला का भी गढ़ रहा है, जो सहरसा के अंतर्गत पंचगछिया घराने के नाम से जाना जाता है। मांगन कामति पंचगछिया राजदरबार के बेजोड़ ठुमरी गायक थे। उनकी प्रसिद्धि बिहार से बाहर तक फैली हुई थी। पं. ओंकारनाथ ठाकुर, विनायकराव पटवर्द्धन, पं. जशराज, फैयाज खाँ जैसे दिग्गज संगीतज्ञों ने उनकी प्रशंसा की है। कहा जाता है कि एक महफिल में सुप्रसिद्ध गायिका अखतरीबाई फैजाबादी (बेगम अख्तर) ने जब मांगन के बोल सुने तो बोल पड़ीं—‘‘अरे भाई, जिंदा रहने दोगे या नहीं!’’ क्या मधुर एवं जादुई आवाज थी उनकी। तभी तो वे पंचगछिया राजदरबार के तानसेन कहलाते थे।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...