Karmayogi Banen
(0)
₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
मनुष्य के जीवन का अंतिम लक्ष्य मोक्ष है, मनुष्य स्वयं साधक है एवं जो मार्ग साधक को साध्य तक पहुँचाता है, वही योग है। कर्मयोग मनुष्य का चित्त शुद्ध करता है, उपासना योग चित्त स्थिर करता है, राजयोग एवं ज्ञानयोग ज्ञान-प्राप्ति में सहायता करता है एवं भक्तियोग, जो कि इन सभी योगों का आधार है, इन योगों को पूरी निष्ठा एवं समर्पण से करने की प्रेरणा देता है। भले ही प्रत्येक योग लक्ष्य-प्राप्ति के लिए आवश्यक है और उनका अपना महत्व है, परंतु इस साधना की शुरुआत किसी भी सामान्य व्यक्ति को कर्मयोग से करनी चाहिए। इसलिए इस पुस्तक का शीर्षक ‘कर्मयोगी बनें’ रखा गया है। हम इस पुस्तक के माध्यम से अपने आध्यात्मिक सफर को कर्मयोग से प्रारंभ करें और उपासना, ज्ञान व भक्तियोग को अपनी यात्रा में समाहित करते हुए अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने की ओर अग्रसर हों। प्रस्तुत पुस्तक वेदांत दर्शन पर केंद्रित है। इसको सामान्य बोलचाल की भाषा में लिखा गया है, साथ ही कई क्लिष्ट विषयों को आसानी से समझाने के लिए चित्रों का उपयोग किया गया है, जिससे पाठक न केवल इन योगों को समझ सकें बल्कि अपने जीवन में भी उतार सकें।
Read moreAbout the Book
मनुष्य के जीवन का अंतिम लक्ष्य मोक्ष है, मनुष्य स्वयं साधक है एवं जो मार्ग साधक को साध्य तक पहुँचाता है, वही योग है। कर्मयोग मनुष्य का चित्त शुद्ध करता है, उपासना योग चित्त स्थिर करता है, राजयोग एवं ज्ञानयोग ज्ञान-प्राप्ति में सहायता करता है एवं भक्तियोग, जो कि इन सभी योगों का आधार है, इन योगों को पूरी निष्ठा एवं समर्पण से करने की प्रेरणा देता है।
भले ही प्रत्येक योग लक्ष्य-प्राप्ति के लिए आवश्यक है और उनका अपना महत्व है, परंतु इस साधना की शुरुआत किसी भी सामान्य व्यक्ति को कर्मयोग से करनी चाहिए। इसलिए इस पुस्तक का शीर्षक ‘कर्मयोगी बनें’ रखा गया है। हम इस पुस्तक के माध्यम से अपने आध्यात्मिक सफर को कर्मयोग से प्रारंभ करें और उपासना, ज्ञान व भक्तियोग को अपनी यात्रा में समाहित करते हुए अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने की ओर अग्रसर हों।
प्रस्तुत पुस्तक वेदांत दर्शन पर केंद्रित है। इसको सामान्य बोलचाल की भाषा में लिखा गया है, साथ ही कई क्लिष्ट विषयों को आसानी से समझाने के लिए चित्रों का उपयोग किया गया है, जिससे पाठक न केवल इन योगों को समझ सकें बल्कि अपने जीवन में भी उतार सकें।
Book Details
-
ISBN9789355219992
-
Pages240
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dr. Kalam Guru Gyan
- Author Name:
Srijan Pal Singh
- Book Type:

- Description: "डॉ. कलाम को देश के युवाओं में अगाध विश्वास था। वे देश के कल्याण को लेकर इस कदर चिंतित रहते थे कि अपने जीवन के आखिरी दो घंटे उन्होंने आतंक और संसद् की काररवाई ठप होने के खतरों पर चर्चा करते हुए बिताए थे। अपने आखिरी क्षणों में भी उनका भरोसा कायम था कि युवा, खास तौर पर छात्र तमाम पीड़ादायी मुद्दों के समाधान लेकर देश के लिए आगे आएँगे। नई पीढ़ी के प्रज्वलित मस्तिष्क के प्रति उनका विश्वास हमेशा बना रहा, जिसे वे धरती पर सबसे बहुमूल्य उपहार मानते आए थे। मुझे इस महान् आत्मा के साथ बेहद करीब से काम करने का मौका मिला। लोगों के लिए भले वे मिसाइलमैन रहे हों, मेरे लिए वो हमेशा ‘स्माइलमैन’ ही रहेंगे। दुनिया ने उन्हें अंतरिक्ष विज्ञानी के तौर पर देखा, जिसने उपग्रहों को धरती के चारों ओर घूमते हुए देखा। मैंने उन्हें एक महान् आत्मा के तौर पर देखा, जिसने लोगों को सपने देखने का उपहार दिया—सपने और उनको सच करने का साहस प्रदान किया। दुनिया ने मात्र उनके कामों को देखा, जबकि मैं खुशकिस्मत रहा कि मुझे उनके भावनात्मक हिस्से का भी गवाह बनने का मौका मिला। वे एक वैज्ञानिक, संत, लेखक, शिक्षक, कवि और दार्शनिक थे, सब मिलाकर वे स्नेह और बुद्धिमत्ता का एक पुंज थे। आइए, अब मैं आपको एक हैरतअंगेज सफर पर ले चलता हूँ—एक ऐसा सफर, जिस पर चलते हुए मैंने डॉ. कलाम से काफी कुछ सीखा। "
Narrative Ka Mayajaal Paperback
- Author Name:
Balbir Punj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tejaswi Man
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: "मैं यह पुस्तक इसलिए लिख रहा हूँ ताकि मेरे युवा पाठक उस आवाज को सुन सकें, जो कह रही है-' आगे बढ़ो ' । अपने नेतृत्व को हमें समृद्धि की ओर ले जाना चाहिए । रचनात्मक विचारोंवाले युवा भारतीयों के विचार स्वीकृति की बाट जोहते-जोहते मुरझाने नहीं चाहिए । जैसाकि कहा गया है-चितन पूँजी है, उद्यम जरिया है और कड़ी मेहनत समाधान है । युवा पीढ़ी ही देश की पूँजी है । जब बच्चे बड़े हो रहे होते हैं तो उनके आदर्श उस काल के सफल व्यक्तित्व ही हो सकते हैं । माता-पिता और प्राथमिक कक्षाओं के अध्यापक आदर्श के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं । बच्चे के बड़े होने पर राजनीति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत् से जुड़े योग्य तथा विशिष्ट नेता उनके आदर्श बन सकते हैं । -इसी पुस्तक से भारत के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम डॉ. ए.पीजे. अब्दुल कलाम ने आनेवाले वर्षों में भारत को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का स्वप्न देखा है; और इसे साकार करने की संभावना उन्हें भारत की युवा शक्ति में नजर आती है । हम बच्चों- युवाओं को प्रेरित कर उन्हें शक्ति-संपन्न भारत की नींव बना सकें, यही इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य है । प्रत्येक चिंतनशील भारतीय के लिए पठनीय पुस्तक । "
Achchha Banne Ki Kala
- Author Name:
Meena Sharma
- Book Type:

- Description: Children's Book to learn good habits.
Shuddha Karma
- Author Name:
Jaya Row
- Book Type:

- Description: जो लोग स्वयं को अभावग्रस्त पाते हैं, वे अकसर उसका सारा दोष अपने दुर्भाग्य पर मढ़ते हैं; लेकिन धर्मग्रंथ कहते हैं कि आपका भाग्य आपकी अतीत में पाली गई समस्त अभिलाषाओं का पूर्णाक है। यदि आप एक बार कोई कार्य करते हैं तो आपको अनिवार्यतः उसके परिणामों का सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। यही कर्म का विधान है। इसलिए आपको अपने आपसे यह प्रश्न करना चाहिए कि क्या आप सही अभिलाषाओं का चयन कर रहे हैं ? 'शुद्ध कर्म' नामक इस पुस्तक में विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक विभूति जया राव इस रहस्य को उद्घाटित करती हैं और समझाती हैं कि यह प्रवृत्ति वर्तमान में हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रही है। वह आपके साथ अपनी उस अंतर्दृष्टि को साझा कर रही हैं, जिसे आप मूर्त रूप दे सकते हैं, अर्थात् उसे कार्यान्वित कर सकते हैं। यह पुस्तक आपको वह मार्ग दिखाती है, जिस पर चलकर आप कारात्मक चक्रों को तोड़ सकते हैं और अपने लिए उत्तम भविष्य का निर्माण कर सकते हैं ।
The Power Of Subconcious Mind
- Author Name:
Dr.Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: The Power of Subconscious Mind The only path by which another person can upset you is through your own thought. Busy your mind with the concepts of harmony, health, peace, and good will, and wonders will happen in your life. As you sow in your subconscious mind, so shall you reap in your body and environment. You remain faithful to your mental attitude, your prayer will be answered. Never finish a negative statement; reverse it immediately, and wonders will happen in your life.
Ghar baithe Paisa Kamayen
- Author Name:
Shikha Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Positive Thinking
- Author Name:
Napoleon Hill +1
- Book Type:

- Description: पॉजिटिव थिंकिंग (सकारात्मक नहीं हो सकता। यही सोच आपकी सफलता के द्वार खोलने की क्षमता रखती है। यह पुस्तक नकारात्मकता को छोड़कर खुले मन से सोचने की प्रेरणा देती है। इसकी सहायता से आप अपना जीवन बदल सकते हैं। इसमें आपकी सफलता के सूत्र संकलित हैं—पी.एम.ए.— पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड (सकारात्मक मानसिक भाव)। जब आप इस पुस्तक में सरल और स्पष्ट रूप से रेखांकित व्यावहारिक सिद्धांतों का अनुपालन करेंगे तो आप भी पी.एम.ए प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। तो आइए, ऊँची उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाइए और अपनी प्रबल इच्छाशक्ति और संकल्पशीलता से प्रेरित होकर सफलता के नए शिखर छुइए।
The Richest Man In Babylon
- Author Name:
George S. Clason
- Book Type:

- Description: “जब आदमी ईमानदारी से अपना लक्ष्य तय कर लेता है तो उसे पा भी लेता है। मैंने भी अपना पक्का संकल्प कर लिया था, लौटने के बाद पहले उन क़र्ज़दाताओं से मिला, जिन्होंने मुझे क़र्ज़ दिया हुआ था। मैंने उन्हें अपनी बीती ज़िंदगी के बारे में बताया और उनसे कुछ दिन और धैर्य रखने की बात कही। कुछ क़र्ज़दाता मुझसे ठीक से पेश आए पर कुछ ने मुझे बेहद लताड़ा। एक क़र्ज़दाता ऐसा था, जिसने उस दौरान मेरी ख़ूब मदद की, वह था सोना उधार देने वाला मेथन। यह जानने के बाद कि मैं सीरिया में ऊंट का ख़्याल रखा करता था, वह मुझे नेबटुर के पास ले गया, वह ऊंट का व्यापारी था, उसे मेरा ऊंटों का ज्ञान बहुत काम आया। धीरे-धीरे ही सही पर मैंने हर वो सोने-चांदी का सिक्का चुका दिया, जो मैंने उधार लिया हुआ था और इस तरह मैं आज पूरे सम्मान के साथ अपना जीवन जी पा रहा हूँ।” दाबासिर ने पूरे गर्व से कहा। इस तरह दाबासिर ने अपनी कहानी ख़त्म की। उसने ख़ुद को आज़ाद किया, अपने दुश्मनों पर जीत हासिल की और उसने दुनिया को अलग नज़रिए से देखना शुरू किया, वही नज़रिया जो बुद्धिमान लोगों के पास पहले से ही था। इस नज़रिये ने दुनिया के कई लोगों को नई राह दिखलाई थी, उन्हें ज़िंदगी में सफल बनाया था।
Secrets of Sales
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Microsoft Success Story
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Badlav Ke Real Hero
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeevan Prabandhan : Kripa Karahu Guru Dev Ki Naain
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Rating:
- Book Type:

-
Description:
करोड़ों लोगों के लिए ‘श्रीहनुमान चालीसा’ नित्य परायण का साधन है। कइयों को यह कण्ठस्थ है पर अधिकांश ने यह जानने का प्रयत्न नहीं किया होगा कि इन पंक्तियों का गूढ़ अर्थ क्या है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपना सारा साहित्य प्रभु को साक्षात् सामने रखकर लिखा है। उनका सारा सृजन एक तरह से वार्तालाप है। श्रीहनुमान जी से उनकी ऐसी ही एक निजी बातचीत का एक लोकप्रिय जनस्वीकृत नाम है ‘श्रीहनुमान चालीसा।'
आज के मानव के लिए अच्छा, सहज, सरल और सफल जीवन जीने के सारे संकेत हैं इस चालीसा में। ज्ञान के सागर में डुबकी लगाकर, भक्ति के मार्ग पर चलते हुए, निष्काम कार्य–योग को कैसे साधा जाए, जीवन में इसका सन्तुलन बनाती है ‘श्रीहनुमान चालीसा’।
जिसे पढ़ने के बाद यह समझ में आ जाता है कि श्रीहनुमान जीवन–प्रबन्धन के गुरु हैं।
जीवन–प्रबन्धन का आधार है स्वभाव और व्यवहार। आज के समय में बच्चों को जो सिखाया जा रहा है, युवा जिस पर चल रहे हैं, प्रौढ़ जिसे जी रहे हैं और वृद्धावस्था जिसमें अपना जीवन काट रही है, वह समूचा प्रबन्धन ‘व्यवहार’ पर आधारित है। जबकि जीवन–प्रबन्धन के मामले में ‘श्रीहनुमान चालीसा’ ‘स्वभाव’ पर जोर देती है।
व्यवहार से स्वभाव बनना आज के समय की रीत है, जबकि होना चाहिए स्वभाव से व्यवहार बने। जिसका स्वभाव सधा है, उसका हर व्यवहार सर्वप्रिय और सर्वस्वीकृत होता है। स्वभाव को कैसे साधा जाए, ऐसे जीवन–प्रबन्धन के सारे सूत्र हैं ‘श्रीहनुमान चालीसा’ की प्रत्येक पंक्ति में...
Super Personality Aur Unlimited Safalata
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: जीवन में अपेक्षित सफलता के लिए व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास बेहद जरूरी है। ज्यादातर लोग व्यक्तित्व का अभिप्राय व्यक्ति के बाहरी पक्ष के आकर्षण से समझते हैं; लेकिन ऐसा नहीं है। व्यक्तित्व—बाहरी और भीतरी— सर्वांगीण विकास का नाम है। व्यक्तित्व-निर्माण का प्रश्न प्रत्येक व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत सवाल है। इसका किसी दूसरे व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। दूसरा कोई भी व्यक्ति आपके मन तथा व्यक्तित्व को बलवान एवं दृढ़ नहीं बना सकता। कोई भी व्यक्ति आपको दुर्बल से शक्ति-संपन्न, असफल से सफल और कुछ नहीं से सब कुछ नहीं बना सकता। आप स्वयं ही सबकुछ बन सकते हैं और आप में वह सब करने की शक्ति व सामर्थ्य मौजूद है। व्यक्तित्व-विकास के प्रति निरंतर सजग रहकर आप सफलता व उपलब्धियों के क्षितिज पर अपने वर्चस्व के सुनहरे हस्ताक्षर दर्ज करा सकते हैं। व्यक्तित्व में श्रेष्ठता से आपका, आपके परिवार व संपर्क-क्षेत्र का तो भला होगा ही, आप और बेहतर, सुंदर व सभ्य समाज निर्मित करने में अपना बेशकीमती योगदान देंगे। श्रेष्ठ और सक्षम मनुष्यों से भरी-पूरी दुनिया अनेक मायनों में स्वर्ग होगी। सुपर पर्सनैलिटी विकसित कर अनलिमिटेड सफलता प्राप्त करने की एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है यह पुस्तक।
Relativity the Special General Theory
- Author Name:
Albert Einstein
- Book Type:

- Description: How better to learn the Special Theory of Relativity and the General Theory of Relativity than directly from their creator, Albert Einstein himself? In Relativity: The Special and the General Theory, Einstein describes the theories that made him famous, illuminating his case with numerous examples and a smattering of math. This book is not a casual reading, but for those who appreciate his work without diving into the arcana of theoretical physics, it will prove a stimulating read. "The present book is intended," Einstein wrote in 1916, "as far as possible, to give an exact insight into the theory of Relativity to those readers who, from a general scientific and philosophical point of view, are interested in the theory, but who are not conversant with the mathematical apparatus of theoretical physics."
Storm To Stillness
- Author Name:
Shweta Padda
- Book Type:

- Description: Storm to Stillness is for anyone feeling overwhelmed by the constant noise of modern life—endless notifications, rising expectations, unanswered questions, and the quiet ache of “Is this all there is?” In a world where the average person checks their phone over 90 times a day, mental noise has become as exhausting as physical labour. Yet peace often feels like something we must chase, escape to, or earn. This book offers a gentler truth. Storm to Stillness doesn’t ask you to abandon your life or reinvent yourself. Instead, it walks beside you—through ordinary moments and honest reflections—showing how calm can exist right where you are. Blending personal stories with science-backed insights, Shweta Padda explores how to slow down without falling behind, how to stay present without disconnecting, and how to find steadiness even when life remains loud. Did you know that just one minute of conscious breathing can help reset your nervous system? Through small daily practices, simple rituals, and compassionate guidance, this book reminds you that stillness isn’t a destination—it’s a choice you can return to again and again.
ACHCHHA BOLNE KI KALA AUR KAMYABI
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: प्रखर वक्ता होना, ओजस्वी वाणी का स्वामी होना, प्रभावी शैली में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने की क्षमता जिसमें हो, वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक सफल होने की संभावना रखता है। बातचीत करना भाषण की कला सीखने का सबसे पहला सिद्धांत है। शुरुआती दौर में स्वर एवं अंदाज जैसी कलाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती है। बातचीत करना कला को सीखने का पहला सिद्धांत है; अर्थात् बोलिए, वादविवाद में हिस्सा लीजिए, अपनी प्रतिभा का स्वयं आकलन कीजिए और दर्शकों की आलोचना से सीखने की कोशिश कीजिए। सवाल है कि खुद की गलतियों को कैसे समझा जाए? इसके लिए कुछ तथ्यों को समझने की आवश्यकता है—महान् वक्ता में कौन से विशेष गुण होते हैं और उन गुणों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है? स्वयं के व्यक्तित्व में ऐसी कौन सी कमी है, जो इन गुणों की प्राप्ति में बाधा बन सकती है? इस विषय पर महान् लेखक डेल कारनेगी की सदाबहार एवं सर्वाधिक पसंद की जानेवाली इस पुस्तक के द्वारा कोई भी सामान्य व्यक्ति दर्शकों के समक्ष बोलने के क्षेत्र में कामयाबी के शिखर तक पहुँच सकता है।
Kaise Banain balak Sanskari Aur Swasth
- Author Name:
Prem Bhargav
- Book Type:

- Description: जिज्ञासा मानव-विकास की आदि एवं मूलभूत आवश्यकता है। उसकी रक्षा से ही हम समाज को विकसित, सम्पन्न एवं उन्नत बना सकते हैं। पर प्रायः देखा जाता है कि व्यस्त माता-पिता बच्चों के प्रश्नों से खीज जाते हैं और उनको सदैव अपने काम में बाधा उपस्थित करनेवाले प्राणी समझते हैं। उनको उद्दंड और मूर्ख ठहराकर उन्हें चुप करा देते हैं और उनकी जिज्ञासा प्रवृत्ति को कुचल देते हैं। ऐसे बालक ख़ुद को उपेक्षित, अनभीष्ट और प्रेमवंचित महसूस करते हैं। इसका परिणाम बहुत ही भयावह होता है। बालक संसार में सुरक्षा और स्थिरता चाहता है। बालक के भावनात्मक विकास के लिए पिता के अधिकार, माँ के ममत्व और भाई-बहन की उदारता एवं सौहार्द की बहुत आवश्यकता है। ऐसा न होने पर उसके मन में भाँति-भाँति की ग्रन्थियाँ पड़ जाती हैं, जो भविष्य में उसके सारे व्यवहारों को प्रभावित करती हैं। कई बार देखा गया है कि पिता के बढ़ते वर्चस्व को देखकर माँ में असुरक्षा की भावना घर करने लगती है। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए वह अपनी ही बात मनवाना चाहती है, पिता के बीच में बोलने पर रोक देती है, ऐसी स्थिति में बच्चे उद् दंड और बदतमीज़ हो जाते हैं। पिता को अहमियत नहीं देते। इसके विपरीत माँ के डाँटने-मारने के समय यदि पिता बच्चों का पक्ष लेता है तब भी बच्चे बिगड़ जाते हैं और माँ का सम्मान नहीं करते। वास्तव में होना यह चाहिए कि यदि माँ किसी ग़लत बात पर डाँट रही है, तो पिता को चाहिए कि बीच में न बोले और पिता कुछ कह रहा है, तो माँ उस समय चुप रहे।
Bachche Masheen Nahin Hain
- Author Name:
Alok Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: शिक्षा सिर्फ़ विद्यार्थियों का प्रश्न नहीं है, यह हमारे नागरिक भविष्य और मनुष्यता का मसला है । यह किताब शिक्षा व उससे जुड़े विषयों को इसी ज़मीन से देखती है । यह बड़े-बड़े सिद्धांतों के परकोटे से शिक्षा को देखने की बजाय बाल-मनोविज्ञान और हमारे दैनंदिन सामाजिक जीवन के भीतर से अपने सूत्र विकसित करती है। इसके चलते यह अध्यापकों के लिए उपयोगी होने के साथ आम विचारशील लोगों के लिए भी रोचक बन उठी है । इसकी सादगी प्रभावित और ईमानदारी कनविन्स करती है ।
Ab Hamen Badalna Hoga
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: "विगत वर्षों में हमारे अधिकतर आई.टी. कार्यालय निश्चित स्थान पर 9 से 5 के परंपरागत काम के ढर्रे से काफी आगे निकलकर मोबाइल वर्क प्लेस और सुविधानुसार समय तक पहुँच गए हैं। रिक्रूटमेंट और परफॉर्मेंस रेटिंग स्वचालित हो चुके हैं। हाजिरी मोबाइल या हस्तचालित उपकरणों के जरिए होने लगी है। अगर 10 सालों में हम निश्चित स्थान के कार्यस्थल से चलते-फिरते कार्यस्थल तक का सफर तय कर चुके हैं तो कल्पना कीजिए, अगले पाँच सालों में और क्या हो जाएगा! बड़ी कंपनियाँ नई कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा महसूस करने लगी हैं और नई कंपनियाँ कुछ बड़ी सड़कों या मॉल की खुदरा दुकानों की तरह खुल रही हैं। जागने से सोने तक का सबकुछ बदलने ही वाला है और अगर हम इस बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे तो प्रतिस्पर्धा में टिक पाना हमारे लिए कठिन होगा। अत: ऐसे परिवेश में हमें अपने आपको बदलना होगा। क्यों और कैसे बदलना होगा—यह इस पुस्तक में बताया गया है। बदलाव के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और सही सोच विकसित करनेवाली एक व्यावहारिक पुस्तक। "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book