Jeene Ki Raah Ke 125 Sootra
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
इस पुस्तक में निरूपित 125 सूत्र आपको ‘जीने की राह’ दिखा सकते हैं। यह शब्दों में व्यक्त विचार मात्र नहीं, बल्कि मानव जीवन के पूरे दर्शन और परंपराओं का निचोड़ प्रस्तुत करते हैं। वैसे तो किसी भी समस्या को ठीक से समझ लेना ही उसका सबसे बड़ा निदान है। जीने की राह का मतलब ही है कि हर कदम पर समस्या आएगी, लेकिन साथ में समाधान भी लाएगी। कितना ही बड़ा दुःख या परेशानी आए, जीवन रुकना नहीं चाहिए। यह पुस्तक अपने भीतर के आत्मबल को जाग्रत् कर, सेवा, सत्य, परोपकार और अहिंसा आदि जीवनमूल्यों को जगाने की सामर्थ्य रखती है। इसके अध्ययन से सद्प्रवृत्ति विकसित होगी, सद्विचार मुखर होंगे और हम आनंद, संतोष और सार्थक जीवन जी पाएँगे। जीवन को सरल-सहज बनाने के व्यावहारिक सूत्र बताती पठनीय पुस्तक।
Read moreAbout the Book
इस पुस्तक में निरूपित 125 सूत्र आपको ‘जीने की राह’ दिखा सकते हैं। यह शब्दों में व्यक्त विचार मात्र नहीं, बल्कि मानव जीवन के पूरे दर्शन और परंपराओं का निचोड़ प्रस्तुत करते हैं। वैसे तो किसी भी समस्या को ठीक से समझ लेना ही उसका सबसे बड़ा निदान है। जीने की राह का मतलब ही है कि हर कदम पर समस्या आएगी, लेकिन साथ में समाधान भी लाएगी। कितना ही बड़ा दुःख या परेशानी आए, जीवन रुकना नहीं चाहिए।
यह पुस्तक अपने भीतर के आत्मबल को जाग्रत् कर, सेवा, सत्य, परोपकार और अहिंसा आदि जीवनमूल्यों को जगाने की सामर्थ्य रखती है। इसके अध्ययन से सद्प्रवृत्ति विकसित होगी, सद्विचार मुखर होंगे और हम आनंद, संतोष और सार्थक जीवन जी पाएँगे।
जीवन को सरल-सहज बनाने के व्यावहारिक सूत्र बताती पठनीय पुस्तक।
Book Details
-
ISBN9789351868378
-
Pages136
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Jeena Sikhati hai Ramkatha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description:
रामचरितमानस का दर्शन, इसकी फिलॉसफी, इसके विचार, सिद्धांत, नीति, शब्दों का गठन सबकुछ अद्भुत है। कहते हैं, जिस समय तुलसीदासजी ने रामचरितमानस लिखी, उनके दो ही सहारे थे—एक राम और दूसरे हनुमान। हनुमानजी उनका प्रमुख सहारा थे, गुरु थे उनके। जब रामचरितमानस लिखना आरंभ किया तो कहते हैं, रामचरितमानस के प्रत्येक दृश्य, प्रत्येक चौपाई, दोहा, सोरठा, छंद को तुलसीदासजी ने लिखा था। हनुमानजी रामकथा का एक-एक दिव्य दृश्य दिखाते और तुलसीदासजी लिखते चले जाते। कोई रचनाकार, सृजनकार, साहित्यकार पूरे घटनाक्रम को इस प्रकार अपने सामने देखे और लिखे, तभी उन पंक्तियों में प्राण आते हैं। तुलसीदासजी ने जिया है रामकथा को। इसीलिए रामायण हमें जीना सिखाती है। देश-काल, परिस्थिति के अनुसार पूरी रामकथा को सात भागों में बाँटते हुए इन्हें सात सोपान या सात कांड कहा जाता है। रामायण में सात कांड हैं—बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंका कांड और उत्तर कांड। प्रत्येक कांड में उत्तम जीवन के सूत्र समाए हैं। इस पुस्तक में उन्हें क्रमशः व्याख्यायित किया गया है। हर आम और खास की सहज समझ में आनेवाली शैली में लिखी सर्वथा नवीन रामकथा, जो हमारे जीवन को एक नई दिशा देगी, नए आयाम खोलेगी।
Kamyab Hona Hi Hai
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description:
‘कामयाब होना ही है’ विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत प्रेरक और मार्गदर्शक पुस्तक है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है; बल्कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है क्योंकि इन्हीं में सारे सांसारिक ज्ञान निहित हैं। इनका अनुसरण और अनुपालन कर प्रत्येक व्यक्ति सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, व्यावहारिक—हर स्तर पर मनचाही सफलता हासिल कर सकता है। इस पुस्तक में विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ मानसिक व भावनात्मक विकास हेतु छोटे-छोटे रोचक व प्रेरक प्रसंग दिए गए हैं, जो कथा-किस्सों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं। विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी और संग्रहणीय पुस्तक, जो जीवन के प्रत्येक कदम पर उनकी सभी समस्याओं व कठिनाइयों का त्वरित हल प्रस्तुत करने को सदैव तत्पर रहेगी। सफलता के नए सोपान खोलनेवाली पठनीय प्रेरक पुस्तक।
EK SHAM PARIVAR KE NAAM
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Pitamaha Bhishma
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description:
यह नाटक ‘महाभारत’ या भीष्म पर आधारित ऐतिहासिक कथा-चिंतन ही नहीं, वरन् भीष्म के माध्यम से हमारे स्वविवेक, उसकी महत्त्वाकांक्षा एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सीधे जीवन व चिंतन पर पड़नेवाले प्रभाव की व्याख्या है। वहीं सृष्टि के आरंभ से अब तक के सबसे जटिल मानवीय संबंध ‘स्त्री-पुरुष’ के संदर्भ में इस नाटक को मिथकीय रूपाकारों के माध्यम से आधुनिक चेतना-बोध एवं प्रश्नों को जोड़ने का यत्न है। इस नाटक में भीष्म को दो रूपों में प्रस्तुत किया गया है—देह और अंतर्मन। इसलिए प्रस्तुति में देह कभी अंतर्मन हो सकता है तो अंतर्मन कभी देहाकार हो सकता है। इस नाटक के पात्रों में कहीं-न-कहीं हम अपने आप को पा सकते हैं। कुछ घटनाएँ हमारे जीवन से होकर भी इसी रूप में गुजरती हैं। पढ़ें तो विचार है, निहारें तो नाटक है और देखें तो दर्पण।
Purushottam Parashuram
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description:
पृथ्वी पर जब-जब अधर्म ने अपना अधिक प्रभाव दिखाया, तब-तब कुछ दिव्यात्माओं ने अपनी लीला दिखाई। भगवान् विष्णु के दस अवतारों में भगवान् परशुराम को भी एक माना जाता है। वे महर्षि जमदग्नि और रेणुका के पुत्र थे। राजा कार्तवीर्य, जिसे सहस्रार्जुन भी कहा गया है, ने एक बार जमदग्निजी के आश्रम पर आक्रमण करके कामधेनु गाय का अपहरण किया। परशुरामजी ने सहस्रार्जुन से युद्ध किया और दंड-स्वरूप उसका वध कर दिया। सहस्रार्जुन के पुत्रों ने परशुरामजी की अनुपस्थिति में आश्रम पर आक्रमण कर उनके पिता जमदग्निजी की हत्या कर दी थी। इस विराट् व्यक्तित्व पर यह नाटक इसीलिए तैयार किया जा रहा है कि उनके उद्देश्यों को हम आज भी अपने निजी, पारिवारिक और राष्ट्रीय जीवन में उतार सकें। प्रयास यही किया गया है कि इनके चरित्र से संबंधित घटनाएँ शास्त्रों के आधार पर प्रामाणिक रहें। किंतु अलग-अलग शास्त्रों और साहित्य में घटनाओं के वर्णन में भिन्नता है। यह नाट्य-साहित्य केवल शोध की दृष्टि से तैयार नहीं किया गया है वरन् इसका उद्देश्य है, परशुरामजी के अद्भुत व्यक्तित्व को आज के हमारे जीवन से जोड़ना। पुरुषोत्तम परशुराम के अनुपमेय जीवन का सांगोपांग दर्शन कराती पठनीय पुस्तक।
Jeevan Prabandhan : Kripa Karahu Guru Dev Ki Naain
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description:
करोड़ों लोगों के लिए ‘श्रीहनुमान चालीसा’ नित्य परायण का साधन है। कइयों को यह कण्ठस्थ है पर अधिकांश ने यह जानने का प्रयत्न नहीं किया होगा कि इन पंक्तियों का गूढ़ अर्थ क्या है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपना सारा साहित्य प्रभु को साक्षात् सामने रखकर लिखा है। उनका सारा सृजन एक तरह से वार्तालाप है। श्रीहनुमान जी से उनकी ऐसी ही एक निजी बातचीत का एक लोकप्रिय जनस्वीकृत नाम है ‘श्रीहनुमान चालीसा।' आज के मानव के लिए अच्छा, सहज, सरल और सफल जीवन जीने के सारे संकेत हैं इस चालीसा में। ज्ञान के सागर में डुबकी लगाकर, भक्ति के मार्ग पर चलते हुए, निष्काम कार्य–योग को कैसे साधा जाए, जीवन में इसका सन्तुलन बनाती है ‘श्रीहनुमान चालीसा’। जिसे पढ़ने के बाद यह समझ में आ जाता है कि श्रीहनुमान जीवन–प्रबन्धन के गुरु हैं। जीवन–प्रबन्धन का आधार है स्वभाव और व्यवहार। आज के समय में बच्चों को जो सिखाया जा रहा है, युवा जिस पर चल रहे हैं, प्रौढ़ जिसे जी रहे हैं और वृद्धावस्था जिसमें अपना जीवन काट रही है, वह समूचा प्रबन्धन ‘व्यवहार’ पर आधारित है। जबकि जीवन–प्रबन्धन के मामले में ‘श्रीहनुमान चालीसा’ ‘स्वभाव’ पर जोर देती है।
व्यवहार से स्वभाव बनना आज के समय की रीत है, जबकि होना चाहिए स्वभाव से व्यवहार बने। जिसका स्वभाव सधा है, उसका हर व्यवहार सर्वप्रिय और सर्वस्वीकृत होता है। स्वभाव को कैसे साधा जाए, ऐसे जीवन–प्रबन्धन के सारे सूत्र हैं ‘श्रीहनुमान चालीसा’ की प्रत्येक पंक्ति में...
Jeevan Prabandhan : Kripa Karahu Guru Dev Ki Naain
Pt. Vijay Shankar Mehta
20% off₹ 299
₹ 239.2
Available
PK Ka Fanda
- Author Name:
Praveen Kakkar
- Book Type:

- Description:
Embark on a transformative journey with 'PK Ka Fanda: Prerana, Prayas Aur Parinaam', a compelling Hindi book that delves deep into the realms of motivation, effort, and outcomes. This thought-provoking work explores the fundamental principles that drive success and personal growth. Written in accessible Hindi language, the book offers valuable insights into harnessing inner potential and converting aspirations into achievements. Through its engaging narrative, readers will discover practical wisdom about the relationship between inspiration, dedicated effort, and resultant outcomes. Whether you're a student, professional, or someone seeking personal development, this book serves as an illuminating guide to understanding the dynamics of motivation and success. The author masterfully weaves together concepts that help readers understand how proper inspiration (Prerana) combined with sustained effort (Prayas) leads to desired results (Parinaam). Perfect for self-improvement enthusiasts and those looking to enhance their understanding of personal growth principles in Hindi.
Ahankar ko Karen Bye-Bye
- Author Name:
Rajesh Aggarwal
- Book Type:

- Description:
"अहंकार रूपी शत्रु का विरोध सभी करेंगे, लेकिन जहाँ अपने भीतर छिपे बैठे अहंकार रूपी शत्रु को मारने की बात आएगी, सब बगलें झाँकने लगेंगे। क्योंकि किसी-न-किसी रूप में अहंकार रूपी शत्रु हम सभी के अंदर छिपा होता है और जब-तब मौका देखकर सिर उठा लिया करता है। इसका पूरी तरह दमन करना असंभव तो नहीं, लेकिन कठिन जरूर है। अहंकार का निषेध करना जरा भी कठिन नहीं है। बस सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर हम अपने अहंकार पर पूरी तरह काबू पा सकते हैं। हमारे धर्म-शास्त्रों में अहंकार और उससे उपजने वाले कष्ट-क्लेशों को अनेक कथा-कहानियों, वृत्तांतों, संस्मरणों के माध्यम से दिग्दर्शित किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में अहंकार से उपजनेवाली कुंठा, दुष्प्रभाव व अन्य बुराइयों का वर्णन और उनके निवारण के उपाय सुझाए गए हैं। अनेक पौराणिक कथाओं द्वारा भी अहंकार के निषेध के बारे में बताया गया है। अहंकार की विश्रांति हेतु यह एक उपयोगी पुस्तक है।"
Swasth Rahane Ka Vigyan
- Author Name:
Wallace D. Wattles
- Book Type:

- Description:
‘स्वस्थ रहने का विज्ञान’ में आपको सकारात्मक सोच की शक्ति का पता चलेगा और आप जानेंगे कि अपनी सेहत को बेहतर कैसे बनाएँ। यह व्यावहारिक पुस्तक आपको सेहत के उन अनेक महान् सिद्धांतों की जानकारी देगी, जिनसे आप एक स्वस्थ व सुखी जीवन जी सकेंगे।
The Power Of Your Subconscious Mind
- Author Name:
Dr. Joseph Murphy
- Book Type:

- Description:
‘द पावर ऑफ योर सब्कॉन्शस माइंड’ अब तक की एक सर्वाधिक लोकप्रिय प्रेरणादायी पुस्तक है, जो यह दिखाती है कि आप अपने विचारों की पद्धति को बदल लें तो अपने जीवन में किस प्रकार के आश्चर्यजनक सुधार कर सकते हैं। व्यावहारिक, समझने में सरल तकनीकों और वास्तविक जगत् के मामलों का उपयोग करते हुए डॉ. जोसेफ मर्फी जीवन के सभी पहलुओं—पैसा, संबंध, नौकरी, खुशी पर अवचेतन मन के व्यापक प्रभावों से परदा उठाते हैं और बताते हैं कि आप अपने लक्ष्यों और सपनों को पूरा करने के लिए इसे कैसे लागू कर सकते हैं तथा इसकी शक्ति को सही दिशा दे सकते हैं। इस पुस्तक के माध्यम से डॉ. मर्फी पाठकों को इस प्रकार के साधन उपलब्ध कराते हैं, जिनसे वे अपने अवचेतन मन की अद्भुत शक्तियों को उन्मुक्त कर सकते हैं। कोई भी इसे अपनाकर अपने संबंधों, वित्तीय स्थिति और तंदुरुस्ती में सुधार ला सकता है। यदि व्यक्ति एक बार इस अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली बल का उपयोग करना सीख जाए, तो ऐसा कुछ भी नहीं, जिसे वह प्राप्त नहीं कर सकता।
Ichchha Shakti
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description:
"इच्छाशक्ति मनुष्य की वह अप्रतिम शक्ति है, जो पहाड़ों के सीने चीरकर उनमें से नदियाँ बहा सकती है। इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं, जो मनुष्य की इच्छाशक्ति का गुणगान करते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में इनकी विस्तार से चर्चा है। दरअसल, हमारे छोटे-से-छोटे और बड़े-से-बड़े सभी कार्यों के क्रियान्वयन में इच्छाशक्ति की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इच्छाशक्ति के अभाव में हम मेज पर रखा एक गिलास पानी तक उठाकर नहीं पी सकते, फिर बड़े कार्यों की तो बात ही क्या। इच्छाशक्ति के पैदा होते ही हमारे शरीर की सोई पड़ी अनेक शक्तियाँ चैतन्य हो जाती हैं और वे सब एक सामूहिक शक्ति में बदलकर हमें अपने अभीष्ट से मिला देती हैं। प्रस्तुत पुस्तक सोई हुई इच्छाशक्ति को जगाकर लक्ष्य-प्राप्ति, सफलता और जीवन के तमाम अभीष्ट पाने का मार्ग बताती है। "
NAUKARI NAHIN, BUSINESS IDEA DHOONDHO
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description:
"आज कहीं नौकरी करने की तुलना में स्वतंत्र कर्मी बनना बल्कि अपने खुद का बिजनेस शुरू करना आसान है। इसकेलिए आपकी लगन, मेहनत, दूरदर्शिता, निर्णय-क्षमता और नए-नए आइडिया ही सफलता का मार्ग खोलेंगे, इसलिए ‘नौकरी नहीं, बिजनेस आइडिया’ आपके स्वर्णिम भविष्य का आधार है। प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु एवं वक्ता श्री एन. रघुरामन के दीर्घ अनुभव से उपजे ये फंडे आपको नई ऊर्जा देंगे और आपका आत्मविश्वास जाग्रत् करेंगे— जीवन में किसी क्षेत्र में सच्ची रुचि जागती है, तो अवसर दरवाजे खटखटाते हैं। कुछ के जीवन में जल्दी तो कुछ के देर से। बिजनेस और भरोसा भी साथ-साथ चल सकते हैं। बस इसके लिए सही तालमेल बैठाने की जरूरत है। अपने दरवाजे पर बड़े अवसरों की दस्तक का इंतजार मत कीजिए, छोटी पहल करके उनकी तलाश कीजिए। वे आपके लिए बड़े दरवाजे खोल देंगी। जब आप क्वालिटी से समझौता करते हैं तो कोई भी बिजनेस क्यों न हो, वह ग्राहकों की उदासीनता का शिकार होने लगता है। "
STARTUP HO TO AISA HO
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description:
"आज स्टार्टअप भारतीय इकोनॉमी का बहुत महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। अनेक युवा अच्छे वेतन की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप बनाकर अप्रतिम सफलता प्राप्त कर अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। कम होती नौकरियों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण आज स्टार्टअप लोकप्रिय हो रहे हैं—और सफल भी। यह पुस्तक आपको इस क्षेत्र के सफल और व्यावहारिक अनुभवों की जानकारी देकर आपकी दृष्टि और सोच को नए आयाम देगी, जिनसे आप भी सफलता के नए सोपान चढ़ पाएँगे। "
Jeetne Ki Zid : Law Of Attraction Se Kamyabi Payen
- Author Name:
Jack Canfield
- Book Type:

- Description:
‘द सीक्रेट’ की जबरदस्त सफलता के बाद यह पुस्तक आपको आसान शब्दों में बताती है कि कैसे आप आकर्षण के नियम का उपयोग कर अपना मनचाहा जीवन बना सकते हैं। यह पुस्तक न केवल यह बताती है कि आपको क्या मालूम होना चाहिए, बल्कि यह भी कि अपने जीवन में आप जो चाहते हैं, उसे आकर्षित करने के लिए आपको क्या करना होगा। विचार उत्पन्न करनेवाली यह पुस्तक आपको अपने सपनों, लक्ष्यों और इच्छाओं को स्पष्ट करने की दिशा में एकएक कदम आगे बढ़ाएगी। इस दौरान आपमें अपने बारे में एक अच्छी समझ पैदा होगी, जिसमें आप जानेंगे कि आप कौन हैं और आपने किस मकसद से जन्म लिया है। आपकी यात्रा अभी और यहीं से शुरू होती है। आप अपना जीवन बदल सकते हैं, अपनी जानकारी बढ़ा सकते हैं और एक कमाल के भविष्य की ओर जाने की क्षमता बढ़ा सकते हैं, जो प्यार, खुशी और प्रचुरता से भरा है।
Mind Management
- Author Name:
Anandmurti Gurumaa
- Book Type:

- Description:
आनन्दमूर्ति गुरुमाँ संपूर्णता की परिभाषा हैं। स्वयं प्रेम, करुणा, आनंद और दयालुता का प्रत्यक्षीकरण होने के साथ-साथ आधुनिक दृष्टिकोण से सुसज्जित आपके ज्ञानपूर्ण प्रवचन हर जिज्ञासु के लिए अध्यात्म के नवीन मार्ग खोल देते हैं। आपकी ओजपूर्ण आभा के परिणामस्वरूप सहज ही आंतरिक शांति व आत्मानुभूति का वातावरण तैयार हो जाता है। आपका प्रेमभरा व्यक्तित्व व आपके द्वारा दिए गए जीवन को सुंदरतम ढंग से जीने के सूत्र, हर मानव को प्रेम व अध्यात्म की ज्ञान ऊर्जा से आपूरित कर देते हैं।
Option Trading Se Paison Ka Ped Kaise Lagayen
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description:
"ऑप्शन ट्रेडिंग से पैसों का पेड़ कैसे लगाएँ आप ऑप्शन पर हजारों पुस्तकें पढ़ लें पर ऐसा ज्ञान किसी पुस्तक में नहीं मिलेगा। सभी लेखक ऑप्शन क्या है व ऑप्शन के ग्रीक आदि का विवरणात्मक ज्ञान देते हैं। कोई भी पुस्तक आपको ऑप्शन का ऐसा व्यावहारिक ज्ञान नहीं देती जिस ज्ञान से एक कम पढ़ा-लिखा साधारण वेटर भी ऑप्शन ट्रेडिंग से अमीर बन सकता है। प्रस्तुत पुस्तक भारतीय शेयर बाजार के सबसे ज्यादा पढ़े जानेवाले रिसर्च एनालिस्ट महेश कौशिक की ऐसी दुर्लभ कृति है जिसमें ऑप्शन के क, ख, ग से लेकर ग्रीक तक का आधुनिकतम ज्ञान एकदम सरल भाषा में दिया गया है। प्रसिद्ध लेखक महेश चंद्र कौशिक जटिल विषयों को सरलता से समझाना पसंद करते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर यह पुस्तक भी एक कहानी के फार्मेट में लिखी गई है ताकि आप इसको पढ़ते समय कहीं भी बोरियत महसूस नहीं करें। इसमें घीसू भाई नामक पात्र एक साधारण वेटर है जिसे महेश चंद्र कौशिक ने ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे सिखाई! व्यावहारिक जानकारियों से भरपूर पठनीय रोचक पुस्तक। "
Patanjali Yog Darshan
- Author Name:
Dr. Mridul Kirti
- Book Type:

- Description:
"ऋषि पतञ्जलि प्रणीत पतञ्जलि योग दर्शन आत्म-भू-योग दर्शन हैं। यह अनन्य, अनूठा, अनुपमेय योग-दर्शन, जो अपने लिए आप ही प्रमाण है। इस अपूर्व और अद्भुत ग्रंथ के समान सृष्टि में कोई अन्य यौगिक ग्रंथ है ही नहीं। एक तरह से इसे प्रकृति की अद्भुत और चमत्कृत घटना कह सकते हैं। ‘पतञ्जलि योग दर्शन’ गणतीय भाषा में एवं सूत्रात्मक शैली में रचित, सृष्टि का एक अद्वितीय, यौगिक विज्ञान का विस्मयकारी ग्रंथ है, जिसमें मनुष्य के प्राण से लेकर महाप्राण तक की अंतर्यात्रा, मृण्मय से चिन्मय तक जाने का यौगिक ज्ञान, मूलाधार से सहस्रार तक ब्रह्मैक्य का आंतरिक ज्ञान, मर्म और दर्शन समाहित है। योग-दर्शन जीव के पंचमय कोषों, अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, ज्ञानमय कोषों के गूढ़ मर्म और उनमें छुपी शक्तियों को उजागर करता हुआ, देह के सुप्त बिंदुओं को जाग्रत् कर, विदेह की ओर उन्मुख कर आनंदमय कोष में प्रवेश कराने का विज्ञान है। साधना देह में रहकर ही होती है, विदेह अंतरात्मा साधना नहीं कर सकता, इसीलिए देह तो आत्मोन्नति का साधन है, अतः देह का स्वस्थ, संयमी और स्वच्छ रखना योग का ही अंग है। शरीर हेय नहीं, श्रेय पाने का साधन है। बिखराव तब आता है, जब हम देह को ही सर्वस्व मान लेते हैं। यम, नियम, आसन, प्राणायाम और प्रत्याहार तक केवल देह के घटकों में समाहित शक्ति केंद्रों को जाग्रत करने का ज्ञान है। धारणा, ध्यान और समाधि अंतर्मन में निहित बिंदुओं को संयमित कर दिव्यता की ओर जाने का विज्ञान है। वस्तुतः योग-दर्शन ‘योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः’ के चारों ओर ही परिक्रमायित है क्योंकि साधना कठिन नहीं, किंतु मन का सधना कठिन है। "
Zindagi Ka Bonus
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description:
‘जिंदगी का बोनस’ जीवन के कुछ ऐसे अनोखे पलों का दस्तावेज है जो अनायास आपकी झोली में आ गिरते हैं, लेकिन फिर आपकी स्थायी निधि बन जाते हैं। ये पल आपको हँसाते भी हैं, गुदगुदाते भी हैं और वक्त पड़ने पर आपको चिकोटी भी काटते हैं। कभी आँखें नम कर जाते, तो कभी आह्लाद की अनुभूति कराते हैं। ‘कुछ अल्प विराम’ और ‘पलभर की पहचान’ के बाद रम्य रचनाओं की ये तीसरी प्रस्तुति है जो अपनी तरह का एक अनूठा प्रयोग है। जीवन का कौन सा पल कब आपके लिए क्या संदेश लाएगा, कहा नहीं जा सकता। इन पलों को सँजोकर रखना इसलिए जरूरी है। ‘जिंदगी का बोनस’ एक धरोहर बनकर जीवन के आनंद को तो बढ़ाएगा ही, साथ ही मानवीय संबंधों की अमूल्य निधि भी साथ दे जाएगा।
Ameer Banane Ka Vigyan
- Author Name:
Wallace D. Wattles
- Book Type:

- Description:
"वालेस डी. वॉटल्स ने संसार को सकारात्मक सोच की शक्ति से परिचित कराया। अपनी पुस्तक में वॉटल्स मानव मन की शक्ति पर जोर देते हैं कि हमारे सोचने का तरीका धन को हमारे करीब ला सकता है या उसे दूर कर सकता है। उनका कहना है कि ऐसे कुछ नियम हैं, जिनका धन कमाने की प्रक्रिया पर नियंत्रण होता है। एक बार इन नियमों का पालन कर लिया जाए तो कोई भी व्यक्ति निश्चित रूप से अमीर बन सकता है। अतः धन कमाने के नियम को उनसे जानिए, अमीर बनने के रहस्य को जानिए, जिसकी शुरुआत आप जहाँ हैं, वहीं से होती है और जो कुछ आपके पास है, उसी से होती है। अमीर बनने का विज्ञान इस रहस्य को बताता है कि दौलत को व्यावहारिक तरीके से, इच्छा के अनुसार और किसी प्रकार की होड़ किए बिना ही, जीवन के साथ स्नेह और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखकर हासिल किया जा सकता है। अमीर बनने का यह विज्ञान के 100 वर्षों से भी अधिक समय बाद भी प्रासंगिक बना हुआ है। जब तक किसी व्यक्ति के पास पर्याप्त पैसा नहीं है, तब तक वह अपनी प्रतिभा या सोच के सर्वोच्च स्तर तक नहीं पहुँच सकता है, क्योंकि मन और प्रतिभा के विकास के लिए उसके पास इस्तेमाल की चीजें होनी चाहिए, और जब तक उसके पास इनके लिए पैसा नहीं होगा, तब तक वह इन्हें खरीद नहीं सकता। "
Atalji Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description:
"एक दोपहर अटलजी और दीनदयालजी जमीन पर चटाई बिछाकर लेट गए। वहीं सिराहने कुछ ईंटें रखी हुई थीं। दोनों ने उन्हीं ईंटों को तकिए की तरह अपने सिर के नीचे लगा लिया। उस समय भारत प्रेस के हिसाब-किताब का काम श्री राधेश्याम कपूरजी देखा करते थे। वैसे तो उनकी अमीनाबाद में अपनी दुकान भी थी, लेकिन वे उसमें कम ही बैठते, क्योंकि उनका दिल तो भारत प्रेस में ही लगा रहता था।...तो अचानक वे आ गए और दोनों को ऐसे सोता देख द्रवित हो उठे, जबकि सच तो यह है कि अटलजी और दीनदयालजी को किसी भी प्रकार का कोई कष्ट महसूस ही नहीं हुआ था, वे दोनों तो थकान के बाद की नींद का आनंद ले रहे थे। बाद में तो यह अकसर ही होने लगा। कोई भी सोता तो उन्हीं ईंटों का तकिया लगा लेता। उन दिनों संघ की शाखा में रोज कबड्डी खेली जाती थी। अटलजी को भी कबड्डी खेलना बड़ा अच्छा लगता था, लेकिन वे ठीक से खेल ही नहीं पाते थे। खेल के नियम तो सारे जानते थे, लेकिन दरअसल कारण यह था कि उन दिनों वे बहुत दुबले-पतले हुआ करते थे, इसलिए वे जिसके भी पाले में आते, उस पाले के स्वयंसेवक अपना सिर पकड़ लेते। —इसी संग्रह से भारत रत्न अटलजी जननायक थे, कवि-साहित्यकार थे, सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता लिये संवेदना से भरपूर एक महान् विभूति थे। उनकी स्मृतियाँ सँजोने का एक विनम्र उपक्रम है यह पुस्तक, जो पाठकों को प्रेरित करेगी। "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book