Ek Ias Aspirant Ki Romanchak Success Story
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
आलोक शिर्के ने जब परीक्षाओं में सबसे बड़ी परीक्षा यू.पी.एस.सी. सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का फैसला किया तो उन्हें क्या पता था कि यह सफर किताबों और क्लास करने से कहीं ज्यादा साबित होगा। घर की आरामदेह चारदीवारी से निकलकर वह ओल्ड राजेंद्र नगर की भीड़ भरी गलियों तक आए। संयोगवश सारा से हुई एक मुलाकात ऐसी थी, मानो किस्मत ने उनकी सारी मेहनत की भरपाई कर दी। उन लोगों से उनकी मुलाकात हुई जो जीवनभर के लिए साथी बन गए। प्यार, पछतावा, दोस्ती और सपनों के चकनाचूर होने की उनकी कहानियाँ शिर्के को जम्मू से टर्की तक, वेश्यालयों से अस्पतालों तक और गंदे-अँधेरे कमरों से यू.पी.एस.सी. के भव्य सभागारों तक ले जाती हैं। जिंदगी फिर से पटरी पर लौटती दिख रही थी कि तभी उनका सामना एक ऐसे सच से होता है जिसमें उन्हें और उनकी पूरी जिंदगी को बदलने की क्षमता है। क्या आलोक परीक्षा को पास कर लेंगे, या वह भी उन तमाम फौरन भुला दिए जाने वाले उम्मीदवारों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएँगे? क्या एक विचित्र खुलासे के बाद वह अपने जीवन को एक सुखद पलायन (ए प्लीजेंट एस्केप) के रूप में देखने लगेंगे?
Read moreAbout the Book
आलोक शिर्के ने जब परीक्षाओं में सबसे बड़ी परीक्षा यू.पी.एस.सी. सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का फैसला किया तो उन्हें क्या पता था कि यह सफर किताबों और क्लास करने से कहीं ज्यादा साबित होगा।
घर की आरामदेह चारदीवारी से निकलकर वह ओल्ड राजेंद्र नगर की भीड़ भरी गलियों तक आए। संयोगवश सारा से हुई एक मुलाकात ऐसी थी, मानो किस्मत ने उनकी सारी मेहनत की भरपाई कर दी। उन लोगों से उनकी मुलाकात हुई जो जीवनभर के लिए साथी बन गए। प्यार, पछतावा, दोस्ती और सपनों के चकनाचूर होने की उनकी कहानियाँ शिर्के को जम्मू से टर्की तक, वेश्यालयों से अस्पतालों तक और गंदे-अँधेरे कमरों से यू.पी.एस.सी. के भव्य सभागारों तक ले जाती हैं।
जिंदगी फिर से पटरी पर लौटती दिख रही थी कि तभी उनका सामना एक ऐसे सच से होता है जिसमें उन्हें और उनकी पूरी जिंदगी को बदलने की क्षमता है।
क्या आलोक परीक्षा को पास कर लेंगे, या वह भी उन तमाम फौरन भुला दिए जाने वाले उम्मीदवारों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएँगे? क्या एक विचित्र खुलासे के बाद वह अपने जीवन को एक सुखद पलायन (ए प्लीजेंट एस्केप) के रूप में देखने लगेंगे?
Book Details
-
ISBN9789390900718
-
Pages264
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Shreshtha Banne Ke Marg Par 7 Divine Laws
- Author Name:
Swami Mukundananda
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Aviral
- Author Name:
Dr. Anand Prakash Maheshwari
- Book Type:

- Description: जन सेवा में रहकर जन व्यवस्था के अनेक आयाम देखने को मिलते हैं। पुलिस सेवा और भी करीब से कई रूप दिखा देती है। बात कुछ नहीं होती। फिर भी बात से बतंगड़ बन जाता है। अलग-अलग पहलुओं से उन्हें परखा जाता है। विभिन्न घटक उन्हें अपने सामर्थ्य के हिसाब से अपने रंग में ढालने का प्रयास करते हैं। व्यवस्थागत आयाम भी राजनैतिक, प्रशासनिक, वैधानिक एवं साक्ष्यगत पहलुओं से गुजरते हैं। फिर शुरू होता है अनियंत्रित विडंबनाओं का सिलसिला। एक लहर से अनेक लहरें। फिर वह सैलाब कब थमेगा और किस स्वरूप में नए आयाम उभरकर सामने आएँगे, यह कह पाना कठिन हो जाता है। स्मृतियों में अनेक कुंठाएँ घर कर लेती हैं, जो कि कब विकराल हो उठेंगी, यह भी कहना मुश्किल है। जन व्यवस्था की यह यात्रा अविरल है। विभिन्न जातियों, समूहों एवं संस्कृतियों में समरूपता, सामंजस्य एवं सद्भाव की दिशा में प्रयास अथवा मध्यम मार्ग एवं परस्पर संतुलन के विकल्प? इस पुस्तक के माध्यम से कथानक के रूप में कई रुचिकर पहलुओं को उजागर किया गया है, जो कि जन व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हैं और जनजागृति की दिशा में मुक्त रूप से सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं।
The Richest Man In Babylon
- Author Name:
George S. Clason
- Book Type:

- Description: “जब आदमी ईमानदारी से अपना लक्ष्य तय कर लेता है तो उसे पा भी लेता है। मैंने भी अपना पक्का संकल्प कर लिया था, लौटने के बाद पहले उन क़र्ज़दाताओं से मिला, जिन्होंने मुझे क़र्ज़ दिया हुआ था। मैंने उन्हें अपनी बीती ज़िंदगी के बारे में बताया और उनसे कुछ दिन और धैर्य रखने की बात कही। कुछ क़र्ज़दाता मुझसे ठीक से पेश आए पर कुछ ने मुझे बेहद लताड़ा। एक क़र्ज़दाता ऐसा था, जिसने उस दौरान मेरी ख़ूब मदद की, वह था सोना उधार देने वाला मेथन। यह जानने के बाद कि मैं सीरिया में ऊंट का ख़्याल रखा करता था, वह मुझे नेबटुर के पास ले गया, वह ऊंट का व्यापारी था, उसे मेरा ऊंटों का ज्ञान बहुत काम आया। धीरे-धीरे ही सही पर मैंने हर वो सोने-चांदी का सिक्का चुका दिया, जो मैंने उधार लिया हुआ था और इस तरह मैं आज पूरे सम्मान के साथ अपना जीवन जी पा रहा हूँ।” दाबासिर ने पूरे गर्व से कहा। इस तरह दाबासिर ने अपनी कहानी ख़त्म की। उसने ख़ुद को आज़ाद किया, अपने दुश्मनों पर जीत हासिल की और उसने दुनिया को अलग नज़रिए से देखना शुरू किया, वही नज़रिया जो बुद्धिमान लोगों के पास पहले से ही था। इस नज़रिये ने दुनिया के कई लोगों को नई राह दिखलाई थी, उन्हें ज़िंदगी में सफल बनाया था।
Jab Aurat Sochti Hai : Romanch, Saundarya Aur Safalta Bhari Zindagi Ke Nuskhe
- Author Name:
Maye Musk
- Book Type:

- Description: ‘ख़तरनाक सावधानी’ के साथ जिए गए जीवन की कहानियाँ और सबक़ मेय मस्क एक फ़ैशनेबल, आकर्षक, धनवान सुपरमॉडल और पब्लिक स्पीकर हैं। लेकिन उनका जीवन हमेशा से इतना आसान और ग्लैमरस नहीं था—मात्र इकतीस वर्ष की उम्र में वे एकल माँ बन गईं, घनघोर ग़रीबी में तीन बच्चों के लालन-पालन की भारी ज़िम्मेदारी उनके ऊपर आन पड़ी, प्लस-साइज़ मॉडल के रूप में उन्हें अपने वज़न से जुड़ी समस्याओं से दो-चार होना पड़ा और मॉडलिंग उद्योग के ‘आयु-वाद’ से भी सफलतापूर्वक मुक़ाबला किया। और, इस सबके बीच तीन मुल्कों और दो महाद्वीपों के आठ शहरों में काम करते हुए एक इज़्ज़तदार आहार-विशेषज्ञ के रूप में अपना शानदार और स्थायी करियर भी स्थापित किया। यह सब उन्होंने अपने अदम्य उत्साह और व्यावहारिकता के बल पर किया, विश्व-स्तर पर सफलता हासिल की, अप्रत्याशित ढंग से एक आइकन बनीं और अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण क्षण तक पहुँचीं। जब औरत सोचती है में वे अपने अनुभवों और कड़ी मेहनत से अर्जित ज्ञान और समझ को साझा कर रही हैं। करियर, परिवार, स्वास्थ्य, एडवेंचर और जीवन के अन्य पहलुओं पर उनकी व्यावहारिक सलाहें भी इसमें आपको मिलेंगी। यह पुस्तक आपको बताती है कि जो होता है, या होने वाला है, उसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन अगर आप एक योजना बनाकर चलते हैं तो किसी भी उम्र में एक प्रसन्न, स्वस्थ और आनन्ददायी जीवन जी सकते हैं।
Sukhi, Saral, Safal Jeevan
- Author Name:
Dr. Vijay Mittal
- Book Type:

- Description: हमारा जीवन कैसा होना चाहिए? वैवाहिक जीवन कैसे जिएं? अच्छे माँ-बाप कैसे बनें? अपनी संतान की परवरिश कैसे करें? अन्य लोगों से, परिजनों से कैसा व्यवहार रखें? जिंदगी के प्रति हमारा दृष्टिकोण कैसा हो? हर इंसान स्वस्थ रहना चाहता है, सुख-शांति से जीवन व्यतीत करना चाहता है तथा अपने कार्यक्षेत्र में सफलता की ऊँचाइयों को छूना चाहता है | पर्याप्त मात्रा में धन अर्जित करना चाहता है, ताकि अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताएँ पूरी कर सके; समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बना सके| इस पुस्तक के द्वारा यही प्रयास किया गया है कि आप अपनी पसंद व क्षमता अनुसार किस प्रकार सुखी और सफल जीवन जी सकते हैं तथा मानसिक तनाव से दूर रहकर सार्थक जीवन की कामना फलीभूत कर सकते हैं| जीवन में सकारात्मकता, सार्थकता, संतोष और आनंद की अनुभूति करवा सकने की क्षमता रखनेवाली अत्यंत पठनीय कृति|
Adhiktam Safalata
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: डॉ. नेपोलियन हिल के लेखन को जानने के बाद यह जानना आसान हो जाता है कि ज्यूडिथ विलियमसन ने जीवन की संपदाओं से भरपूर पुस्तक के लिए ‘अधिकतम सफलता’ नाम यों चुना? डॉ. हिल ने तेरह वर्ष की अल्पायु में, दक्षिण-पश्चिम वर्जीनिया के पर्वतों पर रहते हुए अपना लेखन आरंभ किया और आनेवाले सात दशकों तक अपनी लेखन प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। उन्होंने अपने प्रमुख लेखन में जिन व्यतियों पर अध्ययन और शोध किया, मानो उनके जीवन में से सोना प्राप्त करने के लिए खदानें खोद दीं। उनके प्रमुख कार्यों में ‘लॉ ऑफ ससेस और थिंक ऐंड ग्रो रिच’ को शामिल कर सकते हैं। उनके संपूर्ण लेखन से उनके पाठकों ने यह अनमोल विरासत पाई। अगर आप ‘नेपोलियन हिल : अधिकतम सफलता’ में सुश्री विलियमसन द्वारा दिए गए लेखों को पढ़ेंगे तो निश्चित रूप से इनका लाभ पा सकेंगे। इनमें से कुछ नियम आपकी सफलता की यात्रा में काम आनेवाले हैं। अगर आपको पूरी पुस्तक को पढ़कर लगे कि आपके गुणों में किसी एक गुण विशेष, जैसे लोच आदि की कमी आ रही है तो आपको उस अध्याय को एक बार फिर से पूरी तरह पढ़ना चाहिए, ताकि आप अपने व्यवहार में वांछित बदलाव ला सकें और आप भी सोने की इस खदान से अपने लिए संपदा चुन सकें। अधिकतम सफलता के लिए प्रेरित करने वाली एक पठनीय पुस्तक।
Suno Vidyarthiyo
- Author Name:
Mahatma Gandhi
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
Apke Avchetan Man Ki Shakti
- Author Name:
Dr.Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Transformation through ‘Thinking’ Positive
- Author Name:
Dr. Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Positive is one of the basic requisites for living a good and fulfilling life. With this book, I have tried to touch upon the idea of Thinking Positive and how it may lead to the development of a positive society, positive India and a positive universe as a whole. The book is intended to help employ a positive approach, not only in professional life but in day-to-day life as well. The intention to bring out this book is to disseminate positive thinking among the masses so that they can face the challenges of this competitive world happily and without stress. The book intends to take the reader to a journey to reinvent self to think in a positive manner in all circumstances. ‘A time has come to develop Generation (P3) i.e. Positive, Proactive & Progressive required for sustainable development of the country.’ —Dr. Ashutosh Karnatak
Achchha Banne Ki Kala
- Author Name:
Meena Sharma
- Book Type:

- Description: Children's Book to learn good habits.
NAUKARI NAHIN, BUSINESS IDEA DHOONDHO
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: "आज कहीं नौकरी करने की तुलना में स्वतंत्र कर्मी बनना बल्कि अपने खुद का बिजनेस शुरू करना आसान है। इसकेलिए आपकी लगन, मेहनत, दूरदर्शिता, निर्णय-क्षमता और नए-नए आइडिया ही सफलता का मार्ग खोलेंगे, इसलिए ‘नौकरी नहीं, बिजनेस आइडिया’ आपके स्वर्णिम भविष्य का आधार है। प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु एवं वक्ता श्री एन. रघुरामन के दीर्घ अनुभव से उपजे ये फंडे आपको नई ऊर्जा देंगे और आपका आत्मविश्वास जाग्रत् करेंगे— जीवन में किसी क्षेत्र में सच्ची रुचि जागती है, तो अवसर दरवाजे खटखटाते हैं। कुछ के जीवन में जल्दी तो कुछ के देर से। बिजनेस और भरोसा भी साथ-साथ चल सकते हैं। बस इसके लिए सही तालमेल बैठाने की जरूरत है। अपने दरवाजे पर बड़े अवसरों की दस्तक का इंतजार मत कीजिए, छोटी पहल करके उनकी तलाश कीजिए। वे आपके लिए बड़े दरवाजे खोल देंगी। जब आप क्वालिटी से समझौता करते हैं तो कोई भी बिजनेस क्यों न हो, वह ग्राहकों की उदासीनता का शिकार होने लगता है। "
Saal Mein 1000 Productive Ghante Kaise Badhayen
- Author Name:
Sanjay Kumar Agarwal
- Book Type:

- Description: यह अपनी तरह की अनूठी पुस्तक है, जो कि ‘समय प्रबंधन’ और ‘लक्ष्य निर्धारण’, दोनों के कौशल विस्तार से समझाती है। यह पुस्तक तीन प्रमुख अवधारणाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। पहली अवधारणा ‘नकारात्मकता’ से ‘सकारात्मकता’ की ओर बढ़ने के बारे में है, चाहे वह आपके विचार, कार्य, व्यवहार, भाषा या समय-उपयोग के पैटर्न आदि के स्तर पर हो। दूसरी अवधारणा अवचेतन मन की असीम शक्तियों को समझकर अपने सपनों के जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रभावी रूप से इसका इस्तेमाल करना है और तीसरी अवधारणा ‘कर्म सिद्धांत’ को समझने और इसके लाभों का दोहन अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने के बारे में है। लेखक ने खुलासा किया है कि कैसे GOPTATM ‘लक्ष्योन्मुख सकारात्मक सोच एवं कार्य’ का उपयोग करके प्रतिदिन 3 उत्पादक घंटे प्राप्त कर सकते हैं (प्रतिवर्ष लगभग 1000 उत्पादक घंटे), जो आप जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने में इस्तेमाल कर सकते हैं।
Mutthi Mein Jeet
- Author Name:
C. S. Mishra
- Book Type:

-
Description:
आज की नकारात्मक समाजार्थिक परिस्थितियों और कम अवसरों के बरक्स बढ़ती स्पर्द्धा के बीच ख़ासकर हमारे युवाओं के सामने सफल जीवन की आकांक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। हताशा एक सामान्य सामाजिक स्थिति है और हर आनेवाली पीढ़ी उसके सामने और ज़्यादा असहाय दिखाई देती है।
इसीलिए ऐसे संस्थानों, लोगों और पुस्तकों की बाढ़ आ गई है जो युवाओं को तरह-तरह से सफल होने के सूत्र थमाते रहते हैं; व्यक्तित्व-विकास के नाम पर उन्हें अधकचरी और भ्रामक सामग्री देते रहते हैं।
यह पुस्तक इस पूरे घटाटोप में एक अनूठी पद्धति के साथ सामने आती है और युवाओं को सफलता के वास्तविक अर्थ समझाते हुए इस तरह निर्देशित करती है कि वे धनार्जन को ही सफलता न मानें, बल्कि अपने वजूद की सम्पूर्ण उपलब्धि के रूप में उसे देखें।
'श्रेयस्कर लक्ष्यों की उत्तरोत्तर प्राप्ति ही सफलता है'—अर्ल नाइटिंगेल की इस परिभाषा को आधार बनाते हुए यह किताब सरलता से हमारी सोच, हमारे संस्कार और विचार-शैली को मनोवैज्ञानिक ढंग से एक अलग धरातल पर ले जाती है।
उपसंहार में स्वयं के मूल्यांकन की एक सरल प्रणाली इसे और मूल्यवान बनाती है।
Master Your Destiny: Lessons From Lohani | Tarun Pithode
- Author Name:
Tarun Pithode
- Book Type:

- Description: This book is about learning to become a leader in the field of management. It draws inspiration and examples from the life of Ashwani Lohani who has had a remarkable career in public administration and management. It uniquely covers the multifarious aspects of the management. It highlights the challenges faced by Ashwani Lohani at various levels, along with experiences and feedback of his seniors, friends, colleagues, and juniors. It also describes the strategies he adopted to run various organisations and elevate them to unimaginable levels of success. This book encapsulates experiences that offer managerial lessons for future bureaucrats and millions of managers across the corporate world.
Prerna : Nai Soch Nai Manzil
- Author Name:
Rajesh Aggarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patanjali Yog Darshan
- Author Name:
Dr. Mridul Kirti
- Book Type:

- Description: "ऋषि पतञ्जलि प्रणीत पतञ्जलि योग दर्शन आत्म-भू-योग दर्शन हैं। यह अनन्य, अनूठा, अनुपमेय योग-दर्शन, जो अपने लिए आप ही प्रमाण है। इस अपूर्व और अद्भुत ग्रंथ के समान सृष्टि में कोई अन्य यौगिक ग्रंथ है ही नहीं। एक तरह से इसे प्रकृति की अद्भुत और चमत्कृत घटना कह सकते हैं। ‘पतञ्जलि योग दर्शन’ गणतीय भाषा में एवं सूत्रात्मक शैली में रचित, सृष्टि का एक अद्वितीय, यौगिक विज्ञान का विस्मयकारी ग्रंथ है, जिसमें मनुष्य के प्राण से लेकर महाप्राण तक की अंतर्यात्रा, मृण्मय से चिन्मय तक जाने का यौगिक ज्ञान, मूलाधार से सहस्रार तक ब्रह्मैक्य का आंतरिक ज्ञान, मर्म और दर्शन समाहित है। योग-दर्शन जीव के पंचमय कोषों, अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, ज्ञानमय कोषों के गूढ़ मर्म और उनमें छुपी शक्तियों को उजागर करता हुआ, देह के सुप्त बिंदुओं को जाग्रत् कर, विदेह की ओर उन्मुख कर आनंदमय कोष में प्रवेश कराने का विज्ञान है। साधना देह में रहकर ही होती है, विदेह अंतरात्मा साधना नहीं कर सकता, इसीलिए देह तो आत्मोन्नति का साधन है, अतः देह का स्वस्थ, संयमी और स्वच्छ रखना योग का ही अंग है। शरीर हेय नहीं, श्रेय पाने का साधन है। बिखराव तब आता है, जब हम देह को ही सर्वस्व मान लेते हैं। यम, नियम, आसन, प्राणायाम और प्रत्याहार तक केवल देह के घटकों में समाहित शक्ति केंद्रों को जाग्रत करने का ज्ञान है। धारणा, ध्यान और समाधि अंतर्मन में निहित बिंदुओं को संयमित कर दिव्यता की ओर जाने का विज्ञान है। वस्तुतः योग-दर्शन ‘योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः’ के चारों ओर ही परिक्रमायित है क्योंकि साधना कठिन नहीं, किंतु मन का सधना कठिन है। "
Kushal Prabandhan Ke Sootra
- Author Name:
Suresh Kant
- Book Type:

-
Description:
‘कुशल प्रबन्धन के सूत्र’ पर सुरेश कांत के दैनिक ‘अमर उजाला कारोबार’ में हर मंगलवार को प्रकाशित होनेवाले लोकप्रिय साप्ताहिक प्रबन्धन–कॉलम में छपे लेखों में से 40 चुने हुए लेखों का संकलन है। इन लेखों में हिन्दी में पहली बार प्रबन्धन के विभिन्न पहलुओं पर अत्यन्त रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रकाश डाला गया है। स्व–प्रबन्धन, कर्मचारी–प्रबन्धन, कार्यालय–प्रबन्धन, समय–प्रबन्धन, व्यक्तित्व–विकास, औद्योगिक सम्बन्ध, नेतृत्व–कला, कौशल–विकास आदि सभी पक्षों पर इनमें इतने सरल, सुबोध और आकर्षक तरीक़े से चर्चा की गई है कि पाठक लेखक के साथ बह चलता है। प्रबन्धन उसके लिए पराया अथवा दुरूह विषय नहीं रह जाता।
प्रबन्धन लेखक की नज़र में व्यक्तित्व के सतत विकास और जीवन में निरन्तर प्रगति की प्रक्रिया है। आदमी अपना ही परिष्कार न कर सके, अपने घर–परिवार की ही उन्नति न कर सके, तो वह कारोबार या दफ़्तर की प्रगति कैसे सुनिश्चित कर सकेगा? वह अपने को ही न सँभाल सके, तो दूसरों को—कर्मचारियों, ग्राहकों आदि को—क्या सँभाल सकेगा? अच्छा आदमी ही अच्छा कर्मचारी, अधिकारी या प्रबन्धक हो सकता है। अत: प्रबन्धन छात्रों, शोधार्थियों, कारोबारियों, कर्मचारियों–अधिकारियों अथवा प्रबन्धकों से ही ताल्लुक़ नहीं रखता, आम आदमी से भी ताल्लुक़ रखता है। वह कम्पनी–जगत के ही मतलब की चीज़ नहीं, मनुष्य मात्र के मतलब की चीज़ है। वह आदमी को बेहतर आदमी बनाने की कला है।
सुरेश कांत ने अपना लक्ष्य–समूह कॉरपोरेट–दुनिया के आदमी को ही नहीं, पूरी दुनिया के हर आदमी को मानकर इस विषय की प्रस्तुति की है। एक सफल, सिद्धहस्त रचनाकार होने के कारण वे इस विषय में लालित्य भरने में कामयाब रहे हैं। अपने विशद अध्ययन, गहरे ज्ञान और असरदार लेखन–शैली के बल पर वह इस विषय को हिन्दी में जन–जन में लोकप्रिय बनाने में सफल रहे हैं।
आप चाहे कोई भी हों, इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप वही नहीं रह जाएँगे, जो आप इसे पढ़ने से पहले थे। एक बहुत ही ज़रूरी और महत्त्वपूर्ण पुस्तक।
Vriddhvastha Mein Sukhi Jeevan
- Author Name:
Satendra Nath Ray
- Book Type:

- Description: "बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती, अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है, जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है, वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान, सुख क्या है और कहाँ?, जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें, जिनकी हमें जरूरत नहीं है, जो हानिकारक हैं। पान, पान मसाला, खैनी, शराब, मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं, अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है, अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब, क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है, सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं। "
Ganit Ki Rochak Baaten
- Author Name:
Virendra Kumar
- Book Type:

- Description: गणित को सामान्यतः लोग एक नीरस विषय मानते हैं, क्योंकि गणित के आधारभूत नियमों और सूत्रों की जानकारी के अभाव में गणित को समझना काफी कठिन होता है; साथ ही गणित को समझने में सूझ एवं तर्कशक्ति की परम आवश्यकता होती है। अतः मस्तिष्क पर दबाव डालना पड़ता है। जिनके पास सूझ, तर्कशक्ति एवं अच्छी स्मरण-शक्ति है, उन लोगों के लिए गणित आनंद का सागर है। समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान मिलने पर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा तथा अपार प्रसन्नता मिलती है। गणित अपने आप में रहस्यों का संसार है। जिज्ञासु जब इस रहस्यमय संसार में प्रविष्ट करता है तो एक के बाद एक नए रहस्य सामने आने लगते हैं। रहस्यों के अनावृत होने पर यह रहस्यमय संसार परीलोक में बदल जाता है—और जिज्ञासु आनंद के सागर में गोते लगाने लगता है। प्रस्तुत पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को गणित संबंधी अनेक रोचक बातों की जानकारी प्रदान कर गणित के प्रति रुचि जाग्रत् करना है, जिससे कि वे इससे मिलनेवाले आनंद को अधिकाधिक प्राप्त कर सकें।
Insaniyat Ke Funde
- Author Name:
N Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book