Jhupli Ka Shahad Ka Dibba
(0)
₹
175
₹ 145.25 (17% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
बाबा कहाँ हैं? वह अभी तक वापस क्यों नहीं आया? शाम होते ही झुपली बेचैन हो जाती है। उसके पिता शहद इकट्ठा करने के लिए घने जंगल में गए हैं और वह डरी हुई है। क्योंकि जंगल में बाघ हैं. क्योंकि लोग कभी-कभी अंदर चले जाते हैं और कभी बाहर नहीं आते। क्या बाबा को हर दिन ख़तरे में जाना पड़ता होगा? झुपली के पास एक विचार है - शहद के डिब्बे! मनोदशा से भरे चित्र और पाठ झुपली की निरंतर चिंता को शानदार सुंदरवन के विस्तार में बुनते हैं, एक जगह जो सुंदर होने के साथ-साथ खतरनाक भी है, एक ऐसी कहानी में जो शहद इकट्ठा करने वालों की दुर्दशा की ओर इशारा करती है।
Read moreAbout the Book
बाबा कहाँ हैं? वह अभी तक वापस क्यों नहीं आया? शाम होते ही झुपली बेचैन हो जाती है। उसके पिता शहद इकट्ठा करने के लिए घने जंगल में गए हैं और वह डरी हुई है। क्योंकि जंगल में बाघ हैं. क्योंकि लोग कभी-कभी अंदर चले जाते हैं और कभी बाहर नहीं आते। क्या बाबा को हर दिन ख़तरे में जाना पड़ता होगा? झुपली के पास एक विचार है - शहद के डिब्बे!
मनोदशा से भरे चित्र और पाठ झुपली की निरंतर चिंता को शानदार सुंदरवन के विस्तार में बुनते हैं, एक जगह जो सुंदर होने के साथ-साथ खतरनाक भी है, एक ऐसी कहानी में जो शहद इकट्ठा करने वालों की दुर्दशा की ओर इशारा करती है।
Book Details
-
ISBN9789390834594
-
Pages24
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Jhupliya Jenu Pettige
- Author Name:
Achintyarup Ray
- Book Type:

- Description:
ಬಾಬಾ ಎಲ್ಲಿದ್ದಾರೆ? ಅವನು ಇನ್ನೂ ಏಕೆ ಹಿಂತಿರುಗಿಲ್ಲ? ಸಂಜೆಯಾಗುತ್ತಿದ್ದಂತೆ ಜುಪ್ಲಿ ಚಡಪಡಿಸುತ್ತಾಳೆ. ಅವಳ ತಂದೆ ಜೇನು ಸಂಗ್ರಹಿಸಲು ದಟ್ಟವಾದ ಕಾಡಿಗೆ ಹೋಗಿದ್ದಾರೆ ಮತ್ತು ಅವಳು ಭಯಪಡುತ್ತಾಳೆ. ಏಕೆಂದರೆ ಕಾಡಿನಲ್ಲಿ ಹುಲಿಗಳಿವೆ. ಏಕೆಂದರೆ ಜನರು ಕೆಲವೊಮ್ಮೆ ಒಳಗೆ ಹೋಗುತ್ತಾರೆ ಮತ್ತು ಎಂದಿಗೂ ಹೊರಗೆ ಬರುವುದಿಲ್ಲ. ಬಾಬಾ ಪ್ರತಿದಿನ ಅಪಾಯದಲ್ಲಿ ಹೋಗಬೇಕೇ? ಜುಪ್ಲಿಗೆ ಒಂದು ಉಪಾಯವಿದೆ - ಜೇನು ಪೆಟ್ಟಿಗೆಗಳು! ಮೂಡ್ ತುಂಬಿದ ಚಿತ್ರಗಳು ಮತ್ತು ಪಠ್ಯವು ಜುಪ್ಲಿಯ ನಿರಂತರ ಆತಂಕವನ್ನು ಭವ್ಯವಾದ ಸುಂದರ್ಬನ್ನ ಗುಡಿಸುವಿಕೆಗೆ ನೇಯ್ಗೆ ಮಾಡುತ್ತದೆ, ಅದು ಸುಂದರವಾಗಿರುವಂತಹ ಭಯಾನಕ ಸ್ಥಳವಾಗಿದೆ, ಅದರ ಜೇನು ಸಂಗ್ರಹಕಾರರ ದುಃಸ್ಥಿತಿಯನ್ನು ತೋರಿಸುತ್ತದೆ.
Jhuplir Modhur Baksho
- Author Name:
Achintyarup Ray
- Book Type:

- Description:
বাবা কোথায়? সে এখনো ফিরে আসেনি কেন? সন্ধ্যা নামার সাথে সাথে ঝুপলি অস্থির। তার বাবা মধু সংগ্রহ করতে ঘন জঙ্গলে গেছে এবং সে ভয় পেয়েছে। কারণ বনে বাঘ আছে। কারণ মানুষ কখনো ভেতরে যায় আর কখনো বের হয় না। বাবাকে কি প্রতিদিন বিপদে পড়তে হবে? ঝুপলির একটা আইডিয়া আছে – মধুর বাক্স! মেজাজ-ভরা ছবি এবং টেক্সট ঝুপলির নিরন্তর উদ্বেগকে সুন্দর সুন্দরবনের ঝাড়ু দিয়ে বুনেছে, এটি একটি ভয়ঙ্কর জায়গা যেমন সুন্দর, একটি গল্পে যা এর মধু সংগ্রহকারীদের দুর্দশার দিকে নির্দেশ করে।
Jhupliyude Theneechakoodu
- Author Name:
Achintyarup Ray
- Book Type:

- Description:
ബാബ എവിടെ? എന്തുകൊണ്ടാണ് അദ്ദേഹം ഇതുവരെ തിരിച്ചെത്താത്തത്? വൈകുന്നേരം അസ്തമിക്കുമ്പോൾ ജുപ്ലി അസ്വസ്ഥയാണ്. അവളുടെ അച്ഛൻ തേൻ ശേഖരിക്കാൻ ഇടതൂർന്ന കാട്ടിലേക്ക് പോയിരിക്കുന്നു, അവൾ ഭയപ്പെടുന്നു. കാരണം കാട്ടിൽ കടുവകളുണ്ട്. കാരണം ആളുകൾ ചിലപ്പോൾ അകത്തേക്ക് പോകും, ഒരിക്കലും പുറത്തുവരില്ല. ബാബ എല്ലാ ദിവസവും അപകടത്തിൽ പെടേണ്ടതുണ്ടോ? ജുപ്ലിക്ക് ഒരു ആശയമുണ്ട് - തേൻ പെട്ടികൾ! തേൻ ശേഖരിക്കുന്നവരുടെ ദുരവസ്ഥയിലേക്ക് വിരൽ ചൂണ്ടുന്ന ഒരു കഥയിൽ, മനോഹാരിത നിറഞ്ഞ ചിത്രങ്ങളും വാചകങ്ങളും ജുപ്ലിയുടെ നിരന്തരമായ ഉത്കണ്ഠയെ മനോഹരമായ സുന്ദർബനിലേക്ക് വലിച്ചെറിയുന്നു.
Padhna, Zara Sochna
- Author Name:
Krishna Kumar +1
- Book Type:

- Description:
क्यों और क्या पढ़ना है, इस जिज्ञासा का अंत कैसे हुआ ? जब आप स्कूल में थे और जब आप उसी स्कूल में शिक्षक हैं तो आप वही कर रहे हैं जो आपके साथ किया जा रहा था। पढ़े हुए लोगों में पढ़ने को लेकर इतनी विरक्ति क्यों है इसे कृष्ण कुमार ने कितनी सरलता से समझाया है। इस जटिल संसार में कृष्ण कुमार को पढ़ना ख़ुद को सरल बनाना है। हर बच्चा पढ़ना चाहता है लेकिन हर बच्चा पढ़ाई से दूर हो जाता है। इस पुस्तक को पढ़ने के लाभ नहीं हैं क्योंकि यह पुस्तक लाभ के लिए पढ़ने की मनोवृत्ति का प्रतिकार करती है। तय आपको करना है कि पढ़ना है या नहीं और क्यों पढ़ना है । आनंद आया। किसी ने पढ़ाया तो नहीं लेकिन पढ़ने का रास्ता बता दिया। शिक्षण में जो लोग हैं वो कैसे नहीं पढ़ाना चाहिए, उसके गुर सीखने के लिए इसे पढ़ सकते हैं। माँ बाप,जिन्होंने माँ और बाप बनने के बहुत पहले पढ़ना छोड़ दिया लेकिन चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ें वो अगर इसे पढेंगे तो मज़ा आएगा।
Roo Roo
- Author Name:
Paro Anand +1
- Book Type:

- Description:
कंगारू का बच्चा रू रू अपनी माँ की जेब में रहता है। वह दिन भर रोता रहता है. मम्मी कंगारू जानना चाहती है कि वह इतना क्यों रोता है। फिर, वह जेब से बाहर इस अद्भुत दुनिया में आता है और सब कुछ बदल जाता है। यह युवा पाठकों के लिए पारो आनंद की एक मजेदार कहानी है। कहानी के साथ ऋषि साहनी के चित्रण कहानी को समृद्ध करते हैं। रंगों का प्रयोग आपको पसंद आएगा और उन्होंने शब्दों से भी खेला है. Age group 6-8 years
Gol Mol Bol
- Author Name:
Pridhee K. Gupta
- Book Type:

- Description:
Sing along the old hindi rhymes like akkad bakkad, aloo kachalu from your childhood days and share them with your little ones! Includes Music by Ramya Shankar. Also includes english transliteration to help older children read.
Angoor
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description:
साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है। मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इजाफ़ा हो गया है। यह बेहद लोकप्रिय कॉमेडी ‘अंगूर’ का मंज़रनामा है। दो जुड़वाँ जोड़ियों के बीच बुनी घटनाओं की यह कहानी आज भी दर्शकों को उतना ही लुभाती है जितना अपने समय में लुभाती थी। शेक्सपीयर के नाटक ‘द कॉमेडी ऑफ़ एरर्स’ से प्रेरित इस फ़िल्म ने स्वस्थ और चुटीले हास्य का एक मानक फ़िल्म-उद्योग के सामने रखा था। विश्वास है, पुस्तक के रूप में इस फ़िल्म की यह प्रस्तुति पाठकों की स्मृति में रचे चित्रों को पुनः गतिमान करेगी और साथ ही एक उपन्यास का आनन्द भी देगी।
Anarko Ke Aath Din
- Author Name:
Satinath (Sathyu) Sarangi
- Book Type:

- Description:
बाल मन की जिज्ञासाएँ जब सवालों के रूप में अपने घर के तथाकथित ‘बड़ों’ से टकराती हैं तो उनके मेधा पर जमी धूल और विवेक पर पड़ा परदा उड़ने लगता है । वयस्क सोचने पर मज़बूर हो जाता है कि यह बाल- मन कहीं न कहीं सच तो बोल रहा है , सही सवाल पूछ तो रहा है ! हम सब एक प्रवाह में जीये जा रहे हैं ! ‘यह चीज़ क्यों कर रहे हैं ?’ ‘अगर नहीं करेंगे तो क्या होगा ?’ ‘हम जीवन में आख़िर चाह क्या रहे हैं ?’ ‘ हम इतने बंधे क्यों हैं ?’ आदि । हम सब छोटी -छोटी चीज़ों में ऐसे उलझे हैं कि हम जीवन के उद्देश्य सोच ही नहीं पा रहे हैं । और न ही अगली और आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बना रहे ताकि वो प्रामाणिक जीवन जी सके । अनारको जैसे चरित्र के माध्यम से लेखक श्री सतीनाथ सारंगी ने बहुत ही सरल और सहज शब्दों में हमारे जीवन से संबंधित ऐसे सवाल पूछे हैं जो महत्वपूर्ण तो हैं लेकिन सामान्यतया हमारे द्वारा नकार दिए जाते हैं या हम उन पर ध्यान नहीं देते हैं । प्रवाहमयी भाषा और कहने की शैली इस पुस्तक को पठनीय बनाती है ।
Pashubhasha Visheshgya Doctor Dolittle Ki Kahani
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description:
यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो पशु-भाषा विशेषज्ञ था। डॉक्टर जॉन डूलिटिल। जो था तो इंसानों का डॉक्टर किन्तु उसके पशुप्रेम ने उसे इंसानों से दूर कर जानवरों के करीब ला दिया। उसने जानवरों की भाषा सीखी और उनका इलाज करने लगा। उसकी प्रसिद्धि इतनी फैली कि अफ्रीका से उसे एक संदेश आया। वहाँ के बंदरों को जानलेवा बीमारी से बचाने के डॉक्टर जॉन डूलिटिल अपने पशुओं के साथ एक ऐसी खतरनाक और रोमांचक यात्रा पर निकल पड़ा जिसे आप कभी भी नहीं भुला सकेंगे।
Aaj Nahi Padhunga
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

- Description:
‘आज नहीं पढ़ूँगा’ कृष्ण कुमार की बाल कहानियों का संकलन है। घर, पड़ोस और स्कूल के आसपास घूमती बच्चों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से जुड़ी यह रोमांचक कथा-शृंखला दो दशकों से चर्चा का विषय बनी हुई है। इसकी दो कहानियाँ पहली बार अज्ञेय के ‘नया प्रतीक’ में छपी थीं। बच्चों को उनके अपने मनोलोक की गहराइयों में ले जाने वाली यह किताब मामूली बातों में कौतूहल जगाती है और बार-बार पढ़ने की इच्छा पैदा करती है।
Jadui Chashmen
- Author Name:
Dr. Manjari Shukla
- Book Type:

- Description:
डॉ मंजरी शुक्ला की पठनीय और शिक्षाप्रद बाल-कहानियों का संग्रह है 'जादुई चश्में' 'जादुई चश्में' लेखिका डॉ मंजरी शुक्ला का कहानी संग्रह है। इसमें लेखिका की चौदह कहानियों को संकलित किया गया है। कहानियाँ रोचक है और बच्चों को पढ़ने के लिए दी जा सकती हैं या इन्हें उन्हें पढ़कर सुनाया जा सकता है:
Aawo bachhon tumhe sunayen
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description:
नेहा, आयशा, कबीर और राहुल भी बाकि बच्चों की तरह पार्क में बैठकर मोबाइल की दुनिया में व्यस्त थे। तभी उन्हें वहाँ एक रहस्यमयी बूढ़ा व्यक्ति मिलता है जो उन्हें कहानियाँ सुनाने की पेशकश करता है। इसके बाद तो बच्चों को कहानियों का ऐसा चस्का लगता है कि उनकी हर शाम पार्क में उस व्यक्ति के साथ कहानियाँ सुनते हुए गुजरने लगती है। दूसरी तरफ उनके माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय ही कहाँ था? वे तो अब भी मोबाइल के संसार में उलझे हुए थे। ऐसे में बच्चे एक बेहद खतरनाक निर्णय लेते हैं.. निर्णय था घर से भाग निकलने का।
Bhalu Ka Nakhoon
- Author Name:
Rishi Sahni
- Book Type:

- Description:
भालू का नाखून की कहानियों के लेखक ऋषि साहनी एक घुमक्कड़ और चित्रकार भी हैं। इस संकलन की कहानियाँ उनको पहाड़ों और दुर्गम रास्तों पर घूमते हुए मिली हैं। एक छोटा बौद्ध भिक्षु, एक पहाड़ी चरवाहा, एक पहाड़ी रास्ते का गाइड जैसे किरदार भी वहीं मिले हैं। ऐसी जगहें और किरदार आम तौर पर बच्चों के लिए कहानियों में कम नज़र आते हैं। ऋषि साहनी के चित्र देखकर ख्याल आया कि अलग-अलग जगहों के खास रंग अलग होते हैं। वे मौसम के साथ बदलते हैं। यह भी लगेगा कि रंगों की एक तासीर होती है। चित्रों में रंग ऐसे लगे हैं जैसे वे धूप की तरह आकर चीज़ों पर गिर गये हों। Age 12+
Bhuton Ki Barat
- Author Name:
Barkha Lohia
- Book Type:

- Description:
A man fell in love and married a beautiful ghost. All is well until one day… Folktale from Uttarakhand is retold and illustrated by Barkha Lohiya. Its illustrations are equally intriguing. See the use of blue and black! Age group 6-8 years and Age group 9-12 years
Sachchi Aur Romanchak Kahaniyan
- Author Name:
Naresh Saksena
- Book Type:

- Description:
जगह बदलते ही चीज़ें किस तरह बदल जाती हैं। डिब्बे के भीतर, मुझये सिर्फ चार पाँच इंच दूर हवा गुनगुनी थी। बिस्तर था, कम्बल था और मैं बाहर सिर्फ पाज़ामा कुर्ता पहने रेल के दरवाज़े से लटका ठण्ड से सिहर रहा था। सिर्फ चार इंच की दूरी ने जीवन को मौत की और धकेल दिया था। और ये चार इंच पार करना असंभव था। इस संकलन में नामचीन कवि नरेश सक्सेना के जीवन की सच्ची और रोमांच से भरी कहानियाँ हैं। इनमें जिजीविषा, साहस और बूझ भी है।
Akeli Chinti
- Author Name:
Chandan Yadav +1
- Book Type:

- Description:
तुमने कभी कोई अकेली चींटी देखी है? अब देखोगे तो पहचान लोगे की यही वो चींटी है जो लाइन में चलना नहीं चाहती थी। Age group- 0-6 years
Lightning
- Author Name:
Prabhat +1
- Book Type:

- Description:
लाइटनिंग रणथंभौर की एक बाघिन की कहानी है। उनके बारे में अनगिनत किस्सों में से प्रभात ने एक ऐसा किस्सा चुना है जो इंसानों और जंगली जानवरों की एकजुटता को दर्शाता है। संवेदनशील रूप से चित्रित, कहानी दिखाती है कि लाइटनिंग और लोग मिलकर रणथंभौर को वह स्थान बनाते हैं जो वह है। उगता सूरज-डूबता सूरज। वहाँ की रात है और रात का चाँद है और लाइटनिंग है। वह बोलती है तो पूरा जंगले बोल पड़ता है। सबको लगता है कि लाइटनिंग इस बार उनसे कुछ कह रही है। Age group 6-8 years
Tigers Forever
- Author Name:
Ruskin Bond +1
- Book Type:

- Description:
Let’s protect and save our tiger friends! “The combination of impressive lines from the author and life-like paintings of grandeur from David Stribbling creates a magical land of tigers in the minds of the readers.” — Indian Moms Connect “In a very subtle way, [Ruskin] Bond weaves magic into the simple words of this little poem.” — BookedforLife
Choomantar
- Author Name:
Geeta Dharmarajan +1
- Book Type:

- Description:
Jivuba wants to become a singer but she cannot because she has to get married. Luckily, Dammu, the wise apsara of the forest, casts a spell to remedy the situation! But what happens when the spell breaks?
Vo Narangi Ghar
- Author Name:
Naheed kazmi
- Book Type:

- Description:
Nahid Kazemi...thank you for making such a delightful book. The story is beautiful, but we were engrossed in its illustrations. Some old things never get old, just like this Narangi Ghar. A poet once said that the world is created every day. However, it does not get old every day. Narangi Ghar story is for everyone...whoever reads it- children or adults...just like looking at the river....children see it from their perspective, as do adults. Age group 9-12 years
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book