Aawo bachhon tumhe sunayen
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नेहा, आयशा, कबीर और राहुल भी बाकि बच्चों की तरह पार्क में बैठकर मोबाइल की दुनिया में व्यस्त थे। तभी उन्हें वहाँ एक रहस्यमयी बूढ़ा व्यक्ति मिलता है जो उन्हें कहानियाँ सुनाने की पेशकश करता है। इसके बाद तो बच्चों को कहानियों का ऐसा चस्का लगता है कि उनकी हर शाम पार्क में उस व्यक्ति के साथ कहानियाँ सुनते हुए गुजरने लगती है। दूसरी तरफ उनके माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय ही कहाँ था? वे तो अब भी मोबाइल के संसार में उलझे हुए थे। ऐसे में बच्चे एक बेहद खतरनाक निर्णय लेते हैं.. निर्णय था घर से भाग निकलने का।
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नेहा, आयशा, कबीर और राहुल भी बाकि बच्चों की तरह पार्क में बैठकर मोबाइल की दुनिया में व्यस्त थे। तभी उन्हें वहाँ एक रहस्यमयी बूढ़ा व्यक्ति मिलता है जो उन्हें कहानियाँ सुनाने की पेशकश करता है। इसके बाद तो बच्चों को कहानियों का ऐसा चस्का लगता है कि उनकी हर शाम पार्क में उस व्यक्ति के साथ कहानियाँ सुनते हुए गुजरने लगती है। दूसरी तरफ उनके माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय ही कहाँ था? वे तो अब भी मोबाइल के संसार में उलझे हुए थे। ऐसे में बच्चे एक बेहद खतरनाक निर्णय लेते हैं.. निर्णय था घर से भाग निकलने का।
Book Details
-
ISBN9789392723193
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age11-18 yrs
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Country of OriginIndia
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