YES I CAN
(0)
₹
250
200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789390923274
-
Pages114
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Rukna Nahin Radhika "रुकना नहीं राधिका" Book In Hindi
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Business Kohinoor : Ratan Tata
- Author Name:
B.C. Pandey
- Book Type:

- Description: This Book doesn’t have any Description
Bahar Main Main Andar
- Author Name:
Amit Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shiksha Ka Arth Evam Auchitya
- Author Name:
Ravindranath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: शिक्षा अपने व्यापक अर्थ में नियत समय तक चलने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि व्यक्ति शैशवावस्था से मरणासन्न तक जो कुछ सीखता और अनुभव प्राप्त करता है। प्राप्त सीख एवं अनुभव का उपयोग खुद और जग कल्याणार्थ करता है। खुद और दूसरों का मूल्य समझता है तथा इन मूल्यों की महत्ता समझते हुए जीवन का औचित्य साकार करता है। वही वास्तविक शिक्षा है।
Kya Aap Achchhi Naukri Pana Chahte Hain "क्या आप अच्छी नौकरी पाना चाहते हैं" | Do You Want To Get Good Job | Dr. Pramod Kumar Agrawal Book in Hindi
- Author Name:
IAS (Retd.) Dr. Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trading Banknifty Options: Art of Doing Nothing & Still Making Money Book in English
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Film Ke Jagat Ke Pitamaah Dadasaheb Falke
- Author Name:
Sukesh kumar
- Book Type:

- Description: भारतीय फिल्म उद्योग के पितामह के रूप में विख्यात दादासाहेब फाल्के विलक्षण भारतीय कार थे। वे मंच के अनुभवी अभिनेता थे, उत्कृष्ट जादूगर थे। उन्होंने भारतीय फिल्म निर्माण की नींव रखी, जिसके ऊपर आज भारत का सिने उद्योग टिका है। उनके अभिनव प्रयोगों और नवाचार के कारण ही आज भारत में प्रतिवर्ष इतनी बड़ी संख्या में विविध विषयों पर फिल्में बन रही हैं और दर्शकों में लोकप्रिय हो रही हैं। 1891 में दादासाहेब फाल्के ने मुंबई में एक विदेशी मूक चलचित्र 'लाइफ ऑफ क्राइस्ट' देखा। उन्हें प्रभु ईसामसीह के स्थान पर कृष्ण, राम, समर्थ गुरु रामदास, शिवाजी, संत तुकाराम इत्यादि महान् विभूतियाँ दिखाई दे रही थीं । उन्होंने सोचा, क्यों न चलचित्र के माध्यम से महान् भारतीय विभूतियों के चरित्र को चित्रित किया जाए। उन्होंने इस चलचित्र को कई बार देखा और फिर क्या, उनके हृदय में चलचित्र निर्माण का अंकुर फूट पड़ा। आठ महीने की कठोर साधना के बाद दादासाहेब के द्वारा पहली मूक फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र'
Ramayana Ki Kahaniyan
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lockdown ke Chalees Din
- Author Name:
Shanta Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mridula Garg Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aapki Financial Freedom Success Guide Invest, Compound And Become A Billionaire | A practical Guide To Enhance Earning, Boost Saving And Enjoy The Freedom
- Author Name:
Shyam Sunder Goel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARTIYA DALIT SAHITYA AUR OMPRAKASH VALMIKI
- Author Name:
Edited By Gourinath
- Book Type:

- Description: Critic
Political Mysteries
- Author Name:
K R Malkani
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Kahani Ek IAS Pareeksha ki
- Author Name:
K. Vijayakarthikeyan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aflatoon Novel
- Author Name:
Gyanesh Sahu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tap Aur Tapasya
- Author Name:
Shobha Tripathi
- Book Type:

- Description: मैं एक घर छोड़ा, लाखों घर मेरे हो गए, मैं लाखों परिवार का हिस्सा बन गया, शायद एक गृहस्थ इतने घर नहीं देख सकता। संन्यासी जीवन में सभी कुछ त्यागना पड़ता है। आज मैं धन्य हो गया कि मेरे बेटे ने धर्म का, सेवा का, जग के कल्याण कार्य हेतु जो कार्य किया, वह विलक्षण व्यक्ति ही करते हैं। जब गृह त्याग कर गए थे तो घर में सभी दुःखी व परेशान थे, परंतु आज सभी अपने को धन्य मान रहे हैं। तभी एक स्वर स्वामीजी के कानों में पड़ा, जब से आपने गृह त्यागा है, तब से माँ ने मिष्टान्न को हाथ भी नहीं लगाया है। जब भी खाने को कहो तो वह कहती है कि मिष्टान्न तो वह अपने बेटे (स्वामीजी) के हाथ से ही खाएँगी। --इसी उपन्यास से आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरिजी महाराज एक चुंबकीय व्यक्तित्व के स्वामी हैं। ऊँचा कद, गौर वर्ण, उन्नत भाल, आभायुक्त देव सदृश्य मुखमंडल, देवत्वयुक्त प्रभावशाली महान् व्यक्तित्व, उस पर गेरुए वस्त्र, जैसे उनके गौर वर्ण में घुलकर स्वयं गेरुआमय हो गए हों! वह मात्र संन्यासी ही नहीं, जैसे संन्यास उनके लिए हो उनके चेहरे पर सदा छाई रहनेवाली पवित्र व सौम्य मुसकान लोगों को स्वयं ही नत- मस्तक कर देती है; मन में श्रद्धा सी उमड़ पड़ती है। बच्चों में बच्चों की निश्च्छल मुसकान, महिलाओं में कभी वह भाई बनकर, माताओं के बेटा बनकर, युवतियों के पितृ सदृश्य बन वह सभी के सम्मान का केंद्र बन जाते हैं | ऐसे तपोनिष्ठ, समाज के पथ-प्रदर्शक और मानवता के अग्रदूत पूज्य स्वामीजी के प्रेरणामय व त्यागपूर्ण जीवन पर अत्यंत भावप्रवण, मार्मिक, पठनीय औपन्यासिक कृति है “तप और तपस्या |
Ek Din Nepal Mein
- Author Name:
Ramesh Pokhariyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hanuman Gatha (Shri Hanuman Ji Ka Sampuran Jeevan Gatha) Devotional & Spiritual Hanuman Katha Book in Hindi
- Author Name:
Ashok Narayan
- Rating:
- Book Type:

- Description: ज्ञानिनामाग्रगण्य सकल गुणनिधान कपिप्रवर हनुमान के बारे में कौन नहीं जानता? अद्वितीय प्रतिभा और अतुलित बल के कुबेर होते हुए भी उन्होंने स्वार्थ के लिए उसका उपयोग कभी नहीं किया। साधारण मनुष्य में यदि विद्या, गुण या कौशल आदि थोड़े से गुण भी आ जाएँ, तो वह दर्प से चूर हो जाता है, परंतु हनुमान सर्वगुण-संपन्न होकर भी सेवक ही बने रहे। प्रस्तुत पुस्तक ‘हनुमानगाथा’ में संकट-मोचक हनुमान के संपूर्ण जीवन को रामायण, रामचरितमानस आदि ग्रंथों के परिप्रेक्ष्य में आत्मकथात्मक शैली में पवनपुत्र के श्रीमुख से विवेचन हुआ है। हनुमान का चरित्र अलौकिक गुणों से संपन्न असंभव को संभव बनानेवाला है। आज के भौतिकवादी संसार में हनुमान के पावनचरित को अपनाए जाने की महती आवश्यकता है। वर्तमान में संसार को सेवा और भक्ति की पहले से कहीं ज्यादा आवश्यकता है। इसके लिए सबसे बड़े आदर्श और प्रेरणास्रोत हनुमान ही हो सकते हैं। इस नाते परोपकारी हनुमान का चरित अनुकरणीय है। सुधी पाठक हनुमान के पावन गुणों को आत्मसात् कर घोर कष्टों और अशांति से निजात पाएँ, इसी में इस पुस्तक के लेखन की सफलता है।
Adarsh Jeevan Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
J.P. Vaswani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apratim Bharat
- Author Name:
Shri Bhagwat Pariwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book