Vaigyanik Sant Dr. Kalam
(0)
₹
500
400 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789384344740
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
The Art of Intraday Trading "द आर्ट ऑफ़ इंट्राडे ट्रेडिंग '
- Author Name:
Indrajit Shantharaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pracheen Bharat Mein Vigyan
- Author Name:
Dr. D.D. Ojha +1
- Book Type:

- Description: भारत में वैज्ञानिक अध्ययन, चिंतन की अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा रही है। हमारे यहाँ विज्ञान के क्षेत्र में भी असाधारण शोध-कार्य हुए हैं। प्राचीन काल से ही हमारे त्रिकालदर्शी भारतीय मनीषियों, यथा-धन्वंतरि, भरद्वाज, सुश्रुत, चरक, शालिहोत्र, आर्यभट, कणाद, ब्रह्मगुप्त, रेवण, आत्रेय, वराहमिहिर, भास्कराचार्य, नागार्जुन, यशोधर, वेदव्यास आदि ने विज्ञान के विविध क्षेत्रों में गहन अनुसंधान किया। वस्तुतः गणित का विकास विश्व में सबसे पहले भारतवर्ष में ही हुआ, जिसका उल्लेख वैदिक गणित में मिलता है। भारत में वेदिक काल से ही रसायन विज्ञान में गवेषणाओं की सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रणाली विकसित हो गई थी। आयुर्वेदीय सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप देने में सर्वाधिक योगदान महर्षि चरक का रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में महर्षि सुश्रुत, विश्व के पहले शल्य चिकित्सक माने जाते हैं। नौका प्रौद्योगिकी, रक्षा तथा विमान प्रौद्योगिको, पर्यावरण विज्ञान के बारे में भी बृहत् जानकारी प्राचीन भारत के मनीषियों को भलीभाँति थी। इस जनोपयोगी पुस्तक में पुरातन भारत के मनीषियों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विविध विषयों यथा--गणित, ज्योतिष, रसायन विज्ञान, कृषि, पशु चिकित्सा, धातु विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, अग्नि एवं मौसम विज्ञान, सैन्य विज्ञान, ऊर्जा, जल विज्ञान आदि के बारे में सरल एवं बोधगम्य भाषा में यथोचित चित्रों सहित जानकारी प्रदान की गई है।
Striyon Ki Paradhinta
- Author Name:
John Stuart Mill
- Book Type:

- Description: स्त्रियों की पराधीनता’ पुस्तक में मिल पुरुष-वर्चस्ववाद की स्वीकार्यता के आधार के तौर पर काम करनेवाली सभी प्रस्तरीकृत मान्यताओं-संस्कारों-रूढ़ियों को, और स्थापित कानूनों को तर्कों के ज़रिए प्रश्नचिह्नों के कठघरे में खड़ा करते हैं। निजी सम्पत्ति और असमानतापूर्ण वर्गीय संरचना के इतिहास के साथ सम्बन्ध नहीं जोड़ पाने के बावजूद, मिल ने परिवार और विवाह की संस्थाओं के स्त्री-उत्पीड़क, अनैतिक चरित्र के ऊपर से रागात्मकता के आवरण को नोच फेंका है और उन नैतिक मान्यताओं की पवित्रता का रंग-रोगन भी खुरच डाला है जो सिर्फ़ स्त्रियों से ही समस्त एकनिष्ठता, सेवा और समर्पण की माँग करती हैं और पुरुषों को उड़ने के लिए लीला-विलास का अनन्त आकाश मुहैया कराती हैं। पुरुष-वर्चस्ववाद की सामाजिक-वैधिक रूप से मान्यता प्राप्त सत्ता को मिल ने मनुष्य की स्थिति में सुधार की राह की सबसे बड़ी बाधा बताते हुए स्त्री-पुरुष सम्बन्धों में पूर्ण समानता की तरफ़दारी की है। स्त्री-पुरुष समानता के विरोध में जो उपादान काम करते हैं, उनमें मिल प्रचलित भावनाओं को प्रमुख स्थान देते हुए उनके विरुद्ध तर्क करते हैं। वे बताते हैं कि (उन्नीसवीं शताब्दी में) समाज में आम तौर पर लोग स्वतंत्रता और न्याय की तर्कबुद्धिसंगत अवधारणाओें को आत्मसात् कर चुके हैं लेकिन स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के सन्दर्भ में उनकी यह धारणा है कि शासन करने, निर्णय लेने और आदेश देने की स्वाभाविक क्षमता पुरुष में ही है। स्त्री-अधीनस्थता की समूची सामाजिक व्यवस्था एकांगी अनुभव व सिद्धान्त पर आधारित है। मिल के अनुसार, प्राचीन काल में बहुत-से स्त्री-पुरुष दास थे। फिर दास-प्रथा के औचित्य पर प्रश्न उठने लगे और धीरे-धीरे यह प्रथा समाप्त हो गई लेकिन स्त्रियों की दासता धीरे-धीरे एक क़िस्म की निर्भरता में तब्दील हो गई। मिल स्त्री की निर्भरता को पुरातन दासता की ही निरन्तरता मानते हैं जिस पर तमाम सुधारों के रंग-रोगन के बाद भी पुरानी निर्दयता के चिह्न अभी मौजूद हैं और आज भी स्त्री-पुरुष असमानता के मूल में ‘ताक़त’ का वही आदिम नियम है जिसके तहत ताक़तवर सब कुछ हथिया लेता है। —सम्पादकीय से,
SriRam Mandir Andolan Prashnottari श्रीराम मंदिर आंदोलन प्रश्नोत्तरी Book In Hindi
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
History Quiz Book
- Author Name:
Sachin Singhal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC Reserve Competitive Exam | Jharkhand Police Constable (सिपाही) Paper-2 | 20 Practice Sets Book (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sensex Of Regional Parties
- Author Name:
Aaku Shrivastava
- Book Type:

- Description: This book by eminent journalist Aaku Srivastava, delves deep into the history of the politics of independent India with an aim to study the ups and downs of the regional parties arising with the contradictions and conflicts between the states against the ‘Centre’. These ‘contradictions’ first appeared in the early 1970s when local political forces in 7 to 8 states formed their own ‘united governments’ and offered localist alternatives to the ‘Centrist’ Congress policies. Linguistic and local cultural identities made this change possible. In the Centre too, two non-Congress parties and local parties formed governments. In the era of globalisation, this tendency of decentralisation became even more forceful and compelling. Perhaps that is why even now that Congress ‘centralism’ has been replaced by BJP, many localist identities keep clashing with BJP’s centralism as well. Aaku Srivastava critically examines the various dimensions of this fundamental contradiction of Indian politics. And they tell that this contradiction is due to ‘internal contradiction’ of our contemporary politics, which apparently appears to be a ‘curse for democracy’ but indirectly it seems to keep democracy alive. In my view, this book is a perfect read to understand the pulse of contemporary and future politics. —Sudhiesh Pachouri
GOSWAMI TULSIDAS
- Author Name:
Meena Manishika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HINDI SANYUKTA AKSHAR GYAN
- Author Name:
Mahesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Naib Subedar Bana Singh
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh Seva Ke Akhade Mein
- Author Name:
Smt. Surya Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ROBINSON CRUSOE
- Author Name:
Gaurav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Loves Beyond
- Author Name:
Akanksha Chaudhary
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KRANTIKARI KOSH (SET OF FIVE VOLS.)
- Author Name:
SHRIKRISHNA SARAL
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aapka Bunti : Patkatha
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description: 'आपका बंटी' मन्नू भंडारी की अत्यन्त चर्चित और हिन्दी उपन्यासों के इतिहास में मील का पत्थर मानी जानेवाली कृति है। टूटते परिवारों के बीच बच्चों को किस मानसिक यातना से गुज़रना पड़ता है, इस उपन्यास में उसे लगभग दस्तावेज़ी ढंग से अंकित किया गया है। जिस संवेदनशीलता और स्नेह से मन्नू जी इस चरित्र और उसके मानसिक जीवन को लिख पाईं, वह हिन्दी में दुबारा सम्भव नहीं हो सका। बंटी के माता-पिता सम्बन्ध-विच्छेद के बाद अलग-अलग रहते हैं और बाद मे अपना-अपना घर बसा लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बंटी को किसी भी घर में वह अपनापा महसूस नहीं होता जो उसे उसके माता-पिता एक साथ रहकर दे सकते थे। अन्त में बंटी को छात्रावास भेज दिया जाता है। इस पुस्तक में इस उपन्यास पर स्वयं मन्नू जी द्वारा लिखित फ़िल्म-पटकथा प्रकाशित की जा रही है। यहाँ यह जान लेना ज़रूरी है कि 'आपका बंटी’ को लेकर 1986 में 'समय की धारा' नाम से जो फ़िल्म बनी, यह उसकी पटकथा नहीं है। 'समय की धारा’ जिसमें शबाना आज़मी, शत्रुघ्न सिन्हा और विनोद मेहरा ने अभिनय किया, उस पर अपने उपन्यास को ग़लत ढंग से प्रस्तुत करने के लिए मन्नू जी ने अदालत में मामला दायर किया था। इसमें अन्त में बंटी की मृत्यु दिखाई गई थी। मुक़दमे का फ़ैसला मन्नू जी के पक्ष में रहा था। इस पुस्तक में प्रस्तुत पटकथा स्वयं मन्नू जी ने लिखी थी जिस पर फ़िल्म नहीं बन पाई, इसलिए पाठक इस प्रस्तुति को इस पुस्तक में ही पढ़ सकते हैं| अपने उपन्यास को दृश्यों में बदलते समय इस पटकथा में मन्नू जी ने एक सिद्धहस्त पटकथा लेखक होने का परिचय दिया है।
But Marte Nahin
- Author Name:
Brahmaveer Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stree : Yaunikta Banam Aadhyatmikta
- Author Name:
Pramila K.P.
- Book Type:

- Description: हिन्दी में विमर्श-ग्रन्थों की दुर्दशा का एक कारण आत्ममन्थन की जगह आत्मश्लाघा का होना है। छोटे-बड़े मंचों पर बड़ी-बड़ी बातें अवश्य की जाती हैं, पर रूढ़ियों में जकड़े व्यक्ति की नीयत उसकी देह-भाषा और बातचीत से ज़ाहिर हो ही जाती है। हिन्दी में उपलब्ध ज़्यादातर विमर्श-ग्रन्थों का यही द्वन्द्व है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति-केन्द्रित अनुभवों से ऊपर उठकर समष्टि मनुष्य के व्यापक हित की ओर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। आज प्रचलित सभी विमर्शों में स्त्री-विमर्श अपने सर्वव्यापी वैचारिक महत्त्व के कारण सबसे महत्त्वपूर्ण है। इसका ताल्लुक़ संसार की आधी आबादी से है। वह आबादी जिसकी रचनात्मकता के सक्रिय योगदान से यह दुनिया अभी तक वंचित रही आई है; और जिसके योगदान को रेखांकित करने की कोई प्रविधि पुरुष की मनीषा ने अभी तक ईजाद नहीं की। आज के स्त्री-विमर्श का यह दायित्व है कि वह सभी वर्गों के लोगों की चेतना को इस दिशा में संवेदित करे। स्त्री-विमर्श का सचेतन प्रयास होना चाहिए कि सांस्कृतिक जन-जीवन को समग्रता के साथ ग्रहण कर समष्टि चिन्तन को व्यापक रूप दिया जाए। प्रस्तुत किताब इसी प्रयास को महत्ता के साथ रेखांकित करती है। यह किताब स्पष्ट करती है कि स्त्री-विमर्श के साथ मनुष्य-जीवन के सभी पक्षों व विषयों का उचित समायोजन हो, क्योंकि स्त्री-पक्ष और स्त्री-चिन्तन का सतत पुनर्वाचन एक ऐतिहासिक ज़रूरत है। विज्ञान और संचार-क्रान्ति की सम्भावनाओं में डूबते-उतराते ‘सांस्कृतिक-जनजीवन’ के समक्ष यह किताब स्त्री-विमर्श की राह को प्रशस्त तो करती ही है, साथ ही यह उम्मीद भी करती है कि ख़ुद के साथ समस्त जीवों की संवेदनात्मक तपिश व वैचारिक उधेड़बुन से उपजे कुछ तथ्य सामने आएँ, ताकि स्त्री-विमर्श को नव-अन्तरानुशासिक मार्ग से आगे बढ़ाया जा सके। इसमें सन्देह नहीं कि समकालीन स्त्री-चिन्तन, लिंग-संवेदना, स्त्री-प्रकृति, स्त्री-यौनिकता, देह-विमर्श, सांस्कृतिक संक्रमण, सिनेमा आदि विषयों के समायोजन में हिन्दी में यह पहला प्रयास है।
Khushiyon Ka Desh Bhutan
- Author Name:
Dr. Ramesh Pokhariyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azad Hind Fauj Ka Lapata KhaZana Hindi Translation Of The Lost Treasure Of Azad Hind Fauj
- Author Name:
Piyush Rohankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How to Win Friends and Influence People
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book