UPSC Sookti Kosh - Key to Success in IAS Mains and Interview (UPSC Quotes Handbook Hindi Edition)
Author:
Danics, Piyush RohankarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
प्रस्तुत पुस्तक 'UPSC सूक्ति कोश' विशेष रूप से सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए तैयार की गई है। सिविल सेवा अभ्यर्थी द्वारा किसी प्रश्न का उत्तर देते समय किसी सूक्ति को उद्धृत करना और प्रश्न के परिप्रेक्ष्य में उसकी व्याख्या करना उसके उत्तर को नया आयाम देता है तथा भाषा पर उसके अधिकार और विषय की समझ को प्रकट करता है। सूक्तियाँ विद्वानों, महापुरुषों और नीतिज्ञों के अनुभव और विचारों का सार हैं। आज के समय में UPSC, अभ्यर्थियों से यही अपेक्षा करता है कि वे सही समय पर सही निर्णय या सही विचार जनता तक पहुँचा सकें।
विषय का उचित विश्लेषण और तार्किक क्षमता UPSC के अभ्यर्थियों के लिए सर्वोपरि है। ऐसे में सूक्तियाँ उनके लिए सफलता पाने का सशक्त माध्यम बन सकती हैं। प्रस्तुत पुस्तक में धार्मिक, सामाजिक, समकालिक सभी प्रकार की सूक्तियों का समावेश किया गया है ताकि अभ्यर्थी कम समय में अधिक विद्वानों के गूढ़ विचारों से अवगत हो सकें।
आशा है यह पुस्तक न केवल UPSC की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए अपितु आम पाठक के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
ISBN: 9789354882234
Pages: 228
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Drishya Aur Dhwaniyan : Khand 2
- Author Name:
Sitanshu Yashashchandra
- Book Type:

- Description: गुजराती आदि भारतीय भाषाएँ एक विस्तृत सेमिओटिक नेटवर्क अर्थात् संकेतन-अनुबन्ध-व्यवस्था का अन्य-समतुल्य हिस्सा हैं। मूल बात ये है कि विशेष को मिटाए बिना सामान्य अथवा साधारण की रचना करने की, और तुल्य-मूल्य संकेतकों से बुनी हुई एक संकेतन-व्यवस्था रचने की जो भारतीय क्षमता है, उसका जतन होता रहे। राष्ट्रीय या अन्तरराष्ट्रीय राज्यसत्ता, उपभोक्तावाद को बढ़ावा देनेवाली, सम्मोहक वाग्मिता के छल पर टिकी हुई धनसत्ता एवं आत्ममुग्ध, असहिष्णु विविध विचारसरणियाँ/आइडियोलॉजीज़ की तंत्रात्मक सत्ता, आदि परिबलों से शासित होने से भारतीय क्षमता को बचाते हुए, उस का संवर्धन होता रहे। गुजराती में से मेरे लेखों के हिन्दी अनुवाद करने का काम सरल तो था नहीं। गुजराती साहित्य की अपनी निरीक्षण परम्परा तथा सृजनात्मक लेखन की धारा बड़ी लम्बी है और उसी में से मेरी साहित्य तत्त्व-मीमांसा एवं कृतिनिष्ठ तथा तुलनात्मक आलोचना की परिभाषा निपजी है। उसी में मेरी सोच प्रतिष्ठित (एम्बेडेड) है। भारतीय साहित्य के गुजराती विवर्तों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में जाने बिना मेरे लेखन का सही अनुवाद करना सम्भव नहीं है, मैं जानता हूँ। इसीलिए इन लेखों का हिन्दी अनुवाद टिकाऊ स्नेह और बड़े कौशल्य से जिन्होंने किया है, उन अनुवादक सहृदयों का मैं गहरा ऋणी हूँ। ये पुस्तक पढ़नेवाले हिन्दीभाषी सहृदय पाठकों का सविनय धन्यवाद, जिनकी दृष्टि का जल मिलने से ही तो यह पन्ने पल्लवित होंगे। —सितांशु यशश्चन्द्र (प्रस्तावना से) 'हमारी परम्परा में गद्य को कवियों का निकष माना गया है। रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम इधर सक्रिय भारतीय कवियों के गद्य के अनुवाद की एक सीरीज़ प्रस्तुत कर रहे हैं। इस सीरीज़ में बाङ्ला के मूर्धन्य कवि शंख घोष के गद्य का संचयन दो खण्डों में प्रकाशित हो चुका है। अब गुजराती कवि सितांशु यशश्चन्द्र के गद्य का हिन्दी अनुवाद दो जि़ल्दों में पेश है। पाठक पाएँगे कि सितांशु के कवि-चिन्तन का वितान गद्य में कितना व्यापक है—उसमें परम्परा, आधुनिकता, साहित्य के कई पक्षों से लेकर कुछ स्थानीयताओं पर कुशाग्रता और ताज़ेपन से सोचा गया है। हमें भरोसा है कि यह गद्य हिन्दी की अपनी आलोचना में कुछ नया जोड़ेगा।" —अशोक वाजपेयी
Anmol Prasang
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Book Type:

- Description: प्रख्यात कन्नड साहित्यकार श्रीमती सुधा मूर्ति का नाम साहित्याकाश में जाज्वल्यमान् नक्षत्र की भांति आलोकित है। उन्होंने अपने व्यक्तित्व को मात्र गृहस्थी के साँचे में नहीं ढलने दिया। वह अपनी नसों में शिक्षक के खून के साथ जनमी थीं, परंतु वह शिक्षकों की भीड़ में सिर्फ एक और चेहरा बनकर ही नहीं रहीं। वह जनजातीय वनों, गरीबी से पीड़ित गाँवों और बीमारियों से तबाह समुदायों में गईं। उनका कार्य उनका मिशन है। यह पुसाक उनके कार्य तथा उसके प्रति उनकी प्रवृत्ति-दोनों का जीवंत वर्णन करती है। उन्होंने इस पुस्तक में अपने व्यक्तिगत अनुभवों, अपनी यात्राओं तथा असामान्य व्यक्तित्वोंवाले सामान्य व्यक्तियों के साथ अपनी मुलाकातों का वर्णन किया है। उन्होंने कई राज्यों की विस्तृत यात्रा की और हजार से अधिक गाँवों में गईं। वहाँ उन्होंने तमाम ऐसे व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव बटोरे, जो मनुष्य जीवन को सुखद, सार्थक बनाने में महती भूमिका अदा करते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में वर्णित सभी प्रसंग लेखिका के जीवन के भोगे हुए अनुभवों पर आधारित हैं। हमें पूर्ण विश्वास है, यह पुस्तक पाठकों को सुखी, सफल एवं सार्थक जीवन जीने हेतु प्रेरणा प्रदान करेगी तथा उनके व्यक्तित्व को निखारने एवं सँवारने में सहायक सिद्ध होगी।
TARGET IAS
- Author Name:
Dr. P.K. Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Diary Mein Sahitya
- Author Name:
Balraj Pandey
- Book Type:

- Description: Diary based on Varanasi Literary Circle
Sadho Jag Baurana
- Author Name:
Ramesh Nayyar
- Book Type:

- Description: Sadho Jag Baurana
Mandala Tear Out Sheet Colouring Book for Kids
- Author Name:
Namaskar Kids
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Flying Officer NirmalJit Singh Sekhon
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
50 Super Star Students
- Author Name:
Sushant Mishra
- Book Type:

- Description: एक नन्हा बालक बुधिया सिंह मात्र साढ़ेचार साल की उम्र में 65 किलोमीटर की दूरी सात घंटे और दो मिनट में तय करके सबको चौंका देता है; सोलह साल की किशोरी शिवांगी माउंट एवरेस्ट फतह कर लेती है; लगभग ग्यारह साल की अल्पायु में आर. प्रज्ञानानंद इतिहास में सबसे कम उम्र के शतरंजी दुनिया के ग्रैंडमास्टर बन जाते हैं; जन्मजात अस्थि की कमजोरी के रोग से पीड़ित स्पर्श शाह व्हीलचेयर पर बैठकर भी पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना लेते हैं; दृढ़ संकल्पी शुभम, डायना अवार्ड से सम्मानित चंपा कुमारी, नासा अभियान के लिए चयनित जयलक्ष्मी, पशुओं के प्रति मानवीय डेरेक सी लालछन्हिमा। प्रस्तुत पुस्तक में इस तरह के 50 बच्चों की विलक्षण क्षमताओं और उपलब्धियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इन छात्रों ने सिद्ध कर दिया कि “जहाँ चाह है, वहाँ राह है ' | उपलब्धियों को हासिल करने में उम्र कोई बाधा नहीं होती; बस आपमें उत्साह और कुछ करने की ललक होनी चाहिए । ऐतिहासिक उपलब्धियों की एक ऐसी गाथा, जो पाठकों को रोमांचित करेगी, भाव-विभोर करेगी तो कहीं सजल। एक पठनीय, प्रेरक व संग्रहणीय पुस्तक, जो हर आयु वर्ग के पाठकों को प्रेरणा देगी, उनमें स्फूर्ति और जोश भर देगी।
Launch your life to THE NEXT LEVEL "लॉञ्च योर लाइफ टू द नेक्स्ट लेवल" Book in Hindi - Krishna Dhan Das
- Author Name:
Krishna Dhan Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Palestine : Ek Naya Karbala
- Author Name:
Nasera Sharma
- Book Type:

-
Description:
दर्द को लेकर/दुनिया बेहिस हो चुकी है/सूरज की आँखों में सूराख़ हो गया है। और दुनिया!/दुनिया मेरे ख़ुदा!/उसने एक भी शमा रौशन नहीं की/उसने आँसुओं की बूँद भी नहीं गिराई/जो धो डालती/यरुशलेम के ज़ख़्मी बदन को।
इस संचयन में संकलित फ़िलिस्तीनी कवयित्री फ़दवा तूकान के लिए इज़रायली रक्षामंत्री मोशे दयान ने कहा था कि इसकी एक-एक पंक्ति बीस कमांडो पर भारी पड़ती है। ये पंक्तियाँ उन्हीं की हैं जो आज नए सिरे से प्रासंगिक हो उठी हैं। बरसों से जारी इज़रायल-फ़िलिस्तीन संघर्ष इस समय एक ख़ूँख़्वार मोड़ पर है। रोज सैकड़ों लोग, बच्चे और औरतें क़त्ल हो रहे हैं।
कहानियों, कविताओं, साहित्यिक-राजनीतिक आलेखों, साक्षात्कारों और टिप्पिणयों का यह संकलन इज़रायल-फ़िलिस्तीन संघर्ष और उसकी सामाजिक-मानवीय परिणतियों का एक पूरा ख़ाका प्रस्तुत कर देता है।
फ़िलिस्तीन और इज़रायल की राजनीति, समाज और साहित्य पर केन्द्रित पुस्तक के तीन अलग-अलग खंडों में हम यहूदियों और अरब फ़िलिस्तीनियों, दोनों के हालात को सम्पूर्णता में समझ सकते हैं। चौथे खंड में नासिरा जी ने अपनी वे रचनात्मक और विश्लेषणात्मक चीज़ें यहाँ प्रस्तुत की हैं जिनसे इन दोनों क़ौमों से सम्बन्धित हर जिज्ञासा का समाधान हो जाता है।
‘फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला’ कह सकते हैं कि इज़रायल और फ़िलिस्तीन समस्या का एक सम्पूर्ण अध्ययन है, जिसमें इसके राजनीतिक, सामाजिक, साहित्यिक और भावनात्मक पहलुओं को बारीक़ी से समझा जा सकता है।
Social Science JSSC JTPTCCE Assistant Primary Teacher Recruitment Exam Graduate Acharya Paper-IV 15 Practice Sets In Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Esop Ki Kahaniyan
- Author Name:
Prantika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Advantage India
- Author Name:
Alouk Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bijji Ka Katha Lok
- Author Name:
Dinesh Charan
- Book Type:

- Description: लोकजीवन से गहरी संसक्ति और लोकमानस की वैज्ञानिक समझ रखनेवाले सर्वोपरि कथाकारों में बिज्जी का नाम बेहिचक लिया जा सकता है। उनकी कहानियों को पढ़ते हुए निरंतर यह महसूस होता है कि वे स्वयं लोक के अभिन्न अंग भी हैं और द्रष्टा भी। यही वजह है कि अपने नितांत निजी अनुभवों को कथा में पिरोते हुए भी उनमें भावुकता का लेशमात्र भी दिखाई नहीं देता। यह बिज्जी की रचनाधर्मिता की ख़ासियत है। इसी के बलबूते वे अपनी रचनाओं में ऐसा लोक रच पाए जो वास्तविक भी है और उनका कल्पनालोक भी है। सामंती परिवेश के भीतर रहनेवाले पात्रों में प्रगतिशील विवेक और रूढ़ियों से टकराने की क्षमता इसी से उपजी है। राजस्थानी लोकमानस की मुकमल पहचान बिज्जी के कथालोक में डूबकर ही की जा सकती है। किसी रचनाकार के लिए किंवदंती में बदल जाना यदि सबसे बड़ी उपलब्धि मान ली जाए तो बिज्जी इस उपलब्धि को अपने जीवनकाल में ही हासिल कर चुके थे। राजधानियों की चमक-दमक से कोसों दूर ग्रामांचल में रहकर साहित्य साधना करते हुए नोबेल नोमिनेशन तक की यात्रा ने इस किंवदंती को संभव बनाया। डॉ. दिनेश चारण युवा पीढ़ी के उन भाग्यशाली लोगों में हैं जिन्हें बिज्जी का सान्निध्य मिला है। वे ख़ुद कथाकार हैं और लोक के मर्मज्ञ हैं। इस पुस्तक को पढ़ते हुए उनकी सूक्ष्म दृष्टि और विवेचनात्मक विवेक से रूबरू होने तथा बिज्जी के कथालोक का हिस्सा होने का सुख मिलता है। डॉ. जगदीश गिरी
Pathik-Dharma : Ek Prerak Geet
- Author Name:
Sunil Bajpai 'Saral'
- Book Type:

- Description: श्री सुनील बाजपेयी ‘सरल’ की अभिनव काव्य-कृति ‘पथिक-धर्म : एक प्रेरक गीत’ अबतक का सबसे लंबा छंदोबद्ध गीत है। इसमें संवेदना और वैचारिकता की जुगलबंदी है। इस धरती पर मानव-जीवन संघर्षों की एक कहानी है और इन संघर्षों के बीच कवि का संदेश है—रुको मत, चलते रहो। निरंतर चलते रहने का आह्वान एक ओर ऋषियों के आप्तकथन ‘चरैवेति-चरैवेति’ से जुड़ता है, दूसरी ओर रवींद्रनाथ ठाकुर के ‘एकला चलो रे’ की ध्वनि भी इसमें अंतर्निहित है। जीवन-पथ पर फिसलन, अँधेरा, काँटे, निराशाओं के मेघ, संशय के बादल और ऐसी ही बहुत सी बाधाएँ मिलती हैं। साथ-ही-साथ, संसार में अनेक आकर्षण भी हैं, जो व्यक्ति को कर्म-विमुख कर सकते हैं। इन सभी परिस्थितियों का एक ही उपचार है—चलते रहो, निरंतर चलते रहो। पाँवों में काँटे चुभते हैं, कंधों पर है बोझ अधिक। किंतु निरंतर चलते जाना, यही तुम्हारा धर्म पथिक॥
1000 Hindi Vastunishtha Prashnottari
- Author Name:
Braj Kishore Prasad Singh
- Book Type:

- Description: "कोई भी भाषा महज इसलिए बड़ी नहीं होती कि उसके बोलनेवालों की संख्या अधिक है, बल्कि वह इसलिए बड़ी होती है कि करोड़-करोड़ जनता के हृदय और मस्तिष्क की भूख मिटाने का वह प्रभावशाली साधन होती है। भारत में हिंदी भाषा की वही स्थिति है। हिंदी साहित्य का भंडार विस्तृत है। गद्य-पद्य, दोनों में विपुल साहित्य की रचना हुई है। किसी भी साहित्य का उसके सम्यक् रूप में पारायण कर पाना बड़ा कठिन है। आज के व्यस्त समय में पाठक के पास न तो इतना समय है और न धैर्य। अतः हिंदी साहित्य के सार रूप को प्रश्नोत्तर शैली के एक हजार प्रश्नों के अंदर समोने की कोशिश की गई है। हालाँकि इतनी बड़ी विषय-वस्तु को मात्र हजार प्रश्नों में बाँध पाना अत्यंत दुष्कर कार्य रहा। प्रस्तुत पुस्तक में हिंदी साहित्य के कलेवर को विभिन्न अध्यायों में बाँटकर विवेचित किया गया है, यथा—हिंदी साहित्य का इतिहास, काव्य शास्त्र, भाषा एवं व्याकरण, साहित्यिक विधाओं के साथ-साथ विविध अध्याय में मिश्रित प्रश्नों को समेटा गया है। पुस्तक के अंत में पाठकोपयोगी हिंदी साहित्येतिहास प्रश्नोत्तर को शामिल किया गया है। विद्यार्थी, शिक्षार्थी, प्रतियोगी परीक्षार्थी, शोधार्थी, अध्यापक ही नहीं, सामान्य हिंदी-प्रेमी पाठकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक।
VISHWA KA ITIHAS
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: इतिहास अतीत की घटनाओं का तथ्यात्मक वर्णन मात्र नहीं है, अपितु यह मानव केसुंदर भविष्य के निर्माण में भी अत्यंत सहायक है। इस प्रकार इतिहास हमारा पथ-प्रदर्शक है। ‘विश्व का इतिहास’ नामक इस पुस्तक में मानव सभ्यता केआरंभ से लेकर वर्तमान तक का विवरण प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं, इतिहास एक वृहद् विषय है तथा इसका आंकलन विभिन्न पक्षों, यथा सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक इत्यादि को दृष्टिगत रखकर किया जाता है। जब हम विश्व के इतिहास की बात करते हैं तो इसे लिखना एक चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि इसमें घटनाओं की महत्ता को देखते हुए उनका चयन करना होता है। प्रस्तुत पुस्तक में मैंने विश्व की समस्त प्रमुख सभ्यताओं के बारे में जानकारी प्रदान करने का प्रयास किया है। इसमें विश्व के इतिहास की प्रमुख घटनाओं और स्थितियों को विवेचनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है तथा तथ्यों की प्रामाणिकता के साथ-साथ विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण पर विशेष बल दिया गया है।
Swatantrata Sangram Ke Andolan
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Wah Zindagi
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: ‘तुम यहाँ हो! मैं तो तुम्हें अंदर ढूँढ़ रही थी।’ इतने में कृतिका मुझे ढूँढ़ती बाहर चली आई। ‘यह क्या हाल बना रखा है तुमने अपना?’ और वह खिलखिलाकर हँस दी। तभी दोनों बच्चे भी स्कूल जाने के लिए बाहर आए और कृतिका को हँसते देख वे भी मुझे देख हँसने लगे। ‘मजा आ गया आज तो?’ ‘अरे पिताजी! रोज ऐसा किया करिए, छुट्टी के दिन हम भी आपके साथ भीगेंगे...।’ कहकर वे हाथ हिलाते हुए स्कूल निकल पड़े। कुहासा छँट रहा था। मैं अपने आपको बेहद हल्का महसूस कर रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे मैं आकाश में उड़ रहा हूँ। जिंदगी बहुत खूबसूरत है, बस जरूरत है तो उसे इस नजरिए से देखने की। ‘वाह जिंदगी!।’ मैंने मन ही मन उस जिंदगी को धन्यवाद दिया, जो कल ही मेरे पास कुछ समय के लिए आकर मुझे जीना सिखा गई थी। —इसी पुस्तक से साहित्य-सृजन के प्रति सचेत राजनीतिज्ञ एवं लेखक रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की कलम से निकला कहानी-संग्रह ‘वाह जिंदगी!’ जीवटता एवं जीवंतता का अद्भुत उदाहरण है। जीवन के विविध रंग उकेरता मनोरंजक और प्रेरणाप्रद कहानी-संग्रह।
Jharkhand ke Adivasi : Pahchan ka Sankat
- Author Name:
Anuj Kumar Sinha
- Book Type:

- Description: यह सच है कि आज के युवा अपनी भाषा-संस्कृति के बारे मेंगहरी समझ नहीं रखते हैं। दुनिया की चकाचौंध में वे खोते जा रहे हैं। अपने पर्व-त्योहार और अपनी भाषा के बारे में वे अधिक जानते नहीं हैं। इस पुस्तक में कई ऐसे लेख हैं, जो झारखंड की भाषा-संस्कृति से जुड़े हैं। इसमें सोहराय, सरहुल और अन्य त्योहारों की महत्ता बताने का प्रयास किया गया है। प्रभाकर तिर्की ने एक लेख और आँकड़ों के माध्यम से यह बताना चाहा है कि कैसे झारखंड में आदिवासी कम होते जा रहे हैं। महादेव टोप्पो ने आदिवासी साहित्य, दशा और दिशा के जरिए आदिवासी भाषाओं को समृद्ध करने का रास्ता बताया है। एक दुर्लभ लेख ‘आदिवासियत और मैं’ है, जिसे मरांग गोमके जयपाल सिंह ने लिखा है। इसके अलावा पुष्पा टेटे, रोज केरकट्टा, हरिराम मीणा, जेवियर डायस, पी.एन.एस. सुरीन आदि के लेख हैं, जिनमें दुर्लभ जानकारियाँ हैं, जो आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं। ऐसे लेखों को संकलित कर पुस्तक का आकार देने के पीछे एक बड़ा कारण यह है कि ये लेख आगाह करनेवाले हैं, हमें जगानेवाले हैं। ये महत्त्वपूर्ण लेख हैं, जिनका उपयोग शोधछात्र कर सकते हैं, नीतियाँ बनाने में सरकार कर सकती है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि ये युवाओं को अपनी भाषा-संस्कृति को समृद्ध बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...