Tum Yaad Aaoge Leelaram
(0)
₹
450
₹ 360 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
‘तुम याद आओगे लीलाराम’ संग्रह वरिष्ठ कवि-कथाकार प्रकाश मनु की इधर लिखी गई, नई और ताजा कहानियों का संग्रह है। बिल्कुल अलहदा ढंग की कथन-शैली और गहरी मर्म पुकार लिये ये कहानियाँ अपनी अद्भुत किस्सागोई और अनौपचारिक लहजे के कारण अलग पहचान में आती हैं। सच तो यह है कि ‘तुम याद आओगे लीलाराम’ संग्रह प्रकाश मनुजी की कथा-यात्रा में एक सार्थक मोड़ की तरह है, और एक साथ कई विशेषताओं के कारण जाना जाएगा। संग्रह की कहानियाँ जिंदगी में इस कदर गहरे धँसकर अपनी बात कहती हैं कि पाठक चकित हुआ सा, खुद को अपनी तकलीफों, समूची वेदनाओं और आत्मिक द्वंद्वों के साथ इनमें पूरी तरह उपस्थित पाता है। लेखक और पाठक का इतना गहन तादात्म्य हिंदी कहानी के मौजूदा परिदृश्य में एक विरल चीज है। फिर अपने ही ढंग के ?विशिष्ट कथाकार प्रकाश मनुजी की ये कहानियाँ अकसर बतकही के-से अंदाज में अपनी बात कहती हैं। इनमें कविता सरीखी मर्म पुकार है तो आत्मकथा सरीखा निजत्व भी। कहानी और जिंदगी के फासलों को पाटनेवाली ये सादा और पुरअसर कहानियाँ अगर प्रेमचंद और मटियानी सरीखे दिग्गजों की याद दिलाएँ, तो कोई हैरत की बात नहीं। उम्मीद है, प्रकाश मनु की इन कहानियों की ताजगी पाठकों के दिलों में कभी फीकी न पड़नेवाली एक अलग छाप छोड़ेगी। और एक बार पढ़ने के बाद वे इन्हें कभी भूल नहीं पाएँगे।
Read moreAbout the Book
‘तुम याद आओगे लीलाराम’ संग्रह वरिष्ठ कवि-कथाकार प्रकाश मनु की इधर लिखी गई, नई और ताजा कहानियों का संग्रह है। बिल्कुल अलहदा ढंग की कथन-शैली और गहरी मर्म पुकार लिये ये कहानियाँ अपनी अद्भुत किस्सागोई और अनौपचारिक लहजे के कारण अलग पहचान में आती हैं।
सच तो यह है कि ‘तुम याद आओगे लीलाराम’ संग्रह प्रकाश मनुजी की कथा-यात्रा में एक सार्थक मोड़ की तरह है, और एक साथ कई विशेषताओं के कारण जाना जाएगा। संग्रह की कहानियाँ जिंदगी में इस कदर गहरे धँसकर अपनी बात कहती हैं कि पाठक चकित हुआ सा, खुद को अपनी तकलीफों, समूची वेदनाओं और आत्मिक द्वंद्वों के साथ इनमें पूरी तरह उपस्थित पाता है। लेखक और पाठक का इतना गहन तादात्म्य हिंदी कहानी के मौजूदा परिदृश्य में एक विरल चीज है।
फिर अपने ही ढंग के ?विशिष्ट कथाकार प्रकाश मनुजी की ये कहानियाँ अकसर बतकही के-से अंदाज में अपनी बात कहती हैं। इनमें कविता सरीखी मर्म पुकार है तो आत्मकथा सरीखा निजत्व भी। कहानी और जिंदगी के फासलों को पाटनेवाली ये सादा और पुरअसर कहानियाँ अगर प्रेमचंद और मटियानी सरीखे दिग्गजों की याद दिलाएँ, तो कोई हैरत की बात नहीं।
उम्मीद है, प्रकाश मनु की इन कहानियों की ताजगी पाठकों के दिलों में कभी फीकी न पड़नेवाली एक अलग छाप छोड़ेगी। और एक बार पढ़ने के बाद वे इन्हें कभी भूल नहीं पाएँगे।
Book Details
-
ISBN9789388984034
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Aurat Ka Ghar
- Author Name:
Jasinta Kerketta
- Book Type:

- Description:
शहर के सम्पर्क और नए समय के प्रभाव में आदिवासी समाज भी अब ठीक-ठीक वैसा नहीं रहा, जैसा जंगल और प्रकृति ने उसे बनाया था। वह बदल रहा है और अफ़सोस कि अधिकतर विकृति की ओर ज़्यादा बदल रहा है। नागर सभ्यता अपनी तमाम नकारात्मक ऊर्जा के साथ उसे अपनी चपेट में ले रही है। जसिंता केरकेट्टा की ये कहानियाँ जैसे बदलाव की इस प्रक्रिया का जीवन्त दस्तावेज़ हैं। बिना किसी कलागत आग्रह के सरल-सीधी कथा-कहन के साथ वे इन कहानियों में आदिवासी स्त्रियों की असहायता को भी उजागर करती हैं और पुरुषों में बढ़ते ताक़त के नशे की ओर भी संकेत करती हैं। कुछ कहानियों में उन्होंने ऐसे वयस्क मूल्यबोध की ओर भी इशारा किया है जिसको स्वीकार करने में नागर जन की तथाकथित आधुनिकता भी बग़लें झाँकने लगेगी। मसलन ‘रिश्ता’ कहानी में विवाह नामक संस्था को आमूल-चूल पुनर्परिभाषित करते नैना, सूरज और सुरजमुनी के संवाद। संवाद-प्रधान कुछ कहानियों में धर्म-आधारित राजनीति और आदिवासी जीवन पर उसके प्रभाव को लेकर भी अच्छी रोशनी पड़ती है। व्यवस्था और अवधारणा के स्तर पर बहुत सूक्ष्म और रेडिकल बदलावों के संकेत इन कहानियों में कई जगह मिलते हैं। ये कहानियाँ बताती हैं कि आदिवासी समाज में भी भले ही पुरुषों ने स्त्री के लिए कोई सम्मानजनक जगह नहीं रखी, बाहरी दुष्प्रभाव में भले ही बेटे अपनी माँओं-बहनों के साथ हिंसा करने लगे हैं, लेकिन स्त्री अभी भी अपनी संस्कृति, अपनी प्राकृतिक सहजता को लेकर सचेत है, उसे खोने को तैयार नहीं। हिंसा का शिकार होकर भी वह हिंसा को नहीं चुनती। आदिवासी दुनिया के संघर्षों, मूल्यों, पीड़ाओं, उसके सामने मौजूद ख़तरों और बदलावों को दर्शातीं कहानियों का एक रोचक संग्रह।
Shaadi ka Joker
- Author Name:
Abdul Bismillah
- Book Type:

- Description:
‘शादी का जोकर’ वरिष्ठ कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का महत्त्वपूर्ण कहानी-संग्रह है। इस संग्रह में सत्रह कहानियाँ हैं। अब्दुल बिस्मिल्लाह ने अपनी रचनाशीलता का प्रस्थान व्यापक सामाजिक सरोकारों से निर्मित किया था। उपन्यासों और कहानियों की सार्थक व यशस्वी रचना-यात्रा करने के बाद उनमें नई तरह की सादगी जगमगाने लगी है।
प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ सक्रिय शब्दों में व्यक्त हुई हैं। लेखक ने आम ज़िन्दगी से झाँकती परेशानी, पशेमानी और कशमकश से इन कहानियों के सूत्र सहेजे हैं। पहली ही कहानी ‘ख़ून' रिश्तों की हिफ़ाज़त करनेवाले शख़्स और बेमुरव्वत दुनिया की दास्तान है। 'त्राहिमाम', 'कैलेंडर', ‘महामारी’, ‘तीसरी औरत’ सरीखी रचनाएँ रेखांकित करती हैं कि पठनीयता और सार्थकता की सहभागिता से स्मरणीय का जन्म होता है।
यह उल्लेखनीय है कि एक नैतिक निष्कपट क़िस्सागोई अब्दुल बिस्मिल्लाह की पहचान है। सामाजिक अविश्वास और उत्पीड़न के प्रसंग को 'शादी का जोकर' में अद्भुत अभिव्यक्ति मिली है। बारिश होने पर गाँव की बरात में आए दिल्ली के कला रसिकों का भागना और कला की दशा का बखान ‘तूफ़ानी पहलवान’ के इन शब्दों में है—‘अब सिर्फ़ बच गई अमराई में दोनों चारपाइयाँ, जो भीगती रहीं उस धारासार वर्षा में और आम के तने से चिपटे खड़े रहे तूफ़ानी पहलवान हाथ जोड़े। भीगती रही काँधे से लटकी उनकी ढोलक और उसकी डोरियों से टपकता रहा बूँद-बूँद पानी टप्प-टप्प...।'
ज़ाहिर है कि 'शादी का जोकर' एक उल्लेखनीय कहानी-संग्रह है। कथा-रस के साथ समकालीन सभ्यता में व्याप्त असमंजस की अभिव्यक्ति इसकी विशेषता है।
Varnamaya
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description:
ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಎರಡು ನೀಳ್ ಪ್ರಬಂಧಗಳ ಜೊತೆಗೆ, ಹಲವು ಸ್ವಾರಸ್ಯಕರ ಸುಲಲಿತ ಪ್ರಬಂಧಗಳು. ಕಥೆಗಾರ, ಬರಹಗಾರರಾದ ವಸುಧೇಂದ್ರ ಅವರ ಸುಲಲಿತ ಪ್ರಬಂಧಗಳ ಸಂಕಲನ ’ ವರ್ಣಮಯ’. ಈ ಪ್ರಬಂಧ ಸಂಕಲನದಲ್ಲಿ ಬರುವ ನಂಜುಂಡಿ ಮತ್ತು ಗೌರಮ್ಮ ಎಂಬ ಬರಹಗಳಲ್ಲಿ ಲೇಖಕರು ತಮ್ಮ ಸುತ್ತಲಿನ ಸಮಾಜದ ಎಷ್ಟೋ ಮಜಲುಗಳನ್ನು ಕೆಳ, ಮಧ್ಯಮ ಹಾಗೂ ಮೇಲಿನ ವರ್ಗದ ಜನರುಗಳ ನಡುವೆ ಮುಖಾಮುಖಿಯಾಗಿಸುತ್ತಾ ಅವರ ನಡವಳಿಕೆಗಳನ್ನು ಹಾಸ್ಯ ಪ್ರಜ್ಷೆಯೊಂದರಲ್ಲಿಓದುಗರಿಗೆ ಪರಿಚಯಿಸಿದ್ದಾರೆ. ತಾಯಿ ದೇವರಲ್ಲ, ಅಮ್ಮ ಎನ್ನುವ ಸಂಭ್ರಮ, ಹಗ್ಗದ ಹಾವು, ಬರಹಗಳು ಲೇಖಕರ ಮನೆಯ ಅನುಭವ ಚಿತ್ರಣವನ್ನು ನೀಡುವಂತದ್ದಾಗಿದೆ.
Janakpriya Evam Anya Kahaniya
- Author Name:
Manoj Kumar Sharma
- Book Type:

- Description:
कवि-हृदय मनोज कुमार शर्मा का कहानी-संग्रह ‘जनकप्रिया एवं अन्य कहानियाँ’ जीवन के विविध अनुभवों को प्रांजल भाषा में अभिव्यक्त करता है। लेखक के पास संवेदनाओं की सशक्त पूँजी है। यह संवेदना आधुनिक महानगरीय मन और परम्परागत लोकचित्त की साझा निर्मिति है। यही कारण है कि मनोज कुमार शर्मा की कई कहानियाँ लोक-स्वभाव का अनुगमन करते हुए लोकलय में लिखी गई हैं। इसे परम्परा को संरक्षित करने की ‘कथात्मक कोशिश’ भी कह सकते हैं। मनोज कुमार शर्मा समकालीन ज़िन्दगी की विसंगतियों को बहुत सलीके से छू लेते हैं। उन्हें इस बड़बोले समय में शब्द संयम के प्रति सचेत कहानीकार कहा जा सकता है। उन्होंने कुछ नए मुहावरों को रूपायित भी किया है, जैसे ‘मैं वैसे क्रोध तो राजस्थान की वर्षा की तरह कम ही करता हूँ परन्तु उस दिन तो बस चेरापूँजी...।’ ऐसे प्रयोगों से पठनीयता में वृद्धि होने के साथ शैली में एक सुखद चमक भी आ जाती है। समग्रतः प्रस्तुत कहानी-संग्रह भावों और विचारों में उल्लेखनीय और महत्त्वपूर्ण है।
Naurangi Bimar Hai
- Author Name:
Shekhar Joshi
- Book Type:

- Description:
सामान्य जीवन-स्थितियों में भी ऐसा बहुत कम होता है, जिसकी मूल्यवत्ता हमें दूर तक सोचने के लिए विवश करती है। लेकिन यह कार्य एक सक्षम और अनुभूतिशील रचनाकार ही कर सकता है और शेखर जोशी ने इन कहानियों के रूप में यही कार्य सम्पादित किया है।
शेखर जोशी की ये कहानियाँ हमारे समक्ष जिस यथार्थ का उद्घाटन करती हैं, उसके पीछे समकालीन जन-जीवन की बहुविध विडम्बनाओं को महसूस किया जा सकता है। सपनों की वास्तविकता से अपरिचित बच्चों की ख़ुशी हो, या बिरादरी की दलदल में फँसे व्यक्ति की मनोदशा—लेखकीय दृष्टि उन्हें एक नए अर्थ-गाम्भीर्य से भर देती है। उसके पास आदर्शवादी निर्णय हैं तो उनके सामने खड़ा कठोर और भयावह यथार्थ भी है। अकारण नहीं कि दफ़्तरी पुर्जे नौरंगी की बीमारी वर्तमान व्यवस्था की ही बीमारी पर एक तीखा व्यंग्य बनकर उभरती है।
कहना न होगा कि शेखर जोशी की ये कहानियाँ बिना किसी शोर-शराबे के हमारे सोच के विभिन्न स्तरों को स्पर्श और झंकृत करनेवाले रचनात्मक गुणों से परिपूर्ण हैं।
Beyond The Backyard
- Author Name:
P.Sathyavathi +2
- Book Type:

- Description:
Women’s voices no longer solely portray confinement to kitchens and backyards or victimhood. Instead, they emphasise unseen restrictions faced by individuals and significant barriers within global contexts. This collection of twenty-nine short stories covers diverse themes, complex narratives, unique characters, inventive metaphors, and alternative viewpoints. All stories aim for a just and equitable world. Key topics include Dalit, minority, and tribal issues, farmers’ struggles, new forms of exploitation in high-tech sectors under Globalisation, and existential questions, which are central to these women's writings. Over a dozen passionate translators helped bring these stories to English-speaking readers. The shift of women from victims to survivors to saviours would be even more impactful if men and women worked together to build a casteless, classless, environmentally mindful society- an aspiration our writers share.
Peele Kagaj Ki Ujli Ibarat
- Author Name:
Kailash Banwashi
- Book Type:

- Description:
Short Stories
Saankal
- Author Name:
Zakiya Zubairee
- Book Type:

- Description:
यह बात सच है कि पैदाइश और परवरिश का माहौल ज़िन्दगी भर ज़ेहन पर हावी रहता है। और अगर तालीम का रंग भी इनमें शामिल हो जाए तो सोच का मुकम्मल ख़ाक़ा तैयार हो जाता है। ज़किया ज़ुबैरी की कहानियों का संग्रह ‘साँकल’ पढ़ते हुए बारहा यही महसूस होता है। इन कहानियों पर राजेन्द्र यादव की यह राय दुरुस्त है कि, ‘उनकी कहानियाँ ऐसे नारी मन के विभिन्न पहलुओं पर केन्द्रित हैं जो अभी भी भारत को अपने भीतर बसाए हुए है। वे द्वन्द्व और नॉस्टेल्जिया की कहानियाँ हैं।’
ज़किया औरतों की ज़िन्दगी में आहिस्ता से दाख़िल होकर उनके मन की परतों को खोलती हैं। भीतरी तहों में दबे सच कभी ‘बाबुल मोरा’ की लिसा, तो कभी ‘मेरे हिस्से की धूप’ की शम्मो के रूप में सामने आते हैं। अगर लेखिका की संवेदना परखनी हो तो ‘मारिया’, ‘साँकल’, ‘लौट आओ तुम’ जैसी कहानियाँ पढ़नी चाहिए।
सरोकार के साथ भाषा लेखिका की बहुत बड़ी ताक़त है। बड़ी सहजता से पूरा मंज़र सामने खड़ा हो जाता है, ‘किसी से डर न ख़ौफ़—बिन्दास! छोटी-छोटी आँखों को टेढ़ी करके बात किया करती, बात-बात पर खिलखिलाकर हँस देती और हँसते हुए झूल-सी जाती। वो जो कपड़े पहने होती, ऊँचे-नीचे, बेमेल-से, कहीं-कहीं से सिलाई खुले हुए कपड़ों से जवानी झाँक रही होती। वह एक ऐसी बेटी थी जिसके कारण घर में कंकरों की आमद बनी रहती।’ बेहद दिलचस्प कहानियों का संग्रह।
Parivartan
- Author Name:
Rajesh Maheshwari
- Book Type:

- Description:
एक प्रचलित उक्ति है, ‘देखन में छोटे लगें घाव करें गम्भीर।’ यह उक्ति ‘परिवर्तन’ संग्रह की छोटी-छोटी कहानियों पर पूर्णत: खरी उतरती है। लेखक राजेश माहेश्वरी ने बोध कथाओं की परम्परा से प्रेरणा ग्रहण की है। भारतीय साहित्य में छोटी-छोटी कहानियों (या कथाओं) की समृद्ध उपस्थिति है। नैतिकता व सामाजिकता आदि का उपदेश देने के लिए भी इन कथाओं का उपयोग होता रहा है। शिल्प के जितने प्रयोग ऐसी कहानियों में किए गए हैं, वे भी उल्लेखनीय हैं।
राजेश माहेश्वरी ने 'परिवर्तन' की कहानियों में उदाहरण और प्रबोधन-तत्त्व को प्रमुखता दी है। वे कभी वास्तविक घटना के भीतर कोई मूल्यवान प्रेरणा-सूत्र तलाश लेते हैं। कभी 'गल्प' की तरह कल्पना का आश्रय लेते हैं। इन दोनों प्रविधियों से वे जीवन के अर्थ को कुछ और प्रशस्त व उदात्त बनाते हैं। कुछ रचनाएँ प्रश्नोत्तर शैली में हैं और उनमें कहानी का तत्त्व गौण है। इसी प्रकार कहीं-कहीं प्रत्यक्ष उपदेश की प्रवृत्ति भी प्रभावी है।
महत्त्वपूर्ण यह है कि लेखक ने स्थान-स्थान पर प्रबोधन-सूत्र प्रदान किए हैं। ‘दीपक और जीवन’ का सन्देश है, ‘मानव जीवन व दीपक का प्रारम्भ व अन्त समान है। हमारा जीवन दीपक के समान प्रकाश पुंज बनकर देश व समाज के काम आए, यही अपेक्षा है।’
लघु प्रसंगों में बड़ा अर्थ प्राप्त करनेवाली इन रचनाओं से निश्चितरूपेण एक दृष्टि प्राप्त होती है।
Katha Saptak Manisha Kulshreshtha
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:


- Description:
स्त्री जीवन के विभिन्न रंगों को उकेरी ७ कहानियाँ, हरेक कहानी अपने आप में भावनाओं के अनूठे अनुभवों को समेटे हुए। - कठपुतलियाँ - स्वाँग - एडोनिस और लिली के फूल - क़सुमल रंग - आर्किड - एक थी लिलन - ज़मीन
Jalti Jhadi
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

- Description:
नामवर सिंह के शब्दों में ‘...निर्मल ने यथार्थ की सीमा पार करने की कोशिश की है। उन्होंने तात्कालिक वर्तमान का अतिक्रमण करना चाहा है, कहानी-कला के दायरे से भी बाहर निकलने की कोशिश की है। यहाँ तक कि शब्द की अभेद्य दीवार को लाँघकर शब्द के पहले के ‘मौन जगत’ में प्रवेश करने का भी प्रयत्न किया है।’
मनुष्य के भीतर अवस्थित इस मौन को पकड़ने का प्रयास बार-बार निर्मल जी की कहानियों में दिखाई देता है जिसे वे जीवन के बीचोबीच ही सम्भव करते हैं। जीवन के भावनात्मक जोख़िम से भरे इलाक़ों में मनुष्य की सघन और सूक्ष्म अनुभूतियों को प्रकाशित करनेवाली इस संग्रह की कहानियाँ अकेलेपन, अवसाद, अजनबीयत और आधुनिक जीवन की विडम्बनाओं का अन्वेषण दुर्लभ चित्रात्मकता और प्रामाणिकता के साथ करती हैं।
सन् 1965 में पहली बार प्रकाशित इस संग्रह की ज़्यादातर कहानियाँ यूरोप की पृष्ठभूमि में लिखी गई हैं जिनमें ‘लन्दन की एक रात’, ‘अन्तर’ और ‘जलती झाड़ी’ जैसी प्रसिद्ध कहानियाँ भी शामिल हैं।
इसी संग्रह में ‘माया दर्पण’ शीर्षक कहानी भी है जिस पर समानान्तर सिनेमा के चर्चित निर्देशक कुमार शाहनी ने इसी नाम से फ़िल्म बनाई थी जिसे 1973 में सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
Sampoorna Kahaniyan : Suryakant Tripathi Nirala
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

- Description:
‘सम्पूर्ण कहानियाँ’—प्रखर जनवादी चेतना के लेखक निराला की 25 कहानियों का महत्त्वपूर्ण संग्रह है। इन कहानियों को रचना-क्रम और प्रकाशन-क्रम से यहाँ प्रस्तुत किया गया है।
निराला ने अपनी इन कहानियों में विषयवस्तु के अनुरूप ही कहानी का नया रूप गढ़ा है। वे कई बार संस्मरणात्मक ढंग से अपनी बात करते हैं, लेकिन अन्त तक आते-आते मामूली-से बदलाव से संस्मरण को कहानी में बदल देते हैं।
निराला के पहले चरण के उपन्यासों में जिस तरह कल्पना और यथार्थ के बीच अन्तर्विरोध दिखाई देता है, वह अन्तर्विरोध उपन्यास की अपेक्षा इन कहानियों में ज़्यादा तीखा है।
इन कहानियों में उनका गद्य हास्य का पुट लिये नई दीप्ति के साथ सामने आया है। जितना उसमें कसाव है, पैनापन भी उतना ही।
सुरुचिपूर्ण साज-सज्जा में प्रकाशित निराला की ये सम्पूर्ण कहानियाँ पाठकों को पहले की तरह ही अपनी ओर आकर्षित करेंगी।
Sampoorna Kahaniyan : Suryakant Tripathi Nirala
Suryakant Tripathi 'Nirala'
20% off₹ 995
₹ 796
Available
Tales Told by Mystics
- Author Name:
Manoj Das
- Book Type:

- Description:
Tales Told by Mystics is a collection of Mystic tales retold by Manoj Das. A significant branch of India's vast literary heritage consists of tales told by mistake through the ages, different from myths and legends. Though taken for granted as a part of our folklore and rarely discussed, their influence on the minds of generations of common people has been only next to that of the epics. Sometimes they hit the nail on the head, sometimes they shock and sometimes they make one laugh at oneself, but they invariably in enrich one's mind by identifying the complex and intriguing forces psychological and occult, at work in our lives. This collection probably the first ever of its kind of a full 100 tales called from sages is known and unknown through decades of a sustained interest by its present author, should prove as revealing as they have proved for centuries past.
Apni Si Rang Dinhin Re
- Author Name:
Sapna Singh
- Book Type:

- Description:
Sapna Singh Famous Stories Collection
SHRESHTHA LATIN AMERIKI KAHANIYAN
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description:
श्रेष्ठ लैटिन अमेरिकी कहानियाँ प्रस्तुत है—विश्व के महान लातिन अमेरिकी कथाकारों बोर्गेस, मार्खेज़, कोर्टाज़ार, रोसा और इज़ाबेल की कालजयी कहानियों का यह मूल्यवान संग्रह हिंदी पाठकों के लिए।
Nirvasan Aur Aadhipatya
- Author Name:
Albert Camus
- Book Type:

- Description:
अल्बैर कामू की छह कहानियों का संग्रह है ‘निर्वासन और आधिपत्य’। ये कहानियाँ कामू की रचनाओं में बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान रखती हैं क्योंकि इन छोटे वृत्तान्तों में उनकी महान विचारधारा के सभी मूल तत्त्व निहित हैं। वस्तुतः यह संग्रह उनके चिन्तन को समझने के लिए आदर्श स्रोत है।
तकनीक की दृष्टि से इन कहानियों की शैली उनके उपन्यासों से एकदम विपरीत है। एक कहानी को छोड़कर कामू ने इनमें सीधे, निरपेक्ष कथन का प्रयोग किया है। दृश्य-सज्जा किसी विशेष गरिमा का प्रतीक होने का कोई संकेत नहीं देती। ‘वर्द्धमान पत्थर’ के अलावा बाकी सभी कहानियों का कथानक करीब-करीब रूढ़िगत है। प्रत्येक कहानी बिना कोई गूढ़ अभिप्राय छिपाए हुए, तेज़ और सरल गति से अपने चरम बिन्दु तक निपुणतापूर्वक विकसित होती है।
‘जोनास’ में कलाकारों के जीवन पर हल्का-सा व्यंग्य किया गया है। बाकी चार कहानियाँ, ‘व्यभिचारिणी पत्नी’, ‘मौन रोष’, ‘अतिथि’ और ‘वर्द्धमान पत्थर’, ‘धर्म परिवर्तक’ के कटु आक्षेप को प्रति-संतुलित करती हैं। सभी कहानियों की थीम करीब-करीब एक ही है : मनुष्य का किसी भी कारणवश अपनी सामंजस्यपूर्ण स्थिति से निर्वासन और फिर ज्ञान-प्रदायक अनुभव के बाद, उसी में पुनः संघटन। प्रत्येक कहानी एक तथ्योद्घाटन प्रस्तुत करती है।
Katha Saptak - Jayanti Rangnathan
- Author Name:
Jayanti Rangnathan
- Book Type:

- Description:
Description Awaited
Love - A Sweet Poison
- Author Name:
Bijender Singh
- Book Type:

- Description:
Love: A Sweet Poison is an anthology of nineteen short stories based on the theme of love that becomes poison if reciprocated wrongly to appease the false ego leaving behind emptiness of dark silence and heaps of shattered dreams. Love is a divine neurological feeling and psychological necessity like thirst and hunger. It would be erroneous to elevate ‘Love’ to the level of ‘God’, but the fact—love permeates the whole universe—cannot be ignored. Love is a feeling less to be defined and more to be experienced, so love blindly and unconditionally to lump up your emotions more vehemently but only when the time is ripe and circumstances favourable. Side-effects of passionate love, romance, betrayal, heartbreaks and ditching of partners after sexual gratification, etc., have been chosen exclusively as core issues in this anthology which will prove a torchbearer to the teens and youngsters. This anthology highlights the pernicious results of love as an obsession at an immature age, and it will take you to a world of badly broken hearts and never healing scarred souls.
Betal Pachisi
- Author Name:
Shriprasad
- Book Type:

- Description:
भारतीय लोकजीवन में क़िस्सागोई की परम्परा काफ़ी पुरानी है। लगभग उतनी ही पुरानी जितनी मानव सभ्यता के नागरिक विकास की कहानी है। नागरिक सभ्यता के विकास के बाद मनुष्यों में नैतिक-बोध एवं जीवन-मूल्यों की स्थापना के लिए ही क़िस्सागोई के माध्यम से नैतिक-शिक्षा से सम्बन्धित कहानियों के वाचन की परम्परा विकसित हुई होगी।
‘बेताल पचीसी’ भी उसी विरल क़िस्सागोई का अन्यतम उदाहरण है। ये कहानियाँ न सिर्फ़ मनोरंजक, रोचक और रोमांचक हैं बल्कि एक तरह की नैतिक-शिक्षा भी प्रदान करती हैं। ख़ासकर किशोर उम्र के पाठकों के मन में नैतिकता और नागरिक मूल्य-बोध के विकास में ये कहानियाँ बेहद सफल हैं और उनके स्वस्थ मनोरंजन का साधन भी।
डॉ. श्रीप्रसाद ने इन कहानियों को बेहद रोचक भाषा और प्रवाह में प्रस्तुत किया है। ऐसे दौर में जबकि टी.वी. चैनलों की अश्लीलता अपने चरम पर है, आशा की जानी चाहिए कि ये कहानियाँ किशोर पाठकों का स्वस्थ मनोरंजन करेंगी और उन्हें नैतिक जीवन-मूल्यों की तरफ़ अग्रसर होने को प्रेरित भी।
Interval Ke Baad
- Author Name:
Vidyabhooshan
- Book Type:

- Description:
‘इंटरवल के बाद’ में संकलित कहानियों के केन्द्र में मुख्यतः छोटे शहरों का मध्यवर्गीय जीवन और उसकी विभिन्न स्थितियाँ हैं। सामाजिक जवाबदेही के प्रति गहरी सजगता इन कहानियों को एक अलग रंग देती है, और हमें सचेत करती है कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों में किसी भी बदलाव को सावधानीपूर्वक अपनाना चाहिए।
उदाहरण के लिए संग्रह में शामिल ‘सरे-राह चलते-चलते’ की कमला और विजय एक क्षणिक बौखलाहट के चलते शुरू हुए अपने भावनात्मक विचलन को समय रहते इसलिए सँभाल लेते हैं कि उन्हें उसका कोई भविष्य नहीं दिखता, और न ही वे उसके लिए कोई बड़ा जोखिम उठाने की स्थिति में है।
‘एक पिता का जन्म’ शीर्षक कहानी भी एक भविष्यहीन रिश्ते के पनपने से पहले ही अपने सामाजिक दायित्व की ओर लौट जाती है। ‘गली के मोड़ पर दोराहा है’ की नायिका भी सामाजिक सीमाओं को बहुत गहराई से महसूस करती है, लेकिन उसके बरक्स अपने मन में उठते सवाल की अनसुनी भी वह नहीं करती। वह पाठक से ही प्रश्न करती है कि दाएँ मुड़ूँ या बाएँ!
पात्रों की मनोवैज्ञानिक पड़ताल इन कहानियों की विशेषता है, और कथा-प्रवाह इन्हें खासतौर पर पठनीय बनाता है। पारिवारिक और भावनात्मक रिश्तों के अलावा इस संग्रह में ‘पत्थरों की दास्तान’ जैसी कहानी भी है जिसमें शिल्प, विवरण और कथ्य एक अलग ही स्तर पर पाठक के सामने खुलते हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book