Trillion Dollar Economy: Yogi Govt | Uttar Pradesh On The Move The Plans, Policies, Goals And Achievements By The Government of The State | Book In English
Author:
Dr. Sheelwant SinghPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 480
₹
600
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355624963
Pages: 400
Avg Reading Time: 13 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
The Rise Of The Right In Bengal
- Author Name:
Animesh Biswas
- Book Type:

- Description: Bharatiya Janata Party created history in 2019 by winning a thumping majority in the Loksabha elections under the dynamic leadership of Prime Minister Narendra Modi and the able captaincy of the then National President Amit Shah. BJP created a milestone in the country’s history. West Bengal which was never a stronghold of BJP earlier gave unprecedented results by winning 18 seats (eight times of the previous tally). This was a complete team effort of the party’s soldiers and their generals in West Bengal, who were working tirelessly to achieve this feat. The results are also a testimony of Bengal’s rich historical attachment with BJP or Sangh Parivar. This book explores those historical aspects, political history, social reasons, dark age of communist rule till the bad times of the Trinamool government. The win in 2019 cements those facts and this book narrates ‘The Rise of The Right in Bengal’.
Paridhi Par Stri
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

- Description: आज स्त्रियों के काम तथा राष्ट्रीय उत्पाद में उनके कुल योगदान का बड़ा महत्त्व राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय दोनों ही स्तरों पर स्वीकार कर लिया गया है। यह भी मान लिया गया है कि एक पुरुष को साक्षर बनाने से एक व्यक्ति ही साक्षर होता है, जबकि एक स्त्री के शिक्षित होने से एक पूरा कुनबा! अकाट्य तौर से यह भी प्रमाणित हो चुका है, कि ग़रीबतम तबके की औरतों तक स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारियों तथा सुविधाएँ पहुँचाए बिना संक्रामक रोगों अथवा आबादी पर अंकुश लगाना क़तई नामुमकिन है। इसलिए ज़रूरत है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की वर्तमान रपट का महत्त्व तथा शरणार्थी समस्या का यह अनदेखा पहलू हमारी सरकार भी समझे और इन उपेक्षित स्त्रियों में कौन हिन्दू है, कौन ग़ैर-हिन्दू, इसकी स्वार्थी विवेचना की बजाय उन तक ज़रूरी नागरिक सुविधाएँ और आजीविका के संसाधन पहुँचाने की यथाशीघ्र चेष्टा की जाए, वरना लाख प्रयत्नों के बावजूद राष्ट्रीय प्रगति सही रफ़्तार नहीं पकड़ पाएगी। कवि रहीम ने कहा भी था, कि जिस व्यक्ति को याचक बनकर जाना पड़ता है, वह तो जीते जी मरता है, पर उससे भी गया-गुज़रा वह है, जिसके मुँह से निकलता है ‘नहीं’। क्या इन अधमरी स्त्रियों की ज़रूरतों को जाति-धर्म की तुला पर तौलते हुए हम हर बार राष्ट्र के ज़मीर की हत्या नहीं करते हैं?
Retirement Planning For Youth
- Author Name:
Kshitij Patukale
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UTTARAKHAND KE MELE
- Author Name:
Ritesh Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Bachche
- Author Name:
Raskin Bond
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dollar Bahoo
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Devrishi Narayan aur Narad Samvad
- Author Name:
Dr. Kislay Panday
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janki Van Gaman
- Author Name:
Shipra Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Body Language: Read What People Have in Their Minds
- Author Name:
M.K. Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kans Ki Atma
- Author Name:
Ishan Mahesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dehari Par Patra
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

-
Description:
यह निर्मल वर्मा के कथाकार जयशंकर को लिखे पत्रों का संकलन है। एक वरिष्ठ लेखक का एक युवा लेखक से हुआ संवाद जो अगस्त 82 से शुरू होकर अगस्त 2005 तक चला।
पत्रों में निर्मल वर्मा का एक अलग ही रूप प्रकट होता है जो खासा मुखर और संवादप्रिय है। पाठकों, प्रशंसकों और मित्रों के ढेरों पत्र उन्हें रोज आते थे; और वे हर पत्र का जवाब देते थे। न सिर्फ़ जवाब देते थे बल्कि उन पत्रों में दूसरों के लिए एक तरह से रचनात्मक पर्यावरण के निर्माण की कोशिश भी करते थे; उन पत्रों में उनका अपना आत्मसंघर्ष और आत्म-मंथन भी व्यक्त होता था।
जयशंकर को लिखे इन पत्रों में ख़ासतौर पर साहित्य, सिनेमा, संगीत और चित्रकला विषयक इतने विवरण आते हैं कि कोई भी युवा लेखक इनसे अपनी अध्ययन-यात्रा के लिए पर्याप्त मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। इनमें निर्मल जी के रचना-संसार को, उनकी चिन्तन-प्रक्रिया को समझने के सूत्र भी मिलेंगे।
...और ऐसे परामर्श भी—“मैं सोचता हूँ—हर व्यक्ति को गर्मियों के दौरान अपने सारे काम, कर्तव्य और जिम्मेवारियाँ पूरी करने के बाद जाड़े के दिन सिर्फ़ सोचने, सोने और पढ़ने के लिए सुरक्षित रखने चाहिए...और प्रेम करने के लिए भी, यदि ऐसा सुयोग मिल सके।”
CTET/TETs Solved Papers (2023-2011) Paper-1 (Kaksha 1-5)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Media : Mahila, Jati aur Jugad
- Author Name:
Sanjay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nai Sadi Ka Katha Samay
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Book
Dr. A.P.J. Abdul Kalam: Biography Of A Saintly Scientist
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: Dr. Kalam was a learner all his life. He commanded subjects beyond his realm of work. He felt home with science as well as social subjects. He did not allow anything to escape his notice, and he wanted to know everything. As he toured different parts of the country and world, he made bid to learn, and whenever he had a doubt, he would consult books and people to resolve it. He was a widely read man, and turned out to be a writer with several popular & bestseller books to his credit. In this book, we have made a solemn endeavour to read his mind, how he thought at every turn of his life. This will help the readers to understand the intricacies of his thinking and how he was guided for a mission in his life. To understand him well, it also contains narrations of a number of incidents and events of his life, that would lead to holistic understanding about him.
JHARKHAND KE VEER SHAHEED
- Author Name:
Vinay Kumar Pandey
- Book Type:

- Description: झारखंड की रत्नगर्भा धरती पर अनेक ऐसे वीरों और वीरांगनाओं ने जन्म लिया है, जिन्होंने मातृभूमि की आन-बान-शान और सम्मान के लिए अपनी जान तक की कुर्बानी दे दी है। उन्हीं वीर-सपूतों में शीर्ष स्थान पर सितारों की भाँति स्थापित हो चुके हैं--रघुनाथ महतो, तिलका माँसी, तेलंगा खड़िया, अर्जुन सिंह, जग्गू दीवान, कुर्जी मानकी, पोटो सरदार, गोनो पिंगुआ, बुधु भगत, इकुर विश्वनाथ शाहदेव, पांडेय गणपत राय, टिकैत उमराँव सिंह, शेख भिखारी, सिदो, कान्हू, चाँद, भेरव, फूलो, झानो, बिरसा मुंडा, गया मुंडा, जतरा टाना भगत आदि। देश की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव पर प्रस्तुत पुस्तक इन्हीं बलिदानी सपूतों की वीर गाथाओं को सँजोने का प्रयास है। इस पुस्तक में जिन वीर-सपूतों की जीवन गाथा का बखान किया गया है, वे निश्चित रूप से अत्यंत साधारण थे, किंतु उन्होंने अपने 'सादा जीवन, उच्च विचार' की शैली में असाधारण कार्य कर न केवल देशवासियों, अपितु सात समुंदर पार से भारत में आकर सत्ता के शीर्ष पर बैठनेवाले सर्वशक्ति-संपनन अंग्रेजों को भी चकित-विस्मित कर दिया। प्रस्तुत पुस्तक उन वीर शहीदों के जीवन के कई अनुछुए पहलुओं पर प्रकाश डालती है, जिनसे जनसाधारण अभी तक अनभिनज्ञ रहा है । जहाँ तक इतिहासकारों की दृष्टि भी पहुँच नहीं पाई है, किंतु मान्यताओं, किंवदंतियों, लोककथाओं और लोकगीतों के रूप में आम झारखंडवासियों के दिलोदिमाग पर अमिट छाप छोड़ते रहे हैं। देश और समाज के भूले-भटके लोगों को राह दिखाने के लिए प्रकाश-स्तंभ स्थापित करने का विनम्र प्रयास है पुस्तक ' झारखंड के वीर शहीद '।
SHRI RAM KI ATMAKATHA
- Author Name:
Deokinandan Gautam
- Book Type:

- Description: श्रीराम लोकमानस में रचे-बसे हैं। इससे बड़ा सत्य यह है कि श्रीराम से पुराना कोई नाम नहीं है। श्रीराम के चरित्र से हजारों वर्षों से मानव ने स्वयं को पुनीत किया है। भगवान् श्रीराम के हृदय में तो मैत्रीभाव, सौहार्द भाव है। वे विरोधी के कल्याण की ही सोचते हैं। उनके हृदय में तो बस सबके लिए कल्याण-भाव है। भगवान् श्रीराम के मन में शत्रुभाव का नितांत अभाव है। उन्होंने अपना अनर्थ करनेवाले रावण के प्रति भी हमेशा उदारता दिखाई, समझाया और धर्म की रीति का पालन करते हुए धर्मयुद्ध में राक्षसों का संहार किया। ऐसे श्रीराम की राजकुमार से भगवान् के परमपद तक की जीवन-यात्रा साधना के साथ होना इस पुस्तक का प्रमुख उद्देश्य रहा है। धैर्यशीलता, सत्यशीलता और कृपाशीलता की संयुक्त झलक श्रीराम के चरित्र में स्थान-स्थान पर मिलती है। उनके अवतरण से समाज में समभाव, और सत्यनिष्ठा, अद्वितीय कर्त्तव्य से पीडि़त, शोषित और वंचितों के सम्मान की श्रीवृद्धि हुई और समाज में जीवन-मूल्यों की स्थापना हुई। पुस्तक में श्रीराम के राजकुमार, ब्रह्मचारी, शिष्य, परिव्राजक, पुत्र, पति, वनवासी, जिज्ञासु, ऋषि-सत्ता के प्रति श्रद्धावान्, परम योद्धा, भ्राता, मित्र, शत्रु, राजा, त्यागी, मर्यादा पुरुषोत्तम आदि सभी रूपों में अनुकरणीय आदर्श के रूप में चरित्र को उकेरने का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक श्रीराम का अयोध्या के राजकुमार से भगवद्पद तक प्रेरक एवं पुनीत प्रस्तुतीकरण है।
Hindu Mythology Quiz Book
- Author Name:
Pankaj Dixit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manavdeh Aur Hamari Deh Bhashayen
- Author Name:
Ramesh Kuntal Megh
- Book Type:

- Description: यह एक विलक्षण संहिता है जो मानवदेह तथा अनेकानेक देहभाषाओं के विश्वकोश जैसी है। इसे अध्ययन-कक्ष, शृंगार-मेज़, ज्ञान-परिसंवाद तथा रात्रि-शय्या में बेधड़क पास एवं साथ में रखना वांछनीय होगा। यह अद्यतन ‘देह धुरीण विश्वकोश’ अर्थात् अकुंठ ‘बॉडी इनसाइक्लोपीडिया’ है। पन्द्रह वर्षों की इतस्ततः अन्वीक्षा-अन्वेषण-अनुप्रयोग से यह रची गई है। इसके लिए ही कृती-आलोचिन्तक को निजी तौर पर अमेरिका में मिशिगन (डेट्राइट) में अपनी बेटी मधुछंदा के यहाँ प्रवास करना पड़ा था। इसका प्रत्येक पन्ना, रेखाचित्र, चित्र चार्ट सबूत हैं कि ‘मानवदेह और हमारी देह्भाषाएँ’ अन्तर-ज्ञानानुशासनात्मक उपागम द्वारा समाजविज्ञानों, कला, साहित्य, समाजेतिहास आदि से संयुक्त ‘सांस्कृतिक-पैटर्न’ का भी एक प्रदर्श है। यहाँ सिरजनहार की आलोचिन्तना की दावेदारी की जाँच तथा देनदारी का इम्तहान भी होगा। तथापि इसके निर्णायक तो आप ही हैं। यह ‘ग्रन्थ’ क्षयिष्णु कुंठाओं, रूढ़ वर्जनाओं-अधोगामी पूर्वग्रहों के विरुद्ध, अतः उनसे विमुक्त होकर, शालीनता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा आम आदमी की बेहतर भौतिक ज़िन्दगानी की समझदारी से प्रतिबद्ध है। इसमें भारत, रूस, अमेरिका, रोम, मेक्सिको, इजिप्त के कला-एलबमों तथा ग्रन्थाकारों और म्यूज़ियमों का भी नायाब इस्तेमाल हुआ है। यह दस से भी ज़्यादा वर्षों की तैयारी द्वारा अमेरिका-प्रवास में सम्पन्न हुआ है। लक्ष्य है : असंख्य-बहुविध प्रासंगिक सूचनाएँ देना, ज्ञान के बहुआयामी-अल्पज्ञात क्षितिजों को खोजना, तथा मानवदेह और उसकी विविध देहभाषाओं का वर्गीकरण, शिक्षण-प्रशिक्षण, तथा उदारीकरण करते चलना। अथच।सर्वांत में अपने ही देश में उपेक्षित जनवादी राजभाषा हिन्दी को 21वीं शताब्दी की कलहंसनी बनाकर स्वदेश में देशकाल के पंखों द्वारा कालोत्तीर्ण उड़ानें देना। सो, यह ग्रन्थ भारत एवं विश्व की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक हंसझील-नीड़ के मुझ जैसे सादे बन्दे का हंसगान भी है। अगर आपको पसन्द आए तो इसे एक ‘आधुनिक देहभागवत’ भी कह लें। तो आपकी राय का दिन-प्रतिदिन इन्तज़ार रहेगा—ऐसे विमर्श में! हीरामन और नीलतारा के संकल्प से।
VISWANATHNAN ANAND
- Author Name:
Shailesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book