The People'S Leader
(0)
₹
295
₹ 236 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Despite having progressed from a village boy into an urban citizen and having toured the metropolises of India, the grandeur vision of Washington’s material prosperity, in all its majesty, which manifested itself before him, overawed him, because USA, the most advanced nation on the earth, holds all the earthly temptations to sway anyone coming from the Oriental for the first time. It had the same magnetic impact on Swami Vivekananda, a venerable saint, who landed in America in 1893 when by virtue of his matchless erudition, he mesmerized the intelligentsia of USA and the world. Still he was beholden to the grandeur of USA when he reached there and beheld its magnificence. Hence, for Saryu to be bedazzled by the awesome sight of Washington was nothing new.
Read moreAbout the Book
Despite having progressed from a village boy into an urban citizen and having toured the metropolises of India, the grandeur vision of Washington’s material prosperity, in all its majesty, which manifested itself before him, overawed him, because USA, the most advanced nation on the earth, holds all the earthly temptations to sway anyone coming from the Oriental for the first time. It had the same magnetic impact on Swami Vivekananda, a venerable saint, who landed in America in 1893 when by virtue of his matchless erudition, he mesmerized the intelligentsia of USA and the world. Still he was beholden to the grandeur of USA when he reached there and beheld its magnificence. Hence, for Saryu to be bedazzled by the awesome sight of Washington was nothing new.
Book Details
-
ISBN9789390900350
-
Pages272
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Sanskriti Ki Satta
- Author Name:
Dr. Dayanidhi Misra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. Kalam Ke Sapanon Ka Bihar
- Author Name:
Lalit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: "बिहार राज्य का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन एवं गौरवशाली रहा है। यह राज्य पूर्व ऐतिहासिक काल से ही विकसित होनेवाली संस्कृतियों का महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा है और विभिन्न युगों में इसने देश के इतिहास एवं सांस्कृतिक जीवन में अग्रणी भूमिका निभाई है। इतना प्राचीन एवं गौरवशाली अतीत होने तथा विकास एवं उन्नति के पथ पर अग्रसर होने की सारी क्षमताएँ होते हुए भी आज यह राज्य विकसित राज्यों की श्रेणी से बाहर है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सदा बिहार के उत्कर्ष का स्वप्न देखते रहे और इसकी संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रेरित करते रहे। इस पुस्तक में डॉ. कलाम ने बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए न सिर्फ वैज्ञानिक सोच, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी रूपरेखा निर्धारित की है। इसमें प्रस्तुत विचार ‘महात्मा बुद्ध के संदेश’ के सदृश्य बिहार की प्रगति के लिए वरदान हैं। डॉ. कलाम की विभिन्न बिहार-यात्राओं के दौरान दिए गए संदेशों का संकलन है यह पुस्तक। इनसे प्रेरित होकर राज्य के सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर विकास-कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएँ, तो विकसित बिहार के स्वप्न को साकार करना कठिन नहीं होगा।
JPSC Jharkhand | Samanya Adhyayan Paper-1 | Bharat Ka Itihas, Kala Evam Sanskriti "भारत का इतिहास, कला एवं संस्कृति" Prarambhik Pariksha - 2024
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nautanki Saala Aur Anya Kahaniyan "नौटंकी साला और अन्य कहानियाँ" Book in Hindi
- Author Name:
Mohua Chinappa
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jalianwala Kand Ka Sach
- Author Name:
Maj. Gen. Suraj Bhatia
- Book Type:

- Description: "जलियाँवाला बाग में हुआ नर-संहार इतिहास का अटूट अंग है। उस दिन हजारों निःशस्त्र भारतीयों का नृशंस रक्तपात हुआ। उसके बाद मार्शल लॉ आरोपित हुआ। यदि जलियाँवाला बाग कांड फाँसी के सदृश था तो उसके बाद का अध्याय कालापानी से कम नहीं था। वह कुकांड भारत के आधुनिक इतिहास का एक ऐसा प्रकरण है, जिसे सरलता से भुलाया नहीं जा सकता, भूलना भी नहीं चाहिए। कालापानी की तरह इसकी याद भी हमारी एक दुखनेवाली नस को निरंतर दबाती है। जलियाँवाला बाग नर-संहार तो एक विरला ही दुःख है। यद्यपि इस विषय पर अंग्रेजी में थोड़ा-बहुत लिखा गया है; परंतु हिंदी व प्रांतीय भाषाओं के लेखकों का ध्यान इस कांड से संबद्ध प्रकरणों अथवा उनके विवेचन की ओर शायद ही गया हो। किंतु हिंदी में पहली बार यह काम किया गया है। अंग्रेजों ने इस नर-संहार की घटना पर परदा डालने के जी-तोड़ प्रयत्न किए। और इसमें वे पूर्णतया असफल भी नहीं रहे। कालांतर में जो थोड़ा-बहुत लिखा गया, वह अंग्रेजी कलम से था। कई तथ्यों का पता स्वतंत्रता के दशकों पश्चात् लगा। उन्हीं तथ्यों को इस पुस्तक में समग्रता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। पाठकगण इसमें दी गई अनेक उत्पीड़क एवं रोमांचकारी घटनाओं तथा विवरणों को चाव से पढ़कर उनमें निहित मर्म को विचारोत्पादक पाएँगे। "
JSSC JTPTCCE Primary Teacher Recruitment Exam- Intermediate Trained Assistant Professor Acharya: Social Science, Science and Maths Paper-III for Class 1 To 5 (2023 Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Rashtriya Vriksh Aur Rajyo Ke Rajya Vriksh
- Author Name:
Parashuram Shukla
- Book Type:

-
Description:
‘भारत का राष्ट्रीय वृक्ष और राज्यों के राज्य वृक्ष’ एक अनूठी पुस्तक है। इसका उद्देश्य है पाठकों को अपने पर्यावरण के प्रति सचेत व सहृदय बनाना।
इस पुस्तक में भारत के राष्ट्रीय वृक्ष सहित 25 राज्यों और 2 केन्द्रशासित प्रदेशों के राज्य वृक्षों का परिचय दिया गया है। छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश ऐसे राज्य हैं, जिन्होंने अभी तक अपने राज्य वृक्ष घोषित नहीं किए हैं। इसके साथ ही चंडीगढ़, दादर नगर हवेली, दमन एवं दीव और पांडिचेरी के भी राज्य वृक्ष नहीं हैं। केन्द्रशासित प्रदेशों में केवल लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार ने अपने राज्य वृक्ष घोषित किए हैं।
भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है। यह ओड़िसा का राज्य वृक्ष भी है। लगभग ऐसी ही स्थिति पीपल और हुलुंग की है। पीपल को बिहार और हरियाणा दोनों ने अपना राज्य वृक्ष घोषित किया है। हुलुंग विश्व-भर में होलांग के नाम से प्रसिद्ध है। हुलुंग को अरुणाचल प्रदेश और असम दोनों ने अपना राज्य वृक्ष माना है।
प्रत्येक वृक्ष के परिचय में वृक्ष का हिन्दी नाम, अंग्रेज़ी नाम और वैज्ञानिक नाम दिया गया है।
पुस्तक का उद्देश्य वृक्षों से सम्बन्धित भ्रामक धारणाओं का खंडन करते हुए वैज्ञानिक जानकारियाँ प्रदान करना और इनके महत्त्व एवं उपयोग से परिचित कराना है।
समाजशास्त्री और पर्यावरणविद् डॉ. परशुराम शुक्ल ने उक्त उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस पुस्तक में वृक्षों के बारे में विस्तार से जानकारियाँ दी हैं। ये रोचक और ज्ञानवर्द्धक हैं। हिन्दी में अपने विषय पर यह अकेली पुस्तक है।
Bhuvneshwar Samagra
- Author Name:
Bhuvneshwar
- Book Type:

- Description: भुवनेश्वर प्रेमचन्द की खोज हैं। इसके दो प्रमाण हैं—(1) उनकी अब तक प्राप्त 12 कहानियों में से 9 और अब तक प्राप्त 17 नाटकों में से 9 प्रेमचन्द द्वारा संस्थापित ‘हंस’ पत्रिका में ही प्रकाशित हुए। और (2) भुवनेश्वर की पहली और एकमात्र प्रकाशित किताब ‘कारवाँ’ की पहली समीक्षा ख़ुद प्रेमचन्द ने लिखी। लेकिन भुवनेश्वर मात्र एक कहानीकार–एकांकीकार ही नहीं, एक उत्कृष्ट कवि, सूक्तिकार और मारक टिप्पणीकार भी हैं। अपने सम्पूर्ण लेखन में वे कहीं भी दबी ज़बान से नहीं बोलते। उनकी अंग्रेज़ी की 10 कविताओं में सत्यकथन की अघोर हिंसा का जो हाहाकार है वह हिन्दी कविता के तत्कालीन (छायावादी) वातावरण के बिलकुल विपरीत और अत्याधुनिक है। भुवनेश्वर ने ‘डाकमुंशी’ और ‘एक रात’ जैसी कहानियाँ लिखकर प्रेमचन्द के चरित्रवाद और घटनात्मक कथानकवाद का एक ‘तोड़’ प्रस्तुत किया। उनकी ‘भेड़िये’ कहानी आज की गलाकाट प्रतियोगिताओं की एक प्रतीकात्मक पूर्व–झाँकी है, जहाँ अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए दूसरों की बलि चढ़ाने में ज़रा भी हिचक नहीं। उनके प्रसिद्ध नाटक ‘ताँबे के कीड़े’ में संवादों के होते हुए भी संवादात्मकता का पूरी तरह लोप है। भुवनेश्वर के सम्पूर्ण लेखन में सन्नाटे का एक ‘अनहद’ है जो कहीं से भी आध्यात्मिक नहीं। भुवनेश्वर हिन्दी के एक ऐसे उपेक्षित और भुलाए गए लेखक हैं, जो अपनी पैदाइश के आज सौ वर्षों बाद अब ज़्यादा प्रासंगिक और आधुनिक नज़र आते हैं। भुवनेश्वर आने वाली पीढ़ियों के लेखक हैं।
Aadhunik Maavbodh Ki Sangya
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Aadhunik Maavbodh Ki Sangya
Waqt Ki Gawahi
- Author Name:
Budhram Yadav
- Book Type:

- Description: Book
Manav Sharir Aur Rog Pratiraksha Tantra
- Author Name:
Premchandra Swarnkar
- Book Type:

-
Description:
मनुष्य के शरीर में भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं। एक ही प्रकार की बहुत-सी कोशिकाएँ मिलकर जो संरचना बनाती हैं, उसे ऊतक कहते हैं।
एक ही तरह के बहुत से ऊतक मिलकर शरीर के अंग विशेष का निर्माण करते हैं। उदाहरणार्थ—मस्तिष्क के निर्माण में तंत्रिका कोशिकाएँ भाग लेती हैं। ये पहले ऊतक बनाती हैं और ऊतक मिलकर ही मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र का निर्माण करते हैं। इसी तरह पेशीय ऊतक, शरीर की पेशियों का निर्माण करते हैं। सम्बन्धित रचना के अनुसार ऊतकों के भी कई प्रकार होते हैं, जैसे संयोजी ऊतक, जो शरीर के अंगों को परस्पर जोड़े रखता है। अस्थि ऊतक जो अस्थियाँ बनाते हैं। उपकला ऊतक त्वचा या अंगों की ऊपरी पर्त का निर्माण करता है। बहुत से ऊतक मिलकर शरीर के अंग और विभिन्न प्रणालियाँ बनाते हैं और इन अंगों और प्रणालियों से मिलकर पूरा शरीर बनता है।
—इसी पुस्तक से
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 1-12 "Samanya Adhyayan" General Studies Part-2 | Complete Study Guide (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SriRam Mandir Andolan Prashnottari श्रीराम मंदिर आंदोलन प्रश्नोत्तरी Book In Hindi
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ishwar Se mulakat
- Author Name:
Sirshree Tejparkhi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lincoln: The Unknown
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GULLIVERS TRAVELS (CLASS IX)
- Author Name:
Jonathan Swift
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Remarkable Political Movement
- Author Name:
V. Shanmuganathan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokpriya Jatak Kathayen
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
41 Tips for Success in Share Market
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: This book is the latest one by renowned research analyst, Mahesh Chandra Kaushik. At present, the old techniques in the stock market have become almost ineffective, because with the advent of discount broker houses and the increase in the participation of retail investors in options and delivery in the market, the time has gone when the investors used to buy large amounts of a stock and held for 15 to 20 percent return. At present, most retail investors are either trading on intra-day, making a profit on a single day or making money in a call option of a seven-day short expiry in an option, or taking a small profit in a swing trade, leading to more small range market fluctuations. The present book written in this context is the only one of its kind in which the author has made a meaningful effort to share many things in few words by incorporating intra-day, option trade and swing trade. The author has shared his 15 years of trading experience through 41 tips, which are essential for all investors—big and small—seeking to earn profits in the stock market.
Paridhi Par Stri
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

- Description: आज स्त्रियों के काम तथा राष्ट्रीय उत्पाद में उनके कुल योगदान का बड़ा महत्त्व राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय दोनों ही स्तरों पर स्वीकार कर लिया गया है। यह भी मान लिया गया है कि एक पुरुष को साक्षर बनाने से एक व्यक्ति ही साक्षर होता है, जबकि एक स्त्री के शिक्षित होने से एक पूरा कुनबा! अकाट्य तौर से यह भी प्रमाणित हो चुका है, कि ग़रीबतम तबके की औरतों तक स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारियों तथा सुविधाएँ पहुँचाए बिना संक्रामक रोगों अथवा आबादी पर अंकुश लगाना क़तई नामुमकिन है। इसलिए ज़रूरत है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की वर्तमान रपट का महत्त्व तथा शरणार्थी समस्या का यह अनदेखा पहलू हमारी सरकार भी समझे और इन उपेक्षित स्त्रियों में कौन हिन्दू है, कौन ग़ैर-हिन्दू, इसकी स्वार्थी विवेचना की बजाय उन तक ज़रूरी नागरिक सुविधाएँ और आजीविका के संसाधन पहुँचाने की यथाशीघ्र चेष्टा की जाए, वरना लाख प्रयत्नों के बावजूद राष्ट्रीय प्रगति सही रफ़्तार नहीं पकड़ पाएगी। कवि रहीम ने कहा भी था, कि जिस व्यक्ति को याचक बनकर जाना पड़ता है, वह तो जीते जी मरता है, पर उससे भी गया-गुज़रा वह है, जिसके मुँह से निकलता है ‘नहीं’। क्या इन अधमरी स्त्रियों की ज़रूरतों को जाति-धर्म की तुला पर तौलते हुए हम हर बार राष्ट्र के ज़मीर की हत्या नहीं करते हैं?
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book