Talespin
Author:
Nickunj MalikPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 480
₹
600
Available
Awating description for this book
ISBN: 9788184303155
Pages: 312
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
CHHATROPAYOGI SACHITRA SAMANYA GYAN
- Author Name:
Yash Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cricket and Beyond
- Author Name:
Gulu Ezekiel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sant Kathayen Marg Dikhayen
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yuddh Aur Shanti (1-4)
- Author Name:
Leo Tolstoy
- Book Type:

- Description: ‘युद्ध और शान्ति’ को अनेक विद्वानों ने दुनिया का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास माना है। इसमें तोल्स्तोय ने नेपोलियन के रूस पर आक्रमण को आधार बनाकर रूसी जनजीवन का महाकाव्य रचा है। नेपोलियन का आक्रमण न सिर्फ शासक और सैनिकों को आलोड़ित करता है बल्कि किसानों, अभिजातों, सामान्य नागरिकों आदि विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों को उनके इतिहास, वर्तमान और संस्कृति की समस्याओं के सामने खड़ा कर देता है। युद्ध के बहाने तोल्स्तोय एक ऐसी त्रासदी को रेखांकित करते हैं जो किसी एक देश अथवा समाज की नहीं बल्कि पूरी मानवजाति की समस्या है।
The Art of Focus | Avoid Distractions and Achieve Success! Boost Your Confidence And Reach Your Goals
- Author Name:
Damon Zahariades
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Primary School Teacher Recruitment | Class 1 To 5 General Studies 20 Practice Sets (English)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Health Quiz Book
- Author Name:
Anil Aggrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ant Aur Arambh
- Author Name:
Madan Soni
- Book Type:

-
Description:
‘‘यह पुस्तक बीसवीं शताब्दी के अन्त और इक्कीसवीं शताब्दी के आरम्भ पर वैचारिक स्थिति, बल्कि स्थितियों पर एकाग्र एक अनूठा संचयन है। हमारे जाने हिन्दी में ऐसी कोई और पुस्तक नहीं है जिसमें इस तरह से व्यापक और कुशाग्र विचार किया गया हो। इस संचयन में दृष्टियों की बहुलता है; उनमें दार्शनिक, साहित्यिक, वैज्ञानिक, पारम्परिक आदि शामिल हैं। इस विचार में अन्त और आरम्भ की अवधारणाओं को भी प्रश्नांकित किया गया है। अभी हमारी नयी शताब्दी के दो दशक भी पूरे नहीं हुए हैं और सारे संसार में हिंसा, युद्ध, हत्या, धर्मोन्माद, अनुदारता आदि का भयावह विस्तार हुआ है। विचार मात्र को ध्यान और आवश्यकता के परिसर से देशनिकाला देने की लगातार कोशिश हो रही है। ऐसे मुक़ाम पर इस वैचारिक बहुमुखी हस्तक्षेप का महत्त्व है।’’
—अशोक वाजपेयी
Apni Ekaagrata Kaise Badhaye
- Author Name:
Vijay Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JAL MEIN RAHNEWALE JEEV-JANTU
- Author Name:
Anil Anuj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mujhe Aise Padhao
- Author Name:
Mukesh Kishore
- Book Type:

-
Description:
सीखने का शिक्षा में और शिक्षा का मानव के गुणात्मक विकास में अहम योगदान है। गुणात्मक शिक्षण के लिए ‘उत्पादक शैक्षिक वातावरण’ पूर्वापेक्षित है। यह पुस्तक ‘उत्पादक शैक्षिक वातावरण के निर्माण’ में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सीखने-सिखाने से जुड़े मार्गदर्शकों की सहायता करने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। ‘उत्पादक शैक्षिक वातावरण’ शिक्षक, छात्र तथा सीखने के परिवेश के बीच आवश्यक तालमेल के बिना असम्भव है।
इस पुस्तक में सीखने तथा सिखाने के उन व्यावहारिक अनछुए पहलुओं को सम्मिलित किया गया है, जो विद्यार्थियों में सीखने की ललक पैदा करने, विषय की ग्राह्यता बढ़ाने के अतिरिक्त शिक्षकों की अपने पेशे से रुचि एवं सन्तुष्टि बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। सम्पूर्ण पुस्तक को चार भागों में बाँटकर इस उद्देश्य को पूरा किया गया है। पहले भाग में जहाँ छात्रों की पहचान के लिए उनमें पाई जानेवाली मनोवैज्ञानिक, सामाजिक तथा आर्थिक भिन्नताओं, मसलन—परिपक्वता, बुद्धि, लिंग, सामाजिक-आर्थिक स्तर इत्यादि पर प्रकाश डाला गया है, वहीं दूसरे भाग में उत्पादक शैक्षिक वातावरण के निर्माण के लिए सीखने में शिक्षकों की भूमिका के महत्त्व को रेखांकित किया गया है। पुस्तक के तीसरे भाग में सीखने के परिवेश को शिक्षण के अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक पहलुओं पर चर्चा की गई है। चौथे और अन्तिम भाग में सीखने की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए मापन और मूल्यांकन तथा सीखने में पिछड़नेवाले विद्याथियों की काउन्सिलिंग की प्रक्रिया से अवगत कराया गया है।
किसी भी शिक्षक के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि अपने जीवनकाल में ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों के मन में घनात्मक परिवर्तन लाना है। इस पुस्तक के माध्यम से हमारा यह प्रयास है कि शिक्षक तथा अभिभावक अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित कर उनके सच्चे मार्गदर्शक बन पाएँ।
Shailesh Matiyani Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Shailesh Matiyani
- Book Type:

- Description: शैलेश मटियानी हिंदी के उन गिने-चुने कथाकारों में से एक हैं, जो रचना को जिंदगी से इस तरह उठा लेते हैं कि अनुभव और कल्पना एकमेक होकर एक विशेष प्रकार की दुनिया ही रचने लगते हैं। मटियानीजी का अपनी कहानी के जरिए जिंदगी को देखने का नजरिया अलग ही है। वे अपनी हर कहानी में जैसे एक नई बात खोज लाना चाहते हैं। उनके विपुल लेखन संसार में से चयनित प्रस्तुत लोकप्रिय कहानियाँ अपने-अपने कारणों तथा कथ्य की विविधता से आकर्षक हैं। इन कहानियों में वर्णित चरित्र, स्थितियाँ, परिवेश और वातावरण ऐसा है कि पाठक लंबे समय तक उनके प्रभाव में रहता है। उनकी भाषा, कहन, शिल्प और कथा की प्रस्तुति अनायास ऐसा चमत्कार पैदा करती है कि पढ़नेवाला उसी कथादेश का नागरिक हो जाता है। इतना ही नहीं, कहानी पाठक केहृदय में उतरती चली जाती हैं।
Hazari Prasad Dwivedi Granthawali : Vols. 1-12
- Author Name:
Hazariprasad Dwivedi
- Book Type:

- Description: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी उन विरल रचनाकारों में हैं जिनकी कृतियाँ उनके जीवन–काल में ही क्लासिक बन जाती हैं । अपनी जन्मजात प्रतिभा के साथ उन्होंने शास्त्रों का अनुशीलन और जीवन को सम्पूर्ण भाव से जीने की साधना करके वह पारदर्शी दृष्टि प्राप्त की थी, जो किसी कथा को आर्ष–वाणी की प्रतिष्ठा देने में समर्थ होती है । जिस मनीषी ने हजारों साल से कायरता का पाठ दोहराती हुई जाति को ललकारकर कहा था । ‘‘सत्य के लिए किसी से भी न डरना, गुरु से भी नहीं, मंत्र से भी नहीं, लोक से भी नहीं, वेद से भी नहीं ।’’ वह कोई सामान्य कथाकार नहीं है । ऐसा उद्घोष कोई आर्षवक्ता ही कर सकता है । ग्रन्थावली के इस पहले खंड में द्विवेदीजी के दो उपन्यास बाणभट्ट की आत्मकथा और चारु चन्द्रलेख प्रस्तुत हैं । बाणभट्ट की आत्मकथा का कथानायक कोरा भावुक कवि नहीं, वरन् कर्मनिरत और संघर्षशील जीवन–योद्धा है । उसके लिए ‘शरीर केवल भार नहीं, मिट्टी का ढेला नहीं’, बल्कि उससे बड़ा है और उसके मन में ‘आर्यावर्त के उद्धार का निमित्त बनने’ की तीव्र बेचैनी है । चारु चन्द्रलेख में बारहवीं–तेरहवीं शताब्दी के उस काल का सर्जनात्मक पुनर्निर्माण करने का प्रयत्न है, जब सारा देश आन्तरिक कलह से जर्जर और तांत्रिक साधना के मोह में पथभ्रष्ट होकर समस्याओं का समाधान पारे और अभ्रक के खरल–संयोगों में खोज रहा था । द्विवेदीजी ने इसके विरुद्ध ज्ञान, इच्छा एवं क्रिया के त्रिकोणात्मक सामंजस्य तथा जनसाधारण की हिस्सेदारी पर बल दिया है, और उनकी इस स्थापना में अनायास ही आधुनिक युग मुखर हो उठता है ।
Your Miracle in Making
- Author Name:
Dr. Himanshu Bavishi
- Book Type:

- Description: ‘A Safe Pregnancy and Genius Child does not just Happen’ but is a collective effort of conscious, well informed, actively involved parents and their medical service providers. Pregnancy is the most enjoyable phase in the life of a woman. A lot of preparations are to be done for the new arrival. Correct scientific information in concise, easy to understand and utilisable format empowers pregnant women by gaining the knowledge on physical and emotional changes, common symptoms and remedies, ideal nutrition, child development, proper ante and postnatal care and child birth. The book is an extract of latest science ‘Garbh Sanskar’ with its modern relevance. ‘Your Miracle in Making’, published in four languages—English, Hindi, Gujarati and Marathi, is a book very meticulously prepared for the ‘to be parents’. This book on pregnancy would tell a couple everything they need to know about the most important event of their life.
MUHAMMAD ALI (MUKKEBAZ)
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class I-V) 15 Practice Sets with Latest Solved Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
APANI KRIYAON KO PAHCHANEN
- Author Name:
PUSHPA TETE
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gulliver's Travels
- Author Name:
Jonathan Swift
- Book Type:

- Description: Gulliver’s Travels describes the four voyages of Lemuel Gulliver, a ship's surgeon. In Lilliput, he discovers a world in miniature. Towering over the people and their city, he is able to view their society from the viewpoint of a god. However, in Brobdingnag, a land of giants, tiny Gulliver himself comes under observation, exhibited as a curiosity at markets and fairs. On Laputa, a flying island, he encounters a society of speculators and projectors who have lost all grip on everyday reality. While they plan and calculate, their country lies in ruins. Gulliver's final voyage takes him to the land of the Houyhnhnms, gentle horses whom he quickly comes to admire, in contrast to the Yahoos, filthy bestial creatures who bear a disturbing resemblance to humans.
Hindu-Padpadshahi
- Author Name:
Vinayak Damodar Savarkar
- Book Type:

- Description: शिवाजी महाराज ने एक पत्र में लिखा था—‘‘स्वयं भगवान् के ही मन में है कि हिंदवी-स्वराज्य निर्मित हो।’’ उस युवा वीरपुरुष ने क्रांतियुद्ध की पहल की। शिवाजी महाराज ने शालिवाहन संवत् 156७ (ई.स. 16४5) में अपने एक साथी के पास भेजे हुए पत्र में—स्वयं पर लगे इस आरोप का निषेध किया कि बीजापुर के शाह का प्रतिरोध कर उन्होंने राजद्रोह का पाप किया है। उन्होंने इस बात का स्मरण कराते हुए उच्च आदर्शों की भावना भी जाग्रत् की कि अपना एकनिष्ठ बंधन यदि किसी से है तो वह भगवान् से है, न कि किसी शाह- बादशाह से। उन्होंने उस पत्र में लिखा है— ‘‘आचार्य दादाजी कोंडदेव और अपने साथियों के साथ सह्याद्रि पर्वत के शृंग पर ईश्वर को साक्षी मानकर लक्ष्य प्राप्ति तक लड़ाई जारी रखने और हिंदुस्थान में ‘हिंदवी-स्वराज्य’ यानी हिंदू-पदपादशाही स्थापित करने की क्या आपने शपथ नहीं ली थी? स्वयं ईश्वर ने हमें यह यश प्रदान किया है और हिंदवी-स्वराज्य के निर्माण के रूप में वह हमारी मनीषा पूरी करनेवाला है। स्वयं भगवान् के ही मन में है कि यह राज्य प्रस्थापित हो।’’ शिवाजी महाराज की कलम से उतरे ‘हिंदवी-स्वराज’—इस शब्द मात्र से एक शताब्दी से भी अधिक समय तक जिस बेचैनी से महाराष्ट्र का जीवन तथा कर्तव्य निर्देशित हुआ और उसका आत्मस्वरूप जिस तरह से प्रकट हुआ, वैसा किसी अन्य से संभव नहीं था। मराठों की लड़ाई आरंभ से ही वैयक्तिक या विशिष्ट वर्ग की सीमित लड़ाई नहीं थी। हिंदूधर्म की रक्षा हेतु, विदेशी मुसलिम सत्ता का नामोनिशान मिटाने के लिए तथा स्वतंत्र और समर्थ हिंदवी-स्वराज्य स्थापित करने के लिए लड़ी गई वह संपूर्ण लड़ाई हिंदू लड़ाई थी।
Amarnath Yaatra
- Author Name:
Amit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book